Friday, 1 May 2026

आजमगढ़ अतरौलिया 14 साल की शादी, संतान न होने का ताना, फिर हुई विवाहिता की संदिग्ध मौत शरीर पर चोट के निशान देख भड़का मायका पक्ष, दाह संस्कार से पहले पुलिस पहुंची पति समेत तीन लोगों पर हत्या का मुकदमा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार


 आजमगढ़ अतरौलिया 14 साल की शादी, संतान न होने का ताना, फिर हुई विवाहिता की संदिग्ध मौत


शरीर पर चोट के निशान देख भड़का मायका पक्ष, दाह संस्कार से पहले पुलिस पहुंची


पति समेत तीन लोगों पर हत्या का मुकदमा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अतरौलिया थाना क्षेत्र स्थित रतूआपार गांव में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद मायके पक्ष के आरोपों और मृतका के शरीर पर मिले चोट के निशानों के आधार पर पुलिस ने पति समेत तीन लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। 


जानकारी के अनुसार, जीयनपुर थाना क्षेत्र के जमीन हरखोरी धनछुला गांव निवासी 36 वर्षीय सिम्पी सिंह की शादी करीब 14 वर्ष पहले रतूआपार गांव के पंकज सिंह के साथ हुई थी। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही संतान न होने को लेकर सिम्पी को लगातार ताने दिए जाते थे और उसे मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। इस वजह से घर में अक्सर विवाद होता रहता था। बताया जा रहा है कि बीती रात सिम्पी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। ससुराल पक्ष ने घटना को दबाने का प्रयास करते हुए सुबह जल्दबाजी में अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी। इसी बीच शादी में मध्यस्थता करने वाले एक व्यक्ति ने मृतका के भाई को फोन कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही मृतका का मायका पक्ष मौके पर पहुंचा। 


मृतका के भाई अनूप कुमार सिंह के अनुसार, सिम्पी के शरीर और पेट पर गंभीर चोटों के निशान थे, जो सामान्य हादसे की बजाय किसी हिंसक घटना की ओर इशारा कर रहे थे। इसके बाद तत्काल डायल 112 पर सूचना देकर पुलिस को बुलाया गया। वहीं, ससुराल पक्ष ने पुलिस को बताया कि सिम्पी रात में हैंडपंप से पानी लेने गई थी, जहां गिरने से उसके सिर में चोट लगी और उसकी मौत हो गई। हालांकि, मौके पर मिले हालात और शरीर पर चोट के निशानों ने इस दावे पर संदेह पैदा कर दिया। मायके पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतका के पिता सूर्य प्रकाश सिंह की शिकायत के आधार पर पति पंकज सिंह, देवर विनय सिंह और सास के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। थानाध्यक्ष देवेंद्र नाथ दुबे ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाकर साक्ष्य एकत्र किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट होंगे और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

आजमगढ़ मीरा आजाद के बेटे को 2 साल की सजा, 1.20 करोड़ का लगा जुर्माना जमीन सौदे में ठगी के बाद दिया गया चेक हुआ बाउंस, अदालत ने सुनाई सजा


 आजमगढ़ मीरा आजाद के बेटे को 2 साल की सजा, 1.20 करोड़ का लगा जुर्माना



जमीन सौदे में ठगी के बाद दिया गया चेक हुआ बाउंस, अदालत ने सुनाई सजा



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में चेक बाउंस के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने एक आरोपी को दो वर्ष के साधारण कारावास तथा एक करोड़ बीस लाख रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की पूरी धनराशि वादी मुकदमा को दी जाएगी। यह फैसला अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट नंबर दस रश्मि चन्द की अदालत ने शुक्रवार को सुनाया। 


अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी कुँवर इन्द्र भूषण निवासी अमौड़ा थाना रानी की सराय को एक जमीन खरीदनी थी। वादी कुंवर इंद्र भूषण की मुलाकात आरोपी प्रभात कुमार गौतम और उसकी मां मीरा आजाद निवासी ग्राम मुंडा थाना सिधारी से हुई। मीरा आजाद और कुंवर इंद्र भूषण ने मुंडा में स्थित एक जमीन का सौदा वादी कुंवर इंद्र भूषण से किया। कुंवर इंद्र भूषण ने इस सौदे के लिए मीरा आजाद और प्रभात कुमार गौतम को नकद तथा बैंक एकाउंट के जरिए कुल एक करोड़ साठ लाख रुपए का भुगतान किया। इस भुगतान के बावजूद जमीन की बिक्री नहीं हुई। जमीन बिक्री नहीं होने कुंवर इंद्र भूषण ने अपने रुपए की मांग की। तब प्रभात कुमार गौतम ने 23 अगस्त 2016 को वादी कुंवर इंद्र भूषण को साठ लाख रुपए का चेक दिया। यह चेक अपर्याप्त बैलेंस की वजह से डिश आनर हो गया। तब वादी ने कोर्ट की शरण ली। वर्ष 2018 में वादी कुंवर इंद्र भूषण की मृत्यु हो गई। उसकी जगह वारिस के तौर पर कुंवर इंद्र भूषण की पत्नी लक्ष्मी भूषण को कोर्ट ने पैरवी की अनुमति दी। इस मामले में दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी प्रभात कुमार गौतम को चेक बाउंस का दोषी पाते हुए दो वर्ष के साधारण कारावास तथा एक करोड़ बीस लाख रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाई। अर्थदंड की पूरी धनराशि वादी मुकदमा लक्ष्मी भूषण को दी जाएगी।

मिर्जापुर पुलिस चौकी में घुसकर दरोगा-सिपाही पर हमला 50 लोगों की भीड़ ने वर्दी फाड़ी, हेड कांस्टेबल घायल, 5 आरोपी हिरासत में


 मिर्जापुर पुलिस चौकी में घुसकर दरोगा-सिपाही पर हमला


50 लोगों की भीड़ ने वर्दी फाड़ी, हेड कांस्टेबल घायल, 5 आरोपी हिरासत में



उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित मंडलीय अस्पताल के पास बुधवार रात करीब साढ़े 10 बजे ई-रिक्शा की टक्कर के बाद दो पक्षों में विवाद हो गया, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। पहले चरण में ई-रिक्शा चालक की पिटाई की गई, जिसके बाद मामला अस्पताल पुलिस चौकी तक पहुंच गया। पुलिस चौकी में भी स्थिति शांत नहीं हुई और ई-रिक्शा चालक पक्ष के लोग वहां पहुंचकर दूसरे पक्ष पर हमला करने लगे। इस दौरान दूसरे पक्ष ने आरोप लगाया कि पुलिस ने हमलावरों को भगा दिया, जिससे आक्रोशित भीड़ ने पुलिस से ही हाथापाई शुरू कर दी। भीड़ ने दरोगा और सिपाहियों पर हमला कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही आसपास की चौकियों से अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा और हालात को नियंत्रित किया गया। मारपीट में हेड कांस्टेबल कमलेश पासवान गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका सिर फट गया। 


चौकी प्रभारी मनोज राय के अनुसार, करीब 50 लोग चौकी में घुस आए और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करते हुए वर्दी तक फाड़ दी। आरोप है कि हमलावरों में से एक के पास पिस्टल भी थी, जिसने धमकी देते हुए मौके से फरार हो गया। मौके पर पहुंचे सीओ सिटी विवेक जावला ने स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को हिरासत में लिया है। एएसपी सिटी नितेश सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।