Saturday 23 September 2023

आजमगढ़ महाराजगंज मुठभेड़ में पिता-पुत्र हत्याकांड के मुख्य आरोपी को लगी गोली शिवपुर-चपरी गांव के बीच भोर में लगभग 4.30 बजे हुई मुठभेड


 आजमगढ़ महाराजगंज मुठभेड़ में पिता-पुत्र हत्याकांड के मुख्य आरोपी को लगी गोली


शिवपुर-चपरी गांव के बीच भोर में लगभग 4.30 बजे हुई मुठभेड


उत्तर प्रदेश आजमगढ़ महाराजगंज थाना क्षेत्र के शिवपुर-चपरी गांव के बीच शनिवार की भोर में लगभग 4.30 बजे पुलिस व बदमाश के बीच मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ में पिता-पुत्र हत्याकांड का मुख्य आरोपी पुलिस की गोली से घायल हो गया। जिसे पुलिस ने इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।


महराजगंज थाना के सरदहा बाजार में बुधवार की सुबह कपड़ा व्यवसायी रशीद व उसके पुत्र शोएब की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। आधा दर्जन भर बदमाशों ने तीन मिनट तक मृतक की दुकान पर चढ़ कर तांडव मचाया था। इस हत्याकांड में दिनेश, निर्मला, पवन, पंकज व प्रदीप नामजद किये गए थे।


 दिनेश व निर्मला को पुलिस ने गुरुवार को ही गिरफ्तार कर लिया था। जब कि पवन, पंकज व प्रदीप फरार थे। शनिवार की भोर में मुखबिर की सूचना पर पुलिस चपरी गॉव के रास्ते पर मौजूद थी। इसी दौरान बाइक सवार एक युवक आता दिखा। पुलिस को देखते ही उसने बाइक मोड़ कर भागने का प्रयास किया। बाइक फिसल कर गिर गई। पुलिस से घिर जाने पर उसने पुलिस टीम पर फायर कर दिया। जवाबी कार्यवाही में पुलिस की गोली से बदमाश घायल हो गया। उसकी पहचान पिता पुत्र हत्याकांड के मुख्य आरोपी पवन गुप्ता के रूप में की गई। घायल को तत्काल सीएचसी महराजगंज ले जाया गया। जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। उसके साथ कुछ अन्य के भी गिरफ्तारी की सूचना है।

झांसी 3 दारोगा समेत 8 पुलिसकर्मी बर्खास्त पेशी पर गए बंदियों के पुलिस अभिरक्षा से भागने पर हुई कार्रवाई


 झांसी 3 दारोगा समेत 8 पुलिसकर्मी बर्खास्त



पेशी पर गए बंदियों के पुलिस अभिरक्षा से भागने पर हुई कार्रवाई



झांसी पेशी पर गए बंदियों के पुलिस अभिरक्षा से भागने पर लापरवाही बरतने वाले तीन दरोगा समेत आठ पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर झांसी के डीआईजी जोगेंद्र कुमार ने सख्त फैसला लिया। जीआरपी थाने में सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।


मिली जानकारी के अनुसार ट्रेनों में चोरी करने के आरोप में बृजेंद्र उर्फ हजरत, गयाप्रसाद उर्फ गुड्डा, शैलेंद्र, मोहम्मद अकरम, राजू उर्फ शंकर व चेतराम समेत सात को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस वैन से 18 सितम्बर को सभी को रेलवे कोर्ट में पेशी के लिए लाया जा रहा था। इस बीच बृजेंद्र, गयाप्रसाद व शैलेंद्र पुलिस की लापरवाही का फायदा उठाकर फरार हो गए। जांच रिपोर्ट के मुताबिक बंदियों को वाहन में बैठाने के बाद सभी पुलिसकर्मी पानी पीने इधर-उधर चले गए, जिससे आरोपियों को भागने का मौका मिल गया। इस आधार पर दरोगा राजेंद्र, पंकज सिंह, सुरेश यादव के अलावा हेड कांस्टेबल शिवपाल सिह, सुनील कुमार, संदीप, जितेंद्र व कांस्टेबल अनिल को निलम्बित कर दिया। डीआईजी ने मामले की गम्भीरता को देखते हुए आठों पुलिसवालों को सेवामुक्त करने के आदेश जारी कर दिए।


 प्रतिसार निरीक्षक सुभाष सिंह ने भागने वाले तीनों चोरों के अलावा बर्खास्त पुलिसकर्मियों पर जीआरपी थाने में सम्बंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। डीआईजी जोगेंद्र कुमार के मुताबिक आरोप इतने गंभीर हैं कि इन्हें पुलिस बल में बनाए रखने से इसका कुप्रभाव दूसरे पुलिसवालों पर पड़ सकता है। ऐसे में भविष्य में किसी बड़ी घटना के घटित होने की सम्भावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। घोर लापरवाही और शिथिलता बरतने पर इन्हें बर्खास्त किया गया है।