Wednesday 10 January 2024

गाजीपुर बीडीओ, ठेकेदार व सपा ब्लाक प्रमुख का पति गिरफ्तार इस पुलिसिया कार्रवाई के बाद मचा हड़कंप, जानें पूरा मामला


 गाजीपुर बीडीओ, ठेकेदार व सपा ब्लाक प्रमुख का पति गिरफ्तार


इस पुलिसिया कार्रवाई के बाद मचा हड़कंप, जानें पूरा मामला


 उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के भदौरा ब्लॉक में हुए 15 लाख रुपये के घोटाले के मामले में पुलिस ने मंगलवार की रात बड़ी कार्रवाई की। मामले में दोषी तत्कालीन बीडीओ, संबंधित ठेकेदार और आरोपी सपा ब्लाक प्रमुख के पति को गिरफ्तार कर लिया गया है। भदौरा ब्लाक के ग्राम पंचायत पथरा में बबलू सिंह के घर से शिव मंदिर तक नाला निर्माण और शिव मंदिर से पानी टंकी तक नाला मरम्मत कार्य व नव निर्माण की जांच 18 दिसंबर को मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य और जिला पंचायत राज अधिकारी अंशुल मौर्य ने किया था। जांच में दोनों कार्य मौके पर होना नहीं पाया गया। खंड विकास अधिकारी से दोनों कार्यों की पत्रावली/अभिलेख मांगी गई, लेकिन वे उपलब्ध नहीं करा सके। जबकि जांच में यह बात सामने आई कि दो बार में सात लाख 45 हजार 895 रुपये और 7 लाख 57 हजार 577 रुपये का भुगतान फर्म राज ट्रेडर्स को किया गया है। इस पर 20 दिसंबर को जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया। 21 दिसंबर को डीपीआरओ ने मामले में सपा ब्लाक प्रमुख नरगिस खान, तत्कालीन बीडीओ गिरीश चंद्र सिंह निवासी छपरा सुल्तानपुर थाना जीयनपुर जनपद आजमगढ़ और फर्म मेसर्स राज ट्रेडर्स के प्रोपराईटर तबरेज खान निवासी उसिया थाना दिलदारनगर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।


विवेचना में दिलदारनगर थाना क्षेत्र के रक्सहा गांव निवासी और ब्लाक प्रमुख के पति औरंगजेब खान का भी नाम सामने आया, जिसके बाद पुलिस सभी आरोपियों की तलाश में जुट गई। इसी बीच बीडीओ, ठेकेदार और ब्लाक प्रमुख के पति को पुलिस ने गिरफ्तार किया। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने बताया कि अभिलेखिय साक्ष्यों का संकलन किया गया। प्रथमदृष्टया जिन लोगों के खिलाफ आरोप लगाए गए थे, वे सही पाए गए। साथ ही ब्लाक प्रमुख का कार्य देखने वाले उनके पति को भी गिरफ्तार किया गया है।

आजमगढ़ सरायमीर पत्नी का गला रेतकर उतारा था मौत के घाट कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा, लगाया 50 हजार का अर्थदण्ड


 आजमगढ़ सरायमीर पत्नी का गला रेतकर उतारा था मौत के घाट


कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा, लगाया 50 हजार का अर्थदण्ड


उत्तर प्रदेश आजमगढ़ पत्नी की गला रेत कर हत्या किए जाने के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने आरोपी पति को आजीवन कारावास तथा पचास हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर छ रामानंद ने बुधवार को सुनाया।


 अभियोजन पक्ष के अनुसार सरायमीर थाना क्षेत्र के निवासी डॉ अब्दुल रज्जाक की पुत्री तरन्नुम अपने पति मुजीबुर्रहमान के साथ सरायमीर कस्बे के पठान टोला मोहल्ले में रहती थी। पति-पत्नी के बीच मामूली से विवाद को लेकर मुजीबुर्रहमान पुत्र हाजी जहीरुलहक ने 20 अप्रैल 2016 की शाम चार बजे अपनी पत्नी तरन्नुम पर चाकू से बुरी तरह से हमला करके उसकी गर्दन रेत दी। जिससे मौके पर ही तरन्नुम की मौत हो गई। पुलिस से जांच पूरी करने के बाद आरोपी पति के विरुद्ध के चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित किया।


 अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता श्रीश कुमार चौहान ने अब्दुल रज्जाक,मोहम्मद साबिर,मोहिउद्दीन, अजीजुर्रहमान, डॉक्टर एस के कुशवाहा, उप निरीक्षक बांके बहादुर सिंह तथा इंस्पेक्टर अश्वनी पांडे को बतौर साक्षी न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी मुजीबुर्रहमान को आजीवन कारावास तथा पचास हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।

सीतापुर शर्मनाक , सास की चिता पर बैठ गई बड़ी बहू परिवार के सामने रखी ऐ डिमांड, मचा हड़कंप


 सीतापुर शर्मनाक , सास की चिता पर बैठ गई बड़ी बहू


परिवार के सामने रखी ऐ डिमांड, मचा हड़कंप



उत्तर प्रदेश सीतापुर में एक अजब मामला सामने आया। जहां एक वृद्धा की मौत के बाद बेटे और बहूओं के बीच संपत्ति बंटवारे का विवाद हो गया। दोनों पक्षों में झगड़ा इस कदर बढ़ गया कि बड़ी बहू सास की चिता पर जाकर बैठ गई। समझाने-बुझाने के बाद भी जब नहीं मानी तो अंत में पुलिस को बुलाना पड़ा। जिसके बाद बहू चिता से हटी। इस कारण अंतिम संस्कार करीब 5 घंटे तक रुका रहा।


ऐ घटना कमलापुर के लुधौरा का है। दरअसल मायादेवी पत्नी स्व. गजोधर काफी समय से बीमार थी जो अपने छोटे पुत्र ज्ञानेंद्र सिंह के पास रह रही थी। महिला की रविवार देर शाम को हृदयगति रुकने से मौत हो गई थी। जिसके बाद से सोमवार की सुबह अंतिम संस्कार से पहले भाइयों के बीच संपत्ति बंटवारे को लेकर बवाल हो गया। शव रखा रहा और उनके बेटे संपत्ति को लेकर झगड़ते रहे। इस बीच शव अंतिम संस्कार के लिए छोटे बेटे ने ले जाना चाहा तो बड़ी बहू ने हंगामा कर दिया।


देखते देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मृतका के बड़े पुत्र राघवेन्द्र सिंह की पत्नी शव के साथ चिता पर बैठ गई। उसका कहना था कि सम्पत्ति में हिस्सा मिलने पर ही अन्तिम संस्कार होने देगी। इसके बाद मृतका के छोटे बेटे ने वीडियो बना ली और उसे पुलिस को भेजकर मां के अंतिम संस्कार करने में मदद करने की गुहार लगाई। कमलापुर पुलिस मौके पर पहुंची व बेटों को समझने के बाद करीब पांच घंटे बाद महिला का अंतिम संस्कार किया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि बुजुर्ग के बेटे और बेटियों से समझाकर ग्रामीणों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार करवाया गया है।

आजमगढ़ अहरौला आपरेशन के दौरान प्रसूता की मौत परिजनों का आरोप, बिना परिजनों के अनुमति के ही कर डाला ऑपरेशन


 आजमगढ़ अहरौला आपरेशन के दौरान प्रसूता की मौत


परिजनों का आरोप, बिना परिजनों के अनुमति के ही कर डाला ऑपरेशन



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ अहरौला थाना क्षेत्र के हसनाडीह गांव निवासिनी पुष्पा देवी 25 वर्ष पत्नी शैलेंद्र को डिलेवरी का समय नजदीक आने पर बाजार मेहियापार के एक प्राइवेट अस्पताल में 7 जनवरी को भर्ती कराया गया। परिजनों के अनुसार बीते सोमवार की रात अस्पताल के डाक्टर द्वारा प्रसूता को भर्ती कराकर ऑपरेशन करने की बात कही गयी, परिवार वालों की अनुमति न देने के बावजूद उसका ऑपरेशन भी कर दिया गया। बच्चा तो सुरक्षित रहा लेकिन ऑपरेशन के दौरान ही प्रसूता की मौत हो गई थी लेकिन डॉक्टर इस बात को छुपाते रहे और होश में आने पर ही मिलने की बात कहकर टालते रहे। जब मामला उनके हाथ से बाहर निकल गया तो वह घबरा गए और आनन-फानन में परिजनों को बहकावे में रखने के लिए अपनी गाड़ी में ही पत्नी को लेकर आजमगढ़ के अस्पताल में पहुंच गए जहां डॉक्टर ने प्रसूता के जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। इसके बाद डॉक्टर वहां से फरार भी हो गया। अभी 2 साल पहले ही पुष्पा की शादी हुई थी और यह उसका पहला बच्चा था।


 परिजनों द्वारा अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जबरिया ऑपरेशन करने का आरोप लगाया है। पति का कहना है कि हमने गांव की आशा को भी इसकी सूचना दी थी उनके द्वारा सीएचसी पर न ले जाकर वहीं पर भर्ती करने का सुझाव दिया। पति शैलेंद्र द्वारा अहरौला थाना पर लिखित तहरीर दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस को शव घंटे भर की मशक्कत के बाद कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस द्वारा डाक्टर के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा और कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।

आजमगढ़ फूलपुर अम्बारी 7 किमी तक मौत से जूझती रही जिंदगी खोरासन रोड क्रासिंग पर ट्रेन की इंजन में फंसा अधेड़


 आजमगढ़ फूलपुर अम्बारी 7 किमी तक मौत से जूझती रही जिंदगी


खोरासन रोड क्रासिंग पर ट्रेन की इंजन में फंसा अधेड़




उत्तर प्रदेश आजमगढ़ फूलपुर सोमवार को दोपहर बाद लगभग 3 बजे डायवर्टेड एक्सप्रेस ट्रेन के इंजन में फंसकर अधेड़ की दर्दनाक मौत हो गयी। मृतक फूलपुर बाजार से घर जा रहा था, बंद क्रासिंग को पार करते समय वह ट्रेन की चपेट में आ गया। वह इंजन में फंसकर खोरासन रोड से दीदारगंज रोड अंबारी तक घसीटता चला गया।


जानकारी के अनुसार मैनुद्दीन 75 पुत्र रफी निवासी टेऊँगा कोतवाली फूलपुर किसी काम से फूलपुर गए हुए थे। इस बीच डायवर्टेड ट्रेन गोरखपुर यशवंतपुर एक्सप्रेस के लिए खोरासन रोड की क्रासिंग बंद थी। बंद क्रासिंग को पार करते समय मैनुद्दीन ट्रेन के इंजन में फंस गए। ट्रेन उन्हें 7 किमी तक घसीटते हुए दीदारगंज रोड अम्बारी तक ले आयी। सूचना मिलने पर परिजन एंबुलेंस लेकर अंबारी आए। खुद ट्रेन के इंजन से शव को अलग किए और अपने साथ ले गए। दीदारगंज रोड अंबारी पर ट्रेन 42 मिनट तक खड़ी रही। मैनुद्दीन अपने पीछे 3 पुत्र और एक पुत्री छोड़ गए हैं। सभी की शादी हो गयी है। दीदारगंज रोड रेलवे स्टेशन मास्टर सतीश कुमार ने बताया कि यह डायवर्टेड ट्रेन थी।