Thursday, 9 April 2026

आजमगढ़ निरीक्षण के बाद 6 मेडिकल स्टोरों पर कार्रवाई अनियमितताओं के चलते लाइसेंस निलंबित, कई पर खरीद-बिक्री पर रोक


 आजमगढ़ निरीक्षण के बाद 6 मेडिकल स्टोरों पर कार्रवाई



अनियमितताओं के चलते लाइसेंस निलंबित, कई पर खरीद-बिक्री पर रोक



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों के खिलाफ चलाए जा रहे निरीक्षण अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए औषधि निरीक्षक सीमा वर्मा द्वारा जांच के दौरान पाई गई गंभीर कमियों के आधार पर 6 मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। साथ ही इनमें से कुछ प्रतिष्ठानों पर निर्धारित अवधि के लिए दवा खरीद-बिक्री पर रोक भी लगा दी गई है। 


औषधि.  निरीक्षक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मार्च 2026 में किए गए निरीक्षण के दौरान संबंधित औषधि प्रतिष्ठानों में नियमों का उल्लंघन, रिकॉर्ड में अनियमितता तथा अन्य खामियां पाई गई थीं। इसके आधार पर औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी (विक्रय), आजमगढ़ मंडल द्वारा कड़ी कार्रवाई की गई। कार्रवाई के तहत मेसर्स द चार्विक फार्मा, दलसिंगार नगर (सदर) तथा मेसर्स भागीरथी फामेर्सी, लाल डिग्गी (एलवल) के लाइसेंस को 10 दिनों के लिए निलंबित करते हुए इस अवधि में दवा क्रय-विक्रय पर पूर्णत: रोक लगा दी गई है। वहीं, अन्य प्रतिष्ठानों में पाई गई गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए मेसर्स श्री संकट मोचन फार्मास्यूटिकल्स (जीयनपुर), मेसर्स माँ सरस्वती मेडिकल एजेंसी (जगदीशपुर), मेसर्स ए टू जेड मेडिकल हाल (परशुरामपुर, जमालपुर) तथा मेसर्स ए.बी. मेडिकल स्टोर (अतरौलिया) के लाइसेंस को अग्रिम आदेश तक के लिए निलंबित कर दिया गया है।


 प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में दवाओं की गुणवत्ता एवं बिक्री व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को निर्देशित किया गया है कि वे निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन करें, अन्यथा इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। औषधि विभाग की इस कार्रवाई से जनपद के मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप की स्थिति है, वहीं आम जनता के हित में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे दवाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।

आजमगढ़ जहानागंज, थाने के अंदर दलित युवक से मारपीट व अभद्रता, पुलिस पर गंभीर आरोप जातिसूचक गालियां, बेल्ट से पिटाई और मोबाइल छीनी; पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक को सौंपा पत्रक


 आजमगढ़ जहानागंज, थाने के अंदर दलित युवक से मारपीट व अभद्रता, पुलिस पर गंभीर आरोप


जातिसूचक गालियां, बेल्ट से पिटाई और मोबाइल छीनी; पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक को सौंपा पत्रक



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के जहानागंज थाना क्षेत्र से पुलिस पर गंभीर आरोपों का मामला सामने आया है। मुबारकपुर थाना क्षेत्र के इब्राहिमपुर निवासी शोभा प्रसाद (पुत्र स्व. नान्हू राम) ने पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि 8 अप्रैल 2026 को उन्हें एक सामाजिक विवाद के संबंध में जहानागंज थाने बुलाया गया था। प्रार्थना पत्र के अनुसार, परदेशी मोड़ निवासी आदित्य राज सहित कुछ लोगों द्वारा एक अनुसूचित जाति के व्यक्ति के खिलाफ कथित तौर पर जातिसूचक टिप्पणियां की जा रही थीं। इसी मामले में पैरोकारी के लिए थाने पहुंचे प्रार्थी का आरोप है कि वहां मौजूद दीवान गोविंद सिंह ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए जातिसूचक गालियां दीं।


 विरोध करने पर पीड़ित का आरोप है कि थाने के पुलिसकर्मियों ने एकजुट होकर उनके साथ मारपीट की, बेल्ट से पिटाई की और उन्हें थाने के अंदर बंद कर दिया। साथ ही, उनके पास से करीब 2,022 रुपये नकद और मोबाइल फोन छीन लेने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़ित का कहना है कि मारपीट में घायल होने के बाद किसी तरह वहां से निकलकर उन्हें जिला अस्पताल, आजमगढ़ में भर्ती कराया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके कुछ साथी अभी भी थाने में बंद हैं और पुलिस द्वारा उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जा रही है।


 पीड़ित ने पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया और जान से मारने की आशंका भी जताई है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने तथा थाने के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कर जांच में शामिल करने की मांग की है।

उत्तर प्रदेश में फिर आईएएस तबादले, 5 अधिकारियों को नई जिम्मेदारी प्रतीक्षा सूची के 2 अफसरों को मिली पोस्टिंग, स्वच्छ भारत मिशन व यूपीपीएससी में अहम बदलाव


 उत्तर प्रदेश में फिर आईएएस तबादले, 5 अधिकारियों को नई जिम्मेदारी


प्रतीक्षा सूची के 2 अफसरों को मिली पोस्टिंग, स्वच्छ भारत मिशन व यूपीपीएससी में अहम बदलाव



लखनऊ, उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी व चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से योगी सरकार लगातार बड़े स्तर पर फेरबदल कर रही है। इसी क्रम में बुधवार को एक बार फिर पांच आईएएस अधिकारियों के तबादले की सूची जारी की गई। जारी सूची के अनुसार प्रतीक्षा सूची में चल रहीं गुंजन द्विवेदी को मिशन निदेशक, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के पद पर तैनात किया गया है। 


वहीं प्रतीक्षा सूची में रहे रत्नेश सिंह को उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी, लखनऊ में अपर निदेशक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, प्रयागराज के सचिव रहे अशोक कुमार को विशेष सचिव, सिंचाई, जल संसाधन एवं परती भूमि विकास विभाग तथा कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, उत्तर प्रदेश शासन बनाया गया है। उच्च शिक्षा विभाग के विशेष सचिव और डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय, लखनऊ के कुलसचिव गिरिजेश कुमार त्यागी को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, प्रयागराज में सचिव पद पर नई तैनाती दी गई है।


 वहीं जल संसाधन एवं परती भूमि विकास विभाग तथा कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग में विशेष सचिव रहीं अनीता वर्मा सिंह को विशेष सचिव, उच्च शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश शासन के साथ-साथ डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय, लखनऊ का कुलसचिव बनाया गया है। सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक व्यवस्था में तेजी और कार्यकुशलता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।