आजमगढ़ सरायमीर सरवाहा, 15 साल पुराने रास्ते के विवाद पर चला प्रशासन का बुलडोजर
एसडीएम ने भारी पुलिस बल के साथ पहुंचकर हटवाया अवैध कब्जा, सार्वजनिक रास्ते को कराया सुचारु
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के निजामाबाद तहसील क्षेत्र के सरवाहा गांव में करीब 15 वर्षों से चले आ रहे सार्वजनिक रास्ते के विवाद का दिनाँक 08/08/2026 को प्रशासन ने निर्णायक समाधान करा दिया। उपजिलाधिकारी निजामाबाद चन्द्रप्रकाश सिंह के नेतृत्व में राजस्व विभाग और पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर सार्वजनिक चकमार्ग पर किए गए कथित अवैध कब्जे को हटवा दिया।
जानकारी के अनुसार गांव निवासी सतीश चौहान ने उपजिलाधिकारी निजामाबाद के समक्ष प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि गांव का सार्वजनिक चकमार्ग लंबे समय से विवादित है। आरोप था कि कमलेश चौहान द्वारा रास्ते पर कब्जा कर निर्माण करा लिया गया था, जिससे सार्वजनिक मार्ग बाधित हो रहा था।
शिकायत के बाद प्रशासन ने राजस्व टीम गठित कर मौके की जांच कराई। जांच में सरकारी चकमार्ग पर कब्जे की स्थिति सामने आने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई का निर्णय लिया।
दिनांक 08/08/2026 को उपजिलाधिकारी चन्द्रप्रकाश सिंह, नायब तहसीलदार सीओ फूलपुर किरणपाल सिंह तथा थाना प्रभारी सरायमीर भुवनेश चौबे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन की मौजूदगी में जेसीबी से कब्जा हटवाकर सार्वजनिक रास्ते को मुक्त कराया गया।
प्रशासन की इस कार्रवाई से वर्षों से चले आ रहे रास्ते के विवाद का समाधान हो गया। उपजिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान को निर्देश दिया कि सार्वजनिक रास्ते पर ईंट-खड़ंजा लगाकर उसे सुचारु रूप से चालू कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि सार्वजनिक भूमि और सरकारी रास्तों पर अवैध कब्जे को प्रशासन बर्दाश्त नहीं करेगा। लंबे समय से लंबित विवाद में राजस्व जांच के बाद की गई कार्रवाई से ग्रामीणों को राहत मिली है और सार्वजनिक मार्ग के पुनः बहाल होने का रास्ता साफ हुआ है।






