Thursday, 16 April 2026

आजमगढ़ पवई चलती बस में लगी भीषण आग चालक की सूझबूझ और तत्परता से टला बड़ा हादसा


 आजमगढ़ पवई चलती बस में लगी भीषण आग


चालक की सूझबूझ और तत्परता से टला बड़ा हादसा


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर बृहस्पतिवार की दोपहर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब जयपुर से पश्चिम बंगाल जा रही एक यात्री बस में अचानक भीषण आग लग गई। यह घटना दोपहर करीब 2:15 बजे माइल स्टोन 188.6 के पास सहेला गांव के निकट हुई। देखते ही देखते बस धू-धू कर जलने लगी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।


 प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीण संदीप अग्रहरि और रितेश सिंह के अनुसार, बस जैसे ही सहेला गांव के पास पहुंची, उसमें अचानक धुआं उठने लगा। यात्रियों ने तुरंत इसकी जानकारी चालक को दी। स्थिति को भांपते हुए चालक ने सूझबूझ का परिचय देते हुए बस को सड़क किनारे सुरक्षित स्थान पर रोक दिया और तेजी से सभी यात्रियों को नीचे उतार दिया। यात्रियों के सुरक्षित उतरते ही कुछ ही मिनटों में बस में आग भड़क उठी और पूरी बस उसकी चपेट में आ गई। आग इतनी तेज थी कि बस पूरी तरह जलने लगी। इस दौरान आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। इस घटना के चलते कुछ समय के लिए पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर यातायात प्रभावित रहा, जिसे बाद में पुलिस ने नियंत्रित कर सामान्य कराया। 


थानाध्यक्ष पवई राकेश कुमार सिंह ने बताया कि सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। उन्होंने कहा कि चालक की सूझबूझ और तत्परता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

आजमगढ़ शहर कोतवाली पुरानी जेल के सामने बंधे पर मिली लावारिश लाश मौके पर फोरेसिंक टीम सहित पुलिस फोर्स पहुंची, शव को लिया कब्जे में


 आजमगढ़ शहर कोतवाली पुरानी जेल के सामने बंधे पर मिली लावारिश लाश



मौके पर फोरेसिंक टीम सहित पुलिस फोर्स पहुंची, शव को लिया कब्जे में



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित पुरानी जेल के सामने बंधे पर आज शाम करीब तीन बजे एक लावारिश लाश मिलने से हड़कंप मच गया।


 सूचना मिलते ही मौके पर शहर कोतवाली, सिविल लाइन पुलिस चौकी, रोडवेज पुलिस चौकी मौके पर पहुंच गयी। मौके पर पहुंची फोरेसिंक टीम ने साक्ष्य संकलन किया। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। शव को देखने से यह प्रतीत हो रहा था मृतक की उम्र 36 वर्ष के करीब है। उसका चेहरा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। खबर  लिखे जाने तक शव की पहचान नहीं हो पाई थी।

बलिया इंस्पेक्टर ने दुष्कर्म पीड़िता से की अश्लील सौदेबाजी चार्जशीट के नाम पर मिलने का दबाव; वायरल ऑडियो की पुष्टि के बाद एसपी ने की सख्त कार्रवाई


 बलिया इंस्पेक्टर ने दुष्कर्म पीड़िता से की अश्लील सौदेबाजी


चार्जशीट के नाम पर मिलने का दबाव; वायरल ऑडियो की पुष्टि के बाद एसपी ने की सख्त कार्रवाई


उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद के उभांव थाना क्षेत्र से पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करने वाला गंभीर मामला सामने आया है। यहां तैनात ‘इंस्पेक्टर क्राइम’ नरेश मलिक पर दुष्कर्म पीड़िता की मजबूरी का फायदा उठाने और अश्लील बातचीत करने का आरोप लगा है। मामला संज्ञान में आते ही पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी इंस्पेक्टर के साथ ही थाना प्रभारी निरीक्षक संजय शुक्ल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। बताया जा रहा है कि रसड़ा कोतवाली क्षेत्र की एक महिला ने उभांव थाने में तैनात एक वन दारोगा के खिलाफ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी दारोगा को जेल भेज दिया था। इसी मुकदमे की विवेचना और चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया के दौरान इंस्पेक्टर नरेश मलिक ने पीड़िता से संपर्क बढ़ाया। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने फोन पर पीड़िता से अश्लील बातें करनी शुरू कर दीं और चार्जशीट जल्द लगाने के नाम पर मिलने का दबाव बनाया।


 वायरल ऑडियो और पीड़िता की शिकायत के अनुसार, इंस्पेक्टर ने कहा, “मुझसे मिल लो, दो मिनट में चार्जशीट लग जाएगी।” इसे लेकर उसने कथित तौर पर अशोभनीय सौदेबाजी की कोशिश की। पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए बातचीत का ऑडियो रिकॉर्ड कर लिया और उच्चाधिकारियों को भेजकर न्याय की गुहार लगाई। मामला सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक ने पहले एक अप्रैल को इंस्पेक्टर को उभांव थाने से हटाकर साइबर सेल में स्थानांतरित कर दिया था, ताकि वह जांच को प्रभावित न कर सके। पूरे प्रकरण की जांच क्षेत्राधिकारी रसड़ा आलोक गुप्ता को सौंपी गई थी। जांच में वायरल ऑडियो की पुष्टि होने के बाद एसपी ओमवीर सिंह ने इंस्पेक्टर नरेश मलिक और थाना प्रभारी संजय शुक्ल को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। 


एसपी ओमवीर सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और ऑडियो के आधार पर जांच कराई गई, जिसमें इंस्पेक्टर की बातचीत को अशोभनीय और पद की गरिमा के विपरीत पाया गया। प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए दोनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही क्षेत्राधिकारी रसड़ा को निर्देशित किया गया है कि पीड़िता से संपर्क कर पूरे मामले में वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाए।