Monday, 23 March 2026

आजमगढ़ जहानागंज सुसाइड नोट में लिखे शब्दों ने सबको झकझोरा छोटी सी उम्मीद के टूटने से जिंदगी को किया खत्म 2 साल पूर्व हुई थी शादी, ससुराल और मायका दोनों जगह छाया मातम

                                संकेतिक तस्वीर   

 आजमगढ़ जहानागंज सुसाइड नोट में लिखे शब्दों ने सबको झकझोरा


छोटी सी उम्मीद के टूटने से जिंदगी को किया खत्म

2 साल पूर्व हुई थी शादी, ससुराल और मायका दोनों जगह छाया मातम



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के जहानागंज थाना क्षेत्र के बसगीत गांव में शनिवार दोपहर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां 25 वर्षीयh कविता ने अपने ही कमरे में साड़ी के फंदे से लटककर जीवन समाप्त कर लिया। शादी को अभी महज 24 महीने ही हुए थे, लेकिन मां बनने की अधूरी चाहत ने उसकी जिंदगी छीन ली। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

  मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ, जिसमें कविता ने अपने दिल का दर्द बयां करते हुए लिखा— “मैं मां नहीं बन सकती हूं, बहुत इलाज कराया, दवा खाई, लेकिन कुछ नहीं हुआ… इसलिए मैं जा रही हूं।” इन शब्दों ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया।

 जानकारी के अनुसार, बरदह थाना क्षेत्र के परसौली गांव निवासी कविता की शादी 24 अप्रैल 2024 को बसगीत गांव निवासी नीलकमल सरोज के साथ हुई थी। नीलकमल नागपुर में ट्रेलर चालक के रूप में काम करता है। पति के अनुसार, दोनों ने इलाज भी कराया था और डॉक्टरों ने समस्या कविता में बताई थी। काफी समय से इलाज चल रहा था, लेकिन लगातार दवाएं खाने से कविता परेशान हो गई थी और उसने दवा लेने से भी मना कर दिया था। परिजनों का कहना है कि आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत न होने के बावजूद दोनों पक्ष मिलकर उसका इलाज करा रहे थे, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम न मिलने से कविता मानसिक रूप से टूट चुकी थी। धीरे-धीरे वह हताशा में डूबती चली गई और आखिरकार उसने यह कदम उठा लिया।


 थानाध्यक्ष अतुल कुमार मिश्रा ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की जांच की जा रही है। इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। एक छोटी सी उम्मीद के टूटने से एक जिंदगी को खत्म कर दिया, और पीछे छोड़ गया एक ऐसा दर्द, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।