Wednesday, 30 September 2026

आजमगढ़ गंभीरपुर गोसाईं की बाजार, दोहा कतर से घर पहुंचा प्रवासी का शव, मचा कोहराम 20 दिन पहले बिगड़ी थी तबीयत, इलाज के दौरान 24 सितंबर को हुई मौत, 22 वर्षों से दोहा में कर रहे थे नौकरी


 आजमगढ़ गंभीरपुर गोसाईं की बाजार, दोहा कतर से घर पहुंचा प्रवासी का शव, मचा कोहराम


20 दिन पहले बिगड़ी थी तबीयत, इलाज के दौरान 24 सितंबर को हुई मौत, 22 वर्षों से दोहा में कर रहे थे नौकरी


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के गंभीरपुर थाना क्षेत्र के गोसाई की बाजार कस्बा स्थित रसूलपुर जयद्रथ यति निवासी वीरेंद्र कुमार यादव (52) का शव बुधवार शाम करीब सात बजे उनके घर पहुंचा। शव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।


 प्राप्त जानकारी के अनुसार, रसूलपुर जयद्रथ निवासी वीरेंद्र कुमार यादव पुत्र स्वर्गीय किशन यादव पिछले करीब 22 वर्षों से रोजी-रोटी के लिए दोहा, कतर में रहकर एक फाइबर कंपनी में कार्यरत थे। करीब 20 दिन पूर्व अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई। कंपनी की ओर से उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई। वीरेंद्र की तबीयत खराब होने की सूचना कंपनी की ओर से उनके परिवार को दी गई। सूचना मिलने के बाद उनके छोटे भाई प्रमोद कुमार यादव उर्फ सिंधु 20 सितंबर 2026 को दोहा, कतर पहुंचे। इलाज के दौरान 24 सितंबर 2026 को वीरेंद्र कुमार यादव की मौत हो गई। इसके बाद उनके भाई प्रमोद कुमार यादव शव लेकर बुधवार शाम करीब सात बजे घर पहुंचे। शव देखते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। पत्नी समेत परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था। बताया गया कि वीरेंद्र कुमार यादव पांच भाइयों में चौथे नंबर पर थे। उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो पुत्र और दो पुत्रियां हैं। मौत की खबर से गांव में भी शोक का माहौल है।

आजमगढ़ हत्या के दोषी को आजीवन कारावास, 2 को 6 माह की सजा कोर्ट ने 2 आरोपियों को किया दोषमुक्त, 45 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया


 आजमगढ़ हत्या के दोषी को आजीवन कारावास, 2 को 6 माह की सजा


कोर्ट ने 2 आरोपियों को किया दोषमुक्त, 45 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे हत्या के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद विशेष सत्र न्यायालय ने एक आरोपी को हत्या और अवैध असलहा रखने का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास तथा 45 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इसी मामले में दो आरोपियों को साधारण मारपीट का दोषी पाते हुए छह-छह माह के कारावास और एक-एक हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में दो आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया। अर्थदंड की आधी राशि मृतक के वैध वारिस को दिए जाने का आदेश दिया गया है। फैसला विशेष सत्र न्यायाधीश ओम प्रकाश मिश्रा ने बुधवार को सुनाया।


 अभियोजन के अनुसार तरवां थाना क्षेत्र के शाहपुर कानूनगो निवासी मुन्ना पांडेय 29 नवंबर 2019 को सुबह करीब नौ बजे अपने पुत्रों इंद्रसेन और चंद्रमणि के साथ दीवार की सुरक्षा के लिए मिट्टी डाल रहे थे। इसी दौरान पड़ोसी संजय, मृत्युंजय, पंकज पांडेय, सरोज पांडेय और उपेंद्र पांडेय वहां पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। वादी के विरोध करने पर संजय ने चंद्रमणि पांडेय को गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल चंद्रमणि की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने जांच पूरी कर आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ओम प्रकाश सिंह, निर्मल शर्मा तथा अधिवक्ता सुधन प्रसाद ने कुल 10 गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी संजय को हत्या और अवैध असलहा रखने का दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास तथा 45 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं मृत्युंजय और पंकज को साधारण मारपीट का दोषी पाते हुए छह-छह माह के कारावास और एक-एक हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर सरोज पांडेय और उपेंद्र पांडेय को दोषमुक्त कर दिया गया।

आजमगढ़ सिधारी सेक्स रैकेट की सूचना पर पुलिस की छापेमारी, 4 महिलाएं हिरासत में शिकायत के आधार पर हुई कार्रवाई, कथित गतिविधियों को लेकर पुलिस कर रही पूछताछ


 आजमगढ़ सिधारी सेक्स रैकेट की सूचना पर पुलिस की छापेमारी, 4 महिलाएं हिरासत में



शिकायत के आधार पर हुई कार्रवाई, कथित गतिविधियों को लेकर पुलिस कर रही पूछताछ



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के सिधारी थाना क्षेत्र के हैदराबाद छतवारा स्थित नई कॉलोनी में मंगलवार को पुलिस ने एक मकान पर छापेमारी की। पुलिस टीम ने मौके से चार महिलाओं को हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए सिधारी थाने ले गई। मामले में पुलिस द्वारा जांच और पूछताछ की जा रही है।


 जानकारी के अनुसार, हैदराबाद छतवारा नई कॉलोनी निवासी हनुमान ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि कॉलोनी के एक मकान में एक महिला अन्य महिलाओं के साथ मिलकर कथित रूप से सेक्स रैकेट संचालित कर रही है। शिकायत में मकान पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों के आने-जाने का भी आरोप लगाया गया था। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया था कि इस संबंध में पूर्व में पुलिस से शिकायत की जा चुकी है। उसके मुताबिक, पुलिस ने पहले भी संबंधित महिला को तीन बार पकड़ा था, लेकिन बाद में आपसी सुलह हो गई। आरोप है कि कुछ समय तक गतिविधियां बंद रहने के बाद दोबारा शुरू हो जाती थीं। मामले को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी की बात सामने आने के बाद मंगलवार को सिधारी थाना पुलिस ने महिला थाना पुलिस के साथ संबंधित मकान पर छापेमारी की। इस दौरान चार महिलाओं को हिरासत में लेकर थाने लाया गया। पुलिस को मौके से कुछ आपत्तिजनक सामग्री मिलने की बात भी सामने आई है। हालांकि, बरामदगी और अन्य तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।


 सीओ शुभम तोदी ने बताया कि सूचना मिलने के बाद सिधारी थाना और महिला थाना पुलिस की टीम ने मकान पर छापेमारी की थी। चार महिलाओं को थाने लाकर पूछताछ की जा रही है। जांच और पूछताछ में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि मकान में कथित गतिविधियां किस स्तर पर संचालित हो रही थीं और इसमें अन्य लोगों की कोई भूमिका थी या नहीं।

Tuesday, 29 September 2026

आजमगढ़ पुलिस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र का बंटवारा, सीओ को मिली नई जिम्मेदारियां ईश्वर लाल गुर्जर को सदर, आस्था जायसवाल को लालगंज की जिम्मेदारी


 आजमगढ़ पुलिस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र का बंटवारा, सीओ को मिली नई जिम्मेदारियां


ईश्वर लाल गुर्जर को सदर, आस्था जायसवाल को लालगंज की जिम्मेदारी


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे पुलिस विभाग की ओर से पुलिस उपाधीक्षकों के कार्यक्षेत्र और पर्यवेक्षण से जुड़ी जिम्मेदारियों का निर्धारण किया गया है। इसके तहत अधिकारियों को अलग-अलग थाना क्षेत्रों के साथ विभिन्न शाखाओं और कार्यों के पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।


 ईश्वर लाल गुर्जर, सहायक पुलिस अधीक्षक को सदर क्षेत्र का दायित्व दिया गया है। उनके पर्यवेक्षण में मुबारकपुर, जहानागंज, गंभीरपुर और निजामाबाद थाना क्षेत्र रहेंगे। इसके साथ पुलिस लाइंस, चुनाव प्रकोष्ठ, एलआईयू, पासपोर्ट सेल तथा गैंगस्टर, धारा 14(1) और गैंग पंजीकरण से संबंधित कार्यों का पर्यवेक्षण भी रहेगा।


 पुलिस उपाधीक्षक आस्था जायसवाल को लालगंज क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है। उनके पर्यवेक्षण में देवगांव, बरदह, मेहनगर, मेहनाजपुर और तरवां थाना क्षेत्र रहेंगे। महिला संबंधी अपराधों के निस्तारण, महिला सम्मान प्रकोष्ठ, वूमेन पावर लाइन, परिवार परामर्श केंद्र तथा छात्र पुलिस कैडेट (एसपीसी) योजना से जुड़े कार्य भी उनके जिम्मे रहेंगे।


 पुलिस उपाधीक्षक भूपेश कुमार पांडेय को फूलपुर क्षेत्र का दायित्व सौंपा गया है। उनके पर्यवेक्षण में फूलपुर, सरायमीर, दीदारगंज और पवई थाना क्षेत्र रहेंगे। भूमि विवादों की समीक्षा एवं त्वरित निस्तारण तथा एंटी भू-माफिया कार्रवाई की जिम्मेदारी भी उन्हें दी गई है।


 वहीं पुलिस उपाधीक्षक किरनपाल सिंह और अजय प्रताप सिंह को भी विभागीय स्तर पर विभिन्न कार्यों का दायित्व सौंपा गया है। यातायात, क्षेत्राधिकारी कार्यालय, पत्र व्यवहार, भवन एवं कल्याण संबंधी कार्य, हेल्थ कार्ड, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, लोक शिकायत, आईजीआरएस, सीएम हेल्पलाइन, शिकायत प्रकोष्ठ, सिटिजन चार्टर और कम्युनिटी पुलिसिंग जैसे कार्यों की जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं। इसके अलावा शहीद पुलिस कर्मियों के पात्र आश्रितों को आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण एवं भर्ती, समाधान-तहसील दिवस और आंतरिक जांच प्रकोष्ठ से संबंधित कार्य भी अधिकारियों के बीच बांटे गए हैं।

आजमगढ़ अहरौला, नहर में मिला अज्ञात युवक का शव, इलाके में मचा हड़कंप


 आजमगढ़ अहरौला, नहर में मिला अज्ञात युवक का शव, इलाके में मचा हड़कंप



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र के खजुरी गांव स्थित नहर में मंगलवार सुबह एक अज्ञात युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शव मिलने की सूचना पर मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शव को नहर से बाहर निकलवाकर शिनाख्त के प्रयास शुरू कर दिए।

जानकारी के मुताबिक, खजुरी गांव के ग्राम प्रधान जवाहिर मंगलवार सुबह टहलने निकले थे। इसी दौरान उनकी नजर नहर में पड़े शव पर पड़ी। उन्होंने तत्काल आसपास के लोगों और डायल 112 पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में अहरौला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।

पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव को नहर से बाहर निकलवाया। इसके बाद थानाध्यक्ष अहरौला ने आसपास के गांवों के लोगों से मृतक की पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन काफी देर तक उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी।

पुलिस के अनुसार, मृतक की उम्र करीब 32 वर्ष बताई जा रही है। युवक ने गुलाबी रंग की टी-शर्ट और संतरी रंग का लोवर पहन रखा था। पुलिस आसपास के गांवों में जानकारी जुटाने के साथ-साथ मृतक की पहचान कराने के प्रयास में लगी हुई है। शव की पहचान और मौत के कारणों का पता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

आजमगढ़ तहबरपुर पुलिस की मुठभेड़ में 25-25 हजार के 2 इनामी को लगी गोली 2 तमंचे, 5 कारतूस व नकद रुपये बरामद; आजमगढ़ समेत 5 जिलों में चोरी की 7 घटनाओं का खुलासा


 आजमगढ़ तहबरपुर पुलिस की मुठभेड़ में 25-25 हजार के 2 इनामी को लगी गोली



2 तमंचे, 5 कारतूस व नकद रुपये बरामद; आजमगढ़ समेत 5 जिलों में चोरी की 7 घटनाओं का खुलासा



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के तहबरपुर थाना पुलिस ने सोमवार की देर रात मुठभेड़ के दौरान अंतरजनपदीय चोर गिरोह के दो शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी 25-25 हजार रुपये के इनामी थे। मुठभेड़ में दोनों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर उपचार के लिए सीएचसी तहबरपुर भेजा गया। उनके कब्जे से दो देशी तमंचे .315 बोर, दो खोखा कारतूस, तीन जिंदा कारतूस और 15,250 रुपये नकद बरामद हुए। पुलिस का दावा है कि पूछताछ और बरामदगी के आधार पर आजमगढ़ समेत पांच जनपदों में चोरी की सात घटनाओं का खुलासा हुआ है। 


पुलिस के मुताबिक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर अपराधियों और वांछित अभियुक्तों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 28/29 सितंबर 2026 की रात तहबरपुर पुलिस क्षेत्र में चेकिंग और वांछित अभियुक्तों की तलाश में भ्रमण कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि चोरी की घटनाओं में वांछित दो आरोपी करियाबर गांव के पास सर्विस लेन पर मौजूद हैं और किसी वारदात की रेकी कर रहे हैं। सूचना के बाद थानाध्यक्ष आदित्य कुमार सिंह, उपनिरीक्षक सूर्य पाल, उपनिरीक्षक लोकेश मणि त्रिपाठी और पुलिस बल मौके पर पहुंचा और घेराबंदी की। पुलिस के अनुसार, घेराबंदी देखकर दोनों आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षार्थ पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी। करीब 3:15 बजे पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। घायल आरोपियों को तत्काल सीएचसी तहबरपुर भेजा गया। घटनास्थल पर फील्ड यूनिट ने आवश्यक साक्ष्य भी एकत्र किए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिलशाद पुत्र नसरूद्दीन, निवासी नगरिया कला, थाना फतेहगंज पूर्वी, जनपद बरेली, उम्र करीब 22 वर्ष और सोनू अली उर्फ असगर पुत्र शमशेर, निवासी बजेड़ा भगवानपुर, थाना जैतीपुर, जनपद शाहजहांपुर, उम्र करीब 27 वर्ष के रूप में हुई है। दिलशाद के बाएं पैर.  और सोनू अली के दाहिने पैर में गोली लगी है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गिरोह के सदस्य हाईवे और एक्सप्रेस-वे के आसपास SUV खड़ी करके आसपास के गांवों में ऐसे मकानों की रेकी करते थे, जिन्हें आसानी से निशाना बनाया जा सके। इसके बाद रात में छत या घर के पीछे के रास्ते से अंदर प्रवेश करते थे। ताला काटने वाली मशीन की मदद से दरवाजे, बक्से और अलमारी के ताले काटकर सोने-चांदी के आभूषण तथा नकदी चोरी करते थे। पुलिस के अनुसार वारदात के बाद गिरोह के सदस्य निर्धारित स्थान पर पहुंचते थे, जहां SUV चालक उन्हें लेकर फरार हो जाता था। चोरी के सामान को बेचकर मिलने वाली रकम आपस में बांट ली जाती थी। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने आजमगढ़ के अलावा गाजीपुर, बलिया, जौनपुर और अम्बेडकरनगर में भी चोरी की घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। पूछताछ और बरामदगी के आधार पर तहबरपुर क्षेत्र की दो, बिलरियागंज क्षेत्र की दो तथा अम्बेडकरनगर के जैतपुर थाना क्षेत्र की एक चोरी समेत कुल सात घटनाओं के अनावरण की बात पुलिस ने कही है। गिरोह की पूर्व की गतिविधियों में अहरौला क्षेत्र की दो चोरी की घटनाएं भी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक इस गिरोह के चार अन्य सदस्यों को 20 अगस्त 2026 को अहरौला और तहबरपुर पुलिस की अलग-अलग मुठभेड़ों में गिरफ्तार किया गया था। इनमें दिलकस निवासी मिलक रोहदी, थाना सुभाषनगर, बरेली; साहिल निवासी रामनगर, थाना सुभाषनगर, बरेली; वाजिद निवासी नगरिया कला, थाना फतेहगंज पूर्वी, बरेली और फैजान निवासी रामगंगा, थाना सुभाषनगर, बरेली शामिल थे। उनके कब्जे से तीन अवैध तमंचे, जिंदा व खोखा कारतूस, चोरी के सोने-चांदी के आभूषण, 29,230 रुपये नकद, XUV-500 वाहन, पांच मोबाइल फोन और चोरी में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए गए थे।


 पुलिस के अनुसार अब तक इस गिरोह के कुलn छह सदस्य गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पुलिस के अनुसार दिलशाद के खिलाफ अलीगढ़, आजमगढ़ और अम्बेडकरनगर में कुल 13 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें अलीगढ़ के इगलास थाने में वर्ष 2025 के छह मामले तथा आजमगढ़ के अहरौला, बिलरियागंज और तहबरपुर थानों के मुकदमे शामिल हैं। इसके अलावा अम्बेडकरनगर के जैतपुर थाने में भी मामला दर्ज है। वहीं सोनू अली उर्फ असगर के खिलाफ कुल सात मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। इनमें अहरौला के दो, बिलरियागंज के दो, तहबरपुर के दो और अम्बेडकरनगर के जैतपुर थाने का एक मुकदमा शामिल है। 


पुलिस के मुताबिक गिरोह के दो अन्य आरोपी आफताब पुत्र जाकिर, निवासी चौबारी, थाना सुभाषनगर, बरेली और नेसार पुत्र नसीर, निवासी नगरिया कला, थाना फतेहगंज पूर्वी, बरेली अभी फरार हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। मुठभेड़ के संबंध में तहबरपुर थाने में मुकदमा अपराध संख्या 135/2026 संबंधित धारा के तहत दर्ज किया गया।  इसके अलावा चोरी से संबंधित मुकदमा अपराध संख्या 114/2026 और 116/2026 में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। गिरफ्तारी और मुठभेड़ की कार्रवाई में तहबरपुर थानाध्यक्ष आदित्य कुमार सिंह, उपनिरीक्षक लोकेश मणि त्रिपाठी, उपनिरीक्षक सूर्य पाल समेत थाना पुलिस के साथ विशेष चोरी अनावरण टीम और सर्विलांस टीम शामिल रही।

Monday, 28 September 2026

आजमगढ़ कंधरापुर झाड़ी में मिला अज्ञात व्यक्ति का शव, मचा हड़कंप चेहरा रक्तरंजित मिलने से हत्या की आशंका पर चर्चा, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शुरू की जांच


 आजमगढ़ कंधरापुर झाड़ी में मिला अज्ञात व्यक्ति का शव, मचा हड़कंप


चेहरा रक्तरंजित मिलने से हत्या की आशंका पर चर्चा, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शुरू की जांच


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के कंधरापुर थाना क्षेत्र के श्रीनगर (सियरहा) स्थित राधा-कृष्ण मंदिर से सेहदा की ओर करीब एक किलोमीटर आगे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 238.6 पर सोमवार सुबह झाड़ियों में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक की उम्र करीब 48 वर्ष बताई जा रही है। शव का चेहरा रक्तरंजित होने के कारण घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।


 जानकारी के मुताबिक सोमवार सुबह करीब छह बजे एक राहगीर की नजर सर्विस लेन के नीचे झाड़ियों में पड़े शव पर पड़ी। उसने आसपास के ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी। कुछ ही देर में मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। घटनास्थल सीमा क्षेत्र से जुड़ा होने के कारण बिलरियागंज और कंधरापुर थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने आसपास मौजूद लोगों से शव की पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन काफी कोशिशों के बावजूद मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। शव का चेहरा रक्तरंजित मिलने के कारण ग्रामीणों के बीच हत्या कर शव यहां फेंके जाने की आशंका को लेकर चर्चा रही। हालांकि पुलिस ने अभी घटना के कारणों को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं बताया है। मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस विभिन्न बिंदुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। मृतक की मौत कैसे हुई, इसका स्पष्ट पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।

Sunday, 27 September 2026

आजमगढ़ निजामाबाद करंट की चपेट में आने से युवक की हुई मौत एशियन फुटवियर कंपनी में इलेक्ट्रिशियन के पद पर थे कार्यरत एंबुलेंस से शव गांव पहुंचते ही मचा कोहराम, परिवार का था मुख्य सहारा


 आजमगढ़ निजामाबाद करंट की चपेट में आने से युवक की हुई मौत



एशियन फुटवियर कंपनी में इलेक्ट्रिशियन के पद पर थे कार्यरत


एंबुलेंस से शव गांव पहुंचते ही मचा कोहराम, परिवार का था मुख्य सहारा




उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के निजामाबाद तहसील क्षेत्र के बड़ागांव निवासी विजय प्रताप यादव पुत्र जगमोहन यादव की हरियाणा में करंट लगने से मौत हो गई। रविवार सुबह करीब 10 बजे एंबुलेंस से शव गांव स्थित घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों के करुण क्रंदन से माहौल गमगीन हो गया, वहीं गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के अनुसार, विजय प्रताप यादव हरियाणा के बहादुरगढ़ सेक्टर-17 स्थित एशियन फुटवियर कंपनी में इलेक्ट्रिशियन के पद पर कार्यरत थे। 


बताया गया कि गुरुवार रात करीब 12:30 बजे कंपनी में काम करने के दौरान वह करंट की चपेट में आ गए। साथियों ने उन्हें तत्काल नागरिक अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया। रविवार सुबह एंबुलेंस से शव बड़ागांव पहुंचा तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। विजय परिवार की आजीविका का मुख्य सहारा थे। उनके पिता जगमोहन यादव की तबीयत भी खराब रहती है। परिवार में विजय की पत्नी के अलावा पांच वर्ष का बेटा और एक छोटी बेटी है। कम उम्र में परिवार के कमाने वाले सदस्य की मौत से पत्नी और बच्चों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजनों के अनुसार, विजय परिवार के भरण-पोषण के लिए हरियाणा में रहकर मेहनत करते थे। उनकी अचानक मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। रविवार को दत्तात्रेय धाम स्थित तमसा-कुंवर नदी के संगम तट पर गमगीन माहौल में विजय प्रताप यादव का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान परिजनों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों की आंखें नम रहीं।

आजमगढ़ देवगांव निर्माणाधीन फोरलेन की पुलिया में घुसी बस, 13 घायल 6 घायलों की हालत गंभीर, हायर सेंटर रेफर; बरडीहा मोड़ पर हादसे से मची अफरा-तफरी


 आजमगढ़ देवगांव निर्माणाधीन फोरलेन की पुलिया में घुसी बस, 13 घायल



6 घायलों की हालत गंभीर, हायर सेंटर रेफर; बरडीहा मोड़ पर हादसे से मची अफरा-तफरी


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के देवगांव कोतवाली क्षेत्र के बरडीहा मोड़ पर रविवार को बड़ा सड़क हादसा हो गया। यहां निर्माणाधीन फोरलेन की पुलिया में एक बस जा घुसी। हादसे के समय बस में कुल 21 लोग सवार थे, जिनमें 13 लोगों के घायल होने की सूचना है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को बस से बाहर निकाला गया। सभी घायलों को उपचार के लिए सौ शैय्या चिकित्सालय भेजा गया।


 चिकित्सकों के अनुसार, घायलों में छह की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल छह लोगों को बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी जुटाने के साथ राहत एवं बचाव कार्य कराया। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।

आजमगढ़ गंभीरपुर पति के प्राइवेट पार्ट पर तेजाब डालने के आरोप में पत्नी गिरफ्तार पुलिस ने घर से पकड़ा, घटना में प्रयुक्त तेजाब की बोतल बरामद


 आजमगढ़ गंभीरपुर पति के प्राइवेट पार्ट पर तेजाब डालने के आरोप में पत्नी गिरफ्तार



पुलिस ने घर से पकड़ा, घटना में प्रयुक्त तेजाब की बोतल बरामद



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के गंभीरपुर थाना क्षेत्र में पति-पत्नी के बीच विवाद के बाद पति के प्राइवेट पार्ट पर तेजाब डालने के आरोप में पुलिस ने पत्नी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी महिला के कब्जे/निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त तेजाब की एक बोतल भी बरामद की है। 


पुलिस के अनुसार, 26 सितंबर 2026 को कोहड़ौरा निवासी मुकेश पाण्डेय पुत्र जगरनाथ पाण्डेय ने अपनी पत्नी के खिलाफ थाने में प्रार्थना पत्र दिया था। आरोप है कि ससुराल में किसी बात को लेकर विवाद के दौरान पत्नी ने उसके प्राइवेट पार्ट पर तेजाब डाल दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना गंभीरपुर में मु0अ0सं0-233/2026 संबंधित धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। 


वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत गंभीरपुर पुलिस ने 27 सितंबर 2026 को दोपहर लगभग 1:20 बजे आरोपी महिला को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त एक तेजाब की बोतल बरामद की। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार अभियुक्ता को नियमानुसार न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष अमित कुमार त्रिपाठी, कांस्टेबल दुर्गेश राय, रिजर्व कांस्टेबल सौरभ कुमार और रिजर्व महिला कांस्टेबल रागिनी गौड़ शामिल रहीं।

आजमगढ़ गंभीरपुर ठेला लगाने को लेकर 2 पक्षों में भिड़ंत, 6 घायल, बाजार में मची अफरा-तफरी डंडों से हुई मारपीट के बाद सड़क पर लगा जाम, पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया


 आजमगढ़ गंभीरपुर ठेला लगाने को लेकर 2 पक्षों में भिड़ंत, 6 घायल, बाजार में मची अफरा-तफरी



डंडों से हुई मारपीट के बाद सड़क पर लगा जाम, पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के गंभीरपुर थाना क्षेत्र के गंभीरपुर बाजार में रविवार की शाम ठेला लगाने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों में जमकर मारपीट होने लगी। इस दौरान दोनों ओर से डंडे चलने से छह लोग घायल हो गए। मारपीट के कारण बाजार में अफरा-तफरी मच गई और सड़क पर कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।


 जानकारी के अनुसार, गंभीरपुर बाजार में दुकान/ठेला लगाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले भी विवाद होता रहा है। रविवार शाम करीब पांच बजे इसी बात को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। कहासुनी के बाद विवाद ने मारपीट का रूप ले लिया। मारपीट में एक पक्ष से सीता सोनकर (50) पत्नी दिनेश, जय सोनकर (16) पुत्र दिनेश, राम सिंह (17) पुत्र दिनेश और कन्हैया (26) पुत्र दिनेश घायल हुए। वहीं दूसरे पक्ष से दीपक (25) और भोनू (23), पुत्रगण रामवृक्ष, घायल बताए गए हैं। घटना की सूचना मिलने पर गंभीरपुर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुहम्मदपुर पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने सभी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घटना के दौरान बाजार में लोगों की भीड़ जुट गई, जिससे सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि विवाद के समय मौके पर पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। पुलिस मामले की जांच कर रही है और विवाद के कारणों तथा घटना में शामिल लोगों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।

Thursday, 24 September 2026

आजमगढ़ निजामाबाद पत्नी को फांसी पर लटकाने का आरोपी पति गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ पूर्व में मारपीट, बलवा, तोड़फोड़, गाली-गलौज और धमकी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज


 आजमगढ़ निजामाबाद पत्नी को फांसी पर लटकाने का आरोपी पति गिरफ्तार



आरोपी के खिलाफ पूर्व में मारपीट, बलवा, तोड़फोड़, गाली-गलौज और धमकी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के निजामाबाद थाना क्षेत्र के बुद्धसेनपुर गांव में पत्नी को मारपीट कर जान से मारने की नीयत से फांसी पर लटकाने के आरोप में पुलिस ने वांछित पति को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को मोलनापुर नहर पुलिया से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। पुलिस के अनुसार, बुद्धसेनपुर निवासी शशिकला पत्नी राकेश यादव ने 23 सितंबर 2026 को थाने में तहरीर दी थी। आरोप है कि उसके पति राकेश यादव पुत्र मुन्ना उर्फ मुन्नीलाल यादव ने 9 सितंबर 2026 की रात करीब नौ बजे उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की नीयत से उसे फांसी पर लटका दिया। तहरीर के आधार पर निजामाबाद थाने में मु0अ0सं0 238/2026 संबंधित धारा के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। इसी मामले में 24 सितंबर 2026 को उपनिरीक्षक अखिलेश नारायण सिंह ने हमराह पुलिसकर्मियों के साथ कार्रवाई करते हुए आरोपी राकेश यादव (33) को सुबह करीब 7:35 बजे मोलनापुर नहर पुलिया से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी का चालान न्यायालय कर दिया।


 पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ वर्ष 2021 में भी निजामाबाद थाने में मारपीट, बलवा, तोड़फोड़, गाली-गलौज और धमकी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक अखिलेश नारायण सिंह, कांस्टेबल धर्मवीर प्रजापति और रिजर्व कांस्टेबल अभिषेक पटेल शामिल रहे।

आजमगढ़ अहरौला, एक साथ जलीं 3 चिताएं, बेटी ने चाचा-चाची और भाई को दी मुखाग्नि राजघाट पर एक ही परिवार के 3 सदस्यों का अंतिम संस्कार देख नम हुईं आंखें भारी पुलिस बल के बीच गमगीन माहौल में दी गई अंतिम विदाई


 आजमगढ़ अहरौला, एक साथ जलीं 3 चिताएं, बेटी ने चाचा-चाची और भाई को दी मुखाग्नि


राजघाट पर एक ही परिवार के 3 सदस्यों का अंतिम संस्कार देख नम हुईं आंखें


भारी पुलिस बल के बीच गमगीन माहौल में दी गई अंतिम विदाई



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में नगर के राजघाट पर बुधवार को ऐसा मार्मिक दृश्य सामने आया, जिसे देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में हुई दर्दनाक घटना में जान गंवाने वाले एक ही परिवार के मां, पिता और बेटे का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया। तीनों शवों को अगल-बगल चिताओं पर रखा गया तो राजघाट का माहौल पूरी तरह गमगीन हो उठा। अंतिम संस्कार के दौरान बीच में बेटे का शव रखा गया, जबकि उसके एक तरफ मां और दूसरी तरफ पिता की चिता सजाई गई। तीनों चिताओं को एक साथ देखकर परिवार के लोगों और रिश्तेदारों का कलेजा भर आया। हर तरफ चीख-पुकार और मातम का माहौल था। इसी बीच मृतक अरविंद के बड़े भाई सुनील सिंह की बेटी वर्षा सिंह राजघाट पहुंचीं। वर्षा ने अपने चाचा, चाची और भाई को मुखाग्नि दी। एक साथ परिवार के तीन सदस्यों को मुखाग्नि देते समय वर्षा को देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। यह दृश्य वहां मौजूद हर व्यक्ति को भीतर तक झकझोर गया।


 घटना के बाद से शंभूपुर गांव में भी मातम पसरा हुआ है। परिवार के तीन सदस्यों की एक साथ मौत ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है। गांव से लेकर राजघाट तक हर तरफ शोक का माहौल बना रहा। अंतिम संस्कार के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति की आशंका को देखते हुए राजघाट पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिसकर्मी पूरे समय सुरक्षा व्यवस्था संभालते रहे। शंभूपुर की इस दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। एक ही परिवार की तीन चिताओं का एक साथ जलना और बेटी द्वारा अपने चाचा, चाची व भाई को मुखाग्नि देना राजघाट पर मौजूद लोगों के लिए ऐसा दृश्य रहा, जिसे वे लंबे समय तक भुला नहीं सकेंगे।


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आजमगढ़ अहरौला शंभूपुर की 5 मौतों पर उठे सवाल, बेटे की मौत को लेकर आमने-सामने परिवार व पुलिस परिजनों ने पुलिस की गोली से शौर्य की मौत का लगाया आरोप, एसएसपी ने कहा- आरोपी की गोली से घायल हुआ था बच्चा


 आजमगढ़ अहरौला शंभूपुर की 5 मौतों पर उठे सवाल, बेटे की मौत को लेकर आमने-सामने परिवार व पुलिस



परिजनों ने पुलिस की गोली से शौर्य की मौत का लगाया आरोप, एसएसपी ने कहा- आरोपी की गोली से घायल हुआ था बच्चा



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में हुई पांच मौतों के मामले में बुधवार को नया मोड़ सामने आया। आरोपी अरविंद सिंह के आठ वर्षीय बेटे शौर्य सिंह की मौत को लेकर परिवार और पुलिस के दावे अलग-अलग हैं। अरविंद की मां श्याम बली देवी और बहन साधना ने आरोप लगाया है कि शौर्य की मौत पुलिस की गोली लगने से हुई। वहीं पुलिस का कहना है कि बच्चे को गोली अरविंद ने ही मारी थी और घायल शौर्य की इलाज के दौरान मौत हुई। मामले में शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। घटना मंगलवार शाम उस समय हुई जब अरविंद सिंह के घर में कई दिनों से पूजा-अनुष्ठान चल रहा था। बताया गया कि परिवार की ओर से यह आयोजन कराया जा रहा था। शाम को बाजार से घर लौटने के बाद अरविंद का पूजा करा रहे पंडितों से आधार कार्ड मांगने को लेकर विवाद हो गया। 


आरोप है कि विवाद बढ़ने पर उसने लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग कर दी। गोली लगने से उसकी पत्नी बबीता तथा पंडित महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा की मौत हो गई। फायरिंग के बाद अरविंद अपने बच्चों के साथ घर के अंदर एक कमरे में बंद हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कई घंटे तक उसे समझाकर बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने और आत्मसमर्पण कराने का प्रयास किया। बाद में घर के अंदर से फायरिंग होने के बाद पुलिस ने दरवाजा तोड़कर कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार जवाबी फायरिंग में अरविंद को गोली लगी और उसकी मौत हो गई। 


पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के अनुसार, अरविंद की गोली से उसका बेटा शौर्य घायल हुआ था और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। दूसरी ओर, आरोपी की मां और बहन ने पुलिस के इस दावे पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। पांच मौतों को लेकर अलग-अलग दावों के बीच अब पोस्टमार्टम और अन्य जांच से घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। बताया गया है कि अरविंद के बड़े भाई की भी कुछ वर्ष पहले हत्या हुई थी। इसी पारिवारिक पृष्ठभूमि के बीच घर में पूजा-अनुष्ठान कराया जा रहा था। पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां घटना के कारणों तथा फायरिंग के पूरे क्रम की जांच कर रही हैं।


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Wednesday, 23 September 2026

आजमगढ़ अहरौला पूजा के विवाद में 5 मौतें... क्या शंभूपुर गोलीकांड के पीछे है यह एंगल? पंडितों से आधार कार्ड मांगने से लेकर मासूम को भी गोली मारने जैसा कदम....संकेत क्या?


 आजमगढ़ अहरौला पूजा के विवाद में 5 मौतें... क्या शंभूपुर गोलीकांड के पीछे है यह एंगल?



पंडितों से आधार कार्ड मांगने से लेकर मासूम को भी गोली मारने जैसा कदम....संकेत क्या?


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में पूजा के दौरान शुरू हुआ विवाद देर रात ऐसी खूनी वारदात में बदल गया, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। पत्नी बबीता और पूजा कराने आए दो पंडितों की गोली मारकर हत्या के बाद अरविंद सिंह बच्चों को लेकर कमरे में बंद हो गया। पुलिस के अनुसार, कमरे से बाहर निकालने के प्रयास के दौरान उसने अपने एक बच्चे को भी गोली मार दी। बच्चे की सुरक्षा के लिए पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें अरविंद घायल हो गया। अस्पताल में उपचार के दौरान आरोपी और घायल बच्चे की भी मौत हो गई। इस तरह घटना में कुल पांच लोगों की जान चली गई। इस सामूहिक हत्याकांड के पीछे की असली वजह अब सबसे बड़ा सवाल बन गई है। प्रारंभिक तौर पर पूजा को लेकर विवाद और पंडितों से कहासुनी की बात सामने आई है। हालांकि, घटना की परिस्थितियां सामने आने के बाद पुलिस के लिए पारिवारिक और वैवाहिक विवाद समेत ऑनर किलिंग के संभावित एंगल की जांच भी अहम हो गई है। फिलहाल पुलिस ने ऑनर किलिंग की पुष्टि नहीं की है और इस पहलू पर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।


 बताया जा रहा है कि मंगलवार शाम अरविंद बाजार से घर पहुंचा तो वहां पूजा चल रही थी। पूजा कराने के लिए पंडित मौजूद थे। घर में उसकी पत्नी बबीता और बच्चे भी थे। पूजा देखकर अरविंद ने पंडितों से जानकारी ली और उनसे आधार कार्ड मांगने लगा। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। कहासुनी बढ़ने के बाद आरोप है कि अरविंद ने घर में रखे हथियार से फायरिंग कर दी। फायरिंग में उसकी पत्नी बबीता और दो पंडित गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में तीनों की मौत हो गई। मृतकों में पंडित महेंद्र पाठक और एक अन्य पंडित के शामिल होने की प्रारंभिक जानकारी सामने आई है। घटना के दौरान राइफल से भी फायरिंग किए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन हथियारों और गोलियों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। तीन हत्याओं के बाद अरविंद बच्चों को लेकर कमरे में बंद हो गया। 


सूचना पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस के सामने चुनौती केवल आरोपी को पकड़ना नहीं, बल्कि कमरे में मौजूद बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालना भी थी। पुलिस टीम ने आरोपी को समझाने और आत्मसमर्पण के लिए बाहर आने को कहा। पुलिस के अनुसार, काफी प्रयास के बावजूद अरविंद बाहर नहीं आया और उसने अपने एक मासूम बच्चे को गोली मार दी। बच्चे की जान खतरे में देख पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान अरविंद गोली लगने से घायल हो गया। आरोपी और घायल बच्चे को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई। कमरे में मौजूद दो अन्य बच्चों को पुलिस ने सकुशल बाहर निकाल लिया। घटना के बाद अब जांच का दायरा केवल पूजा के दौरान हुए विवाद तक सीमित नहीं है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अरविंद और उसकी पत्नी के बीच पहले से कोई पारिवारिक या वैवाहिक विवाद था या नहीं। घटना से पहले घर में क्या परिस्थितियां थीं, पूजा किस उद्देश्य से कराई जा रही थी, पंडितों को किसने बुलाया था और अरविंद के पंडितों से आधार कार्ड मांगने के पीछे क्या वजह थी—इन सभी सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। ऑनर किलिंग का सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गया है कि पहली फायरिंग में अरविंद की पत्नी समेत पूजा कराने आए लोगों को निशाना बनाया गया। हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि हत्या का कारण सम्मान या पारिवारिक प्रतिष्ठा से जुड़ा कोई विवाद था। इस एंगल की पुष्टि के लिए पुलिस को परिवार के रिश्तों, पुराने विवादों, मोबाइल फोन, बातचीत और अन्य साक्ष्यों की जांच करनी होगी। 


अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन नवीन अरोड़ा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसओजी और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल को सुरक्षित कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मौके से हथियार और फायरिंग से जुड़े अन्य साक्ष्य संकलित किए हैं। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और पुलिस की पूछताछ से यह स्पष्ट होगा कि शंभूपुर की इस खूनी वारदात की असली वजह क्या थी। पूजा के विवाद से शुरू हुई घटना के पीछे कहीं कोई पुराना पारिवारिक राज तो नहीं था—यह सवाल फिलहाल जांच के केंद्र में है।


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आजमगढ़ अहरौला 5 मौतों से हिला जनपद, पूजा से शुरू हुआ विवाद बना खूनी कांड 2 बच्चों की जान बचाने में सफल रही पुलिस, रात भर मौके पर डटे रहे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी

आजमगढ़ अहरौला 5 मौतों से हिला जनपद, पूजा से शुरू हुआ विवाद बना खूनी कांड



2 बच्चों की जान बचाने में सफल रही पुलिस, रात भर मौके पर डटे रहे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार शाम पूजा के दौरान शुरू हुआ विवाद देर रात बेहद गंभीर घटनाक्रम में बदल गया। पुलिस के अनुसार, अरविंद सिंह ने अपनी पत्नी बबीता और पूजा कराने आए दो पंडितों की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी बच्चों के साथ कमरे में बंद हो गया। पुलिस ने उसे बच्चों सहित बाहर निकालने का प्रयास किया। इसी दौरान आरोपी ने अपने एक बच्चे को गोली मार दी। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें अरविंद घायल हो गया। आरोपी और घायल बच्चे को अस्पताल भेजा गया, जहां उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई। पुलिस ने कमरे में मौजूद दो अन्य बच्चों को सकुशल बाहर निकाल लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम अरविंद सिंह के घर में पूजा चल रही थी। पूजा कराने के लिए चार पंडित मौजूद थे। घर में अरविंद की पत्नी बबीता और बच्चे भी थे। शाम करीब छह बजे अरविंद बाजार से घर पहुंचा। पूजा होते देखकर उसने पंडितों से जानकारी ली और उनसे आधार कार्ड मांगना शुरू कर दिया। इसी बात को लेकर अरविंद और पंडितों के बीच बहस होने लगी। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर अरविंद ने घर में रखी पिस्टल निकालकर फायरिंग कर दी। गोली लगने से उसकी पत्नी बबीता और दो पंडित घायल हो गए। बाद में तीनों की मौत हो गई।


 मृतकों में पंडित महेंद्र पाठक और एक अन्य पंडित के शामिल होने की प्रारंभिक जानकारी सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी में राइफल से भी गोली चलाए जाने की बात सामने आई है। हालांकि फायरिंग में किन-किन हथियारों का इस्तेमाल हुआ और कितनी गोलियां चलीं, इसकी पुष्टि पुलिस की विस्तृत जांच के बाद होगी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने की कार्रवाई शुरू की। अपर पुलिस महानिदेशक, वाराणसी जोन, नवीन अरोड़ा के आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का तत्काल निरीक्षण किया। मौके पर पर्याप्त पुलिस बल के साथ एसओजी और फॉरेंसिक टीम को भी लगाया गया। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपी को उसके बच्चों सहित कमरे से सुरक्षित बाहर निकालने की थी। पुलिस टीम ने आरोपी को समझाने और बाहर आने के लिए चेतावनी देने का प्रयास किया।


 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, पुलिस ने आरोपी अरविंद को बच्चों सहित कमरे से बाहर निकालने का प्रयास किया। पर्याप्त चेतावनी दिए जाने के बावजूद आरोपी ने अपने एक बच्चे को गोली मार दी। बच्चे की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। इसमें आरोपी अरविंद घायल हो गया। आरोपी और घायल बच्चे को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस के अनुसार, उपचार के दौरान आरोपी अरविंद और उसके घायल बच्चे की मौत हो गई। वहीं, पुलिस ने कमरे में मौजूद दो अन्य बच्चों को सकुशल सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना के बाद शंभूपुर गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में घटनास्थल की घेराबंदी कर फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए गए। एसओजी टीम और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से फायरिंग से जुड़े साक्ष्यों को सुरक्षित करना शुरू कर दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल से हथियार और अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है और पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है। पूरे घटनाक्रम में पहले अरविंद की पत्नी बबीता और दो पंडितों की गोली लगने से मौत हुई। इसके बाद आरोपी की फायरिंग में एक बच्चा घायल हुआ। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अरविंद घायल हुआ। अस्पताल में उपचार के दौरान आरोपी और उसके घायल बच्चे की भी मौत हो गई। इस तरह घटनाक्रम में कुल पांच लोगों की मौत हुई है। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। पुलिस बल मौके पर मौजूद है। एसओजी और फॉरेंसिक टीम साक्ष्य संकलन में जुटी हैं। पुलिस के अनुसार, घटना के वास्तविक कारण, फायरिंग में इस्तेमाल हथियारों, गोलियों की संख्या और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत स्थिति फॉरेंसिक जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट होगी।

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Tuesday, 22 September 2026

आजमगढ़ अहरौला पूजा के दौरान विवाद के बाद फायरिंग, पत्नी समेत 3 की मौत आधार कार्ड मांगने को लेकर पंडितों से हुआ विवाद, पिस्टल से फायरिंग का आरोप, पुलिस ने शुरू की जांच


 आजमगढ़ अहरौला पूजा के दौरान विवाद के बाद फायरिंग, पत्नी समेत 3 की मौत



आधार कार्ड मांगने को लेकर पंडितों से हुआ विवाद, पिस्टल से फायरिंग का आरोप, पुलिस ने शुरू की जांच


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार शाम पूजा के दौरान हुए विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। आरोप है कि बाजार से घर पहुंचे अरविंद सिंह का पूजा करा रहे पंडितों से आधार कार्ड मांगने को लेकर विवाद हो गया। इसी दौरान अरविंद ने घर में रखी पिस्टल से फायरिंग कर दी। गोली लगने से उसकी पत्नी बबीता समेत दो पंडितों की मौत हो गई। मृतकों में पंडित महेंद्र पाठक और एक अन्य पंडित शामिल बताए जा रहे हैं।


 प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम अरविंद सिंह के घर में पूजा चल रही थी। घर में चार पंडित, अरविंद की पत्नी बबीता, एक बेटा और एक बेटी मौजूद थे। शाम करीब छह बजे अरविंद बाजार से घर पहुंचा। घर में पूजा होते देखकर उसने पंडितों से जानकारी ली। इसके बाद उसने पंडितों से आधार कार्ड मांगना शुरू कर दिया। इसी बात को लेकर उनके बीच बहस होने लगी। आरोप है कि विवाद के दौरान अरविंद ने पिस्टल निकालकर फायरिंग कर दी। गोली लगने से उसकी पत्नी बबीता और दो पंडित घायल हो गए। बाद में तीनों की मौत हो गई। 


प्रारंभिक जानकारी में राइफल से भी एक गोली चलाए जाने की बात सामने आ रही है। फायरिंग होते ही पूजा में शामिल अन्य पंडित मौके से भाग निकले। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने हथियार समेत फायरिंग से जुड़े साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। घटना के कारणों और मौतों की आधिकारिक स्थिति पुलिस जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी।


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उत्तर प्रदेश में 14 जिलों के डीएम सहित 34 आईएएस अफसरों का हुआ तबादला दूसरे दिन भी जारी रहा प्रशासनिक फेरबदल, पीसीएस से आईएएस बने अधिकारियों को भी मिली तैनाती


 उत्तर प्रदेश में 14 जिलों के डीएम सहित 34 आईएएस अफसरों का हुआ तबादला



दूसरे दिन भी जारी रहा प्रशासनिक फेरबदल, पीसीएस से आईएएस बने अधिकारियों को भी मिली तैनाती


लखनऊ, प्रदेश सरकार ने लगातार दूसरे दिन सोमवार देर रात बड़े स्तर पर आईएएस अफसरों के तबादले किए। 14 जिलों के जिलाधिकारियों समेत कुल 34 आईएएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। मुरादाबाद, हरदोई, एटा, कुशीनगर, कानपुर नगर, संतकबीरनगर, पीलीभीत, बलिया, अमेठी, बागपत, महोबा, बिजनौर, हाथरस और हमीरपुर में नए जिलाधिकारी तैनात किए गए हैं। इसके साथ ही पीसीएस से आईएएस बने अधिकारियों को भी नई तैनाती दी गई है। अनुनय झा को हरदोई से स्थानांतरित कर मुरादाबाद का डीएम बनाया गया है, जबकि राहुल पांडेय को विशेष सचिव राज्य कर से हरदोई का जिलाधिकारी बनाया गया है। एम अरुन्मोली को आगरा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं संभागीय खाद्य नियंत्रक आगरा से डीएम एटा की जिम्मेदारी दी गई है। 


संजय चौहान को अमेठी से कुशीनगर और महेंद्र तंवर को कुशीनगर से कानपुर नगर का डीएम बनाया गया है। अनुज मलिक को गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी से डीएम संतकबीरनगर, आलोक कुमार को संतकबीरनगर से पीलीभीत और ज्ञानेंद्र सिंह को पीलीभीत से बलिया भेजा गया है। शशांक चौधरी को अमेठी, दिव्यांशु पटेल को बागपत, प्रभास कुमार को महोबा, उमेश प्रताप सिंह को बिजनौर, सत्य प्रकाश पटेल को हाथरस और अशोक कुमार को हमीरपुर का डीएम बनाया गया है। 


इसके अलावा हिमांशु कौशिक को नगर आयुक्त मुरादाबाद, विजय कुमार सिंह को सीडीओ मिर्जापुर, संतोष बहादुर सिंह को सीडीओ मैनपुरी, विशाल कुमार को गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण का मुख्य कार्यपालक अधिकारी तथा विजय कुमार को आगरा विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष एवं संभागीय खाद्य नियंत्रक आगरा नियुक्त किया गया है। तबादलों की सूची सोमवार देर रात जारी की गई।

Monday, 21 September 2026

आजमगढ़ बिलरियागंज 50 हजार का इनामी गैंगस्टर रब्बानी गिरफ्तार


 आजमगढ़ बिलरियागंज 50 हजार का इनामी गैंगस्टर रब्बानी गिरफ्तार




उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के बिलरियागंज थाना पुलिस ने सोमवार को ₹50 हजार के इनामी गैंगस्टर अभियुक्त रब्बानी को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी संगठित गिरोह बनाकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था। उसे सियरहा अंडरपास से कंधरापुर जाने वाली सड़क पर घेराबंदी कर पकड़ा गया।


 पुलिस के मुताबिक, रब्बानी पुत्र फिरोज, निवासी अयूब नगर कस्बा बिलरियागंज, की गिरफ्तारी के लिए पहले वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ ने 5 सितंबर को ₹25 हजार का इनाम घोषित किया था। बाद में आजमगढ़ परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक के आदेश पर 16 सितंबर को इनाम की राशि बढ़ाकर ₹50 हजार कर दी गई। पुलिस के अनुसार बिलरियागंज थाने में मोबाइल चोरी के मामले में वर्ष 2024 में मुकदमा अपराध संख्या 276/2024 संबंधित धारा के तहत दर्ज हुआ था। इन मामलों की विवेचना के दौरान आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ कुल छह चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। इन मामलों में आरोप पत्र न्यायालय भेजा जा चुका है। आपराधिक गतिविधियों के आधार पर रब्बानी और उसके साथियों के खिलाफ 26 मई 2026 को गैंग चार्ट अनुमोदित हुआ। इसके बाद बिलरियागंज थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा संख्या 143/2026 दर्ज किया गया।


 पुलिस का कहना है कि सोमवार सुबह जैगहा चौराहा और आसपास संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की चेकिंग के दौरान सूचना मिली कि रब्बानी महाराष्ट्र/मुंबई से वापस आया है और एक्सप्रेस-वे के नीचे से कंधरापुर जाने के लिए वाहन का इंतजार कर रहा है। सूचना पर पुलिस टीम ने सियरहा अंडरपास के पास घेराबंदी की। पुलिस को देखकर आरोपी ने भागने का प्रयास किया, लेकिन उसे पकड़ लिया गया। गिरफ्तारी सुबह करीब 6:46 बजे बताई गई है। पुलिस के अनुसार रब्बानी के खिलाफ चोरी, आबकारी, आयुध अधिनियम और गैंगस्टर एक्ट समेत कुल सात मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी की उम्र करीब 31 वर्ष बताई गई है। पुलिस ने उसके खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

आजमगढ़ मेंहनगर युवक ने फंदे से लटककर की आत्महत्या 4 साल पहले पत्नी से हुआ था विच्छेद, तनाव में बताया जा रहा था युवक


 आजमगढ़ मेंहनगर युवक ने फंदे से लटककर की आत्महत्या



4 साल पहले पत्नी से हुआ था विच्छेद, तनाव में बताया जा रहा था युवक



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के मेंहनगर थाना क्षेत्र के दौलतपुर गांव में रविवार रात 35 वर्षीय युवक ने घर में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी सोमवार सुबह होने पर परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दौलतपुर गांव निवासी रिंकू मौर्य (35) प्लंबर मिस्त्री का काम करता था। परिजनों के अनुसार रविवार रात वह घर के पक्के मकान में था। इसी दौरान उसने पंखे के हुक में रस्सी के सहारे फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सोमवार सुबह उसके पिता ओमप्रकाश मौर्य ने शव देखा तो उनके होश उड़ गए।


 पिता के मुताबिक रिंकू की शादी करीब 10 वर्ष पूर्व हुई थी। करीब चार वर्ष पहले पत्नी से उसका विच्छेद हो गया था। पत्नी अपने साथ एक पुत्र को लेकर चली गई थी। इसके बाद से रिंकू तनाव में रहता था। वह तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था। घटना की सूचना मिलने पर मेंहनगर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी की। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Sunday, 20 September 2026

आजमगढ़ में 6 शस्त्र लाइसेंस निरस्त हर्ष फायरिंग से लेकर आपराधिक मामलों तक पर जिलाधिकारी न्यायालय की कार्रवाई


 आजमगढ़ में 6 शस्त्र लाइसेंस निरस्त



हर्ष फायरिंग से लेकर आपराधिक मामलों तक पर जिलाधिकारी न्यायालय की कार्रवाई


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में शस्त्र लाइसेंसों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी न्यायालय ने लोक सुरक्षा और लोकशांति के दृष्टिगत छह शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए। भारतीय शस्त्र अधिनियम-1959 की धारा 17(3) के तहत 15 सितंबर 2026 को पारित आदेशों में आपराधिक अभियोग, शस्त्रों के उपयोग, पुलिस आख्या और लाइसेंस की शर्तों से जुड़े तथ्यों का परीक्षण किया गया। वहीं, एक अन्य मामले में लाइसेंसी की मृत्यु हो जाने के कारण लाइसेंस को स्वतः समाप्त मानते हुए कार्रवाई पूरी की गई। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में शस्त्र लाइसेंसों की समीक्षा और आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध चल रही कार्रवाई के क्रम में की गई है। 


थाना गंभीरपुर क्षेत्र के ग्राम कमरावां निवासी मो. आरिफ पुत्र अब्दुल वहाब के राइफल संख्या 75-0941, लाइसेंस संख्या 418/2005 और रिवॉल्वर संख्या 6696, लाइसेंस संख्या 270 के दोनों लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। आदेश में उनके खिलाफ वर्ष 2012 और 2018 के विभिन्न आपराधिक मामलों का उल्लेख है। इनमें पॉक्सो एक्ट से संबंधित मामला विशेष न्यायालय पॉक्सो में विचाराधीन बताया गया है। पुलिस आख्या में शस्त्र खरीदने के बाद कुल 150 कारतूस खरीदे जाने और तीन कारतूस अवशेष होने का भी उल्लेख किया गया। आदेश के अनुसार हर्ष फायरिंग और शस्त्र लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन को लोक सुरक्षा एवं लोकशांति से जुड़ा आधार मानते हुए दोनों लाइसेंस निरस्त किए गए। 


थाना कोतवाली क्षेत्र के पुरा जोधी निवासी मनजीत उर्फ रंजीत सिंह पुत्र स्व. यदुनन्दन सिंह का एनपीबी राइफल संख्या AB-972506 और लाइसेंस संख्या 148/98 भी निरस्त किया गया है। उनके विरुद्ध लखनऊ के जानकीपुरम थाने में वर्ष 2020 में धारा 307 आईपीसी और आयुध अधिनियम की धारा 30 के तहत मुकदमा दर्ज होने का उल्लेख है। पुलिस आख्या के मुताबिक मामला विचाराधीन है और संबंधित राइफल 30 मई 2020 से थाना जानकीपुरम में जमा है।


 थाना महराजगंज के सिकन्दरपुर निवासी मो. फैसल पुत्र मो. हम्माद का एनपीबी राइफल लाइसेंस भी निरस्त किया गया है। आदेश में उनके खिलाफ वर्ष 2018 और 2022 के चार आपराधिक मामलों का उल्लेख है। इनमें हत्या के प्रयास, लूट, सरकारी कार्य में बाधा और अन्य धाराओं के मुकदमे शामिल हैं। पुलिस आख्या में लाइसेंसी शस्त्र से संबंधित फायरिंग और कारतूसों के उपयोग का भी उल्लेख किया गया है। 


थाना बरदह क्षेत्र के मोहम्मदपुर फेटी निवासी अशरफ जुमा/जमो पुत्र रुस्तम अली का डीबीबीएल गन संख्या 7940 और लाइसेंस संख्या 6051 निरस्त किया गया। आदेश में वर्ष 1994 से 2020 तक दर्ज कई आपराधिक मामलों का उल्लेख है। इनमें हत्या के प्रयास, लूट, आयुध अधिनियम और गैंगस्टर एक्ट से संबंधित मामले भी शामिल हैं। पुलिस आख्या में कई अभियोग लंबित होने और उन्हें इतिहासशीटर के रूप में दर्ज किए जाने का उल्लेख किया गया। 


थाना निजामाबाद के बैसर संसारपुर निवासी जिलेदार यादव पुत्र बासुदेव यादव का एसबीबीएल गन संख्या N23189 और लाइसेंस संख्या 99/2002 भी निरस्त किया गया। उनके विरुद्ध वर्ष 2025 में बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज होने तथा आरोप-पत्र न्यायालय भेजे जाने की जानकारी पुलिस आख्या में दी गई है। इसके अलावा पुलिस रिपोर्ट में वर्ष 2003 से 2025 तक कुल 125 कारतूस खरीदे जाने और 17 कारतूस शेष होने का उल्लेख किया गया। न्यायालय ने उपलब्ध अभिलेखों और तथ्यों का परीक्षण करने के बाद लोक सुरक्षा एवं लोकशांति के दृष्टिगत लाइसेंस निरस्त करने का आदेश दिया। 


थाना फूलपुर के विशेसा गांव निवासी असहद उर्फ चुन्नू शेख पुत्र हारून के रिवॉल्वर संख्या 115101254 और लाइसेंस संख्या 361/08 के संबंध में भी कार्रवाई की गई थी। उनके खिलाफ वर्ष 2016 में फूलपुर थाने में मुकदमा दर्ज होने का उल्लेख है। हालांकि कार्रवाई के दौरान उनकी 4 सितंबर 2024 को मृत्यु होने की पुष्टि हुई। इसके बाद जिलाधिकारी न्यायालय ने मृत्यु के कारण शस्त्र लाइसेंस को स्वतः समाप्त मानते हुए कार्यवाही समाप्त कर दी। साथ ही लाइसेंस पंजिका में ‘शस्त्र लाइसेंस निरस्त’ अंकित करने और भविष्य में इसका नवीनीकरण नहीं करने के निर्देश दिए गए। 


जिलाधिकारी न्यायालय के आदेश के अनुपालन में संबंधित शस्त्र लाइसेंसों को निरस्त किए जाने का अंकन लाइसेंस पंजिका में करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित शस्त्र कार्यालय और पुलिस अधिकारियों को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है। पुलिस के अनुसार, शस्त्र लाइसेंस के दुरुपयोग, आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता और लोक सुरक्षा एवं लोकशांति प्रभावित करने वाले मामलों में नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

आजमगढ़ में पुलिस का वारंटियों पर शिकंजा, 9 NBW वारंटी गिरफ्तार मुबारकपुर, जहानागंज, कप्तानगंज, अतरौलिया और बरदह पुलिस ने की कार्रवाई


 आजमगढ़ में पुलिस का वारंटियों पर शिकंजा, 9 NBW वारंटी गिरफ्तार



मुबारकपुर, जहानागंज, कप्तानगंज, अतरौलिया और बरदह पुलिस ने की कार्रवाई


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में गैर-जमानती वारंट (NBW) से संबंधित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत रविवार को आजमगढ़ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नौ वारंटियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, 20 सितंबर 2026 को जनपद के विभिन्न थानों की पुलिस ने न्यायालय से जारी गैर-जमानती वारंटों के अनुपालन में अभियान चलाया। इस दौरान कुल नौ NBW वारंटियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों में मुबारकपुर, जहानागंज, कप्तानगंज, अतरौलिया और बरदह थाना क्षेत्रों से संबंधित वारंटी शामिल हैं।


 पुलिस का कहना है कि न्यायालय से जारी वारंटों के शत-प्रतिशत अनुपालन और वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए अभियान लगातार जारी है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के खिलाफ नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। आजमगढ़ पुलिस के मुताबिक अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई तथा कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

Saturday, 19 September 2026

आजमगढ़ फूलपुर, शराब के नशे में पोखरे में डूबा युवक, मौत वैसाडीह गांव में शाम को उतराता मिला शव, परिजनों ने कार्रवाई से किया इनकार


 आजमगढ़ फूलपुर, शराब के नशे में पोखरे में डूबा युवक, मौत



वैसाडीह गांव में शाम को उतराता मिला शव, परिजनों ने कार्रवाई से किया इनकार



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के वैसाडीह गांव में शुक्रवार शाम पोखरे में डूबने से 25 वर्षीय युवक बिरेन्द्र चौहान की मौत हो गई। शाम करीब साढ़े सात बजे पोखरे में शव उतराता देखकर ग्रामीणों ने उसे बाहर निकाला। पहचान होने के बाद परिजनों को सूचना दी गई। बताया गया कि बिरेन्द्र तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था और मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। 


ग्रामीणों के अनुसार वह शराब का सेवन करता था। शुक्रवार सुबह से ही उसने शराब पी रखी थी। शाम को वह वैसाडीह गांव के चौराहे के पास स्थित पोखरे में कूद गया। इसके बाद वह बाहर नहीं निकल सका और डूबने से उसकी मौत हो गई। ग्रामीण शव को घर ले गए, जहां परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गए। बिरेन्द्र के दोनों भाई रोजी-रोटी के सिलसिले में दिल्ली और पंजाब में रहते हैं। उसके पिता की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। घर में उसकी मां और परिवार की महिलाएं हैं। युवक की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।


 इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली फूलपुर देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ग्राम प्रधान की ओर से घटना की सूचना दी गई थी। परिजन किसी तरह की कार्रवाई नहीं चाहते हैं और उनकी ओर से कोई लिखित सूचना भी नहीं दी गई है। पुलिस के अनुसार युवक शराब के नशे में पोखरे में डूब गया।

Friday, 18 September 2026

आजमगढ़ गंभीरपुर, कक्षा 5 तक पढ़ा, फिर बना फर्जी CO, शराब का ठेका दिलाने के नाम पर ₹90 हजार ठगे डिप्टी एसपी की वर्दी पहनकर करता था वीडियो कॉल, 2 फर्जी पुलिस आईडी और कूटरचित ठेका आवंटन पत्र बरामद


 आजमगढ़ गंभीरपुर, कक्षा 5 तक पढ़ा, फिर बना फर्जी CO, शराब का ठेका दिलाने के नाम पर ₹90 हजार ठगे



डिप्टी एसपी की वर्दी पहनकर करता था वीडियो कॉल, 2 फर्जी पुलिस आईडी और कूटरचित ठेका आवंटन पत्र बरामद


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में गंभीरपुर थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने खुद को पुलिस का सीओ अधिकारी बताकर शराब का ठेका दिलाने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, कक्षा पांच तक पढ़े आरोपी ने डिप्टी एसपी की वर्दी पहनकर लोगों से वीडियो कॉल के जरिए संपर्क किया और खुद को पुलिस अधिकारी बताकर अपना प्रभाव जमाता था। आरोपी ने शराब का ठेका दिलाने के नाम पर एक व्यक्ति से ₹3.20 लाख की मांग की और ₹90 हजार नगद ले लिए थे। सिधारी थाना क्षेत्र के सादीसराय निवासी रविप्रकाश ने 17 सितंबर 2026 को गंभीरपुर थाने में शिकायत दी थी। आरोप है कि संजय नामक व्यक्ति ने स्वयं को पुलिस का सीओ अधिकारी बताते हुए शराब का ठेका दिलाने के नाम पर ₹3.20 लाख की मांग की। 30 अगस्त 2026 को उसने ₹90 हजार नगद ले लिए थे। शेष रकम 2 सितंबर 2026 तक देने की बात कही गई थी।


 पुलिस के मुताबिक, 1 सितंबर 2026 को आरोपी ने पुलिस की वर्दी पहनकर मोबाइल फोन से वीडियो कॉल की। संदेह होने पर वादी ने आरोपी के बारे में जानकारी की तो उसके पुलिस अधिकारी नहीं होने का पता चला। इसके बाद गंभीरपुर थाने में मु0अ0सं0 226/2026 संबंधित धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में 18 सितंबर 2026 को गंभीरपुर पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना व आरोपी की लोकेशन के आधार पर रानीपुर रजमों मोड़ के पास से संजय पुत्र स्व. श्रीराम, निवासी मगरावा, थाना गंभीरपुर, उम्र करीब 40 वर्ष को दोपहर करीब 12:10 बजे गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से दो कूटरचित पुलिस अधिकारी पहचान पत्र, शराब ठेके का कूटरचित आवंटन पत्र, डिप्टी एसपी की पुलिस वर्दी का एक सेट और मोबाइल फोन बरामद किया गया। 


पुलिस के अनुसार, आरोपी डिप्टी एसपी की वर्दी पहनकर वीडियो कॉल करता था और खुद को पुलिस विभाग का अधिकारी बताकर लोगों को प्रभावित करता था। वह अपने कथित पद और प्रभाव का इस्तेमाल कर शराब का ठेका, नौकरी आदि दिलाने का भरोसा देता था और इसके नाम पर रकम हासिल करता था। मामले में पुलिस द्वारा आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

आजमगढ़ तहबरपुर दिनदहाड़े आभूषण की दुकान से गहना लेकर भागे बदमाश, ग्रामीणों ने पीछा कर 2 को दबोचा वायरल वीडियो में बैग से कथित तमंचा-पिस्टल और कारतूस मिलने का दावा, 2 आरोपी फरार


 आजमगढ़ तहबरपुर दिनदहाड़े आभूषण की दुकान से गहना लेकर भागे बदमाश, ग्रामीणों ने पीछा कर 2 को दबोचा



वायरल वीडियो में बैग से कथित तमंचा-पिस्टल और कारतूस मिलने का दावा, 2 आरोपी फरार



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के तहबरपुर थाना क्षेत्र के मंझारी बाजार में गुरुवार को दिनदहाड़े आभूषण की दुकान से गहना लेकर भाग रहे बदमाशों का ग्रामीणों ने पीछा कर दो आरोपियों को पकड़ लिया। घटना के बाद मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। बदमाशों के पकड़े जाने और ग्रामीणों द्वारा उनकी तलाशी लिए जाने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।


 स्थानीय लोगों के मुताबिक, चार बदमाश दो मोटरसाइकिलों से मंझारी बाजार पहुंचे थे। आरोप है कि बदमाश आनंद सेठ की आभूषण की दुकान पर गए और वहां से सोने की चेन लेकर भागने लगे। दुकान से बदमाशों के निकलते ही शोर मच गया। आवाज सुनकर आसपास के दुकानदार और ग्रामीण उनके पीछे दौड़ पड़े। बताया गया कि बदमाश भागते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पास तक पहुंच गए। पीछा कर रहे ग्रामीणों ने दो आरोपियों को पकड़ लिया, जबकि उनके दो साथी मौके से फरार हो गए। इसके बाद ग्रामीणों ने दोनों आरोपियों को घेर लिया और पुलिस को सूचना दी। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में ग्रामीण पकड़े गए आरोपी के बैग की तलाशी लेते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में बैग से तमंचा, पिस्टल, बांका और कारतूस मिलने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो में दिखाई दे रही वस्तुओं की बरामदगी और उनकी वास्तविक स्थिति की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।


 एक अन्य वीडियो में ग्रामीण खेतों में एक आरोपी का पीछा करते और उसे पकड़ते नजर आ रहे हैं। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और पकड़े गए आरोपियों को अपने कब्जे में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। शुक्रवार सुबह भी मंझारी बाजार में घटना की चर्चा होती रही। पुलिस फरार दोनों आरोपियों की तलाश कर रही है। साथ ही दुकान से ले जाए गए आभूषण की कीमत, आरोपियों की भूमिका और वायरल वीडियो में कथित असलहों की बरामदगी की भी जांच की जा रही है।

Thursday, 17 September 2026

आजमगढ़ 2 माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ता पद पर हुई पदोन्नति नियम विरुद्ध, निरस्तीकरण के निर्देश 5 वर्ष की मौलिक सेवा व अन्य अर्हताएं पूरी न होने का मामला


 आजमगढ़ 2 माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ता पद पर हुई पदोन्नति नियम विरुद्ध, निरस्तीकरण के निर्देश



5 वर्ष की मौलिक सेवा व अन्य अर्हताएं पूरी न होने का मामला


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के दो अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापकों की प्रवक्ता पद पर हुई पदोन्नति को जांच में नियमों के अनुरूप नहीं पाया गया है। विंध्येश्वरी इंटर कॉलेज तुलसीनगर के सहायक अध्यापक राजकुमार की इतिहास प्रवक्ता तथा गयादीन जायसवाल इंटर कॉलेज खुरासों के सहायक अध्यापक सुनील कुमार की गणित प्रवक्ता पद पर पदोन्नति के मामले में संबंधित अधिकारियों को निरस्तीकरण की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। संयुक्त शिक्षा निदेशक राजेश कुमार आर्य ने बताया कि दोनों मामलों में जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। विंध्येश्वरी इंटर कॉलेज में इतिहास प्रवक्ता हौसिला प्रसाद वर्मा के 31 मार्च 2025 को सेवानिवृत्त होने के बाद पद रिक्त हुआ था। राजकुमार ने आठ फरवरी 2020 को विद्यालय में कला अध्यापक के पद पर कार्यभार ग्रहण किया था। जांच में राजकुमार की शैक्षिक योग्यता बीए चित्रकला, एमए चित्रकला और वर्ष 2024 में इतिहास विषय से एमए दर्ज पाई गई। जांच अधिकारी के अनुसार वह बीएड उत्तीर्ण नहीं हैं। साथ ही प्रवक्ता पद पर पदोन्नति के लिए निर्धारित अन्य अर्हताओं को लेकर भी आपत्ति दर्ज की गई। इसी आधार पर आठ अगस्त 2026 को इतिहास प्रवक्ता पद पर हुई उनकी पदोन्नति को नियम विरुद्ध माना गया।



 वहीं, गयादीन जायसवाल इंटर कॉलेज खुरासों में गणित प्रवक्ता धनंजय पांडेय के आठ जुलाई 2025 को गोरखपुर स्थानांतरण के बाद पद रिक्त हुआ था। सुनील कुमार ने विद्यालय में एक सितंबर 2020 को कार्यभार ग्रहण किया था। जांच में पाया गया कि रिक्ति की तिथि तक उनकी सहायता प्राप्त विद्यालय में पांच वर्ष की लगातार मौलिक सेवा पूरी नहीं हुई थी। सुनील कुमार की ओर से वित्तविहीन विद्यालय में एक अप्रैल 2018 से 29 अगस्त 2020 तक अध्यापन का अनुभव प्रमाणपत्र भी प्रस्तुत किया गया था। जांच में इस सेवा को पदोन्नति के लिए मान्य नहीं माना गया। रिपोर्ट के अनुसार यह सेवा उनके सेवा अभिलेख में दर्ज नहीं थी और सक्षम स्तर से प्रतिहस्ताक्षरित अथवा सत्यापित भी नहीं थी। जांच पत्र में वित्तविहीन विद्यालय की सेवा को अंशकालिक सेवा की श्रेणी में बताते हुए उसे सहायता प्राप्त विद्यालय की मौलिक सेवा के साथ जोड़ना नियमसंगत नहीं माना गया।


इसके अलावा गणित प्रवक्ता का रिक्त पद सीधी भर्ती के लिए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अधियाचित किए जाने की जानकारी भी सामने आई। इसके बावजूद चयन आयोग और निदेशालय से अनापत्ति लिए बिना पद को पदोन्नति के माध्यम से भरने को भी जांच में अनियमित माना गया। रिपोर्ट में आशंका जताई गई कि सीधी भर्ती से चयनित अभ्यर्थी के आने पर उसी पद को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। जेडी राजेश कुमार आर्य ने बताया कि शासनादेश 28 अप्रैल 2025 और इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम 1921 में निर्धारित व्यवस्था के तहत संबंधित पक्षों को सुनवाई का पर्याप्त अवसर देने के बाद दोनों पदोन्नतियां निरस्त करने की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

Wednesday, 16 September 2026

आजमगढ़ चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हमले को लेकर आजाद समाज पार्टी ने किया प्रदर्शन निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन


 आजमगढ़ चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हमले को लेकर आजाद समाज पार्टी ने किया प्रदर्शन



निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की आजमगढ़ इकाई ने जनहित, सामाजिक न्याय और कानून-व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर बुधवार को जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में गोंडा और अयोध्या में हुई हत्याओं, बाराबंकी में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना सांसद एडवोकेट चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हुए कथित हमले, पंचायत सहायकों की मांगों तथा 68500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण संबंधी प्रकरण समेत चार सूत्रीय मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग की गई। 


जिलाध्यक्ष धर्मवीर भारती की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि गोंडा में विनोद साहनी और रमेश कोरी तथा अयोध्या में राम लगन मौर्य की हत्या के बाद पीड़ित परिवारों से मिलने जा रहे चंद्रशेखर आजाद के काफिले को 13 सितंबर 2026 को बाराबंकी के रामनगर थाना क्षेत्र के बुढ़वल में रोके जाने के बाद पथराव और हिंसक हमले की शिकायत सामने आई थी। पार्टी ने दावा किया कि घटना में कई कार्यकर्ता घायल हुए और वाहनों को नुकसान पहुंचा। ज्ञापन में पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने तथा घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की गई है। साथ ही मौके पर तैनात पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर लापरवाही मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई। 


पार्टी ने पंचायत सहायकों की मांगों तथा 68500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण संबंधी प्रकरण का समाधान कराने और धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में भी आवश्यक कार्रवाई की मांग उठाई। ज्ञापन सौंपने के दौरान एडवोकेट शेषनाथ राव जिला अध्यक्ष भीम आर्मी, एडवोकेट संजय कुमार, एडवोकेट एके आनंद (मंडल प्रभारी भाईचारा) मंडल आजमगढ़, एडवोकेट सहिलेश कुमार जिला उपाध्यक्ष एएसपी, जनार्दन एडवोकेट सहित सैकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस दौरान जिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।

आजमगढ़ हत्या मामले में 5 आरोपियों को आजीवन कारावास अदालत ने प्रत्येक पर एक लाख 5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया


 आजमगढ़ हत्या मामले में 5 आरोपियों को आजीवन कारावास


अदालत ने प्रत्येक पर एक लाख 5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में हत्या के करीब नौ वर्ष पुराने मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-4 दिनेश कुमार की अदालत ने पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने सभी दोषियों पर एक लाख पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। सजा पाने वालों में राजेंद्र पांडेय, ऊषा पांडेय, टोनू पांडेय, रीना पांडेय और शोभा पांडेय शामिल हैं। अभियोजन पक्ष के अनुसार मेहनगर थाना क्षेत्र के अहियाई गांव निवासी प्रभात कुमार दुबे ने मुकदमा दर्ज कराया था। 


आरोप था कि उसके पिता वीरेंद्र दुबे का शोभा पांडेय निवासी कस्बा मेहनगर से अवैध संबंध था। शोभा पांडेय और उसके भाई राजेंद्र पांडेय निवासी भीखमपुर थाना मेहनगर वीरेंद्र दुबे पर संपत्ति अपने नाम कराने का दबाव बना रहे थे। आरोप है कि दो फरवरी 2017 की रात शोभा पांडेय, उसके भाई राजेंद्र पांडेय, ऊषा पांडेय, टोनू पांडेय और रीना पांडेय ने मिलकर गला दबाकर वीरेंद्र दुबे की हत्या कर दी। 


घटना की जांच के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आनंद सिंह, अविनाश चंद्र राय और पूर्व डीजीसी दशरथ यादव ने पैरवी की। अभियोजन की ओर से कुल आठ गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद अदालत ने पांचों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और प्रत्येक पर एक लाख पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

Tuesday, 15 September 2026

आजमगढ़ मेहनगर मेहनगर डीएम और एसएसपी से लगाई कार्रवाई और सुरक्षा की गुहार


 आजमगढ़ मेहनगर मेहनगर डीएम और एसएसपी से लगाई कार्रवाई और सुरक्षा की गुहार


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के मेहनगर थाना क्षेत्र के हटवा गांव में बधाई मांगने गईं किन्नरों के साथ मारपीट किए जाने का आरोप सामने आया है। मामले में पल्हना ब्लॉक व ग्रामसभा निवासी रूबी किन्नर समेत आठ किन्नरों ने जिलाधिकारी और एसएसपी 

को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और जान-माल की सुरक्षा की मांग की है। प्रार्थना पत्र के अनुसार, 14 सितंबर 2026 को सुबह करीब 11 बजे रूबी किन्नर, मैना किन्नर, मिष्ठी किन्नर, बहोगी किन्नर, पिंक्की किन्नर, मोना किन्नर, मोनिका किन्नर और निशा किन्नर बधाई मांगने के लिए मेहनगर क्षेत्र के हटवा गांव गई थीं।


 आरोप है कि वहां पहले से घात लगाए बैठे संगीता किन्नर के पति संतोष राजभर, सोनी किन्नर के पति आर्यन कुमार तथा उनके कुछ साथियों और बाहरी युवकों ने उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोप है कि इसी दौरान नेहा किन्नर ने एक बाहरी युवक के साथ मिलकर उनके साथ मारपीट की। प्रार्थना पत्र में बताया गया है कि घटना में मैना किन्नर, मिष्ठी किन्नर और बहोगी किन्नर को चोटें आईं तथा उनके सिर में टांके लगे हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना की शिकायत मेहनगर थाने में की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। 


उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि करीब एक वर्ष पहले 20 दिसंबर 2025 को मऊ जनपद में भी संगीता किन्नर के ग्रुप के लोगों ने उनके साथ मारपीट की थी। पुरानी रंजिश को लेकर लगातार परेशान करने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। किन्नरों ने जिलाधिकारी से मामले में कानूनी कार्रवाई कराने के साथ ही अपनी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की है। प्रार्थना पत्र में आशंका जताई गई है कि भविष्य में रूबी किन्नर या उनके किसी साथी पर जानलेवा हमला होता है तो इसके लिए नामजद विपक्षी जिम्मेदार होंगे।

Monday, 14 September 2026

उत्तर प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 14 IAS और 34 PCS अधिकारियों के तबादले कई जिलों के CDO बदले; स्टार्ट-अप मिशन को भी मिला नया CEO


 उत्तर प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 14 IAS और 34 PCS अधिकारियों के तबादले



कई जिलों के CDO बदले; स्टार्ट-अप मिशन को भी मिला नया CEO


उत्तर प्रदेश लखनऊ, प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 14 आईएएस और 34 पीसीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस फेरबदल में कई जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों (सीडीओ) को बदला गया है, जबकि विभिन्न विभागों में भी अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।


 आईएएस अधिकारियों में सहारनपुर के मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन को उत्तर प्रदेश स्टार्ट-अप मिशन का मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) बनाया गया है। वहीं अपर आयुक्त, राज्यकर डॉ. सुनील कुमार वर्मा को सहारनपुर का नया मुख्य विकास अधिकारी नियुक्त किया गया है। आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के विशेष सचिव राहुल सिंह को लोक निर्माण विभाग का विशेष सचिव बनाया गया है। वहीं लखीमपुर खीरी के सीडीओ अभिषेक कुमार को आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग में विशेष सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। अयोध्या के अपर जिलाधिकारी (नगर) योगानंद पांडेय को लखीमपुर खीरी का नया मुख्य विकास अधिकारी बनाया गया है। राजस्व परिषद, प्रयागराज के सदस्य (न्यायिक) साहब सिंह को सचिवालय प्रशासन विभाग में सचिव बनाया गया है। 


विंध्याचल मंडल के अपर आयुक्त डॉ. विश्राम को राजस्व परिषद, प्रयागराज में सदस्य (न्यायिक) पद पर भेजा गया है। वहीं रेशम विभाग के विशेष सचिव एवं निदेशक देवेंद्र कुमार सिंह कुशवाहा को भी राजस्व परिषद में सदस्य (न्यायिक) की जिम्मेदारी दी गई है। अंबेडकरनगर के मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला को रेशम विभाग में विशेष सचिव एवं निदेशक बनाया गया है।


 कुशीनगर के अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) वैभव मिश्रा को अंबेडकरनगर का मुख्य विकास अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा संयुक्त निदेशक युवा कल्याण अशोक कुमार कनौजिया को विशेष सचिव, माध्यमिक शिक्षा विभाग बनाया गया है। अलीगढ़ मंडल के अपर आयुक्त अरुण कुमार को विशेष सचिव, ग्राम्य विकास विभाग की जिम्मेदारी मिली है। सहारनपुर नगर निगम के अपर नगर आयुक्त प्रदीप कुमार यादव को अलीगढ़ मंडल का अपर आयुक्त नियुक्त किया गया है। वहीं चिकित्सा शिक्षा विभाग की महानिदेशक एवं सचिव नेहा शर्मा को सचिव पद की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है।

आजमगढ़ अतरौलिया दहेज हत्या के 2 मामलों में पति व ससुर समेत 3 गिरफ्तार किशोरी को भगाने और छेड़खानी के मामले में भी कार्रवाई


 आजमगढ़ अतरौलिया दहेज हत्या के 2 मामलों में पति व ससुर समेत 3 गिरफ्तार



किशोरी को भगाने और छेड़खानी के मामले में भी कार्रवाई


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के अतरौलिया थाना पुलिस ने अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत विभिन्न मामलों में वांछित पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इनमें दहेज हत्या के दो मामलों में पति व ससुर समेत तीन आरोपी, किशोरी को बहला-फुसलाकर भगाने एवं पॉक्सो एक्ट के मामले में एक आरोपी तथा छेड़खानी, मारपीट और जान से मारने की धमकी के मामले में एक वांछित अभियुक्त शामिल है।


 पुलिस के अनुसार, 2 मार्च 2026 को रंजना प्रजापति की तहरीर पर उसकी ननद अंजली प्रजापति को दहेज में मोटरसाइकिल और सोने की चेन की अतिरिक्त मांग को लेकर प्रताड़ित करने तथा हत्या करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में पुलिस ने राजधारी उर्फ दिलीप (32) निवासी गजेन्धरपट्टी भेदौरा को उसके घर के सामने से सुबह 9:35 बजे गिरफ्तार किया। वहीं, 7 फरवरी 2026 को संतोष सिंह की तहरीर पर उनकी पुत्री अंकिता सिंह से दहेज में पांच लाख रुपये की मांग और प्रताड़ना के बाद हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में पुलिस ने आनंद प्रकाश सिंह (28) और उसके पिता दान बहादुर सिंह (53), निवासी ग्राम लोहरा, को उनके घर से सुबह 9:30 बजे गिरफ्तार किया। इसके अलावा 19 जुलाई को नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर भगाने के मामले में दर्ज मुकदमे में वांछित रजत (22) निवासी भीलमपुर छपरा को रानीपुर तिराहे से सुबह 9:25 बजे गिरफ्तार किया गया। विवेचना के दौरान मामले में पॉक्सो एक्ट की धारा 7/8 की बढ़ोतरी की गई थी। इसी क्रम में छेड़खानी, मारपीट और जान से मारने की धमकी के मामले में वांछित शैलेश कुमार सिंह (38) निवासी सिहोरा को 13 सितंबर की रात प्रताप नगर कॉलोनी, हीरापट्टी से 8:55 बजे हिरासत में लिया गया। 


पुलिस ने बताया कि मामले की विवेचना के दौरान धारा 118(2) बीएनएस की भी बढ़ोतरी की गई। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार सभी पांचों अभियुक्तों को नियमानुसार न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

आजमगढ़ गंभीरपुर पूजा-पाठ के बहाने आभूषण ठगने वाली ₹25 हजार की इनामिया महिला गिरफ्तार गैंगस्टर एक्ट में चल रही थी वांछित; आजमगढ़-जौनपुर में ठगी व चोरी के 5 मुकदमे दर्ज

आजमगढ़ गंभीरपुर पूजा-पाठ के बहाने आभूषण ठगने वाली ₹25 हजार की इनामिया महिला गिरफ्तार



गैंगस्टर एक्ट में चल रही थी वांछित; आजमगढ़-जौनपुर में ठगी व चोरी के 5 मुकदमे दर्ज


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के गंभीरपुर थाना पुलिस ने पूजा-पाठ के बहाने घर में प्रवेश कर आभूषणों की ठगी करने वाले गिरोह की एक महिला सदस्य को गिरफ्तार किया है। गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में वांछित चल रही अभियुक्ता पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार ने सात सितंबर 2026 को 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस ने उसे सोमवार को आजमगढ़-मोहम्मदपुर दयालपुर मोड़ से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।


 पुलिस के अनुसार, 28 अगस्त 2025 को गंभीरपुर थाना क्षेत्र के सरायपलटू गांव में तीन अज्ञात महिलाओं ने पूजा-पाठ कराने के बहाने एक महिला के घर में प्रवेश किया था। आरोप है कि इस दौरान महिलाओं ने आभूषण आदि लेकर ठगी की। मामले में 12 सितंबर 2025 को गंभीरपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान अभियुक्ताओं की पहचान होने पर मुकदमे में बीएनएस की धारा 317(2) की बढ़ोतरी की गई और आरोप पत्र न्यायालय भेजा गया। विवेचना में सामने आया कि गिरफ्तार महिला जौनपुर जिले के केराकत थाना क्षेत्र के ब्राह्मणपुर झमका गांव की रहने वाली है और अपने साथियों के साथ आर्थिक व भौतिक लाभ के लिए अपराध करती थी। इसके बाद गैंगचार्ट अनुमोदित होने पर गंभीरपुर थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।


 पुलिस के मुताबिक अभियुक्ता के खिलाफ आजमगढ़ और जौनपुर में ठगी व चोरी से संबंधित कुल पांच अभियोग दर्ज हैं। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने सोमवार दोपहर करीब 12:10 बजे उसे गिरफ्तार किया। कार्रवाई करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार त्रिपाठी, कांस्टेबल सन्नी पाण्डेय, महिला कांस्टेबल अनामिका मिश्रा, कांस्टेबल दुर्गेश राय और महिला कांस्टेबल स्वाती जायसवाल शामिल रहीं।

 

Sunday, 13 September 2026

हापुड़ सिपाही ने ड्यूटी के दौरान खुद को मारी गोली गले में गोली लगने से मौत, पिता बोले- छुट्टी में गुमसुम रहता था बेटा

हापुड़ सिपाही ने ड्यूटी के दौरान खुद को मारी गोली



गले में गोली लगने से मौत, पिता बोले- छुट्टी में गुमसुम रहता था बेटा


उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में तैनात फतेहाबाद निवासी 22 वर्षीय सिपाही आशीष वर्मा ने रविवार को धौलाना थाने में पहरा ड्यूटी के दौरान अपनी सरकारी SLR राइफल से खुद को गोली मार ली। गोली गले में लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। थाने में मौजूद पुलिसकर्मी आनन-फानन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया। उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। आशीष वर्मा पुत्र त्रिभुवननाथ फतेहाबाद के थाना निबोहरा क्षेत्र के हीरापुरा गांव का निवासी था। वह वर्ष 2025 में पुलिस विभाग में भर्ती हुआ था। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उसकी तैनाती हापुड़ जिले के धौलाना थाने में हुई थी। रविवार सुबह करीब 11 बजे वह थाने में पहरा ड्यूटी पर तैनात था। इसी दौरान उसने अपनी सरकारी SLR राइफल से गले में गोली मार ली। गोली चलने की आवाज सुनकर पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और उसे अस्पताल ले गए, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आत्मघाती कदम उठाने के पीछे क्या कारण था, इसका अभी पता नहीं चल सका है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। परिजनों के मुताबिक आशीष 16 अगस्त 2026 को छुट्टी लेकर घर आया था और 3 सितंबर 2026 को वापस ड्यूटी पर गया था। 


पिता त्रिभुवननाथ ने बताया कि उनका बेटा मिलनसार स्वभाव का था। आमतौर पर छुट्टी में वह दोस्तों और परिचितों से मिलता-जुलता था, लेकिन इस बार वह न तो किसी दोस्त से मिलने गया और न ही बाहर निकला। वह काफी गुमसुम रहता था। पूछने पर भी उसने अपनी परेशानी के बारे में कुछ नहीं बताया। पिता स्वयं आशीष को ड्यूटी के लिए थाने तक छोड़कर आए थे। उस समय उन्हें इस बात का जरा भी अंदेशा नहीं था कि उनका बेटा इतना बड़ा कदम उठा सकता है। आशीष दो भाइयों में बड़ा था। उसका छोटा भाई संतोष 18 वर्ष का है और महाराष्ट्र में हलवाई का काम करता है। उसकी एक छोटी बहन की शादी अभी नहीं हुई है, जबकि दूसरी बहन शादीशुदा है। पिता खेती-बाड़ी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। आशीष के पुलिस विभाग में भर्ती होने के बाद परिवार को उससे काफी उम्मीदें थीं। परिजनों को उम्मीद थी कि नौकरी में आगे बढ़कर वह घर की जिम्मेदारियां संभालेगा। रविवार को उसकी मौत की खबर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां राजकुमारी और पिता त्रिभुवननाथ बेसुध हो गए। घर में मौजूद रिश्तेदार और ग्रामीण परिजनों को संभालने में जुटे रहे।

 

आजमगढ़ फूलपुर दुकान में घुसकर मारपीट मामले में 6 महिलाएं गिरफ्तार महिला को कमरे में बंधक बनाने का भी आरोप, निशानदेही पर चोरी का 75 सामान बरामद


 आजमगढ़ फूलपुर दुकान में घुसकर मारपीट मामले में 6 महिलाएं गिरफ्तार



महिला को कमरे में बंधक बनाने का भी आरोप, निशानदेही पर चोरी का 75 सामान बरामद


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के फूलपुर थाना क्षेत्र में मकान और किराना दुकान में जबरन घुसकर मारपीट, तोड़फोड़ और चोरी करने के मामले में पुलिस ने छह महिलाओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार महिलाओं पर एक महिला को कमरे में बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट करने का भी आरोप है। अभियुक्ताओं की निशानदेही पर मकान और किराना दुकान से चोरी किए गए 75 सामान बरामद किए गए हैं।


 पुलिस के मुताबिक, 12 सितंबर 2026 को ग्राम जाफरचक, थाना सरायमीर निवासी महिला ने फूलपुर थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि विपक्षी महिलाएं एकराय होकर लाठी-डंडा, रॉड, हथौड़ा और ड्रिल मशीन आदि लेकर उसकी बहन के मकान व किराना दुकान में जबरन घुस गईं। आरोप है कि इस दौरान मारपीट और तोड़फोड़ करने के साथ सामान चोरी किया गया तथा महिला को कमरे में बंधक बना दिया गया। तहरीर के आधार पर फूलपुर थाने में मुकदमा अपराध संख्या 280/2026 संबंधित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। एसएसपी आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत 13 सितंबर 2026 को पुलिस ने सुषमा प्रजापति और अंजनी मालिन को ब्लॉक फूलपुर से गिरफ्तार किया। वहीं सुनीता, शान्ति देनी, इन्द्रावती और माधुरी मौर्या को जगदीशपुर से पकड़ा गया। पुलिस ने बताया कि सभी की निशानदेही पर चोरी के 75 सामान बरामद हुए हैं। गिरफ्तार अभियुक्ताओं के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, सुषमा प्रजापति के खिलाफ फूलपुर थाने में दो मुकदमे दर्ज हैं। अन्य गिरफ्तार महिलाओं के संबंध में कोई अन्य आपराधिक इतिहास उपलब्ध नहीं कराया गया है।

आजमगढ़ फूलपुर खेत में नंगे बिजली के तार की चपेट में आने से 17 वर्षीय किशोरी की मौत, 2 गिरफ्तार दोनों के खिलाफ हत्या समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज


 आजमगढ़ फूलपुर खेत में नंगे बिजली के तार की चपेट में आने से 17 वर्षीय किशोरी की मौत, 2 गिरफ्तार



दोनों के खिलाफ हत्या समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के फूलपुर थाना क्षेत्र के खानजहाँपुर गांव में खेत में लगाए गए नंगे विद्युत तार की चपेट में आने से 17 वर्षीय किशोरी की मौत के मामले में पुलिस ने दो वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद से दोनों आरोपी फरार चल रहे थे। रविवार 13 सितंबर 2026 को पुलिस ने दोनों को खानजहाँपुर चौराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, खानजहाँपुर निवासी वादी ने 12 सितंबर 2026 को फूलपुर थाने में तहरीर देकर बताया कि उनकी करीब 17 वर्षीय पुत्री गांव के ही सूरज पुत्र वरिष्ठ से बातचीत करती थी। इसकी जानकारी होने पर करीब एक माह पूर्व उन्होंने अपनी पुत्री को उसके ननिहाल सदपुर बरौली में छोड़ दिया था। आरोप है कि 10 सितंबर 2026 को सूरज ने किशोरी को जानबूझकर मिलने के लिए अपने घर के पीछे स्थित खेत में बुलाया। इसी खेत में फसल बोने वाले शंकर पुत्र हरखू ने कथित तौर पर खतरनाक तरीके से नंगे बिजली के तारों की बाड़ लगाकर उसमें विद्युत प्रवाह कर रखा था। तार की चपेट में आने से किशोरी की मौत हो गई। मामले में फूलपुर थाने पर मु0अ0सं0 279/2026 संबंधित धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना उपनिरीक्षक शिवशरण सिंह कर रहे हैं।


 एसएसपी आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे गिरफ्तारी अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और क्षेत्राधिकारी फूलपुर के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक फूलपुर देवेंद्र प्रताप सिंह के निर्देशन में उपनिरीक्षक शिवशरण सिंह ने पुलिस टीम के साथ दोनों आरोपियों को रविवार सुबह करीब 7:10 बजे गिरफ्तार किया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर उन्हें न्यायालय भेज दिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सूरज पुत्र वरिष्ठ और शंकर पुत्र हरखू, दोनों निवासी खानजहाँपुर, थाना फूलपुर, जनपद आजमगढ़ के रूप में हुई है। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम मे उपनिरीक्षक शिवशरण सिंह, हेड कांस्टेबल बृजेश यादव, कांस्टेबल अरविंद कुमार यादव और कांस्टेबल अमित कुमार शामिल रहे।

Saturday, 12 September 2026

आजमगढ़ गंभीरपुर 3 बच्चों के साथ शिक्षिका हुई लापता पति की तहरीर पर मुकदमा दर्ज, पुलिस जांच में जुटी

आजमगढ़ गंभीरपुर 3 बच्चों के साथ शिक्षिका हुई लापता



पति की तहरीर पर मुकदमा दर्ज, पुलिस जांच में जुटी



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के गंभीरपुर थाना क्षेत्र के शिवराजपुर गांव निवासी एक शिक्षिका अपने तीन बच्चों समेत संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। घटना के बाद से परिजन परेशान हैं। पति की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।


 जानकारी के अनुसार शिवराजपुर निवासी साधना पत्नी अमरजीत क्षेत्र के गौरी गांव स्थित एक निजी विद्यालय में शिक्षिका के रूप में कार्य करती थीं। उनके तीन बच्चे अनन्या, अमन और आरुषि भी इसी विद्यालय में पढ़ते थे। बताया गया कि 9 सितंबर 2026 , बुधवार को दोपहर के समय साधना विद्यालय से अपने तीनों बच्चों को लेकर निकली थीं। इसके बाद वह बच्चों समेत कहां गईं, इसकी जानकारी परिजनों को नहीं हो सकी। काफी तलाश के बाद भी जब उनका पता नहीं चला तो परिजनों ने मामले की सूचना गंभीरपुर पुलिस को दी। घनी आबादी वाले क्षेत्र में स्थित विद्यालय से शिक्षिका का तीनों बच्चों के साथ अचानक लापता होना इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है। पुलिस ने पति की तहरीर के आधार पर गंभीरपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस महिला और उसके तीनों बच्चों की तलाश के साथ ही घटना के कारणों की जांच में जुटी है।