Wednesday, 7 January 2026

आजमगढ़ उत्कृष्ट कार्य करने वाले 7 पुलिसकर्मियों को एसएसपी ने किया सम्मानित विवेचना निस्तारण व प्रशासनिक दक्षता में उत्कृष्ट योगदान पर मिला प्रशस्ति पत्र


 आजमगढ़ उत्कृष्ट कार्य करने वाले 7 पुलिसकर्मियों को एसएसपी ने किया सम्मानित



विवेचना निस्तारण व प्रशासनिक दक्षता में उत्कृष्ट योगदान पर मिला प्रशस्ति पत्र


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक एवं उत्कृष्ट ढंग से निर्वहन करने वाले 07 पुलिसकर्मियों को बुधवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान समारोह 07 जनवरी 2026 को पुलिस कार्यालय आजमगढ़ में आयोजित किया गया। एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने विवेचना निस्तारण, प्रशासनिक दक्षता एवं तकनीकी अपराधों में त्वरित कार्यवाही जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन पुलिसकर्मियों ने अपने कार्य से न केवल विभाग की कार्यकुशलता बढ़ाई है, बल्कि अन्य कर्मचारियों के लिए भी प्रेरणा का कार्य किया है।


 सम्मानित किए गए पुलिसकर्मियों में निरीक्षक अशोक तिवारी (थाना जीयनपुर), उपनिरीक्षक अक्षय सिंह (थाना मेंहनगर), उपनिरीक्षक जावेद सिद्दीकी (थाना सिधारी), उपनिरीक्षक कमालुद्दीन (थाना फूलपुर) तथा उपनिरीक्षक संजय यादव (थाना देवगांव) शामिल हैं, जिन्होंने 15 दिसंबर 2025 से 21 दिसंबर 2025 के मध्य विवेचना निस्तारण से संबंधित निर्धारित लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूर्ण किया।


 इसके अतिरिक्त थाना गम्भीरपुर के मुख्य आरक्षी योगेन्द्र कुमार मौर्य को वाहनों के विधिसम्मत निस्तारण में सराहनीय भूमिका निभाने तथा महिला आरक्षी सुषमा सरोज को ऑनलाइन धोखाधड़ी से संबंधित मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सभी सम्मानित पुलिसकर्मियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए जनपद में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए इसी प्रकार कर्तव्यनिष्ठा, लगन और पूर्ण मनोयोग से कार्य करते रहने का आह्वान किया।

आजमगढ़ माफिया अखण्ड प्रताप सिंह को कोर्ट ने सुनाई सजा न्यायालय के आदेश की अवहेलना के मामले में दोषी करार, 5 हजार का जुर्माना


 आजमगढ़ माफिया अखण्ड प्रताप सिंह को कोर्ट ने सुनाई सजा


न्यायालय के आदेश की अवहेलना के मामले में दोषी करार, 5 हजार का जुर्माना


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में चलाए जा रहे आपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत पुलिस की गुणवत्तापूर्ण विवेचना, मॉनिटरिंग सेल की सतत निगरानी एवं अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप प्रदेश स्तर के माफिया अखण्ड प्रताप सिंह को माननीय न्यायालय ने दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के साधारण कारावास एवं पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। थाना तरवां में पंजीकृत इस मामले में अभियुक्त अखण्ड प्रताप सिंह पुत्र स्व. साहब सिंह, निवासी ग्राम जमुआ, थाना तरवां, जनपद आजमगढ़ पर माननीय न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करने का आरोप था। 


अभियुक्त के विरुद्ध दिनांक 19 सितंबर 2019 को उपनिरीक्षक नवल किशोर सिंह द्वारा लिखित तहरीर दी गई थी, जिसमें बताया गया था कि अभियुक्त न्यायालय द्वारा धारा 82 दंड प्रक्रिया संहिता का आदेश निर्गत होने के बावजूद न्यायालय में उपस्थित नहीं हुआ। इस संबंध में थाना तरवां पर मु0अ0सं0 113/2019 धारा 174अ एवं 229अ भादवि के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। विवेचना पूर्ण कर अभियुक्त के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। मुकदमे के दौरान कुल 11 गवाहों का परीक्षण किया गया। सुनवाई के उपरांत दिनांक 07 जनवरी 2026 को माननीय न्यायालय एफटीसी (एसडी) आजमगढ़ ने अभियुक्त अखण्ड प्रताप सिंह को दोषसिद्ध पाते हुए तीन वर्ष के साधारण कारावास तथा पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। पुलिस प्रशासन ने इस निर्णय को कानून व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता बताया है।