Saturday 21 October 2023

आजमगढ़ दीदारगंज थाना के दरियापुर गांव निवासी वीरेंद्र यादव का शव जाफराबाद जौनपुर के गोमती नदी में मिला..... मृतक के पिता ने बताया चौकाने वाली बात! देखे इस रिपोर्ट मे!


 आजमगढ़ दीदारगंज थाना के दरियापुर गांव निवासी वीरेंद्र यादव का शव जाफराबाद जौनपुर के गोमती नदी में मिला.....


मृतक के पिता ने बताया चौकाने वाली बात! देखे इस रिपोर्ट मे! 



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ जनपद के दीदारगंज थाना क्षेत्र के दरियापुर गांव निवासी 23 वर्षीय युवक वीरेंद्र यादव उर्फ विरू पुत्र दयाराम यादव जो मार्टिनगंज बाजार स्थित चाइल्ड केयर हॉस्पिटल में कार्यरत था


 विगत 13 अक्टूबर 2023 को दिन में 2:36 मिनट पर वीरेंद्र यादव अस्पताल से निकले और 15 अक्टूबर 2023 को उनका जौनपुर जनपद के जफराबाद थाना क्षेत्र के मोहिऊद्दीनपुर गांव से होकर जाने वाली गोमती नदी में शव मछुआरों को मिला


 जिसकी सूचना लोगों ने 112 नंबर पुलिस को तथा जाफराबाद थाने को भी सूचना दी। मृतक के जेब से आधार कार्ड मिला जिससे पुलिस ने दरियापुर गांव के पूर्व प्रधान सुभाष यादव को घटना की जानकारी दी।


 मृतक की मोटर साइकिल नदी के किनारे स्थित सती देवी मंदिर परिसर में मिली। 16 अक्टूबर 2023 को मृतक का पोस्टमार्टम पुलिस ने कराया। स्वजनों द्वारा हत्या की आशंका जताई जा रही है।


तथा मृतक के पिता का आरोप है की जाफराबाद थाने में प्रार्थना पत्र देने के बावजूद 19 अक्टूबर 2023 तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया था।



आजमगढ़ दीदारगंज से प्रवीण यादव की रिपोर्ट।

आजमगढ़ अतरौलिया संदिग्ध परिस्थितियों में 2 मासूम बच्चों की हुई मौत एक साथ 2 बच्चों की मौत से गांव में छाया मातम


 आजमगढ़ अतरौलिया संदिग्ध परिस्थितियों में 2 मासूम बच्चों की हुई मौत


एक साथ 2 बच्चों की मौत से गांव में छाया मातम



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ अतरौलिया थाना अंतर्गत रामपुर खास निवासी स्व0 गोविंद दयाल का पुत्र अभय निषाद उम्र 9 वर्ष तथा पुत्री सोनाक्षी 11 वर्ष की संदिग्ध परिस्थितियों मौत हो गई। घटना से पूरे परिवार में मातम छा गया। बीती शाम को अभय निषाद 11 वर्ष की तबीयत कुछ खराब हुई और सिर में दर्द तथा सांस लेने में दिक्कत होने लगी, जिसे लेकर परिजन नजदीकी अस्पताल पहुँचे जहां डॉक्टरों ने स्थिति को गंभीर देखते हुए हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। परिजनों द्वारा उसे लेकर रामनगर एक प्राइवेट अस्पताल पहुंचे जहां डॉक्टरों ने अभय निषाद को मृत घोषित कर दिया। 


वहीं बच्चे की मौत से रोते बिलखते परिजन जब सुबह बेटे के शव को लेकर घर पहुंचे तो उसकी बहन सोनाक्षी जो सोयी हुई थी परिजन उसे जगाने लगे, जब काफी देर तक जगाने पर जब सोनाक्षी नहीं उठी तो परिजन उसे भी लेकर अस्पताल गए जहां डॉक्टरों ने उसे भी मृत घोषित कर दिया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना अतरौलिया थाने को दी। मौके पर थाना प्रभारी अतरौलिया पहुंचे और परिजनों की तहरीर पर शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दो बच्चों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत पर पूरे घर और गांव में कोहराम मच गया। 


परिजनों ने बताया कि बच्चे शाम को बासी भोजन का सेवन किए थे जिसकी वजह से उनकी तबीयत खराब हुई। बच्चों के पिता गोविंद दयाल पहले ही मर चुके हैं वहीं माता मनीषा निषाद का रो-रो कर बुरा हाल था।

मुरादाबाद महिला से अवैध संबंध में बिक गई 26 बीघा जमीन ज्यादा तंग करने लगी तो प्रेमी ने उतार दिया मौत के घाट


 मुरादाबाद महिला से अवैध संबंध में बिक गई 26 बीघा जमीन



ज्यादा तंग करने लगी तो प्रेमी ने उतार दिया मौत के घाट



उत्तर प्रदेश मुरादाबाद के भोजपुर के रानी नांगल के जंगल में दो दिन पहले महिला की गला रेतकर की गई हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस ने महिला के प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने पुलिस पूछताछ में कबूला है कि महिला उसे ब्लैकमेल कर रकम वसूलती थी। वह 26 बीघा जमीन बेचकर महिला पर खर्च कर चुका था। अब उसके पास कुछ भी नहीं बचा था। बावजूद इसके महिला दुष्कर्म के केस में फंसाने की धमकी दे रही थी। एसपी देहात संदीप कुमार मीना ने बताया कि भोजपुर थाना क्षेत्र के गांव रानी नागल में बुधवार को महिला का गर्दन कटा शव मिला था। मृतका की पहचान भगतपुर क्षेत्र के एक गांव निवासी 48 वर्षीय महिला के रूप में हुई थी।



महिला के पति ने भगतपुर के जाहिदपुर सीकमपुर निवासी मुन्तयाज और उसके साथी के खिलाफ केस दर्ज कराया था। पुलिस की जांच पड़ताल और कॉल डिटेल के जरिए मुन्तयाज की भूमिका सामने आई। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की। उसने पहले पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। इसके बाद उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि महिला से उसके लंबे समय से अवैध संबंध थे। वह अब तक 26 बीघा जमीन बेच चुका है। महिला उसे ब्लैकमेल कर रही थी। रकम न देने पर दुष्कर्म के केस में फंसाने की धमकी देती थी। इसकी भनक आरोपी की पत्नी और बेटे को भी हो गई थी। जिसे लेकर घर में आए दिन विवाद होता था।


आरोपी ने बताया कि वह महिला को रास्ते से हटाना चाहता था। उसने देखा कि 18 अक्तूबर की सुबह के समय महिला घर से दवा लेने के लिए निकली थी। इसके बाद आरोपी उसके पीछे आ गया था। सुबह करीब दस बजे वह भोजपुर में महिला से मिला और उसे रानी नांगल के जंगल में स्थित मजार पर चलने को कहा। महिला उसके साथ चलने को तैयार हो गई थी। तब उन्होंने 100 रुपये में ई-रिक्शा बुक किया। मजार से पहले ही आरोपी और महिला ई-रिक्शा से उतर गए थे। इसके बाद आरोपी महिला को गन्ने के खेत में ले गया और चाकू से हमला कर उसकी हत्या करने के बाद वहां से भाग गया था। पुलिस ने आरोपी से चाकू और अन्य सामान बरामद कर लिया है। शुक्रवार शाम पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया

उत्तर प्रदेश के 6 अफसरों पर सीएम योगी का एक्शन एक को किया बर्खास्त, 3 सस्पेंड, 2 पर मुकदमा


 उत्तर प्रदेश के 6 अफसरों पर सीएम योगी का एक्शन



एक को किया बर्खास्त, 3 सस्पेंड, 2 पर मुकदमा दर्ज



लखनऊ उत्तर प्रदेश के छह चकबंदी अफसरों पर सीएम योगी ने बड़ी कार्रवाई की है। सीएम योगी ने बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी बलिया अनिल कुमार व बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी सीतापुर सन्तोष कुमार को निलंबित कर दिया गया है। इन दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की सिफारिश शासन को भेजी गयी है। इसके अलावा एक अफसर को बर्खास्त कर दिया गया, जबकि दो के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। चकबंदी आयुक्त जी.एस.नवीन कुमार ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया चकबन्दी अधिकारी मऊ अशफाक आलम अन्सारी को मानक के अनुसार कार्य न करने एवं शिथिलता बरतने के कारण निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है। तत्कालीन चकबन्दी अधिकारी सम्प्रति सहायक चकबन्दी अधिकारी कामता प्रसाद को जनपद सिद्धार्थनगर के ग्राम गढावर में शासकीय भूमि को क्षति पहुंचाने के कारण विभागीय कार्रवाई की गई और आरोप सिद्ध हो जाने की दशा में उन्हें बर्खास्त कर दिया गया। 


इसी तरह चकबन्दी अधिकारी अलीगढ़ बृजेश कुमार शर्मा व चकबन्दी अधिकारी महराजगंज ऐश मुहम्मद को चकबन्दी क्रियाओं के दौरान गम्भीर अनियमितता करने के कारण उनके विरुद्ध संबंधित जनपदों में प्रथम सूचना प्रतिवेदन भी अंकित कराया गया है। मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार चकबन्दी विभाग को पारदर्शी तथा जन सामान्य के प्रति उत्तरदायी बनाने के उद्देश्य से चकबन्दी प्रक्रिया में गुणात्मक सुधार के मद्देनज़र अपर मुख्य सचिव राजस्व, उत्तर प्रदेश शासन व चकबन्दी आयुक्त के समक्ष गुरुवार को प्रस्तुतीकरण किया गया। इसमें निर्णय लेते हुए अपर मुख्य सचिव राजस्व ने निर्देश दिए कि चकबन्दी प्रक्रिया को पूरी तरह से कम्प्यूटरीकृत करते हुए इसके लिए कार्यदायी संस्था को चयनित किया जाए। साथ ही कम समय में पूरी पारदर्शिता एवं जन सहभागीदारी के साथ चकबन्दी कार्य पूर्ण किया जाए। वर्तमान में चकबन्दी क्रियाओं में अपनाये जाने वाली प्रक्रिया को सहज, सरल व प्रक्रिया को न्यूनतम कर इसकी कमियों को दूर किया जाए। 


उन्होंने निर्देश दिए कि चकबन्दी कियाओं में व्याप्त व्यापक त्रुटियों/कमियों तकनीकी सहायकता के माध्यम से दूर कर सभी आकड़ों एवं भू-चित्र को ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाए। चकबन्दी आयुक्त ने कहा कि इन कार्य के लिए इच्छुक कंपनियों को आमन्त्रित करते हुए उनके विचार ई-टेण्डर के माध्यम से नवीनतम तकनीक जैसे एआई / एमएल / ब्लाक चेन / ड्रोन रोवर आधारित सर्वेक्षण के आधार पर प्राप्त किया जाए और उसके आधार पर टेस्टिंग के रूप में एक-एक ग्राम आवंटित किया जाए। यह कार्य अपनी पूर्णावस्था में आ चुके हैं और सभी बिन्दुओं पर कार्य प्रारम्भ हो चुका है। अब चकबन्दी प्रक्रिया में लगने वाला समय तीन से पांच वर्ष से घट कर एक से डेढ़ वर्ष में होगा। चकबंदी आयुक्त ने बताया कि इस दौरान चकबन्दी कार्यों की निरन्तर समीक्षा एवं अनुश्रवण से यह स्थिति स्पष्ट हुई कि अधिकारी व कर्मचारी चकबन्दी कार्यों में शिथिलता बरत रहे हैं और उनके द्वारा मानक के अनुसार कार्य नहीं किया जा रहा है।