Thursday, 5 February 2026

आजमगढ़ बरदह कूटरचना व धोखाधड़ी कर फर्जी वसीयत से जमीन हड़पने वाला अभियुक्त गिरफ्तार पिता को निःसंतान घोषित कर जमीन अपने नाम कराने का आरोप जान से मारने की धमकी देने का भी दर्ज है मुकदमा

आजमगढ़ बरदह कूटरचना व धोखाधड़ी कर फर्जी वसीयत से जमीन हड़पने वाला अभियुक्त गिरफ्तार



पिता को निःसंतान घोषित कर जमीन अपने नाम कराने का आरोप


जान से मारने की धमकी देने का भी दर्ज है मुकदमा



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना बरदह पुलिस ने कूटरचना व धोखाधड़ी के जरिए फर्जी तरीके से जमीन का बैनामा कराने के मामले में वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ के निर्देश पर की गई। 


प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम सद्दोपट्टी निवासी रिंकू उर्फ रिंकी यादव पुत्री स्वर्गीय लक्षिराम यादव ने 07 दिसंबर 2025 को प्रार्थना-पत्र देकर आरोप लगाया था कि उनके पिता की मृत्यु के बाद विपक्षीगणों ने साजिश के तहत फर्जी वसीयत तैयार कर उनके पिता को निःसंतान घोषित कर दिया और उनकी जमीन अपने नाम करा ली। जब पीड़िता ने इस संबंध में जानकारी चाही तो आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में थाना बरदह पर मु0अ0सं0 386/2025 संबंधित धारा के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था।


 पुलिस द्वारा की गई विवेचना के क्रम में दिनांक 05 फरवरी 2026 को उपनिरीक्षक राजेन्द्र प्रसाद पटेल ने हमराहियों के साथ अभियुक्त पतिराम यादव पुत्र स्वर्गीय कुद्दन उर्फ रामनाथ, निवासी ग्राम बौवापार, थाना बरदह, जनपद आजमगढ़ को उसके घर से सुबह करीब 11:30 बजे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध उपरोक्त मुकदमे में विधिक कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक राजेन्द्र प्रसाद पटेल एवं हेड कांस्टेबल नागेन्द्र कुमार पटेल शामिल रहे।

 

आजमगढ़ 25 लाख घूस मांगने के आरोपी डीआईओएस का हुआ तबादला अजय कुमार को मिली आजमगढ़ डीआईओएस की जिम्मेदारी


 आजमगढ़ 25 लाख घूस मांगने के आरोपी डीआईओएस का हुआ तबादला



अजय कुमार को मिली आजमगढ़ डीआईओएस की जिम्मेदारी


लखनऊ, उत्तर प्रदेश शासन के माध्यमिक शिक्षा अनुभाग-6 द्वारा समूह-क श्रेणी के अधिकारियों के तबादले को लेकर आदेश जारी किया गया है। जारी आदेश के तहत उ०प्र० शैक्षिक (सामान्य शिक्षा संवर्ग) सेवा के दो अधिकारियों को नवीन तैनाती प्रदान की गई है।


 शासनादेश के अनुसार वर्तमान में जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस), आजमगढ़ के पद पर तैनात उपेन्द्र कुमार को सहायक शिक्षा निदेशक (भवन), मुख्यालय प्रयागराज के पद पर स्थानांतरित किया गया है। वहीं नवप्रोन्नत अधिकारी अजय कुमार, जो अब तक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, श्रावस्ती के पद पर कार्यरत थे, को जिला विद्यालय निरीक्षक, आजमगढ़ के पद पर तैनाती दी गई है। 


शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी संबंधित अधिकारी बिना किसी प्रकार का अवकाश लिए, प्रतिस्थानी की प्रतीक्षा किए बिना तत्काल अपने नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करेंगे। इसके साथ ही शिक्षा निदेशक (माध्यमिक/बेसिक), एससीईआरटी एवं संबंधित नियंत्रक अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि अधिकारियों को समय से कार्यमुक्त किया जाए। आदेशों में यह भी कहा गया है कि किसी भी स्तर पर विलंब या आदेश की अवहेलना को अनुशासनहीनता माना जाएगा, जिसके लिए संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि स्थानांतरित किए गए जिला विद्यालय निरीक्षक उपेन्द्र कुमार पर वेतन भुगतान के एवज में लगभग 25 लाख रुपये की घूस लेने का गंभीर आरोप भी लग चुका है, जिसे लेकर विभागीय स्तर पर पहले से ही चर्चाएं चल रही थीं।

आजमगढ़ फर्जी ट्रेडिंग ऐप से ₹1 करोड़ की साइबर ठगी का पर्दाफाश, बैंककर्मी सहित 2 अन्तर्राज्यीय आरोपी गिरफ्तार बैंक कर्मियों की संलिप्तता उजागर, म्यूल खातों और फर्जी सिम से चल रहा था ठगी का नेटवर्क देशभर से 12 शिकायतें, पुलिस ने नागरिकों को APK ऐप्स से बचने की दी सलाह


 आजमगढ़ फर्जी ट्रेडिंग ऐप से ₹1 करोड़ की साइबर ठगी का पर्दाफाश, बैंककर्मी सहित 2 अन्तर्राज्यीय आरोपी गिरफ्तार



बैंक कर्मियों की संलिप्तता उजागर, म्यूल खातों और फर्जी सिम से चल रहा था ठगी का नेटवर्क


देशभर से 12 शिकायतें, पुलिस ने नागरिकों को APK ऐप्स से बचने की दी सलाह


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने NEXT TRADE नामक फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए की जा रही संगठित ऑनलाइन ठगी का बड़ा खुलासा किया है। अब तक की जांच में इस गिरोह द्वारा लगभग ₹01 करोड़ की साइबर ठगी किए जाने का तथ्य सामने आया है। इस मामले में देश के विभिन्न राज्यों से करीब 12 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक यातायात विवेक त्रिपाठी के पर्यवेक्षण एवं क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम श्रीमती आस्था जायसवाल के मार्गदर्शन में साइबर थाना पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस ने उज्जैन और इंदौर (मध्य प्रदेश) से जुड़े दो अन्तर्राज्यीय शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। थाना साइबर क्राइम आजमगढ़ पर पंजीकृत मुकदमा संख्या 29/2025 धारा 318(4), 319(2) BNS एवं 66D आईटी एक्ट के अंतर्गत विवेचना के दौरान यह खुलासा हुआ। पूछताछ और बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 111(1) BNS की भी बढ़ोत्तरी की गई है। 


वादी अशोक कुमार अग्रवाल, निवासी बदरका, कोतवाली आजमगढ़ ने शिकायत दर्ज कराई कि उन्होंने फेसबुक पर NEXT TRADE का विज्ञापन देखकर दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। आरोपियों ने अधिक लाभ का लालच देकर फर्जी ऐप डाउनलोड कराया और निवेश के लिए प्रेरित किया। पीड़ित ने कुल ₹8,99,000 जमा किए। प्रारंभ में ऐप पर मुनाफा दिखाया गया, लेकिन निकासी के प्रयास पर उनकी आईडी ब्लॉक कर दी गई। पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे एक संगठित गिरोह के रूप में कार्य करते थे। निवेशकों से प्राप्त धनराशि म्यूल बैंक खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी। जांच में कुछ बैंक कर्मियों की संलिप्तता भी सामने आई है, जो पहले से हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक उपलब्ध कराते थे। खाते में पैसा आते ही तत्काल चेक के माध्यम से निकासी कर ली जाती थी।



 गिरफ्तार अभियुक्तों में इन्द्रजीत डे – निवासी उज्जैन (म.प्र.), अंकेश धाकड़ – (कोटक महिन्द्रा बैंक, इंदौर में कार्यरत है) शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 03 मोबाइल फोन, 03 एटीएम कार्ड, 02 चेक बुक, 01 बैंक आईडी, 01 जियो सिम कार्ड और ₹870 नगद बरामद किए हैं। इस प्रकरण में बैंक कर्मी सहित चार अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। जनहित में पुलिस की सलाह : पुलिस ने आमजन से अपील की है कि केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करें, अनधिकृत APK फाइलों और सोशल मीडिया लिंक से बचें तथा किसी भी संदिग्ध ऐप की सूचना तुरंत साइबर पुलिस को दें।

उत्तर प्रदेश 11 जिलों के कप्तान सहित 24 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले मुख्यालय से लेकर जिलों तक बदली जिम्मेदारियां, अनुभवी और सख्त छवि वाले अफसरों को फ्रंटलाइन में उतारने की रणनीति

उत्तर प्रदेश 11 जिलों के कप्तान सहित 24 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले




मुख्यालय से लेकर जिलों तक बदली जिम्मेदारियां, अनुभवी और सख्त छवि वाले अफसरों को फ्रंटलाइन में उतारने की रणनीति



लखनऊ, उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार देर रात पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 24 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जारी इस सूची में मुख्यालय स्तर के कई अहम पदों के साथ-साथ अयोध्या रेंज के डीआईजी और 11 जिलों के पुलिस कप्तानों (SP/SSP) की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। इस कदम को कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। तबादलों के तहत वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सुजीत पांडे को महानिदेशक (डीजी) फायर सर्विसेज की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रवीण कुमार को लखनऊ जोन का नया अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) बनाया गया है, जबकि के. एस. इमानुएल को डीजीपी का जीएसओ नियुक्त किया गया है। वहीं, संवेदनशील माने जाने वाले अयोध्या रेंज की कमान अब सोमेन बर्मा को डीआईजी के रूप में सौंपी गई है।मुख्यालय स्तर पर विनोद कुमार सिंह को आईजी डॉ. अंबेडकर पुलिस अकादमी मुरादाबाद, अभिषेक यादव को डीआईजी एटीएस लखनऊ, आशीष तिवारी को डीआईजी टेक्निकल सर्विसेज और प्रताप गोपेंद्र यादव को डीआईजी यूपी पुलिस मुख्यालय लखनऊ बनाया गया है।


 जिलों में हुए फेरबदल के तहत अविनाश पांडे को मेरठ का एसएसपी, डॉ. कौस्तुभ को गोरखपुर का एसएसपी और अभिनंदन को सहारनपुर का एसएसपी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा कुंवर अनुपम सिंह को जौनपुर, डॉ. ख्याति गर्ग को लखीमपुर खीरी और यशवीर सिंह को बस्ती का एसपी बनाया गया है।


 महिला अधिकारियों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। चारू निगम को सुल्तानपुर और अपर्णा रजत कौशिक को मिर्जापुर का पुलिस कप्तान नियुक्त किया गया है, जबकि रवि कुमार को रायबरेली का एसपी बनाया गया है। कमिश्नरेट प्रणाली में भी बदलाव किया गया है। आलोक प्रियदर्शी को वाराणसी और राजकरण नैय्यर को गाजियाबाद कमिश्नरेट में अपर पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है। वहीं, कानपुर कमिश्नरेट में विपिन टाडा और संकल्प शर्मा को संयुक्त पुलिस आयुक्त की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस व्यापक प्रशासनिक सर्जरी से स्पष्ट है कि प्रदेश सरकार अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सक्रिय है और अनुभवी व सख्त छवि वाले अधिकारियों को अहम मोर्चों पर तैनात कर रही है।