Friday, 20 March 2026

आजमगढ़ बिलरियागंज संदिग्ध परिस्थितियों में महिला ने लगाई फांसी पति ने पहुंचाया अस्पताल, डाक्टर ने घोषित किया मृत, पुलिस जांच में जुटी


 आजमगढ़ बिलरियागंज संदिग्ध परिस्थितियों में महिला ने लगाई फांसी


पति ने पहुंचाया अस्पताल, डाक्टर ने घोषित किया मृत, पुलिस जांच में जुटी



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के बिलरियागंज थाना क्षेत्र के कस्बा खास बाजार में एक 28 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर मौत का मामला सामने आया है। घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कस्बा खास बाजार निवासी सुनीता (28 वर्ष), पत्नी अजय विश्वकर्मा, ने शुक्रवार को लगभग सुबह 10 बजे अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि घटना के समय कमरे का दरवाजा खुला हुआ था। परिजनों के अनुसार, पति अजय विश्वकर्मा ने पत्नी को फांसी के फंदे से उतारकर तत्काल एक निजी अस्पताल मुकर्रम में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। 


घटना की सूचना मिलने पर पति ने अपने ससुराल पक्ष, जो कि गददीपुर गांव (थाना कंधरापुर) में स्थित है, को दी। इसके बाद मृतका के चचेरे भाई ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। सूचना पर बिलरियागंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही पुलिस ने परिजनों को थाने बुलाकर मामले की पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल पुलिस हर पहलू से जांच में जुटी हुई है।

आजमगढ़ दुष्कर्म व हत्या के दोषी को आजीवन कारावास "आपरेशन कनविक्शन" के तहत प्रभावी पैरवी से मिला न्याय, 1.20 लाख रुपये का जुमार्ना भी लगाया गया


 आजमगढ़ दुष्कर्म व हत्या के दोषी को आजीवन कारावास



"आपरेशन कनविक्शन" के तहत प्रभावी पैरवी से मिला न्याय, 1.20 लाख रुपये का जुमार्ना भी लगाया गया



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में "आपरेशन कनविक्शन" अभियान के तहत पुलिस, मॉनिटरिंग सेल एवं अभियोजन की प्रभावी कार्रवाई के परिणामस्वरूप दुष्कर्म एवं हत्या के एक मामले में आरोपी को न्यायालय ने दोषी करार देते हुए कड़ी सजा सुनाई है। 


प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना मुबारकपुर में दर्ज मुकदमे में आरोपी शुभम गौड़ पुत्र चन्द्रभान निवासी बनकट जगदीशपुर, थाना कप्तानगंज, जनपद आजमगढ़ के खिलाफ दुष्कर्म और हत्या का आरोप था। यह मामला 17 अगस्त 2020 को उस समय दर्ज हुआ था जब वादी अवध मुनि गौड़ ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि अभियुक्त उनकी पुत्री को बहला-फुसलाकर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म कर हत्या कर दी।


 इस मामले में पुलिस द्वारा धारा 366, 376, 302, 201 एवं 120बी भारतीय दंड संहिता के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना की गई। जांच पूर्ण होने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जिसमें कुल 11 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। आज, 20 मार्च 2026 को अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी-1, आजमगढ़ की अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी करते हुए आरोपी को दोषी पाया। न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई तथा 1,20,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया। इस निर्णय को "आपरेशन कनविक्शन" अभियान के तहत पुलिस और अभियोजन की समन्वित एवं प्रभावी कार्रवाई का महत्वपूर्ण परिणाम माना जा रहा है।