Monday, 19 January 2026

आजमगढ़ नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आरोपी को 7 साल की सश्रम कैद बहला-फुसलाकर किशोरी को भगाने और दुष्कर्म का मामला 5 गवाहों की गवाही के आधार पर सुनाया गया फैसला


 आजमगढ़ नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आरोपी को 7 साल की सश्रम कैद



बहला-फुसलाकर किशोरी को भगाने और दुष्कर्म का मामला


5 गवाहों की गवाही के आधार पर सुनाया गया फैसला



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में नाबालिग किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए कड़ी सजा सुनाई है। पाक्सो कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा का आदेश दिया है। पाक्सो कोर्ट के न्यायाधीश संतोष कुमार यादव ने सोमवार को यह फैसला सुनाया। 


अभियोजन के अनुसार, जहानागंज थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली नाबालिग किशोरी, जो अपने ननिहाल में रह रही थी, को 27 मई 2015 को आरोपी सुरजीत राम बहला-फुसलाकर भगा ले गया। इसके बाद आरोपी ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस द्वारा जांच पूरी कर आरोपी के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की गई थी। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक अवधेश मिश्रा, एडीजीसी दौलत यादव एवं वंश गोपाल सिंह उर्फ पप्पू सिंह एडवोकेट ने कुल पांच गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी सुरजीत राम को सात वर्ष के सश्रम कारावास और सात हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

आजमगढ़ चर्चित माफिया को सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले 3 पुलिसकर्मी किये गये सम्मानित आपरेशन कन्विक्शन के तहत एसएसपी ने किया सम्मान, अन्य पुलिसकर्मियों को दी प्रेरणा


 आजमगढ़ चर्चित माफिया को सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले 3 पुलिसकर्मी किये गये सम्मानित


आपरेशन कन्विक्शन के तहत एसएसपी ने किया सम्मान, अन्य पुलिसकर्मियों को दी प्रेरणा



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में आपरेशन कन्विक्शन के तहत एक महत्वपूर्ण मामले में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ द्वारा सम्मानित किया गया। प्रदेश स्तर पर चिन्हित माफिया अभियुक्त को सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले तीन पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार ने सोमवार को पुलिस कार्यालय आजमगढ़ में थाना तरवाँ से जुड़े एक महत्वपूर्ण अभियोग में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। यह सम्मान आपरेशन कन्विक्शन के अंतर्गत प्रदेश स्तर पर चिन्हित माफिया अभियुक्त अखण्ड प्रताप सिंह को सजा दिलाने में प्रभावी भूमिका निभाने पर दिया गया।


 एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने सम्मानित पुलिसकर्मियों के कार्यों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और जनपद के अन्य पुलिसकर्मियों से भी उनसे प्रेरणा लेने का आह्वान किया। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक नगर मधुबन कुमार सिंह एवं क्षेत्राधिकारी सदर आस्था जायसवाल भी मौजूद रहीं। प्रशस्ति पत्र पाने वाले पुलिसकर्मी—मुख्य आरक्षी गजानन सरोज (मॉनिटरिंग सेल), मुख्य आरक्षी अजय कुमार सिंह (कोर्ट पैरोकार), आरक्षी अरविंद कुमार कुशवाहा (कोर्ट मोहर्रिर)।

आगरा पुरानी इंस्टाग्राम रील बनीं मुसीबत, इंस्पेक्टर शैली राणा 15 दिन की छुट्टी पर मारपीट कांड में चार्जशीट में देरी, साजिश रचने के आरोप में पुलिसकर्मी भी घेरे में


 आगरा पुरानी इंस्टाग्राम रील बनीं मुसीबत, इंस्पेक्टर शैली राणा 15 दिन की छुट्टी पर



मारपीट कांड में चार्जशीट में देरी, साजिश रचने के आरोप में पुलिसकर्मी भी घेरे में



उत्तर प्रदेश आगरा, इंस्पेक्टर शैली राणा एक बार फिर विवादों में घिर गई हैं। 16 महीने पुराने मारपीट के मामले के बाद संवेदनशील मंटोला थाने की जिम्मेदारी मिलने के ठीक अगले दिन उनकी पुरानी इंस्टाग्राम रील्स साजिश के तहत वायरल कर दी गईं। विवाद बढ़ते ही इंस्पेक्टर शैली राणा अवसाद में चली गईं और उन्होंने 15 दिन की छुट्टी ले ली है। उनके अवकाश पर जाने के बाद पुलिस आयुक्त ने इंस्पेक्टर सुरेश चंद को प्रभारी निरीक्षक मंटोला नियुक्त किया है।


 दरअसल, 3 अगस्त 2024 को तत्कालीन इंस्पेक्टर रकाबगंज शैली राणा के सरकारी आवास के बाहर उनके साथ मारपीट की गई थी। इस घटना में मेरठ निवासी गीता नागर, उनकी भाभी सोनिका, भाई ज्वाला सिंह, भतीजे दिग्विजय सिंह, अधिराज सहित अन्य लोग शामिल थे। हमलावर अपने साथ मीडिया कर्मियों को भी लेकर आए थे और मारपीट का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था। उस समय शैली राणा ने जानलेवा हमला, बलवा, गाली-गलौज और मारपीट जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।


 शुरुआती जांच में दो मुख्य आरक्षियों को निलंबित और दो दारोगा समेत छह पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया था। शैली राणा का आरोप है कि इस पूरे प्रकरण में वह पीड़िता हैं, लेकिन उन्हें ही आरोपित बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने अपने बयान में दारोगा सुनील लांबा और आरक्षी विशाल यादव पर साजिश रचने, हमलावरों को सूचना देने और वीडियो वायरल कराने का आरोप लगाया था। 


पुलिस जांच में भी दोनों के खिलाफ साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, मामले में विभागीय जांच एडीसीपी पूनम सिरोही द्वारा की जा रही है और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है। इधर, अगस्त 2024 के मुकदमे में अब तक चार्जशीट दाखिल न होने का मामला पुलिस आयुक्त के संज्ञान में आया है। इसके बाद जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें संबंधित पुलिसकर्मियों के नाम भी शामिल किए जाने की तैयारी है। शैली राणा का कहना है कि उनकी इंस्टाग्राम रील्स छह साल पुरानी थीं और अकाउंट प्राइवेट था, जिसे बार-बार साजिश के तहत वायरल कर उनके चरित्र को बदनाम किया गया।