Saturday 22 April 2023

आजमगढ़ अतरौलिया अनियंत्रित ट्रैक्टर ने बाइक सवार को रौंदा दवा लेकर घर लौट रहे देवर-भाभी सहित 3 गंभीर रूप से हुए घायल


 आजमगढ़ अतरौलिया अनियंत्रित ट्रैक्टर ने बाइक सवार को रौंदा


दवा लेकर घर लौट रहे देवर-भाभी सहित 3 गंभीर रूप से हुए घायल


उत्तर प्रदेश आजमगढ़ अतरौलिया थाना क्षेत्र अन्तर्गत थिरईपट्टी मंदिर के पास अनियंत्रित ट्रैक्टर ट्राली बाइक सवार सहित एक बुजुर्ग को अपनी चपेट में लेते हुए खाई में पलट गयी। इस दुर्घटना में बाइक सवार देवर-भाभी की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को स्थानीय अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। घटना के बाद चालक ट्रैक्टर छोड़कर फरार हो गया।


जानकारी के अनुसार अहिरौला थाना क्षेत्र के अभयपुर गांव निवासी सर्वेश यादव 32 वर्ष पुत्र प्रवेंद्र यादव अपनी भाभी मिथिलेश यादव 36 वर्ष पत्नी रिखराज के साथ अतरौलिया दवा लेने आए थे। शाम लगभग 5 बजे दवा लेकर अपने घर वापस लौटते समय थाना क्षेत्र के थिरईपट्टी मंदिर के समीप सेनपुर की तरफ से एक डम्फर आने की वजह से वहीं नहर के किनारे अपनी मोटर साइकिल रोक दी, इस दौरान पीछे से आ रही ईंट लदी अनियंत्रित ट्रैक्टर ने मोटर साइकिल सवार देवर भाभी को टक्कर मार दी, इसके साथ ही बगल ही खड़े एक 70 वर्षीय बुजुर्ग त्रिलोकी यादव पुत्र जवाहिर निवासी खालिसपुर को भी अनियंत्रित ट्रैक्टर अपनी चपेट में लेते हुए 20 फुट पुलिया के नीचे जा गिरी।


 स्थानीय लोगों द्वारा इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पीवीआर 1056 मौके पर पहुंच गई और 20 फीट नीचे गिरे सभी घायलों को किसी तरह बाहर निकाला। थाना प्रभारी प्रमेन्द्र कुमार सिंह भी अपने हमराहियों के साथ मौके पर पहुंच गए और घायलों को नजदीकी 100 सैया अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीनों घायलों की हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल के लिए रिफर कर दिया। डॉक्टरों ने बताया कि महिला मिथिलेश यादव की हालत काफी गंभीर है।

प्रयागराज कौन लेगा हिसाब, जो डरते थे अब वही लूटेंगे अतीक की अरबों की काली कमाई यहां लगा है माफिया का सबसे ज्यादा पैसा


 प्रयागराज कौन लेगा हिसाब, जो डरते थे अब वही लूटेंगे अतीक की अरबों की काली कमाई


यहां लगा है माफिया का सबसे ज्यादा पैसा


उत्तर प्रदेश प्रयागराज माफिया अतीक की हत्या के बाद उसका अरबों का रियल एस्टेट का कारोबार डूब सकता है। महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा से लेकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों तक फैले प्रापर्टी कारोबार में माफिया की काली कमाई भी लगी हुई है। अतीक-अशरफ की हत्या के बाद उसका परिवार पूरी तरह बिखर चुका है। गर्दिश के मौजूदा दिनों का फायदा उठाने की फिराक में कई बिजनेस पार्टनर हैं। इनमें से कुछ कारोबारी एसटीएफ और ईडी के पास भी सूचीबद्ध हैं।


 अतीक की काली कमाई का बड़ा हिस्सा रियल एस्टेट के कारोबार में लगा हुआ है। दो दर्जन से अधिक फर्में उसकी पत्नी शाइस्ता परवीन और उसके सालों व करीबियों के नाम हैं। शहर के कई नामचीन बिल्डरों और कारोबारी समूहों के साथ भी अतीक साझीदार रहा है। दर्जन भर से अधिक बड़े बिल्डर प्रत्यक्ष रूप से उसके पार्टनर रहे हैं। इस बीच पहले असद का एनकाउंटर और बाद में अतीक-अशरफ की भी हत्या से उसका रियल एस्टेट कारोबार डूबने की कगार पर है।


 वजह है कि कारोबार संभालने और हिसाब-किताब देखने में सक्षम अतीक की 50 हजार रुपये की इनामी बीवी शाइस्ता परवीन एसटीएफ के डर से छिपती फिर रही है। माफिया के दो जवान बेटे अली और उमर जेल में हैं। शेष दो नाबालिग बेटों को प्रशासन ने बाल गृह में रखा है। अब न कोई हिसाब रखने वाला है, न मांगने वाला। बिजनेस पार्टनरों पर माफिया के परिवार का दबाव भी खत्म हो गया लगता है। मिली जानकारी के अनुसार इसका अंदाजा यूपी में रियल एस्टेट कारोबार में दखल रखने वाले अतीक के करीबी व साझीदार बिल्डर से असद के हिसाब मांगने के वायरल ऑडियो से भी लगता है। यह ऑडियो एसटीएफ की जांच का हिस्सा भी है।

उत्तर प्रदेश अतीक के बाद बचे हैं इतने माफिया मुख्तार अंसारी समेत 39 जेल में, 20 बेल पर हैं बाहर, 5 अब भी फरार


 उत्तर प्रदेश अतीक के बाद बचे हैं इतने माफिया


मुख्तार अंसारी समेत 39 जेल में, 20 बेल पर हैं बाहर, 5 अब भी फरार


उत्तर प्रदेश लखनऊ माफिया अतीक अहमद के अपने भाई अशरफ के साथ मारे जाने के बाद यूपी में कुल 64 माफिया बच गए हैं। इनमें मुख्तार अंसारी समेत 39 माफिया जेल में हैं जबकि 20 जमानत पर बाहर हैं। 5 माफिया अब भी फरारी का जीवन काट रहे हैं। 


मिली जानकारी के अनुसार जमानत पर बाहर माफियाओं में बृजेश सिंह का नाम प्रमुख है जिन्हें लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित कई अन्य विपक्षी नेता योगी सरकार पर निशाना साधते रहे हैं। उधर, सरकार का दावा है कि यूपी में माफियाओं और अपराधियों के खिलाफ जीरो टालरेंस नीति के तहत कार्रवाई की जा रही है। अपराधियों के खिलाफ एक तरफ जहां बुलडोजर ऐक्शन और धड़पकड़ जारी है वहीं उनके मामलों में सरकार की ओर से मजबूत पैरवी कर जल्द से जल्द और सख्त से सख्त सजा दिलाने की भी कोशिश की जा रही है। 


फरार माफियाओं को पकड़ने की कोशिश की जा रही है तो जेल में बंद और बेल पर बाहर माफियाओं पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पहले यूपी में कुल 66 माफिया चिन्ह्ति थे। अतीक की पुलिस कस्टडी में हत्या और आदित्य राणा उर्फ रवि के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद 64 माफिया रह गए हैं।


जेल में बंद हैं ये माफिया


मुख्तार अंसारी, उधम सिंह, यागेश भदौड़ा, धर्मेंद्र, यशपाल तोमर, हाजी याकूब कुरैशी, शारिक, सुनील राठी, अमर पाल उर्फ कालू, अनुज बरखा, विक्रांत उर्फ विक्की, संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा, अनिल चौधरी, ऋषि कुमार शर्मा, अनुपम दुबे, खान मुबारक समेत 39 माफिया।


बेल पर बाहर हैं ये माफिया


 बृजेश सिंह, सुशील उर्फ मूंछ, विनोद शर्मा, एजाज, डब्बू सिंह उर्फ प्रदीप सिंह, गुड्डू सिंह, अनूप सिंह, संजीव द्विवेदी, राकेश यादव, सुधीर कुमार सिंह, विनोद कुमार उपाध्याय, राजन तिवारी, सउद अख्तर, लल्लू यादव, बच्चू यादव, राजेश यादव, गणेश यादव, कम्मू उर्फ कमरुल हसन और जाबिर हुसैन बेल पर बाहर हैं।


ये हैं फरार माफियाओं की लिस्ट में शामिल 


वेस्ट यूपी का कुख्यात बदन सिंह उर्फ बद्दो, सहारनपुर निवासी पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल उर्फ बाला, गौतमबुद्धनगर का मनोज उर्फ आसे, मेरठ का विनय त्यागी उर्फ टिंकू, लखनऊ का जुगनूवालिया उर्फ हरिविंदर और प्रयागराज का जोवद उर्फ पप्पू।