Friday 31 March 2023

आगरा पत्नी की खातिर पति ने काट दी ठेकेदार की नाक वजह जानकर रह जाएंगे हैरान


 आगरा पत्नी की खातिर पति ने काट दी ठेकेदार की नाक


वजह जानकर रह जाएंगे हैरान


उत्तर प्रदेश आगरा के थाना बाह क्षेत्र के विष्णुपुरा गांव में बुधवार की रात 30 रुपये के विवाद में महिला के पति ने ठेकेदार की नाक काट ली। उसकी नाक पर तीन-चार बार ब्लेड से हमला किया गया। पुलिस ने घायल को बाह सीएचसी से इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा।


विष्णुपुरा गांव के सुनील ठेकेदारी पर मजदूर उपलब्ध कराने का काम करता है। उसने गांव की ही एक महिला को आलू की खुदाई, बिनाई के काम पर लगाया था। महिला की मजदूरी के 30 रुपये बकाया रह गए थे। आरोप है कि बुधवार की रात महिला के पति को सुनील घर के रास्ते पर मिल गया। मजदूरी के बकाया 30 रुपये के लिए इनके बीच विवाद हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि महिला के पति ने सुनील की नाक पर ब्लेड से तीन-चार बार हमला कर दिया। जिससे उसकी नाक कट गई।


खून से लथपथ सुनील की चीखें सुनकर उसकी भतीजी काजल और सालो पहुंची, तो हमलावरों ने उन्हें भी पीट दिया। सूचना पर पहुंची बाह पुलिस ने घायल सुनील को सीएचसी बाह पर भर्ती कराया। रक्तस्राव न रुकने पर सुनील को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेज दिया गया। इंस्पेक्टर बाह संजीव शर्मा ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट और तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

लखनऊ प्रशांत कुमार समेत 6 आईपीएस बनेंगे स्पेशल डीजी


 लखनऊ प्रशांत कुमार समेत 6 आईपीएस बनेंगे स्पेशल डीजी


लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 1990 बैच के एडीजी रैंक के छह आईपीएस अफसरों को स्पेशल डीजी पद पर प्रोन्नत करने का फैसला किया है। गुरुवार को हुई विभागीय प्रोन्नति समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया। इसमें एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार के अलावा एमके बशाल, तनुजा श्रीवास्तव, सतीश कुमार माथुर, अंजू गुप्ता व सुभाष चंद्रा शामिल हैं।


दरअसल, वर्तमान में यूपी में अपनी सेवाएं दे रहे वर्ष 1990 बैच के छह आईपीएस पहले ही डीजी रैंक में प्रोन्नत हो चुके हैं, लेकिन डीजी का पद रिक्त न होने के कारण यूपी में अपनी सेवाएं दे रहे छह अन्य आईपीएस प्रोन्नत नहीं हो पा रहे हैं। 1990 बैच के संदीप साळुंके, रेणुका मिश्रा, बिजय कुमार मौर्या, सत्य नारायण साबत, अविनाश चंद्रा व डॉ. संजय एम. तरडे डीजी पद पर प्रोन्नत हो चुके हैं।


डीजीपी का पदभार संभाल रहे वर्ष 1988 बैच के आईपीएस डॉ. डीएस चौहान के 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो जाने के बाद मनमोहन कुमार बशाल भी डीजी पद पर प्रोन्नत हो जाएंगे। इस बीच शासन ने इस आईपीएस अफसरों को स्पेशल डीजी पद पर प्रोन्नत करने का फैसला ले लिया है। शुक्रवार को इस बारे में गृह विभाग से आदेश जारी हो जाने की उम्मीद है। वर्ष 1988 बैच के अनिल कुमार अग्रवाल के अप्रैल और डॉ. राज कुमार विश्वकर्मा के मई में सेवानिवृत्त हो जाने के बाद वर्ष 1990 बैच के दो अन्य अफसर भी डीजी रैंक में प्रोन्नत हो जाएंगे।


डीजीपी डॉ डीएस चौहान के रिटायरमेंट के बाद प्रदेश में नए डीजीपी के नामों को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। कई नाम लाइन में बताए जा रहे हैं। हालांकि, इन सबमें आनंद कुमार और विजय कुमार का नाम डीजीपी पद के लिए रेस में सबसे आगे बताया जा रहा है। हालांकि, इन सबमें सबसे अधिक चर्चा वर्तमान जेल डीजी आनंद कुमार की हो रही है। अब्बास-निकहत कांड और अतीक अहमद के नैनी जेल में ट्रीटमेंट को लेकर वे इस समय खास चर्चा के केंद्र में बने हुए हैं।

इलाहबाद डीएम को ट्रेनिंग की जरूरत प्रधान का अधिकार सीज करने पर हाईकोर्ट नाराज, CS को दिया यह निर्देश


 इलाहबाद डीएम को ट्रेनिंग की जरूरत


प्रधान का अधिकार सीज करने पर हाईकोर्ट नाराज, CS को दिया यह निर्देश


प्रयागराज, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी हमीरपुर द्वारा मनमाने तरीके से ग्राम प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार जब्त करने के आदेश पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि डीएम को ठीक तरीके से प्रशिक्षण दिए जाने की आवश्यकता है। कोर्ट ने डीएम हमीरपुर डॉक्टर चंद्रभूषण द्वारा पारित आदेश को रद्द करते हुए मुख्य सचिव (CS) से कहा है कि वह डीएम को उचित प्रशिक्षण दिलाने की व्यवस्था करें। साथ ही इस आदेश की प्रति डीएम के सर्विस रिकॉर्ड में भी दर्ज करने का आदेश दिया है । ग्राम प्रधान रजनी की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने दिया।


ग्राम प्रधान के अधिवक्ता का कहना था कि याची के विरुद्ध शिकायत की गई थी जिसकी प्रारंभिक जांच का आदेश दिया गया। उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। याची ने अपना जवाब दाखिल किया। इसके बाद 18 फरवरी 2023 को डीएम ने आदेश जारी कर याची के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार जब्त कर लिए। इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। याची के अधिवक्ता का यह भी कहना था कि शिकायत की जांच के लिए गठित 3 सदस्य समिति में शिकायतकर्ता को भी शामिल कर लिया गया।


कोर्ट ने आदेश देखने के बाद कहा कि हमें यह कहने में कोई हिचक नहीं है कि डीएम हमीरपुर डॉक्टर चंद्रभूषण ने न्याय के सभी पहलुओं को हवा में उड़ा दिया और अपने अधिकार का प्रयोग मनमाने तथा चलताऊ तरीके से किया है।


कोर्ट ने कहा कि यह भली-भांति स्थापित है कि वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार जब्त करना एक गंभीर मामला है। जबकि मौजूदा मामले में बिना जांच के ही मान लिया गया कि याची पर लगाए गए सभी आरोप सही हैं।

आदेश पारित करते समय धारा 95 (1) (जी) के किसी भी प्रावधान को नहीं माना गया। शिकायतकर्ता को जांच कमेटी में शामिल करना जिला अधिकारी द्वारा न्यायिक अनुशासन की कमी को बताता है। जिला अधिकारी ने आदेश पारित करते समय विवेक का प्रयोग नहीं किया।


कोर्ट ने मुख्य सचिव को आदेश दिया है कि वह डीएम को उचित प्रशिक्षण देना सुनिश्चित करें ताकि भविष्य में इस प्रकार की गलती ना करें। तथा इस आदेश को चंद्रभूषण के सर्विस रिकॉर्ड में भी रखने का निर्देश दिया है।

पीलीभीत सामूहिक दुष्कर्म की आरोपी युवती का हंगामा थाने में ब्लेड से काटा गला, कहा- फर्जी है केस


 पीलीभीत सामूहिक दुष्कर्म की आरोपी युवती का हंगामा


थाने में ब्लेड से काटा गला, कहा- फर्जी है केस


उत्तर प्रदेश पीलीभीत सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आरोपी छात्रा (23) और उसके पिता की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस ने कार्रवाई तेज की तो खुद पर दर्ज मुकदमे को फर्जी बताते हुए आरोपी गुरुवार शाम थाने पहुंच गई और न्यायिक कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा कर दिया। पुलिस पर उसके परिवार को फर्जी मुकदमे में जेल भेजने की कोशिश करने का आरोप लगाया। बाद में उसने ब्लेड निकाल कर गर्दन काट ली। बमुश्किल महिला सिपाहियों की मदद से पुलिस ने युवती पर काबू पाया, उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जानकारी के अनुसार बताते हैं कि मां-बेटी ने जहरीला पदार्थ भी खाया है, क्योंकि मां को परिजनों ने जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया है।


छह मार्च को सुनगढ़ी क्षेत्र की एक युवती ने एडीजी बरेली के यहां जहरीला पदार्थ खाया था। इसके बाद एडीजी के निर्देश पर पीड़िता की मां की ओर से सुनगढ़ी थाने में सामूहिक दुष्कर्म की धाराओं में एक मुकदमा दर्ज कराया गया था। जिसमें साथी छात्रा, उसके पिता व अन्य आरोपी बनाए गए थे। आरोपी पक्ष का कहना था कि पूर्व में इस शिकायत की जांच सर्किल स्तर के अधिकारी कर चुके हैं। जिसमें उन्हें क्लीनचिट मिली थी। अब दबाव में आकर पुलिस कार्रवाई कर रही है। विवेचना को गति देते हुए पुलिस ने पीड़िता के न्यायालय में बयान कराए। इसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी गई।

आरोपियों का कहना है कि उनके एक रिश्तेदार को 48 घंटे पहले बरेली जनपद के बहेड़ी से पुलिस हिरासत में लेकर आई थी। आरोपी पिता-पुत्री पर भी हाजिर होने का दबाव बनाया जा रहा था। इससे आहत होकर गुरुवार को पहले मां-बेटी ने जहरीला पदार्थ खाया। इसके बाद बेटी सुनगढ़ी थाने पहुंच गई। जहां उसने ब्लेड से गर्दन काट ली। गेट पर ही युवती को लहूलुहान हालत में हंगामा करते देख पुलिस कर्मियों के होश उड़ गए। नवरात्र ड्यूटी पर गए इंस्पेक्टर भी तुरंत थाने पहुंचे।


महिला सिपाहियों की मदद से बमुश्किल युवती को काबू में लिया गया। युवती ने बेगुनाही की बात कहते हुए यह भी कहा कि वह अपनी मां के साथ जहर खाकर थाने आई है। पुलिस ने सरकारी वाहन से युवती को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं परिवार के कुछ सदस्य गंभीर हालत में युवती की मां को भी जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां दोनों का इलाज चल रहा है।


जिला अस्पताल में भर्ती आरोपी युवती की मां का कहना है कि उनके परिवार ने कोई जुर्म नहीं किया है। पुलिस लगातार झूठे मुकदमे में जेल भिजवाने में लगी हुई है। दो दिन पहले उन्होंने अपनी बात बरेली जाकर एडीजी के समक्ष रखी, मगर न्यायिक कार्रवाई होने की बजाय उल्टा उनके परिवार पर ही शिकंजा कसा जाने लगा। उनका कहना है कि दो दिन पहले बरेली जनपद के बहेड़ी क्षेत्र से उनके बड़े दामाद को सुनगढ़ी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उनकी छोटी बेटी और पति को हाजिर कराने का दबाव बना रहे थे। बिना गुनाह के कार्रवाई किए जाने को लेकर यह कदम उठाया।


सुनगढ़ी थाने और बाद में गेट पर लहुलूहान हालत में युवती हंगामा करती रही। वीडियो बनाकर खुद के बेगुनाह होने की बात कहती रही। ऐसे में पुलिस बेबस दिखाई दी, कई बार युवती को काबू करने का प्रयास किया, लेकिन महिला आरक्षी पास में जाने की हिम्मत नहीं जुटा सकीं। यहां एक घंटे तक हंगामा चलता रहा। काफी मशक्कत के बाद युवती पर काबू पाया जा सका।


जिस युवती ने हंगामा किया है वह, उसके पिता समेत अन्य पर सामूहिक दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज है। कोर्ट में बयान कराए जा चुके हैं। गिरफ्तारी को लेकर प्रयास चल रहे थे, युवती ने खुद को घायल कर लिया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, मां भी अस्पताल में भर्ती हुई है। मामले से अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। - राजीव शर्मा, इंस्पेक्टर, सुनगढ़ी