Tuesday, 24 February 2026

आजमगढ़ अतरौलिया विवाहिता की संदिग्ध मौत, 9 माह पूर्व हुई थी शादी मायका पक्ष का आरोप—दहेज को लेकर किया जाता था प्रताड़ित, पुलिस ने शव को लिया कब्जे में


 आजमगढ़ अतरौलिया विवाहिता की संदिग्ध मौत, 9 माह पूर्व हुई थी शादी



मायका पक्ष का आरोप—दहेज को लेकर किया जाता था प्रताड़ित, पुलिस ने शव को लिया कब्जे में



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के अतरौलिया थाना क्षेत्र के गजेंधर पट्टी, भेदौरा गांव में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने फॉरेंसिक टीम के साथ मौके की जांच की और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार गजेंधर पट्टी निवासी दिलीप प्रजापति की शादी 10 मई 2025 को अहरौला थाना क्षेत्र के धनेज पट्टी खजुरी गांव निवासी अंजली प्रजापति के साथ हुई थी। विवाह के बाद अंजली अपने पति के साथ ससुराल में रह रही थी। सोमवार रात अचानक तबीयत खराब होने की बात कही गई, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। मृतका की भाभी रंजना प्रजापति ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा दहेज की मांग की जा रही थी। मांग पूरी न होने पर अंजली को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। आरोप यह भी है कि पति के किसी अन्य युवती से संबंध को लेकर भी अंजली को परेशान किया जाता था। 


मायके पक्ष का कहना है कि उन्हें फोन से मौत की सूचना दी गई। जब वे मौके पर पहुंचे तो अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही थी। इस पर उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पति दिलीप, ससुर हरीलाल और सास पर हत्या में संलिप्त होने का आरोप लगाया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और साक्ष्य संकलन के लिए फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। थानाध्यक्ष देवेंद्र नाथ दुबे ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। गांव में घटना को लेकर तरह-तरह की चचार्एं हो रही हैं, जबकि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच में जुटी है।

लखनऊ बेटे ने पिता की गोली मारकर हत्या की, शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में छिपाया नीट की तैयारी को लेकर हुआ विवाद बना वारदात की वजह, आरोपी पुत्र गिरफ्तार 4 दिन तक बहन को कमरे में बंद रखा, आरी से काटकर अंग अलग-अलग जगह फेंके


 लखनऊ बेटे ने पिता की गोली मारकर हत्या की, शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में छिपाया



नीट की तैयारी को लेकर हुआ विवाद बना वारदात की वजह, आरोपी पुत्र गिरफ्तार


4  दिन तक बहन को कमरे में बंद रखा, आरी से काटकर अंग अलग-अलग जगह फेंके



उत्तर प्रदेश, लखनऊ के आशियाना सेक्टर-एल में रहने वाले शराब कारोबारी व पैथोलॉजी संचालक मानवेंद्र सिंह (49) की उनके ही बेटे अक्षत प्रताप सिंह (21) ने गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी ने शव के टुकड़े कर दोनों हाथ और पैर पारा के सदरौना इलाके में फेंक दिए, जबकि सिर सहित धड़ घर के भीतर एक नीले ड्रम में छिपा दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जानकारी देते हुए डीसीपी मध्य विक्रांत वीर ने बताया कि 21 फरवरी 2026 को आशियाना थाने में मानवेंद्र सिंह की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने जांच के दौरान परिवार से पूछताछ की तो शक बेटे अक्षत पर गया। सख्ती से पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूल कर ली। 


पुलिस के अनुसार, 20 फरवरी 2026 की सुबह करीब 4:30 बजे पिता-पुत्र के बीच नीट परीक्षा की तैयारी को लेकर विवाद हुआ। मानवेंद्र सिंह बेटे पर परीक्षा की तैयारी का दबाव बना रहे थे। आरोपी के मुताबिक, बहस के दौरान पिता ने उस पर लाइसेंसी राइफल तान दी। राइफल छीनने की कोशिश में गोली चल गई, जिससे मानवेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय घर के तीसरे तल पर छोटी बहन कृति अपने कमरे में सो रही थी। गोली की आवाज सुनकर वह कमरे में पहुंची तो पिता का शव पड़ा था। आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी देकर चुप करा दिया और चार दिन तक घर में ही बंद रखे रखा। कृति सदमे में है और कुछ भी बोल पाने की स्थिति में नहीं है। हत्या के बाद अक्षत ने शव को घसीटकर भूतल पर लाया और खाली कमरे में रख दिया। उसने पहले कार से शव को गोमती नदी में फेंकने की योजना बनाई, लेकिन वजन अधिक होने के कारण सफल नहीं हो सका। इसके बाद वह बाजार से आरी खरीदकर लाया और शव के टुकड़े कर दिए। हाथ और पैर पारा क्षेत्र के सदरौना इलाके में फेंक दिए, जबकि धड़ को ठिकाने लगाने के लिए नीला ड्रम खरीदकर उसमें रख दिया। पुलिस ने ड्रम, आरी, कार और अन्य सामान बरामद कर लिए हैं। फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी के दादा सुरेंद्र पाल सिंह, जो सेवानिवृत्त दरोगा हैं और जालौन में रहते हैं, सूचना मिलते ही लखनऊ पहुंच गए। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।