Thursday, 27 November 2025

आजमगढ़ एक्शन में डीआईजी सुनील कुमार सिंह, 15,755 चालान, 2.76 करोड़ लगा जुर्माना डग्गामार, ओवरलोड, काली फिल्म व जातिसूचक नंबर प्लेट पर सख्ती, 574 वाहन सीज

आजमगढ़ एक्शन में डीआईजी सुनील कुमार सिंह, 15,755 चालान, 2.76 करोड़ लगा जुर्माना



डग्गामार, ओवरलोड, काली फिल्म व जातिसूचक नंबर प्लेट पर सख्ती, 574 वाहन सीज



उत्तर प्रदेश, आजमगढ़ यातायात निदेशालय द्वारा चलाये गये सड़क सुरक्षा कार्ययोजना के अंतर्गत पुलिस उपमहानिरीक्षक आजमगढ़ परिक्षेत्र आजमगढ़ सुनील कुमार सिंह के निर्देशन में परिक्षेत्र के जनपदों में 20 नवम्बर 2025 से 22 नवम्बर 2025 तक 3 दिवसीय अभियान (डग्गामार वाहन, ओवरलोड वाहन के विरुद्ध, काली फिल्म एवं हूटर लगे वाहनें के विरुद्ध, दो पहिया एवं चार पहिया के नं0 प्लेट पर जाति सूचक भड़काऊ शब्द के लिखे वाहने के विरुद्ध आदि) चलाये गये यातायात अभियान के दौरान विभिन्न वाहनों के विरूद्ध कार्यवाही किया गया। 


जनपद आजमगढ़ में कुल चालान 2673, सीज चार पहिया व दो पहिया वाहन 49 तथा जुर्माना 30,61,000 रुपए किया गया। 


जनपद मऊ में कुल चालान 4206, सीज चार पहिया व दो पहिया वाहन 285 तथा जुर्माना 1,26,68,900 (नगद- 45500 ) रुपए किया गया।


 जनपद बलिया में कुल चालान 8876, सीज चार पहिया व दो पहिया वाहन 240 तथा जुर्माना 1,18,98,100 रुपए किया गया।


 इस प्रकार परिक्षेत्र में कुल चालान 15755, एवं 574 चार पहिया व दो पहिया वाहन को सीज किया गया तथा कुल जुर्माना 2,76,28,000 रुपए अधिरोपित करते हुए नगद- 45,500 रुपए वसूले गए।

 

आजमगढ़ सिधारी शाहगढ़ कोटेदार ने 160 कुंटल से ज्यादा राशन किया गायब 183 कार्डधारकों को नवंबर में एक दाना नहीं मिला कोटेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज, कोटेदार फरार


 आजमगढ़ सिधारी शाहगढ़ कोटेदार ने 160 कुंटल से ज्यादा राशन किया गायब



183 कार्डधारकों को नवंबर में एक दाना नहीं मिला


कोटेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज, कोटेदार फरार



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के सिधारी थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत शाहगढ़ की उचित दर की दुकान (साधन सहकारी समिति शाहगढ़) के कोटेदार चंदन कुमार यादव के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। पूर्ति निरीक्षक की छापेमारी में कोटेदार के गोदाम से 70.28 कुंटल गेहूँ, 90.40 कुंटल चावल और 0.45 कुंटल चीनी कुल लगभग 161 कुंटल खाद्यान्न गायब पाया गया। साथ ही 31 अंत्योदय और 152 पात्र गृहस्थी कार्डधारकों (कुल 183 परिवार) ने लिखित बयान दिया कि उन्हें नवंबर 2025 में ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगवाने के बावजूद एक किलो भी राशन नहीं दिया गया। 


24 नवंबर 2025 को दोपहर करीब 12 बजे शाहगढ़ के कार्डधारकों ने पूर्ति निरीक्षक मनोज कुमार सिंह को फोन कर शिकायत की कि दुकान पर लंबी कतार है लेकिन कोटेदार दुकान बंद करके गायब है। पूर्ति निरीक्षक अपने साथी अतुल कुमार सिंह के साथ मौके पर पहुंचे तो दुकान बंद मिली और सैकड़ों लोग इंतजार करते दिखे। कोटेदार का फोन भी बंद था। दोपहर करीब 2 बजे कोटेदार आया। गोदाम का भौतिक सत्यापन किया गया तो भारी अनियमितता मिली। स्टॉक रजिस्टर नहीं दिखाया गया, विभागीय सूचना पटल भी अधूरा था। तौल मशीन, ई-पॉस मशीन, आयरिश मशीन आदि जब्त कर नजदीकी जमुड़ी ग्राम पंचायत के कोटेदार तुफैल अहमद को सुपुर्द कर दिया गया। कार्रवाई खत्म होने से पहले ही कोटेदार चंदन यादव मोबाइल बंद करके मौके से फरार हो गया।


 25 नवंबर 2025 को PDS पोर्टल की रिपोर्ट से तुलना करने पर सामने आया कि कोटेदार के पास अक्टूबर 2025 का बचा स्टॉक, नवंबर 2025 का बचा स्टॉक और दिसंबर 2025 का उठाव मिलाकर कुल 104.38 कुंटल गेहूँ और 158.54 कुंटल चावल होना चाहिए था, लेकिन गोदाम में सिर्फ 34.10 कुंटल गेहूँ और 68.14 कुंटल चावल ही मिला। इस तरह कुल 70.28 कुंटल गेहूँ और 90.40 कुंटल चावल गायब पाया गया। चीनी भी पूरी तरह गायब थी। पूर्ति निरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने अपनी रिपोर्ट में कोटेदार पर खाद्यान्न का दुरुपयोग/व्यवर्तन करने, मनमाना वितरण और आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की धारा 3/7 का उल्लंघन करने का स्पष्ट आरोप लगाया है तथा सिधारी थानाध्यक्ष से FIR दर्ज करने की अनुशंसा की है। मनोज कुमार सिंह की तहरीर पर कोटेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

आजमगढ़ सिधारी डा0 अमित सिंह सहित रमा अस्पताल के स्टाफ पर दर्ज हुआ मुकदमा बच्चे के इलाज का मामला, डॉक्टर और स्टाफ द्वारा महिला व परिजनों को पीटने सहित जातिसूचक गालियां देने का आरोप


 आजमगढ़ सिधारी डा0 अमित सिंह सहित रमा अस्पताल के स्टाफ पर दर्ज हुआ मुकदमा



बच्चे के इलाज का मामला, डॉक्टर और स्टाफ द्वारा महिला व परिजनों को पीटने सहित जातिसूचक गालियां देने का आरोप



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के सिधारी थाना क्षेत्र के चकविलिंदा गांव की रहने वाली खुश्बू देवी ने रमा हॉस्पिटल के डॉक्टर अमित सिंह और उनके स्टाफ पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए थाने में लिखित तहरीर दी है। तहरीर के आधार पर थाना सिधारी पुलिस ने डा0 अमित सिंह सहित उनके स्टाफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाने में दिये गये प्रार्थना-पत्र में पीड़िता द्वारा कहा गया है कि उनके चार वर्षीय बेटे शिवम का हाथ कट जाने के कारण 26 नवंबर 2025 को दोपहर करीब 2 बजे इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था। डॉक्टर ने बच्चे को देखकर रात 9-10 बजे आपरेशन करने की बात कही, लेकिन तय समय पर आपरेशन नहीं हुआ। बच्चा दर्द से तड़पता रहा। जब परिजनों ने बार-बार पूछताछ की और आपरेशन में देरी पर दूसरे अस्पताल ले जाने की बात कही तो डॉ. अमित सिंह भड़क गए।


 महिला का आरोप है कि डॉक्टर ने पहले उन्हें और उनके परिजनों को भद्दी-भद्दी गालियां दीं और फिर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए स्टाफ को आदेश दिया, इसकी इतनी हिम्मत कि हमसे छुट्टी मांग रही है, इतना मारो कि किसी दूसरे अस्पताल जाने लायक न रहे। इसके बाद डॉक्टर के इशारे पर स्टाफ ने खुश्बू देवी, उनकी जेठानी रूपकला, जेठ पंकज और पति वृजेश कुमार के साथ मारपीट शुरू कर दी। किसी तरह जान बचाकर परिजन अस्पताल से निकले और 27 नवंबर 2025 को सिधारी थाने पहुंचकर डॉ. अमित सिंह व उनके स्टाफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस ने तहरीर के आधार पर डा० अमित सिंह सहित उनके स्टाफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।



https://www.news9up.com/2025/11/4_27.html

आजमगढ़ अपराधियों के खिलाफ सख्ती, एक साथ 4 शस्त्र लाइसेंस धारकों के 5 लाइसेंस निरस्त अब तक कुल 32 लाइसेंस हो चुके हैं निलंबित/निरस्त, एसएसपी बोले जनसुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं मुबारकपुर क्षेत्र के 3 आरोपी शामिल, डीबीबीएल, एसबीबीएल, पिस्टल जब्ती की कार्रवाई


 आजमगढ़ अपराधियों के खिलाफ सख्ती, एक साथ 4 शस्त्र लाइसेंस धारकों के 5 लाइसेंस निरस्त


अब तक कुल 32 लाइसेंस हो चुके हैं निलंबित/निरस्त, एसएसपी बोले जनसुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं


मुबारकपुर क्षेत्र के 3 आरोपी शामिल, डीबीबीएल, एसबीबीएल, पिस्टल जब्ती की कार्रवाई



उत्तर प्रदेश, आजमगढ़ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर जनपद में अपराध और अपराधी प्रवृत्ति के शस्त्र लाइसेंस धारकों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बुधवार को चार लोगों के कुल पांच शस्त्र लाइसेंस निरस्त/निलंबित कर दिए गए। इन सभी के खिलाफ विभिन्न आपराधिक मामले दर्ज हैं और इनके कृत्यों से क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ था। निरस्त किए गए लाइसेंस धारकों में मुबारकपुर थाना क्षेत्र के तीन तथा बिलरियागंज थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति शामिल हैं। 


इनके पास एक पिस्टल, तीन एसबीबीएल और एक डीबीबीएल शस्त्र था, जिनके लाइसेंस अब रद्द कर दिए गए हैं। निरस्त लाइसेंस धारकों की सूची: 1. संजय राय पुत्र स्व. केशव राय, सठियावं, थाना मुबारकपुर-डीबीबीएल बंदूक, 2. अजय सिंह पुत्र राजदेव सिंह, तेन्दुआ, थाना बिलरियागंज-एसबीबीएल बंदूक, 3. सुरेन्द्र सिंह पुत्र प्रसिद्ध सिंह, डिलिया, थाना मुबारकपुर-पिस्टल एवं एसबीबीएल बंदूक, 4. जय प्रकाश राय पुत्र अवध नारायण राय, कुकुड़ीपुर, थाना मुबारकपुर-एसबीबीएल बंदूक।


 इस कार्रवाई के साथ ही जनपद में अब तक कुल 32 शस्त्र लाइसेंस निरस्त या निलंबित हो चुके हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने कहा, अपराधी प्रवृत्ति के लोगों पर लगातार नजर रखी जा रही है। जिनके पास शस्त्र रहने से आमजन की सुरक्षा को खतरा है, उनके खिलाफ सबसे सख्त कार्रवाई की जाएगी। जनपद में कानून-व्यवस्था और लोकशांति बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

आजमगढ़ सिधारी फिर चर्चा में आया रमा हॉस्पिटल, 4 साल के बच्चे की जान पर मंडराया खतरा छुट्टी मांगते ही डॉक्टर भड़के, गालियां दीं, स्टाफ ने की मारपीट बच्चे को लगातार दर्द में छोड़ा, ऑपरेशन के नाम पर टालमटोल


 आजमगढ़ सिधारी फिर चर्चा में आया रमा हॉस्पिटल, 4 साल के बच्चे की जान पर मंडराया खतरा



छुट्टी मांगते ही डॉक्टर भड़के, गालियां दीं, स्टाफ ने की मारपीट


बच्चे को लगातार दर्द में छोड़ा, ऑपरेशन के नाम पर टालमटोल



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के सिधारी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चर्चित रमा अस्पताल एक बार फिर गंभीर आरोपों की जद में है। चार वर्षीय मासूम के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में भारी लापरवाही, डॉक्टर द्वारा गाली-गलौज और स्टाफ द्वारा मारपीट करने का संगीन आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि समय पर इलाज न मिलने से बच्चे की हालत बेहद नाजुक हो गई। 


चकविलिंदा गांव निवासी खुशबू देवी ने मीडिया को बताया कि उनके 4 साल के बेटे का हाथ गंभीर रूप से कट गया था। 26 नवंबर 2025 को दोपहर करीब 2 बजे बच्चे को रमा अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टर अमित सिंह ने मरीज को देखने के बाद कहा कि ऑपरेशन रात 9-10 बजे के बीच होगा। इस बीच बच्चा लगातार दर्द से तड़पता रहा, लेकिन न तो कोई दवा दी गई और न ही कोई त्वरित उपचार किया गया। परिजनों के बार-बार अनुरोध करने पर भी डॉक्टर अमित सिंह केवल आश्वासन देते रहे और कोई ठोस कदम नहीं उठाया। हालत लगातार बिगड़ने पर परिजनों ने बच्चे को दूसरे अस्पताल ले जाने का फैसला किया और डिस्चार्ज मांगा। इसी बात पर डॉक्टर अमित सिंह आग-बबूला हो गए।


 खुशबू देवी के मुताबिक डॉक्टर ने न सिर्फ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया बल्कि गंदी गालियां दीं। इसके बाद अस्पताल के कुछ कर्मचारियों ने परिजनों के जेठ पंकज और पति बृजेश के साथ हाथापाई शुरू कर दी। किसी तरह परिवार बच्चे को लेकर अस्पताल से बाहर निकला और तुरंत पुलिस को सूचना दी। परिजनों का आरोप है कि रमा अस्पताल की इस घोर लापरवाही के कारण उनके बच्चे की जान को गंभीर खतरा पैदा हो गया। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर निजी अस्पतालों में मरीजों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार के मुद्दे को उजागर कर दिया है।


https://www.news9up.com/2025/11/0.html