Monday, 27 April 2026

आजमगढ़ मेंहनगर गोपालपुर हत्याकांड का खुलासा! आरोपी गिरफ्तार, लोहे की रॉड बरामद शराब के नशे में विवाद के बाद की थी हत्या, पुलिस ने 24 घंटे के भीतर आरोपी को दबोचा


 आजमगढ़ मेंहनगर गोपालपुर हत्याकांड का खुलासा! आरोपी गिरफ्तार, लोहे की रॉड बरामद



शराब के नशे में विवाद के बाद की थी हत्या, पुलिस ने 24 घंटे के भीतर आरोपी को दबोचा



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के मेंहनगर थाना क्षेत्र के गोपालपुर गांव में हुए हत्या कांड का पुलिस ने त्वरित खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही घटना में प्रयुक्त लोहे की रॉड भी बरामद कर ली गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 27 अप्रैल 2026 को संध्या देवी पत्नी रामजी निवासी गोपालपुर द्वारा थाने में तहरीर दी गई थी। उन्होंने बताया कि 26 अप्रैल 2026 की शाम करीब 8:30 बजे गांव का राहुल पुत्र रामजीत शराब के नशे में गाली-गलौज कर रहा था। उनके पति रामजी द्वारा विरोध करने पर आरोपी ने विवाद के दौरान लोहे की रॉड से उनके सिर पर जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल रामजी की अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई। इस मामले में थाना मेंहनगर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई। 


पुलिस टीम ने सक्रियता दिखाते हुए मुखबिर की सूचना पर 27 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 3:10 बजे आरोपी राहुल को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। बाद में उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त लोहे की रॉड भी बरामद की गई। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस ने उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। गिरफ्तारी टीम में प्रभारी निरीक्षक निहार नन्दन कुमार के साथ कांस्टेबल संदीप यादव और कांस्टेबल अनुप शामिल रहे।


https://www.news9up.com/2026/04/blog-post_41.html

आजमगढ़ मेंहनगर घरेलू विवाद में पड़ोसी की हत्या, बीच-बचाव करना पड़ा भारी शराब के नशे में पति ने लोहे की रॉड से किया हमला, आरोपी गिरफ्तार


 आजमगढ़ मेंहनगर घरेलू विवाद में पड़ोसी की हत्या, बीच-बचाव करना पड़ा भारी


शराब के नशे में पति ने लोहे की रॉड से किया हमला, आरोपी गिरफ्तार



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के मेंहनगर थाना क्षेत्र के गोपालपुर गांव में बीती आधी रात दलित बस्ती में घरेलू विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पत्नी को बचाने गए पड़ोसी की जान चली गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया और मामले की जांच शुरू कर दी गई। 


जानकारी के अनुसार, आरोपी राहुल का अपनी पत्नी से आए दिन विवाद होता रहता था। रविवार रात वह शराब के नशे में घर पहुंचा और किसी बात को लेकर पत्नी से कहासुनी के बाद मारपीट करने लगा। शोर सुनकर पड़ोसी रामजी (40) बीच-बचाव के लिए पहुंचे और महिला को बचाने का प्रयास किया। इसी दौरान गुस्से में आए राहुल ने लोहे की रॉड से रामजी के सिर पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। 


ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को इलाज के लिए पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और फिर चक्रपानपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें मंडलीय चिकित्सालय रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी राहुल राम को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। मृतक रामजी मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनके परिवार में दो पुत्र और दो पुत्रियां हैं।


https://www.news9up.com/2026/04/24.html

आजमगढ़ तहबरपुर दर्दनाक हादसे में शिक्षिका व अधिवक्ता की हुई मौत चारधाम से यात्रा कर वापस लौटते समय पूर्वांचल एक्सप्रेस पर हुआ हादसा


 आजमगढ़ तहबरपुर दर्दनाक हादसे में शिक्षिका व अधिवक्ता की हुई मौत



चारधाम से यात्रा कर वापस लौटते समय पूर्वांचल एक्सप्रेस पर हुआ हादसा


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में सोमवार की सुबह चारधाम यात्रा से लौट रहे श्रद्धालुओं की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर तहबरपुर थाना क्षेत्र के ददरा गांव के पास उनकी कार एक आॅक्सीजन सिलेंडर लदे ट्रक में पीछे से जा टकराई। हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में गाजीपुर जनपद के जखनिया थाना क्षेत्र के अल्लीपुर मनरा गांव निवासी 48 वर्षीय सुनीता सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। वह रामपुर मनरा स्थित प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका के पद पर तैनात थीं। उनके निधन की खबर से विद्यालय परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं भुड़कुड़ा थाना क्षेत्र के बुढ़नपुर गांव निवासी 50 वर्षीय अधिवक्ता रजनीश पांडेय की भी हादसे में मौत हो गई। उनके निधन की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। हादसे के समय कार चला रहे 55 वर्षीय अखिलानंद तिवारी, जो सुनीता सिंह के पति बताए जा रहे हैं, गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके अलावा संजय पांडेय और उनकी पत्नी रानी पांडेय भी घायल हुए हैं।


 प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार तेज रफ्तार में थी और अचानक आगे चल रहे ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना की सूचना मिलते ही तहबरपुर पुलिस और यूपीडा की टीम मौके पर पहुंच गई। काफी मशक्कत के बाद घायलों को बाहर निकालकर जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। बताया जा रहा है कि सभी श्रद्धालु चारधाम यात्रा पूरी कर अपने घर लौट रहे थे। हादसे की सूचना मिलते ही उनके गांवों में मातम छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

मुरादाबाद आपस में शादी की जिद पर अड़ी 2 युवतियां समलैंगिक संबंध ने खड़ा किया सामाजिक और कानूनी सवाल, पुलिस ने भी खड़े किए हाथ


 मुरादाबाद आपस में शादी की जिद पर अड़ी 2 युवतियां



समलैंगिक संबंध ने खड़ा किया सामाजिक और कानूनी सवाल, पुलिस ने भी खड़े किए हाथ


उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के बिलारी कोतवाली क्षेत्र में रविवार को एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने सामाजिक मान्यताओं और पारिवारिक परंपराओं को झकझोर कर रख दिया। दो युवतियों के बीच पनपे समलैंगिक प्रेम और शादी की जिद ने परिवारों के साथ-साथ पुलिस प्रशासन को भी असहज स्थिति में डाल दिया। मामले की शुरुआत रुद्रपुर स्थित एक फैक्ट्री से हुई, जहां बिलारी क्षेत्र की एक युवती काम करने गई थी। वहीं उसकी मुलाकात आरा की रहने वाली दूसरी युवती से हुई। साथ काम करते-करते दोनों के बीच गहरी दोस्ती हुई, जो जल्द ही प्रेम संबंध में बदल गई। बताया जा रहा है कि दोनों पिछले कई महीनों से साथ रह रही थीं और एक-दूसरे को जीवनसाथी मान चुकी थीं।


 जब स्थानीय युवती लंबे समय तक घर नहीं लौटी, तो चिंतित परिजनों ने उसे शादी का झूठा बहाना बनाकर घर बुलाया। युवती अपनी साथी के साथ घर पहुंची, जहां उनके रिश्ते की सच्चाई सामने आते ही परिवार में हड़कंप मच गया। परिजनों ने समाज और मान-मर्यादा का हवाला देकर उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन दोनों अपने फैसले पर अडिग रहीं। रविवार को विवाद बढ़ने पर परिजन दोनों को लेकर थाने पहुंचे, जहां घंटों तक हंगामा चलता रहा। पुलिस ने जब दोनों के दस्तावेज जांचे, तो पता चला कि वे बालिग हैं। युवतियों ने स्पष्ट कहा कि उन्हें अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने का संवैधानिक अधिकार है।


 पुलिस अधिकारियों ने भी कानून का हवाला देते हुए परिजनों को समझाया कि बालिग होने के कारण वे दोनों की इच्छा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर सकते। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि जबरन रोकना या कहीं ले जाना कानूनन अपराध होगा। आखिरकार, पुलिस ने दोनों युवतियों को उनकी मर्जी से रहने की अनुमति दे दी। इसके बाद परिजन निराश नजर आए, जबकि दोनों युवतियां एक-दूसरे का हाथ थामे अपनी नई जिंदगी की ओर निकल गईं। यह घटना अब क्षेत्र में सामाजिक और कानूनी बहस का विषय बन गई है।