Friday, 22 May 2026

आजमगढ़ रानी की सराय नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़ा, 3 आरोपी गिरफ्तार फर्जी दस्तावेज तैयार कर युवाओं से ठगी करने वाले गिरोह पर पुलिस की कार्रवाई


 आजमगढ़ रानी की सराय नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़ा, 3 आरोपी गिरफ्तार



फर्जी दस्तावेज तैयार कर युवाओं से ठगी करने वाले गिरोह पर पुलिस की कार्रवाई


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना रानी की सराय पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर ठगी करने वाले तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दिलौरी खेल मैदान के पास से आरोपियों को दबोचते हुए उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। 


पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ के निर्देश पर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व एवं थानाध्यक्ष रानी की सराय के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। मामले में 20 मई 2026 को थाना रानी की सराय में प्राप्त तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि अभियुक्त नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों से ठगी कर रहे थे। इस संबंध में मु0अ0सं0 123/2026 संबंधित धारा में विद्यासागर, राहुल कुमार, वीरेन्द्र यादव, राकेश यादव, प्रदीप यादव एवं मुन्ना शर्मा के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया। गुरुवार को व0उ0नि0 सुशील कुमार अपनी टीम के साथ क्षेत्र में चेकिंग कर रहे थे, तभी मुखबिर से सूचना मिली कि मामले से जुड़े राहुल कुमार, राकेश यादव और प्रदीप यादव दिलौरी खेल मैदान के पास मौजूद हैं। 


सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर तीनों आरोपियों को सुबह करीब 10:10 बजे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान राहुल कुमार निवासी कोईलारी खुर्द थाना रानी की सराय, राकेश यादव निवासी अमौड़ा मुहिउद्दीनपुर थाना गंभीरपुर तथा प्रदीप यादव निवासी कोईलारी खुर्द थाना रानी की सराय के रूप में हुई है। पूछताछ में तीनों ने अपना जुर्म स्वीकार किया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों को न्यायालय भेजा जा रहा है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पूर्व में भी विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तारी करने वाली टीम में व0उ0नि0 सुशील कुमार, हे0का0 धनंजय राय एवं हे0का0 दिनेश यादव शामिल रहे।

आजमगढ़ निजामाबाद तेज रफ्तार पिकअप की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत फरिहा-निजामाबाद मार्ग पर हुआ हादसा, चालक वाहन छोड़कर फरार; पुलिस ने पिकअप कब्जे में लिया


 आजमगढ़ निजामाबाद तेज रफ्तार पिकअप की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत



फरिहा-निजामाबाद मार्ग पर हुआ हादसा, चालक वाहन छोड़कर फरार; पुलिस ने पिकअप कब्जे में लिया



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के निजामाबाद थाना क्षेत्र के फरिहा-निजामाबाद मार्ग पर शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे तेज रफ्तार पिकअप वाहन की टक्कर से मोटरसाइकिल सवार युवक की मौत हो गई। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल व्याप्त हो गया।


 जानकारी के अनुसार, गंभीरपुर थाना क्षेत्र निवासी बंकेश मिश्र पुत्र सुरेश मिश्र अपनी मोटरसाइकिल से फरिहा चौक से निजामाबाद की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान फरिहा-निजामाबाद रोड पर तेज गति से आ रही एक पिकअप गाड़ी ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बंकेश मिश्र गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। घटना की सूचना मिलते ही फरिहा चौकी प्रभारी चित्रांशु मिश्र अपने हमराहियों के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवक को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।


 बताया जा रहा है कि मृतक बंकेश मिश्र, गंभीरपुर क्षेत्र के पत्रकार अशोक मिश्र के चचेरे भाई थे। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंच गए। वहीं पुलिस ने दुर्घटना में शामिल पिकअप वाहन को कब्जे में लेकर फरिहा चौकी पर खड़ा करा दिया है। हादसे के बाद चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि फरिहा-निजामाबाद मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से ऐसे वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

आजमगढ़ सिधारी देशी शराब दुकान की प्रतिभूति राशि हड़पने का आरोप, पिता-पुत्र पर मुकदमा दर्ज 760000 रुपये एफडीआर तुड़वाकर खाते में ट्रांसफर कराने का आरोप, आबकारी विभाग की तहरीर पर कार्रवाई


 आजमगढ़ सिधारी देशी शराब दुकान की प्रतिभूति राशि हड़पने का आरोप, पिता-पुत्र पर मुकदमा दर्ज


760000 रुपये एफडीआर तुड़वाकर खाते में ट्रांसफर कराने का आरोप, आबकारी विभाग की तहरीर पर कार्रवाई


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में देशी शराब की दुकान संचालन के लिए जमा की गई प्रतिभूति राशि में कथित गड़बड़ी और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने के आरोप में सिधारी थाने में पिता-पुत्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामला देशी शराब दुकान “गुलामी का पुरा” से जुड़ा है, जिसका वर्ष 2025-26 के लिए ई-टेंडर के माध्यम से आवंटन राजेन्द्र सिंह पुत्र बाबूराम निवासी नेवादा थाना कप्तानगंज को हुआ था। आबकारी विभाग के अनुसार दुकान संचालन के लिए अनुज्ञापी राजेन्द्र सिंह ने कुल 21,10,500 रुपये की प्रतिभूति धनराशि विभिन्न एफडीआर के माध्यम से यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में जमा कराई थी।


 आरोप है कि फरवरी 2026 में निर्धारित कोटे (एमजीक्यू) से कम मात्रा में शराब उठान करने के कारण उन पर प्रतिफल शुल्क और अतिरिक्त प्रतिफल शुल्क की देनदारी बनी, लेकिन उन्होंने समय पर न तो स्पष्टीकरण दिया और न ही राजस्व जमा किया। इसके बाद कलेक्टर एवं लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा 31 मार्च 2026 को उनका लाइसेंस निरस्त कर दिया गया। नियमों के तहत लाइसेंस निरस्त होने पर जमा प्रतिभूति राशि सरकार के पक्ष में जब्त होनी थी। इसी क्रम में जिला आबकारी अधिकारी ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शाखा कटघर को एफडीआर जब्ती के लिए पत्र भेजा। बैंक की ओर से 16 मई 2026 को दिए गए जवाब में खुलासा हुआ कि कुल प्रतिभूति राशि में शामिल दो एफडीआर, जिनकी कुल रकम 7,60,000 रुपये थी, पहले ही 10 फरवरी 2026 को बंद कराकर राजेन्द्र सिंह और उनके पुत्र संजीत सिंह के संयुक्त खाते में ट्रांसफर कर दी गई थी। बैंक ने संजीत सिंह का आवेदन पत्र भी आबकारी विभाग को उपलब्ध कराया, जिसमें एफडीआर तोड़कर खाते में धनराशि भेजने का अनुरोध किया गया था।


 आबकारी विभाग ने आरोप लगाया है कि राजस्व देनदारियों और लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई से बचने के उद्देश्य से पिता-पुत्र ने मिलीभगत कर प्रतिभूति राशि का दुरुपयोग किया और सरकारी धन सुरक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया। विभाग का कहना है कि यह कृत्य छल, कपट और बेईमानी की श्रेणी में आता है। प्रभारी आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-1 सदर प्रभु नारायण सिंह की तहरीर पर सिधारी थाने में राजेन्द्र सिंह और संजीत सिंह के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच शुरू कर दी गई है।


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