Friday, 22 May 2026

आजमगढ़ सिधारी देशी शराब दुकान की प्रतिभूति राशि हड़पने का आरोप, पिता-पुत्र पर मुकदमा दर्ज 760000 रुपये एफडीआर तुड़वाकर खाते में ट्रांसफर कराने का आरोप, आबकारी विभाग की तहरीर पर कार्रवाई


 आजमगढ़ सिधारी देशी शराब दुकान की प्रतिभूति राशि हड़पने का आरोप, पिता-पुत्र पर मुकदमा दर्ज


760000 रुपये एफडीआर तुड़वाकर खाते में ट्रांसफर कराने का आरोप, आबकारी विभाग की तहरीर पर कार्रवाई


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में देशी शराब की दुकान संचालन के लिए जमा की गई प्रतिभूति राशि में कथित गड़बड़ी और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने के आरोप में सिधारी थाने में पिता-पुत्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामला देशी शराब दुकान “गुलामी का पुरा” से जुड़ा है, जिसका वर्ष 2025-26 के लिए ई-टेंडर के माध्यम से आवंटन राजेन्द्र सिंह पुत्र बाबूराम निवासी नेवादा थाना कप्तानगंज को हुआ था। आबकारी विभाग के अनुसार दुकान संचालन के लिए अनुज्ञापी राजेन्द्र सिंह ने कुल 21,10,500 रुपये की प्रतिभूति धनराशि विभिन्न एफडीआर के माध्यम से यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में जमा कराई थी।


 आरोप है कि फरवरी 2026 में निर्धारित कोटे (एमजीक्यू) से कम मात्रा में शराब उठान करने के कारण उन पर प्रतिफल शुल्क और अतिरिक्त प्रतिफल शुल्क की देनदारी बनी, लेकिन उन्होंने समय पर न तो स्पष्टीकरण दिया और न ही राजस्व जमा किया। इसके बाद कलेक्टर एवं लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा 31 मार्च 2026 को उनका लाइसेंस निरस्त कर दिया गया। नियमों के तहत लाइसेंस निरस्त होने पर जमा प्रतिभूति राशि सरकार के पक्ष में जब्त होनी थी। इसी क्रम में जिला आबकारी अधिकारी ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शाखा कटघर को एफडीआर जब्ती के लिए पत्र भेजा। बैंक की ओर से 16 मई 2026 को दिए गए जवाब में खुलासा हुआ कि कुल प्रतिभूति राशि में शामिल दो एफडीआर, जिनकी कुल रकम 7,60,000 रुपये थी, पहले ही 10 फरवरी 2026 को बंद कराकर राजेन्द्र सिंह और उनके पुत्र संजीत सिंह के संयुक्त खाते में ट्रांसफर कर दी गई थी। बैंक ने संजीत सिंह का आवेदन पत्र भी आबकारी विभाग को उपलब्ध कराया, जिसमें एफडीआर तोड़कर खाते में धनराशि भेजने का अनुरोध किया गया था।


 आबकारी विभाग ने आरोप लगाया है कि राजस्व देनदारियों और लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई से बचने के उद्देश्य से पिता-पुत्र ने मिलीभगत कर प्रतिभूति राशि का दुरुपयोग किया और सरकारी धन सुरक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया। विभाग का कहना है कि यह कृत्य छल, कपट और बेईमानी की श्रेणी में आता है। प्रभारी आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-1 सदर प्रभु नारायण सिंह की तहरीर पर सिधारी थाने में राजेन्द्र सिंह और संजीत सिंह के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच शुरू कर दी गई है।