Wednesday 27 April 2022

बांदा भाजपा जिला पंचायत सदस्य ने लगाई फांसी


 बांदा भाजपा जिला पंचायत सदस्य ने लगाई फांसी



उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी नेत्री व जिला पंचायत सदस्य श्वेता सिंह गौर ने बुधवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के घटनास्थल पर पहुंचने से पहले ही मृतका का पति भाजपा नेता दीपक सिंह गौर मौके से फरार हो गया।




 लगभग 35 वर्षीया श्वेता सिंह सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी राजबहादुर सिंह की पुत्र वधू हैं जो इंदिरा नगर मोहल्ले में अपनी ससुराल में रहती थी। जसपुरा क्षेत्र में स्थित वार्ड नंबर 13 से भाजपा की जिला पंचायत सदस्य थी।



पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने बताया कि घटना की सूचना पर पुलिस अधिकारी फील्ड यूनिट व डॉग स्क्वायड टीम के साथ मौके पर पहुंचे। प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या की घटना ही प्रतीत हुई। परिजनों ने बताया कि पति-पत्नी में अक्सर विवाद होता था जिसकी मध्यस्थता भी कई बार दोनों पक्षों के लोग कर चुके थे। आज भी अज्ञात कारणों के चलते पति-पत्नी में विवाद हुआ था जिससे क्षुब्ध होकर श्वेता सिंह ने यह कदम उठाया। उन्होंने बताया कि मृतका का पति मौके पर मौजूद नहीं मिला। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। पुलिस को घटना की निष्पक्ष विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं।

आजमगढ़ सीडीओ ने चार ब्लाक के सेक्रेटरियों का काटा वेतन आनलाइन चेकिंग के दौरान मिले अनुपस्थित, स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश

आजमगढ़ सीडीओ ने चार ब्लाक के सेक्रेटरियों का काटा वेतन



आनलाइन चेकिंग के दौरान मिले अनुपस्थित, स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश



आजमगढ़ मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला के निर्देश पर बुधवार को सामुदायिक शौचालयों की चेकिंग की गयी। आनलाइन चेकिंग के दौरान चार ब्लाक क्षेत्र के चार ग्राम विकास अधिकारी अनुपस्थित पाए गये।



 सीडीओ ने सभी का वेतन काटते हुए स्पष्टीकरण जारी किया है। जिन ब्लाक के सेक्रेटरी के खिलाफ कार्रवाई की गयी है। उसमें मोहम्मदपुर, फूलपुर कोयलसा और पवई ब्लाक शामिल है।



बता दें कि मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला ने जूम एप के माध्यम से सुबह करीब 6.30 बजे सामुदायिक शौचालयों का औचक निरीक्षण कर सत्यापन किया गया। चेकिंग के दौरान 18 पंचायत सहायक व छह समूह की महिलाएं अनुपस्थित मिलीं। जिनका एक दिन का वेतन काटा गया। साथ ही डीपीआरओ को निर्देश दिए कि अनुपस्थित पंचायत सहायक व समूह की महिलाओं को नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए निर्देश दिए।



 मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला ने सामुदायिक शौचालय का औचक निरीक्षण किया। जूम एम के माध्यम से 100 सामुदायिक शौचालयों का सत्यापन किया गया। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन सुबह के समय में सत्यापन किया जा रहा है। इसी क्रम में आनलाइन चेकिंग के दौरान चार ब्लाक मोहम्मदपुर, फूलपुर कोयलसा और पवई ब्लाक के सेक्रेटरी भी अनुपस्थित पाये गये। सीडीओ ने सभी का वेतन काटते हुए स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

 

मिर्जापुर प्रियंका प्रजापति के नाम पर टीचर बनी कन्नौज की प्रियंका यादव 6 साल तक की नौकरी, 39 लाख ले चुकी सैलरी; ऐसे खुला फर्जीवाड़ा


 मिर्जापुर प्रियंका प्रजापति के नाम पर टीचर बनी कन्नौज की प्रियंका यादव


6 साल तक की नौकरी, 39 लाख ले चुकी सैलरी; ऐसे खुला फर्जीवाड़ा



मिर्जापुर उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़े का एक और मामला सामने आया है। इस बार तो प्रियंका यादव नाम की कन्नौज की एक महिला के पिछले छह साल से लंदन में रहने वाली प्रियंका प्रजापति के नाम पर टीचर की नौकरी करते रहने का खुलासा हुआ है।



 बताया जा रहा है कि इस दौरान प्रियंका ने करीब 39 लाख रुपए सैलरी भी उठा ली। इस फर्जीवाड़े का खुलासा एक गुमनाम चिट्ठी से हुआ। मामले में मिर्जापुर में एफआईआर दर्ज करा दी गई है। मिली जानकारी के अनुसार कन्नौज की रहने वाली प्रियंका यादव पिछले छह साल से लंदन में रहने वाली प्रियंका प्रजापति के नाम पर पहाड़ी ब्लाक के भरपुरा राजकीय हाईस्कूल में उर्दू की सहायक अध्यापिका पद पर नौकरी कर रही थी। 


छह साल से बिना किसी टेंशन के सरकारी अध्यापिका की नौकरी करने वाली प्रियंका यादव की असलियत तब संदिग्ध हुई जब एक बेनामी चिठ्ठी नवम्बर 2021 में विंध्याचल मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक को मिली।



हालांकि बेनामी खत मिलने के बाद भी जेडी ने शुरू-शुरू में इस पर भरोसा नहीं किया। लेकिन इसी बीच प्रियंका ने मैटिरनिटी लीव के लिए आवेदन किया। तब जेडी कामता रामपाल का माथा ठनका। उन्होंने प्रियंका की असलियत जानने के लिए कनौज से मिर्जापुर तक काफी कोशिश की। गहनता से की गई जांच के बाद जब यह साफ हो गया कि प्रियंका यादव लंदन में रहने वाली प्रियंका प्रजापति के नाम पर नौकरी कर रही है तो उन्होंने इसके बारे में वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी।




कौन हैं प्रियंका प्रजापति-मिली जानकारी के अनुसार लंदन में रहने वाली प्रियंका प्रजापति का रिश्ता भी कन्नौज से है। प्रियंका के पिता वहां रहते हैं। प्रियंका 2019 से पति के साथ लंदन में रह रही हैं। आरोप है कि प्रियंका यादव ने प्रियंका प्रजापति के प्रमाण पत्रों की हूबहू कॉपी करके 2015 में उर्दू सहायक अध्यापक की नौकरी हासिल कर ली थी। इस पद की भर्ती 2014 में निकली थी। 28 अगस्त 2015 में प्रियंका की नियुक्ति मिर्जापुर के पहाड़ी ब्लॉक स्थित राजकीय बालिका हाईस्कूल भरपुरा में पदस्थ किया गया।



प्रियंका प्रजापति के पिता ने दिया शपथ पत्र-संयुक्त शिक्षा निदेशक विंध्याचल मंडल कामता रामपाल ने इस मामले की जांच कराई। उन्होंने मूल प्रमाण पत्र मंगवाकर मामले की जांच कराई। तब पता चला कि जिस प्रियंका प्रजापति के नाम पर प्रियंका यादव नौकरी कर रही है वो असली प्रियंका तो लंदन में रह रही है। प्रियंका के पिता मनोज प्रजापति ने इस मामले में एक शपथ पत्र भी दिया।

आजमगढ़ फूलपुर कोतवाली परिसर में गंदगी देख भड़के कप्तान शस्त्र परीक्षण में निपुण तीन आरक्षियों को किया पुरस्कृत पुलिस अधीक्षक ने किया फूलपुर कोतवाली का निरीक्षण


 आजमगढ़ फूलपुर कोतवाली परिसर में गंदगी देख भड़के  कप्तान


शस्त्र परीक्षण में निपुण तीन आरक्षियों को किया पुरस्कृत

पुलिस अधीक्षक ने किया फूलपुर कोतवाली का निरीक्षण




उत्तर प्रदेश आजमगढ़ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ अनुराग आर्य ने बुधवार को अन्य अधिकारियों के साथ थाना फूलपुर कोतवाली का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान थाना परिसर में गंदगी देख बड़े कप्तान ने मातहतों को फटकार लगाई तो शस्त्र परीक्षण में सबसे कम समय में शस्त्र को खोलने व जोड़ने में निपुण मिले तीन आरक्षियों को नकद पुरस्कार से सम्मानित भी किया। 



निरीक्षण के दौरान उनके साथ अपर पुलिस अधीक्षक नगर शैलेन्द्र लाल, क्षेत्राधिकारी फूलपुर गोपाल स्वरूप वाजपेयी व अन्य अधिकारी/कर्मचारी गण मौजूद थे। पुलिस अधीक्षक ने अभिलेखों के रखरखाव, शस्त्रागार, मालखाना के साथ ही भोजनालय आदि पर भी नजर गड़ाई। सफाई व्यवस्था संतोषजनक न मिलने पर उन्होंने उच्चकोटि की सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। 



इसके साथ ही उन्होंने निम्नवत दिशा-निर्देश दिये जिसमें थाने में बेतरतीब खड़े निस्तारण योग्य वाहन तथा अपराध शीर्षकवार वाहनों को खड़ा किया जाय तथा नियमानुसार निस्तारण की कार्यवाही सुनिश्चित की जाय।

पुलिस अधीक्षक ने शस्त्र खोलने व जोड़ने के परीक्षण के दौरान अल्प अवधि (35 सेकेंड) में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले तीन आरक्षीगण कां0 सत्येन्द्र कुमार, कां0 सोनू यादव, व कां0  दयाशंकर यादव को 1000 रूपये प्रत्येक व प्रशस्ति पत्र से पुरस्कृत किया। 



उन्होंने वांछित अभियुक्तों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही यथा गिरफ्तारी हेतु टीमों का गठन/एनबीडब्ल्यू/82/83 की कार्यवाही तथा घरेलू विवाद के प्रकरणों में वसूली वारंट तामील शत प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश दिया। 



एसपी ने थाना क्षेत्र के टाप-10 घोषित चार फरार अपराधियों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही करने को कहा। साथ ही अवैध शराब निष्कर्षण,बिक्री व भण्डारण के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही करने का निर्देश दिया।


 आरक्षी अधीक्षक ने क्षेत्र में अवैध टैक्सी स्टैण्डों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही करने को कहा। अभिलेखों के अवलोकन से प्रविष्टियां अध्यावधिक न होने पर पूर्ण किये जाने हेतु निर्देशित किया। चेकिंग अभियान के बारे में समय-समय पर स्थान बदलकर प्रभावी चेकिंग करने तथा गोकशी के तीन प्रकरणों में गैंग्स्टर की कार्यवाही के लिए निर्देश दिए। 



इस मौके पर उनके द्वारा सलामी गार्द को अच्छा टर्न आउट के लिए पुरस्कृत किया गया। पुलिस अधीक्षक ने वाहन निस्तारण न करने के लिए मालखाना मोहर्रिर व थाना प्रभारी फूलपुर को कड़ी चेतावनी दी। पुलिस अधीक्षक के लौटने पर कोतवाली स्टाफ ने राहत की सांस ली।

7442 मदरसों की जांच के लिए कमेटियों का गठन 15 मई तक जांच पूरी करने का निर्देश


 7442 मदरसों की जांच के लिए कमेटियों का गठन


15 मई तक जांच पूरी करने का निर्देश



उत्तर प्रदेश लखनऊ मदरसा आधुनिकीकरण योजना में शामिल प्रदेश के 7442 मदरसों की जांच के लिए कमेटियां बनाई गई हैं। मदरसा शिक्षा परिषद के रजिस्ट्रार ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखा है। इसमें 15 मई तक जांच पूरी कर रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।



 प्रदेश के सभी आधुनिक मदरसों की जांच की जानी है। रजिस्ट्रार एसएन पांडेय के मुताबिक इस जांच में यह देखा जाएगा कि इन मदरसों की भौतिक अवस्थापना सुविधाएं कैसी हैं? भूमि, भवन, किरायानामा आदि की जांच की जाएगी।



वास्तव में मदरसों में कमरों आदि की वास्तविक स्थिति क्या है इसका परीक्षण होगा। मान्यता के अभिलेखों का भी परीक्षण होगा। संपूर्ण जांच के लिए कमेटियों का गठन किया गया है। 



नगरीय क्षेत्र के मदरसों की जांच कमेटी के अध्यक्ष उपजिलाधिकारी होंगे। नगर शिक्षा अधिकारी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका, नगर पंचायत या नगर आयुक्त से नामित अभियंता इसमें सदस्य के रूप में रहेंगे।


 ग्रामीण क्षेत्र के मदरसों की जांच की समिति के अध्यक्ष उपजिलाधिकारी, सदस्य खंड शिक्षा अधिकारी तथा एक और सदस्य जो बीडीओ द्वारा नामित अवर अभियंता होगा। रिपोर्ट के साथ निरीक्षण के समय के फोटोग्राफ भी भेजने होंगे।

मऊ में आरओ प्लांट में लगी भीषण आग सिलिंडरों के धमाके से दहल उठा पूरा इलाका 2 हेड कांस्टेबल सहित 6 घायल, 30 लाख का सामान जलकर खाक


 मऊ में आरओ प्लांट में लगी भीषण आग


सिलिंडरों के धमाके से दहल उठा पूरा इलाका


2 हेड कांस्टेबल सहित 6 घायल, 30 लाख का सामान जलकर खाक



उत्तर प्रदेश  मऊ जिले के ग्राम सभा कोपा कोहना में बीती रात आग ने तबाही मचाई। गांव स्थित एक आरओ प्लांट में शार्ट सर्किट से आग लग गई। आग की चपेट में आकर तीन सिलिंडर बारी-बारी से फट गए। सिलिंडरों के धमाके से पूरा इलाका दहल उठा। करीब तीन घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका।



घटना में फायर ब्रिगेड के दो हेड कांस्टेबल, होमगार्ड सहित छह लोग घायल हो गए। करीब 30 लाख का समान जलकर राख हो गया। कोपागंज थाना क्षेत्र ग्राम सभा कोपा कोहना में रेलवे क्रॉसिंग के पास प्रमोद बरनवाल पुत्र सच्चितानंद बरनवाल का दो मंजिला मकान है। मकान के निचले तल पर आरओ प्लांट लगा हुआ था। 



दूसरी मंजिल पर वे अपनी पत्नी पूजा और दो बच्चे अनोखी (4) और अनमोल (2) वर्ष के साथ रहते हैं। मंगलवार रात करीब दो बजे शॉर्ट सर्किट से आरओ प्लांट में आग लग गई। जिसके बाद पूरा घर धुएं से भर गया। आग की तपिश से प्रमोद की नींद खुल गई।



चारों तरफ आग देख वो अपनी पत्नी और दोनों बच्चों को छत पर लेकर चला गया। छत से फायर बिग्रेड को सूचना दी और शोर मचाया। थोड़ी ही देर में फायर बिग्रेड और पड़ोसी मौके पर पहुंच गए। फायर बिग्रेड और ग्रामीणों के मदद से किसी प्रकार सभी को बचाया गया। इस दौरान अनमोल (2) , मनोज (45) , प्रमोद बरनवाल (36) घायल हो गए।



आग बुझाने के दौरान मकान में रखा तीन सिलिंडर धमाके के साथ फट गया। फायर बिग्रेड की दो गाड़ियों ने तीन घंटे बाद किसी प्रकार आग पर काबू पाया। तब तक मकान में रखा करीब 30 लाख का समान जलकर राख हो गया। 



आग लगने की सूचना पाते ही मौके पर थानाध्यक्ष हरे राम मौर्य और क्षेत्राधिकारी घोसी राजीव प्रताप सिंह पहुंचे थे।

मऊ सहायक अध्यापक को जमा करने होंगे 10 लाख रुपये बीएसए ने नोटिस जारी कर 10 दिन के अंदर जमा करने का दिया आदेश


 मऊ सहायक अध्यापक को जमा करने होंगे 10 लाख रुपये


बीएसए ने नोटिस जारी कर 10 दिन के अंदर जमा करने का दिया आदेश



उत्तर प्रदेश मऊ उच्च प्राथमिक विद्यालय सुल्तानपुर बनौरा में तैनात सहायक अध्यापक कृष्णानंद राय से बेसिक शिक्षा विभाग ने 10 लाख तीन सौ रुपये की धनराशि वसूली का आदेश दिया है। 



शिक्षक की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका खारिज होने के बाद डीएम ने इस पर संज्ञान लिया। डीएम के आदेश पर बीएसए ने नोटिस जारी कर धनराशि को 10 दिन में जमा करने को कहा है। शिक्षक पर अध्यापक पुस्तकालय वाचनालय के किराये को निजी मद में खर्च करने का आरोप है।



तत्कालीन जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी के संज्ञान में आया था कि अध्यापक पुस्तकालय वाचनालय को प्राथमिक शिक्षक संघ के तथाकथित अध्यक्ष कृष्णानंद राय की ओर से व्यवसायिक उपयोग में लाकर किराये की वसूली की जा रही है।



 18 जनवरी 2020 को जांच के बाद मामला सही पाया गया। इसमें 10 लाख तीन सौ रुपये की वसूली के लिये तत्कालीन जिलाधिकारी ने आदेश जारी किया। इसके बाद कृष्णानंद राय ने हाईकोर्ट की शरण ली। लेकिन मामला खारिज हो गया। फिर शिक्षक ने सुप्रीम कोर्ट में राहत के लिये वाद दाखिल किया। यहां भी मामला खारिज होने के बाद आदेश जिलाधिकारी के पास पहुंचा। जिलाधिकारी ने कार्रवाई के लिये बीएसए को आदेश दिया।



 बीएसए ने सुल्तानपुर बनौरा में तैनात सहायक अध्यापक कृष्णानंद राय को किराये के रूप में वसूल की गई 10 लाख तीन सौ की धनराशि को दस दिन के भीतर सरकारी राजकोष में जमा करने की नोटिस दी है। 



बीएसए संतोष कुमार सिंह ने बताया कि मामला अध्यापक पुस्तकालय वाचनालय के सहायक अध्यापक कृणानंद राय के संघ के अध्यक्ष होने के समय किराये वसूल करने का आरोप है।



 धनराशि को जमा करने के लिये तत्कालिन जिलाधिकारी ने आदेश दिया था। कोर्ट से कृष्णानंद राय का वाद खारिज होने के बाद विभाग ने कार्रवाई की है। शीघ्र ही धनराशि को जमा कराया जाएगा। अध्यापक को कड़ी चेतावनी भी दी गई है।

आज़मगढ़ सीडीओ ने 18 पंचायत सहायक व 6 समूह की महिलाओं का रोका वेतन औचक निरीक्षण में अनुपस्थित मिलने पर की कार्रवाई तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए दिए निर्देश

आज़मगढ़ सीडीओ ने 18 पंचायत सहायक व 6 समूह की महिलाओं का रोका वेतन


औचक निरीक्षण में अनुपस्थित मिलने पर की कार्रवाई

तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए दिए निर्देश



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला ने जूम एप के माध्यम से सुबह करीब 6.30 बजे सामुदायिक शौचालयों का औचक निरीक्षण कर सत्यापन किया गया। चेकिंग के दौरान 18 पंचायत सहायक व 6 समूह की महिलाएं अनुपस्थित मिलीं।



 जिनका एक दिन का वेतन काटा गया। साथ ही डीपीआरओ को निर्देश दिए कि अनुपस्थित पंचायत सहायक व समूह की महिलाओं को नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए निर्देश दिए।



 मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला ने सामुदायिक शौचालय का औचक निरीक्षण किया। जूम एम के माध्यम से 100 सामुदायिक शौचालयों का सत्यापन किया गया। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन सुबह के समय में सत्यापन किया जा रहा है।



इस दौरान चेक किया जा रहा है कि सामुदायिक शौचालय खुला है या बंद है। उस पर लगाए गए पंचायत सहायक व समूह की महिलाओं की उपस्थिति हो रही है या नही। सीडीओ ने बताया कि सुबह 6.30 बजे जूम एप के माध्यम से 100 सामुदायिक शौचालयों का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान 26 पंचायत सहायक उपस्थित व 18 अनुपस्थित थे। वहीं 20 समूह की महिलाएं उपस्थित मिलीं। जबकि 6 अनुपस्थित पाए गए। 



सीडीओ ने डीपीआरओ लालजी दुबे को अनुपस्थित पंचायत सहायक व समूह की महिलाओं को एक दिन का वेतन रोकने व उन्हें नोटिस जारी कर उनसे स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि सामुदायिक शौचालय का सत्यापन प्रतिदिन किया जाएगा। कमियां मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।

 

उरई थाने में पेड़ पर चढ़ी नाराज युवती पुलिसकर्मी नीचे खड़े मनाते रहे, नहीं उतरी तो सीओ ने मंगाया जाल


 उरई थाने में पेड़ पर चढ़ी नाराज युवती


पुलिसकर्मी नीचे खड़े मनाते रहे, नहीं उतरी तो सीओ ने मंगाया जाल 



उरई कुठौंद थाना क्षेत्र के ग्राम चंदावली में मारपीट के एक मामले में कार्रवाई न होने से आहत युवती ने ऐसा कदम उठाया कि पुलिस वालों के होश उड़ गए। वह थाना परिसर में लगे पेड़ पर चढ़ गई और ऊपर से कूदने की धमकी देने लगी।



 पुलिस वाले उसे मनाते रहे लेकिन वह नीचे उतरने को तैयार नहीं थी। बाद में सीओ भी मौके पर पहुंच गए। पेड़ के आसपास जाल बिछाया गया, ताकि वह कूदे तो उसकी जान बचाई जा सके। करीब डेढ़ घंटे के ड्रामा के बाद युवती नीचे उतरी।



ग्राम चंदावली निवासी संगीता से मंगलवार की सुबह गांव के ही कुछ लोगों से जमीन के मामले में मारपीट हो गई थी। संगीता ने इसको लेकर कंझारी पुलिस चौकी में तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने उसकी शिकायत गंभीरता से नहीं लिया। शाम साढ़े चार बजे संगीता कुठौंद थाना पहुंची। वहां भी पुलिस ने उसकी नहीं सुनी।



 इसके बाद उसने ऐसा कदम उठाया कि पुलिस वालों को ही लेने के देने पड़ने की नौबत आ गई। थाना में खड़े नीम के पेड़ पर चढ़ गई और डाल पकड़कर झूलने लगी। 



यह देखकर थाने में मौजूद पुलिस कर्मियों के होश उड़ गई। कहीं पेड़ से गिरकर उसकी जान चली गई तो सब पुलिस कर्मी मुश्किल में पड़ जाते।


पुलिस कर्मी उसे समझाते हुए नीचे उतरने को कह रहे थे लेकिन वह किसी भी हाल में नीचे आने को राजी ना हुई। बाद में वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई। मामले की जानकारी मिलने पर सीओ संतोष कुमार भी थाने आ गए। पेड़ के चारों ओर पुलिस ने तिपाल व जाल लगा दिया। काफी समझाने के बाद युवती नीचे उतरी। सीओ संतोष कुमार ने उसे समझाते हुए पानी पिलाया। उसके मामले में प्रभावी कार्रवाई करने का भरोसा दिया।