Thursday 15 February 2024

आजमगढ़ पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा को लेकर एसपी ने जारी की गाइड लाइन प्रतिबंधित सामानों का एक बैनर भी हर सेंटर पर लगाया जाएगा-अनुराग आर्य


 आजमगढ़ पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा को लेकर एसपी ने जारी की गाइड लाइन


प्रतिबंधित सामानों का एक बैनर भी हर सेंटर पर लगाया जाएगा-अनुराग आर्य



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ जिले में आगामी 17 व 18 फरवरी 2024 को पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा का आयोजन होने वाला है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों को मिलाकर कुल 68 केन्द्रों पर चार पालियों में परीक्षा आयोजित की जाएगी। जनपद में इस परीक्षा में करीब 32 हजार छात्रों के शामिल होने की संभावना है। पुलिस प्रशासन ने परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए प्रवेश के दौरान प्रतिबंधित सामानों की गाइड लाइन जारी किया है। इसके लिए प्रत्येक सेंटर पर एक बैनर चस्पा किया जाएगा।


गुरूवार को पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ अनुराग आर्य ने बताया कि पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा की शुचिता बनाएं रहने के लिए 68 केन्द्रों को पांच जोन में बांटा गया है। हर जोन में निगरानी के लिए एक एसडीएम व सीओ को तैनात किया गया है। उनके नीचे संबंधित थानाध्यक्षों को अपने क्षेत्रों के केन्द्रों पर नजर रखने के लिए निर्देश जारी किया गया है। हर केन्द्र पर तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था बनाई गई है।


 उन्होंने बताया कि केन्द्रों पर प्रवेश के दौरान अभ्यर्थी अपने के साथ केवल ब्लू व ब्लैक पेन ही अंदर लेकर जा सकते है। जबकि किसी प्रकार का कागज, पेंसिल बाक्स, मोबाइल, टोपी, कैलकुलेटर, बैग, कैमरा, किसी कभी प्रकार की घड़ी, ब्लू टूथ, हेयर बैंड आदि सामानों को प्रतिबंधित किया गया है। छात्रों की सुविधा के लिए प्रतिबंधित सामानों का एक बैनर भी हर सेंटर पर लगाया जाएगा।

आजमगढ़ अहरौला मुर्गा लड़ाने को लेकर दो पक्ष हुए आमने-सामने पुलिस ने एक पक्ष के 3 लोगों को किया गिरफ्तार


 आजमगढ़ अहरौला मुर्गा लड़ाने को लेकर दो पक्ष हुए आमने-सामने


पुलिस ने एक पक्ष के 3 लोगों को किया गिरफ्तार




उत्तर प्रदेश आजमगढ़ अहरौला थाना क्षेत्र के निजामपुर के जगापुर गांव में 13 फरवरी 2024 मंगलवार की रात दो वर्ग मुर्गा लड़ाने को लेकर मारपीट पर उतारू हो गए। सूचना मिलने पर माहुल चौकी पुलिस सक्रियता दिखाते हुए मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने एक पक्ष के सिकंदर मौर्य की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए दूसरे वर्ग के तीन लोगों को हिरासत में लेकर शांति भंग में चालान कर दिया, जिसमें एक पक्ष से आफताब, फरहान, फैजान के नाम शामिल है। 


बताते चलें मंगलवार की रात दो वर्गों में मुर्गा की लड़ाई कराई गई, जिसमें एक पक्ष द्वारा कड़कनाथ मुर्गें को मैदान में उतारा गया, दूसरी तरफ से देसी मुर्गें को मैदान में उतारा गया, इसमें कड़कनाथ मुर्गा देसी मुर्गें पर भारी पड़ने लगा। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहां सुनी हो गई, बाद में हाथापाई भी हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने एक पक्ष से तीन लोगों का शांति भंग में चालान कर दिया।

आजमगढ़ सरायमीर खानपुर रची गई पैर में गोली लगने की झूठी कहानी विरोधियों को फंसाने के लिए लकड़ी की चोट को बताया था गोली का घाव, गिरफ्तार


 आजमगढ़ सरायमीर खानपुर रची गई पैर में गोली लगने की झूठी कहानी


विरोधियों को फंसाने के लिए लकड़ी की चोट को बताया था गोली का घाव, गिरफ्तार




उत्तर प्रदेश आजमगढ़ सरायमीर पुलिस ने बुधवार को मुकदमें में फंसाने के लिए पैर में गोली मारने की झूठी कहानी रचने वाले को खानपुर से गिरफ्तार किया है। विरोधियों को फंसाने के लिए लकड़ी की चोट को गोली मारना बताया था। सरायमीर के खानपुर निवासी अरविंद यादव के भाई श्रीकांत ने 24 जनवरी 2024 को गांव के ही रजनीकांत, रामाश्रय, रमेश व नीरज के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज कराया थी। 


आरोप लगाया था कि 24 जनवरी 2024 को सुबह लगभग साढ़े छह बजे उनका छोटा भाई अरविंद यादव घर से ठेला लेकर खानपुर बागीचे में आम की लकड़ी व कुश लेने गया था। बागीचे में भाई को दौड़ा कर आरोपितों ने तमंचा से गोली मार दी। जिससे भाई के बाएं पैर में गोली लगी। पुलिस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच में जुटी थी। घटनास्थल का निरीक्षण सीओ फूलपुर अनिल कुमार , प्रभारी निरीक्षक सरायमीर यादवेंद्र पांडेय एवं स्वाट टीम ने किया था। मौके पर एक बूंद ब्लड भी नहीं मिला था। जिस गाड़ी से अस्पताल गया था उस पर भी ब्लड नहीं लगा था। थाने पर आने पर एंबुलेंस पर घायल की ली गई फोटो में गोली के आकार में न होकर त्रिभुजाकार चोट मिली थी। पुलिस की विवेचना में प्रकरण गलत पाया गया।


 पुलिस ने आरोपित अरविंद यादव पुत्र हनुमान को उसके घर खानपुर से गिरफ्तार कर लिया। इंस्पेक्टर सरायमीर यादवेंद्र पांडेय ने बताया कि आरोपित अरविंद यादव आदि के विरुद्ध नीरज यादव पुत्र छोटेलाल यादव ने झोपड़ी जलाने के संबंध में 20 जनवरी 2024 को सरायमीर थाना में मुकदमा अपराध सांख्य 28/2024 अंतर्गत धारा 435,429,504,506, पंजीकृत कराया है। वादी मुकदमा ने गवाहों को प्रभावित करने और अपने विरोधियों को झूठे मुकदमें में फंसाने के लिए ही घटना का कथानक बनाया है।