Friday, 26 June 2026

शामली पुलिस मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी बदमाश ढेर, दरोगा भी गोली लगने से हुआ घायल साथी फरार, बिना नंबर की बाइक और 9 एमएम पिस्टल बरामद

शामली पुलिस मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी बदमाश ढेर, दरोगा भी गोली लगने से हुआ घायल


साथी फरार, बिना नंबर की बाइक और 9 एमएम पिस्टल बरामद



उत्तर प्रदेश शामली, कांधला क्षेत्र में शुक्रवार सुबह खंद्रावली पुलिस चौकी के पास पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश मेहताब मारा गया, जबकि कांधला थाने में तैनात दरोगा दीपचंद गोली लगने से घायल हो गए। घायल दरोगा को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं मेहताब के एक साथी ने मौके से फरार होकर पुलिस को चकमा दे दिया, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार कॉम्बिंग अभियान चला रही हैं। पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शुक्रवार सुबह सूचना मिली थी कि खंद्रावली पुलिस चौकी के पास कुछ बदमाश किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में खड़े हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने बाइक सवार दो संदिग्धों को रुकने का इशारा किया, लेकिन बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में मेहताब गोली लगने से घायल हो गया, जबकि बदमाशों की गोली से दरोगा दीपचंद भी घायल हो गए। दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मेहताब को मृत घोषित कर दिया।


 पुलिस ने घटनास्थल से बिना नंबर की एक बाइक, 9 एमएम पिस्टल और कई कारतूस बरामद किए हैं। एसपी ने बताया कि मेहताब कैराना के मोहल्ला आलकलां का रहने वाला था और उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। उसने एक मार्च को पानीपत में तैनात महिला कांस्टेबल से सोने के कुंडल लूटने की वारदात को अंजाम दिया था। इसके अलावा आदर्श मंडी क्षेत्र में किसानों से लूट की घटना में भी वह शामिल था। पुलिस के अनुसार मेहताब पर हत्या, लूट, डकैती सहित विभिन्न धाराओं में 25 मुकदमे दर्ज थे। वह शामली, बागपत, मेरठ, मुजफ्फरनगर के अलावा हरियाणा, उत्तराखंड और दिल्ली में भी अपने गिरोह के साथ सक्रिय होकर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता था। पुलिस का कहना है कि गिरोह की कमान भी मेहताब के हाथ में थी।

 

आजमगढ़ तहबरपुर पुलिस ने पकड़ा अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह का सदस्य, 50 लाख की चोरी की फॉर्च्यूनर बरामद दिल्ली से चोरी कर मणिपुर ले जाई जा रही थी लग्जरी एसयूवी फर्जी नंबर प्लेट लगाकर करता था सप्लाई; दिल्ली में भी दर्ज हैं चोरी के मुकदमे


 आजमगढ़ तहबरपुर पुलिस ने पकड़ा अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह का सदस्य, 50 लाख की चोरी की फॉर्च्यूनर बरामद



दिल्ली से चोरी कर मणिपुर ले जाई जा रही थी लग्जरी एसयूवी


फर्जी नंबर प्लेट लगाकर करता था सप्लाई; दिल्ली में भी दर्ज हैं चोरी के मुकदमे



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के तहबरपुर थाना पुलिस ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर चेकिंग के दौरान अंतर्राज्यीय वाहन चोरी गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से लगभग 50 लाख रुपये कीमत की चोरी की फॉर्च्यूनर कार बरामद की है। आरोपी दिल्ली से चोरी कर लग्जरी वाहनों को फर्जी नंबर प्लेट लगाकर मणिपुर पहुंचाने का काम करता था। उसके खिलाफ दिल्ली के विभिन्न थानों में वाहन चोरी के मुकदमे भी दर्ज हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शुक्रवार तड़के तहबरपुर पुलिस मोहर्रम के मद्देनजर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सरदहा अंडरपास के पास एक्सप्रेस-वे के किलोमीटर 226.3 पर रेस्ट लेन में एक संदिग्ध फॉर्च्यूनर खड़ी मिली। पुलिस के पहुंचते ही चालक भागने लगा, लेकिन पुलिस टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। 


पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान तोइजम नटराज सिंह (37) निवासी इम्फाल ईस्ट, मणिपुर के रूप में बताई। जांच में पता चला कि वाहन पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी, जबकि उसका वास्तविक नंबर DL10CA0100 था और वह दिल्ली से चोरी की गई थी। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि दिल्ली निवासी अमित नामक व्यक्ति लग्जरी वाहनों की चोरी कर उसे उपलब्ध कराता था। वह चोरी की गाड़ियों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर मणिपुर के उखरूल स्थित सिमरे नामक व्यक्ति तक पहुंचाता था, जहां उन्हें आगे बेच दिया जाता था। प्रत्येक वाहन की डिलीवरी के बदले उसे 30 हजार रुपये मिलते थे। उसने स्वीकार किया कि इससे पहले भी वह दो चोरी की गाड़ियां दिल्ली से मणिपुर पहुंचा चुका है। इस बार भी वह 25 जून 2026 को दिल्ली से फॉर्च्यूनर लेकर मणिपुर जा रहा था, लेकिन रास्ते में नींद आने पर एक्सप्रेस-वे पर वाहन खड़ा कर सो गया, जहां पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की फॉर्च्यूनर, वाहन के मूल दस्तावेज, दो मोबाइल फोन और 1200 रुपये नकद बरामद किए हैं। आरोपी के विरुद्ध तहबरपुर थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। इस कार्रवाई में थानाध्यक्ष आदित्य कुमार सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक रवीन्द्र प्रताप यादव, उपनिरीक्षक लोकेश मणि त्रिपाठी, कांस्टेबल ताहिर अली, कांस्टेबल सत्यम सिंह तथा रिक्रूट कांस्टेबल आनंद राय की महत्वपूर्ण भूमिका रही।