Wednesday, 18 March 2026

आजमगढ़ मेहनाजपुर नौकरी दिलाने के नाम पर 12 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार एम्स व रेलवे में नौकरी का झांसा देकर रकम हड़पी, पैसा मांगने पर दी जान से मारने की धमकी


 आजमगढ़ मेहनाजपुर नौकरी दिलाने के नाम पर 12 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार



एम्स व रेलवे में नौकरी का झांसा देकर रकम हड़पी, पैसा मांगने पर दी जान से मारने की धमकी



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के मेहनाजपुर थाना क्षेत्र में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी पर विभिन्न सरकारी संस्थानों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर करीब 12 लाख रुपये हड़पने का आरोप है।


 पीड़ित द्वारा थाने में दी गई तहरीर के अनुसार, अभियुक्त फूलेन्दर राम ने एम्स, रेलवे सहित अन्य विभागों में नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाकर कई किश्तों में बड़ी रकम वसूल ली। जब काफी समय बाद भी नौकरी नहीं लगी तो पीड़ित ने अपना पैसा वापस मांगा, जिस पर आरोपी ने रकम लौटाने से इनकार कर दिया और जान से मारने की धमकी दी। मामले में थाना मेहनाजपुर में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस ने साक्ष्य के आधार पर धाराओं में बढ़ोत्तरी भी की। 


वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक नगर व क्षेत्राधिकारी लालगंज के पर्यवेक्षण में कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी को उसके गांव बरेहता के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में उ0नि0 सुभाष तिवारी, चौकी प्रभारी लालगंज, थाना देवगांव, का0 कमलेश सरोज, थाना देवगांव शामिल रहे।

आजमगढ़ मासूम से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल का सश्रम कारावास पॉक्सो कोर्ट का सख्त फैसला—20 हजार रुपये जुर्माना, 2018 की घटना में 9 गवाहों के आधार पर सजा


 आजमगढ़ मासूम से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल का सश्रम कारावास


पॉक्सो कोर्ट का सख्त फैसला—20 हजार रुपये जुर्माना, 2018 की घटना में 9 गवाहों के आधार पर सजा



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में सात वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म के मुकदमे में सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने आरोपी को कठोर सजा सुनाई है। पॉक्सो कोर्ट के जज संतोष कुमार यादव ने बुधवार को आरोपी एहसान को 20 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 20 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। 


अभियोजन पक्ष के अनुसार रौनापार थाना क्षेत्र के एक गांव में 3 सितंबर 2018 को दिन में करीब 12 बजे पीड़िता अपने घर से लगभग 100 मीटर दूर मक्के के खेत की रखवाली कर रही थी। इसी दौरान आरोपी एहसान वहां पहुंचा और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके की ओर दौड़े, जिसके बाद आरोपी फरार हो गया। पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर आरोपी के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत की। 


अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक अवधेश कुमार मिश्रा और दौलत यादव ने कुल नौ गवाहों को अदालत में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।

आजमगढ़ बिलरियागंज गैस एजेंसी पर छापा, 642 सिलेंडरों की कालाबाजारी का खुलासा निरीक्षण में स्टॉक में भारी अंतर, गोदाम को सील करते हुए संचालक खिलाफ दर्ज किया गया मुकदमा


 आजमगढ़ बिलरियागंज गैस एजेंसी पर छापा, 642 सिलेंडरों की कालाबाजारी का खुलासा



निरीक्षण में स्टॉक में भारी अंतर, गोदाम को सील करते हुए संचालक खिलाफ दर्ज किया गया मुकदमा


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के बिलरियागंज ब्लॉक स्थित तौहीद इंडेन ग्रामीण वितरक बनकट गैस एजेंसी पर प्रशासनिक टीम द्वारा की गई औचक जांच में बड़े पैमाने पर अनियमितता और कालाबाजारी का मामला सामने आया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर 16 मार्च 2026 को पूर्ति विभाग की टीम ने गोदाम का निरीक्षण किया। जांच के दौरान एजेंसी कार्यालय खुला मिला, जहां मौजूद ऑपरेटर ने बताया कि 10 मार्च से गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बंद है और पिछले 6 दिनों से वितरण नहीं हो रहा है। हालांकि जांच में सामने आया कि 9 और 10 मार्च को कुल 666 घरेलू गैस सिलेंडर गोदाम में आए थे, जिन्हें 10 मार्च तक ही वितरित कर दिए जाने का दावा किया गया। इस पर संदेह होने पर टीम ने गोदाम के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया। 


निरीक्षण में गोदाम में मात्र 276 घरेलू (14.2 किग्रा) खाली सिलेंडर मिले, जबकि स्टॉक रजिस्टर और ऑनलाइन रिकॉर्ड के अनुसार यह संख्या काफी अधिक होनी चाहिए थी। जांच में कुल 599 घरेलू सिलेंडर और 43 व्यावसायिक सिलेंडर कम पाए गए। पूर्ति निरीक्षकों, उपजिलाधिकारी सगड़ी, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी और पुलिस बल की मौजूदगी में विस्तृत जांच की गई। गोदाम के रिकॉर्ड, ऑनलाइन डेटा और मौके पर मिले स्टॉक के बीच भारी अंतर मिलने से कालाबाजारी की आशंका की पुष्टि हुई। 


केयरटेकर के बयान में भी स्टॉक के आगमन और वितरण में अनियमितताएं सामने आईं। निर्गमन रजिस्टर में सिलेंडर वितरण की प्रविष्टियां तो मिलीं, लेकिन संबंधित हाकरों के हस्ताक्षर नहीं पाए गए, जिससे रिकॉर्ड संदिग्ध हो गया। जांच में स्पष्ट हुआ कि एजेंसी द्वारा कुल 642 गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी की गई है, जो द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण विनियमन) आदेश 2000 का उल्लंघन है। यह कृत्य आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत दंडनीय अपराध है। प्रशासन ने गोदाम में मौजूद सभी सिलेंडरों को सील कर पुलिस अभिरक्षा में दे दिया है। वहीं जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद एजेंसी संचालक तौहीद और शबाना बानो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस कार्रवाई से जिले में गैस आपूर्ति व्यवस्था पर कड़ी निगरानी का संदेश गया है और अन्य एजेंसियों में भी हड़कंप मच गया है।