Thursday, 15 January 2026

आजमगढ़ साइबर थाना पुलिस ने अंतर्राष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का किया भंडाफोड़ टेलीग्राम के जरिए चीनी हैंडलरों के लिए काम करने वाले 2 शातिर गिरफ्तार, ₹6.32 लाख नकद व स्कॉर्पियो बरामद USDT क्रिप्टो करेंसी के जरिए भेजी जा रही थी ठगी की रकम, अब तक 10–15 करोड़ के लेनदेन का खुलासा


 आजमगढ़ साइबर थाना पुलिस ने अंतर्राष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का किया भंडाफोड़


टेलीग्राम के जरिए चीनी हैंडलरों के लिए काम करने वाले 2 शातिर गिरफ्तार, ₹6.32 लाख नकद व स्कॉर्पियो बरामद


USDT क्रिप्टो करेंसी के जरिए भेजी जा रही थी ठगी की रकम, अब तक 10–15 करोड़ के लेनदेन का खुलासा



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में आजमगढ़ साइबर थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर संचालित साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए टेलीग्राम के माध्यम से चीनी साइबर अपराधियों के लिए काम करने वाले दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से ₹6.32 लाख नकद, 11 मोबाइल फोन, 12 एटीएम कार्ड, चेकबुक, कैश काउंटिंग मशीन, विदेशी सिम कार्ड और एक स्कॉर्पियो वाहन बरामद किया गया है। इससे पूर्व इसी गिरोह के चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक यातायात विवेक त्रिपाठी, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी सदर आस्था जायसवाल के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। 


दिनांक 14 जनवरी 2026 की रात साइबर थाना टीम ने लखनऊ के गोड़म्बा क्षेत्र से दोनों अभियुक्तों को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार यह मामला 18 सितंबर 2025 को प्रकाश में आया था, जब रौनापार थाना क्षेत्र निवासी भूपेन्द्रनाथ यादव ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके पुत्र को टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से “WOOCOMMERCE” नामक कंपनी के लिए ऑनलाइन काम का झांसा दिया गया। प्रोडक्ट बूस्टिंग के नाम पर विभिन्न बैंक खातों में ₹12.64 लाख जमा कराकर ठगी की गई। इस संबंध में थाना साइबर क्राइम पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच में सामने आया कि अभियुक्त टेलीग्राम आईडी के जरिए चीनी साइबर अपराधियों के संपर्क में रहकर भारतीय बैंक खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर कराते थे। इसके बाद एटीएम और चेक के जरिए नकद निकालकर उसे USDT क्रिप्टो करेंसी में बदलकर चीनी हैंडलरों को भेजा जाता था। 


पुलिस के मुताबिक मुख्य अभियुक्त अभिषेक गुप्ता द्वारा अब तक 10 से 15 करोड़ रुपये की रकम क्रिप्टो करेंसी में ट्रांसफर किए जाने के साक्ष्य मिले हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान अभिषेक गुप्ता निवासी जानकीपुरम, लखनऊ और शाश्वत अवस्थी निवासी इंदिरा नगर, लखनऊ के रूप में हुई है। पुलिस ने बरामद समस्त सामग्री को सील कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि वाहन को मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज किया गया है। आजमगढ़ पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी लालचपूर्ण ऑनलाइन ऑफर, अज्ञात लिंक या टेलीग्राम/व्हाट्सएप संदेशों से सतर्क रहें और साइबर ठगी की सूचना तत्काल 1930 या नजदीकी साइबर थाना को दें।

आजमगढ़ कप्तानगंज पिता को गोली मारने की कहानी का पदार्फाश, बेटा ही निकला साजिशकर्ता फर्जी फायरिंग कर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास, जलती लकड़ी से जलाया था पिता का पैर मुख्य आरोपी गिरफ्तार, हिस्ट्रीशीटर सहयोगी फरार, आर्म्स एक्ट समेत कई धाराएं बढ़ीं


 आजमगढ़ कप्तानगंज पिता को गोली मारने की कहानी का पदार्फाश, बेटा ही निकला साजिशकर्ता


फर्जी फायरिंग कर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास, जलती लकड़ी से जलाया था पिता का पैर


मुख्य आरोपी गिरफ्तार, हिस्ट्रीशीटर सहयोगी फरार, आर्म्स एक्ट समेत कई धाराएं बढ़ीं



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के थाना कप्तानगंज क्षेत्र में पिता को गोली मारने की झूठी घटना का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि इस मामले का वादी ही पूरी साजिश का मास्टरमाइंड निकला। पुलिस के अनुसार, फर्जी फायरिंग कर और अपने पिता के पैर को जलती लकड़ी से जलाकर गोली लगने की कहानी गढ़ी गई, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके। पुलिस के मुताबिक 6 जनवरी 2026 को गुलशन उर्फ फौरेबी पुत्र लालमन कन्नौजिया निवासी ग्राम खालिसपुर ने थाना कप्तानगंज में तहरीर दी थी कि दो अज्ञात बाइक सवारों ने उसके पिता लालमन कन्नौजिया के पैर में गोली मार दी है। इस तहरीर पर थाना कप्तानगंज में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।


 विवेचना के दौरान तकनीकी और साक्ष्य आधारित जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह घटना पूरी तरह फर्जी थी। जांच में खुलासा हुआ कि गुलशन उर्फ फौरेबी ने अपने सहयोगी विजय सिंह उर्फ लल्लू (थाना अहरौला का हिस्ट्रीशीटर) के साथ मिलकर अपने घर के बाहर फायरिंग की थी। इसके बाद अपने पिता के पैर को जलती लकड़ी से जलाकर गोली लगने की अफवाह फैलाई और डायल 112 पर सूचना देकर झूठा अभियोग पंजीकृत कराया। पुलिस ने वादी द्वारा झूठा मुकदमा दर्ज कर प्रशासन को गुमराह करने के मामले में बीएनएस की कई धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट की धाराएं बढ़ा दी हैं।


 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन एवं क्षेत्राधिकारी बूढ़नपुर के मार्गदर्शन में थाना कप्तानगंज पुलिस ने आरोपी गुलशन उर्फ फौरेबी को 15 जनवरी 2026 को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से 12 बोर का तमंचा और एक कारतूस का खोखा भी बरामद किया गया है। इस प्रकरण में सहयोगी विजय सिंह उर्फ लल्लू फिलहाल फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई प्रचलित है।

आजमगढ़ अतरौलिया 75 लाख की बड़ी चोरी, मचा हड़कंप, पुलिसिया कार्यशैली पर उठे सवाल अतरौलिया थाना क्षेत्र के जोगीपुर गांव का मामला, डॉग स्क्वायड व फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची


 आजमगढ़ अतरौलिया 75 लाख की बड़ी चोरी, मचा हड़कंप, पुलिसिया कार्यशैली पर उठे सवाल



अतरौलिया थाना क्षेत्र के जोगीपुर गांव का मामला, डॉग स्क्वायड व फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के अतरौलिया थाना क्षेत्र के जोगीपुर गांव में अज्ञात चोरों ने बड़ी चोरी की घटना को अंजाम दिया है। गांव निवासी शैलेंद्र तिवारी के घर के पीछे की खिड़की तोड़कर चोर घर में दाखिल हुए और लाखों रुपये के जेवरात, नकदी समेत अन्य सामान चोरी कर ले गए। परिजनों के अनुसार चोरी की कुल रकम लगभग 70 से 75 लाख रुपये आंकी जा रही है, जिसमें करीब 40 हजार रुपये नकद शामिल हैं। पीड़ित शैलेंद्र तिवारी ने बताया कि परिवार के सभी सदस्य रात का भोजन करने के बाद अपने-अपने कमरों में सो गए थे। रात करीब 11 बजे के बाद चोरों ने उस कमरे की खिड़की तोड़ दी, जिसमें जेवरात और नकदी रखी हुई थी। चोर लगभग 70 लाख रुपये के जेवरात, 40 हजार रुपये नकद और अन्य सामान लेकर फरार हो गए। सुबह करीब चार बजे जब शैलेंद्र तिवारी की नींद खुली और वह ब्रश लेने के लिए कमरे में पहुंचे, तो खिड़की टूटी देख सारा सामान गायब मिला।


 पीड़ित शैलेंद्र तिवारी ने बताया कि पारिवारिक गहनों के साथ बेटियों की शादी के लिए तैयार किए गए जेवरात थे। घटना की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष देवेंद्र नाथ दुबे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है, जो साक्ष्य जुटाने में लगी हुई थी। वहीं, स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि रात में पुलिस की गश्त नहीं हो रही है। उनका कहना है कि यदि नियमित गश्त होती तो इतनी बड़ी चोरी की घटना को रोका जा सकता था। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और जल्द खुलासे का आश्वासन दे रही है।

आजमगढ़ सरायमीर महादंगल के दौरान बवाल, पथराव में 2 सिपाही घायल सरायमीर थाना क्षेत्र के खरेवा मोड़ पर कार्यक्रम के समापन के समय मची भगदड़ भारी पुलिस बल की तैनाती के बाद हालात काबू में, महादंगल स्थगित


 आजमगढ़ सरायमीर महादंगल के दौरान बवाल, पथराव में 2 सिपाही घायल


सरायमीर थाना क्षेत्र के खरेवा मोड़ पर कार्यक्रम के समापन के समय मची भगदड़


भारी पुलिस बल की तैनाती के बाद हालात काबू में, महादंगल स्थगित


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के सरायमीर थाना क्षेत्र के खरेवा मोड़ स्थित चल रहे तीन दिवसीय विशाल महादंगल कार्यक्रम के समापन के दौरान बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब भीड़ और पुलिस के बीच पथराव हो गया। इस घटना में दो सिपाही घायल हो गए। मौके पर भारी मात्रा में पुलिस बल के पहुंचने के बाद भीड़ को तितर-बितर कर स्थिति को नियंत्रण में लिया गया। 


बताया गया कि महादंगल कार्यक्रम के लिए आयोजकों द्वारा पहले ही प्रशासन को दस हजार से अधिक लोगों की भीड़ आने का अनुमान दिया गया था, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर मौके पर मात्र दो होमगार्ड तैनात थे। बुधवार को भीड़ अधिक होने के कारण हालात बेकाबू हो गए। इसी दौरान पीछे से किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा आगे की ओर पत्थर फेंके जाने से भगदड़ मच गई। 


सूचना मिलते ही सरायमीर पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया। भगदड़ और पथराव के दौरान सिपाही रमेश चंद गौंड और विक्रम यादव घायल हो गए। दोनों घायलों को खरेवा मोड़ स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। घटना के बाद एहतियातन महादंगल कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और पथराव करने वालों की पहचान कर कार्रवाई की बात कही जा रही है।