Tuesday, 27 October 2026

आजमगढ़ में चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ को लेकर अलर्ट, 28 से 31 अक्टूबर तक सतर्क रहने की अपील बेमौसम बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली की आशंका; किसानों, पशुपालकों और कच्चे मकानों में रहने वालों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह


 आजमगढ़ में चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ को लेकर अलर्ट, 28 से 31 अक्टूबर तक सतर्क रहने की अपील


बेमौसम बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली की आशंका; किसानों, पशुपालकों और कच्चे मकानों में रहने वालों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ के संभावित प्रभाव को देखते हुए आजमगढ़ जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। 28 से 31 अक्टूबर 2026 के बीच बेमौसम बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक की आशंका के मद्देनजर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जनपदवासियों से सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासन ने विशेष रूप से किसानों, पशुपालकों और कच्चे एवं जर्जर मकानों में रहने वाले परिवारों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। 


अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने बताया कि खराब मौसम के दौरान जनहानि से बचने के लिए लोग खुले मैदान, खेतों, तालाबों और अन्य जलस्रोतों से दूर रहें। आकाशीय बिजली चमकने या गरज-चमक होने पर सुरक्षित पक्के भवन में शरण लें। पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं के नीचे खड़े होने से बचें। बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थान पर रखें तथा अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। फसल क्षति से बचाव के लिए किसानों को सलाह दी गई है कि पककर तैयार फसलों की स्थिति के अनुसार कटाई और सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था करें। कटी फसल, अनाज और बीज को तिरपाल से ढककर सुरक्षित रखें तथा खेतों में जलनिकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करें। तेज हवाओं और बारिश के दौरान खेतों में जाने से बचें। पशुपालक अपने पशुओं को खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास न बांधें। उन्हें मजबूत पशुशाला में रखें और चारे-पानी की पर्याप्त व्यवस्था करें। कच्चे एवं जर्जर मकानों में रहने वाले परिवार खतरे के संकेत मिलने पर सुरक्षित पक्के भवन या आश्रय स्थल पर चले जाएं। प्रशासन ने मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल सूचना देने की अपील की है। जनहानि, पशुहानि, फसल या मकान क्षति होने पर 9454417172, 05462-297551, 05462-297558, 05462-297559 अथवा टोल फ्री नंबर 1077 पर संपर्क किया जा सकता है। मौसम की जानकारी के लिए मौसम ऐप, कृषि परामर्श के लिए मेघदूत ऐप और आकाशीय बिजली की चेतावनी के लिए दामिनी ऐप का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

आजमगढ़ फूलपुर, डीएपी की किल्लत से किसान परेशान, बाजार में 1800 रुपये तक पहुंची बोरी सहकारी समितियों पर खाद की उपलब्धता प्रभावित, किसानों को प्रति बोरी 450 रुपये तक अतिरिक्त खर्च, बंद गोदामों और जर्जर भवनों से भी बढ़ीं मुश्किलें


 आजमगढ़ फूलपुर, डीएपी की किल्लत से किसान परेशान, बाजार में 1800 रुपये तक पहुंची बोरी



सहकारी समितियों पर खाद की उपलब्धता प्रभावित, किसानों को प्रति बोरी 450 रुपये तक अतिरिक्त खर्च, बंद गोदामों और जर्जर भवनों से भी बढ़ीं मुश्किलें



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे रबी की फसलों की बुवाई के बीच फूलपुर ब्लाक क्षेत्र में डीएपी खाद की उपलब्धता किसानों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। सरकारी साधन सहकारी समितियों पर पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिलने के कारण किसानों को मजबूरन खुले बाजार से डीएपी खरीदनी पड़ रही है। किसानों का कहना है कि बाजार में डीएपी की एक बोरी 1800 रुपये तक में मिल रही है, जबकि सहकारी समितियों पर इसकी कीमत 1350 रुपये प्रति बोरी रही है। इस तरह किसानों को एक बोरी पर 450 रुपये तक अधिक खर्च करना पड़ रहा है।किसानों की सुविधा के लिए पूर्व में न्याय पंचायत स्तर पर साधन सहकारी समितियों के गोदाम स्थापित किए गए थे। इन समितियों से किसानों को खाद और बीज उपलब्ध कराया जाता था। पहले सदस्य किसानों को पासबुक के आधार पर उधार खाद-बीज भी मिलता था, जिसका भुगतान वे फसल बेचने के बाद करते थे। समितियों पर धान और गेहूं की खरीद की व्यवस्था भी थी। हालांकि, समय के साथ आर्थिक नुकसान और अन्य समस्याओं के चलते कई समितियों की व्यवस्था प्रभावित हो गई। 


फूलपुर ब्लाक में कुल 12 न्याय पंचायतें हैं। किसानों के मुताबिक, वर्तमान में कुछ ही समितियों के माध्यम से उर्वरक वितरण हो पा रहा है। खरसहन, पल्थी, सजई, अमनाबाद, खानजहांपुर, लोनियाडीह और सदरपुर-बरौली सहित विभिन्न समितियों पर खाद की उपलब्धता को लेकर समस्याएं सामने आ रही हैं। सदरपुर-बरौली समिति के सचिव सुधीर सिंह के खिलाफ जांच चलने के कारण सुदनीपुर स्थित गोदाम से दूसरे सचिव को भेजकर खाद वितरण कराया जा रहा है। इसके अलावा, ब्लाक में एडीओ सहकारिता का पद भी रिक्त बताया जा रहा है। ऐसे में समितियों के संचालन और किसानों तक समय से उर्वरक पहुंचाने की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। खरसहन साधन सहकारी समिति के सचिव दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि उनकी समिति के गोदाम में डीएपी उपलब्ध थी, जिसे किसानों को 1350 रुपये प्रति बोरी की दर से वितरित किया गया। उन्होंने कहा कि हड़ताल समाप्त होने के बाद दोबारा उर्वरक की आपूर्ति होने पर वितरण किया जाएगा। गोबरहा ग्राम पंचायत के किसान अखिलेश कुमार ने बताया कि उन्होंने सरसों, चना और मटर की बुवाई के लिए 1800 रुपये प्रति बोरी की दर से डीएपी खरीदी। उनका कहना है कि यदि सरकारी समिति पर समय से खाद उपलब्ध हो जाती, तो उन्हें कम कीमत पर उर्वरक मिल जाता और आर्थिक बोझ भी नहीं बढ़ता। चमावा निवासी महताब अहमद और बूढ़ापुर बदल निवासी चंद्रभान यादव ने बताया कि पूरा दुलार राजस्व गांव में स्थित साधन सहकारी समिति का गोदाम वर्षों से बंद पड़ा है। भवन भी जर्जर हो चुका है। पहले सुदनीपुर स्थित समिति से खाद मिल जाती थी, लेकिन इस बार समय से उपलब्धता नहीं होने के कारण बाजार से महंगे दाम पर डीएपी खरीदनी पड़ रही है।


 सुदनीपुर निवासी राजबहादुर यादव और मोहम्मद अनवर ने बताया कि उन्होंने राजकीय कृषि बीज भंडार से गेहूं और चने का बीज खरीद लिया है, लेकिन डीएपी के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, भेड़िया गांव के किसान लखिलाल ने बताया कि उनकी क्षेत्रीय साधन सहकारी समिति का भवन जर्जर है। पहले पल्थी समिति से खाद मिल जाती थी, लेकिन इस बार सरसों और मटर की बुवाई के लिए खुले बाजार से महंगी डीएपी खरीदनी पड़ी। किसानों का कहना है कि सहकारी समितियों पर खाद उचित दर पर मिलने के साथ उसकी गुणवत्ता को लेकर भी भरोसा रहता है। इसके विपरीत, खुले बाजार में महंगे दाम पर खाद खरीदने के बावजूद उसकी गुणवत्ता को लेकर आशंका बनी रहती है। रबी की बुवाई के महत्वपूर्ण समय में खाद की कमी से किसानों का खर्च बढ़ रहा है और खेती का काम भी प्रभावित हो रहा है। किसानों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि साधन सहकारी समितियों पर पर्याप्त मात्रा में डीएपी उपलब्ध कराई जाए, लंबे समय से बंद गोदामों को फिर से चालू किया जाए और जर्जर भवनों की मरम्मत कराई जाए। साथ ही, उर्वरक वितरण व्यवस्था को दुरुस्त कर किसानों को समय से खाद उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें खुले बाजार में महंगे दाम चुकाने के लिए मजबूर न होना पड़े।

आजमगढ़ अतरौलिया, गुडलक सिंह के खिलाफ एसएसपी कार्यालय पहुंचा अधिवक्ताओं का हुजूम अधिवक्ता के भाई पर राइफल तानकर फायरिंग सहित पूरे परिवार को धमकी देने का आरोप


 आजमगढ़ अतरौलिया, गुडलक सिंह के खिलाफ एसएसपी कार्यालय पहुंचा अधिवक्ताओं का हुजूम


अधिवक्ता के भाई पर राइफल तानकर फायरिंग सहित पूरे परिवार को धमकी देने का आरोप



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अतरौलिया थाना क्षेत्र में एक अधिवक्ता के भाई पर कथित रूप से राइफल तानकर फायरिंग करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में बूढ़नपुर निवासी अधिवक्ता विजय पाल यादव ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुरानी शिकायत से नाराज होकर आरोपी ने पहले भी उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी। अधिवक्ता विजय पाल यादव पुत्र स्वर्गीय रामअचल यादव, निवासी बूढ़नपुर, थाना अतरौलिया ने अपने प्रार्थना पत्र में बताया कि उन्होंने 17 अगस्त 2025 को अभिषेक सिंह उर्फ गुडलक सिंह, निवासी गौरा, थाना अतरौलिया के खिलाफ शिकायत की थी।


 आरोप है कि अभिषेक सिंह ने अतरौलिया थाने में राइफल और पिस्टल लेकर उनका प्रदर्शन किया था। इस मामले की शिकायत अधिवक्ता ने फैक्स और ईमेल के माध्यम से उच्चाधिकारियों से की थी। विजय पाल यादव का आरोप है कि उक्त शिकायत से नाराज होकर अभिषेक सिंह ने उन्हें और उनके पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी। शिकायतकर्ता ने इसी पुरानी रंजिश को हालिया घटना की वजह बताया है। प्रार्थना पत्र के अनुसार, 22 अक्टूबर 2026 को अधिवक्ता के भाई रतन पाल यादव शेरवा गांव से सूरज को लेकर तहसील जा रहे थे। इसी दौरान गांव के पास सड़क पर कथित रूप से अभिषेक सिंह अपने तीन अज्ञात साथियों के साथ मौजूद था।


 शिकायतकर्ता का आरोप है कि सभी के पास राइफल और पिस्टल जैसे हथियार थे। आरोप है कि अभिषेक सिंह ने रतन पाल को रास्ते में रोक लिया और गाली-गलौज करते हुए मारपीट करने लगा। जान बचाने के लिए रतन पाल वहां से दूर भागे। इसके बाद उन्होंने मोबाइल फोन से घटना का वीडियो बनाने का प्रयास किया। अधिवक्ता के मुताबिक, वीडियो बनाने के दौरान आरोपी ने जान से मारने की धमकी दी और कथित रूप से रतन पाल को निशाना बनाकर राइफल से फायर कर दिया।


 शिकायतकर्ता का दावा है कि गोली नहीं लगने से उनके भाई की जान बच गई। इसके बाद रतन पाल मौके से भाग निकले और घर पहुंचकर अपने भाई विजय पाल यादव को पूरी घटना की जानकारी दी। उन्होंने घटना से संबंधित वीडियो भी उपलब्ध कराया। अधिवक्ता विजय पाल यादव ने 26 अक्टूबर 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, आजमगढ़ को प्रार्थना पत्र देकर मामले में मुकदमा दर्ज कराने के लिए थानाध्यक्ष अतरौलिया को निर्देशित करने की मांग की है। उन्होंने अपने प्रार्थना पत्र के साथ 17 अगस्त 2025 को दिए गए पुराने शिकायत पत्र की छायाप्रति भी संलग्न करने का उल्लेख किया है।

आजमगढ़ जीयनपुर टेलीग्राम पर लड़की बनकर अश्लील वीडियो-फोटो बेचने का आरोप, युवक गिरफ्तार पुलिस ने 2 मोबाइल फोन और 2,210 रुपये किए बरामद, साइबर सेल की जांच के बाद हुई कार्रवाई


 आजमगढ़ जीयनपुर टेलीग्राम पर लड़की बनकर अश्लील वीडियो-फोटो बेचने का आरोप, युवक गिरफ्तार



पुलिस ने 2 मोबाइल फोन और 2,210 रुपये किए बरामद, साइबर सेल की जांच के बाद हुई कार्रवाई


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के जीयनपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने सोशल मीडिया और टेलीग्राम के माध्यम से कथित तौर पर अश्लील फोटो और वीडियो बेचने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी टेलीग्राम पर ‘प्रीमियम ग्रुप सेलर’ नाम से आईडी चलाता था और खुद को लड़की बताकर लोगों से चैटिंग व वीडियो कॉल के जरिए रुपये वसूलता था। पुलिस ने उसके कब्जे से दो मोबाइल फोन और 2,210 रुपये नकद बरामद किए हैं। मामले में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।


 पुलिस के मुताबिक, पुलिस महानिदेशक मुख्यालय के साइबर क्राइम अनुभाग से मिले पत्र के आधार पर संदिग्ध गतिविधियों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान साइबर सेल आजमगढ़ की टीम भी मामले की पड़ताल में जुटी थी। 26 अक्टूबर को जीयनपुर थाना प्रभारी संजय सिंह पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में चेकिंग और संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक युवक कथित तौर पर इंटरनेट के माध्यम से अश्लील फोटो और वीडियो खरीदने-बेचने का काम करता है और मोटरसाइकिल से मुबारकपुर की ओर से जीयनपुर आ रहा है।सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने बेरमा कोटवा मोड़ के पास घेराबंदी कर युवक को पकड़ लिया। पूछताछ में उसकी पहचान गोपाल चौहान पुत्र रामआशीष चौहान, निवासी संवरूपुर, थाना जीयनपुर, आजमगढ़, उम्र करीब 22 वर्ष के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ में कथित तौर पर बताया कि वह गूगल क्रोम से महिलाओं और लड़कियों के अश्लील वीडियो डाउनलोड करता था। इसके स्क्रीनशॉट और छोटे वीडियो टेलीग्राम पर साझा कर लोगों से संपर्क करता था। खुद को लड़की बताकर चैटिंग और वीडियो कॉल के जरिए 100 से 2,000 रुपये तक की रकम तय करता था। आरोप है कि कई बार वह लोगों को वीडियो देने का झांसा देकर केवल स्क्रीनशॉट भेज देता था और कुछ लोगों से मोबाइल रिचार्ज भी कराता था।

पुलिस ने आरोपी के पास से वीवो और इनफिनिक्स कंपनी के दो मोबाइल फोन तथा 2,210 रुपये नकद बरामद किए। इसके अलावा, उसके पास मौजूद एक होंडा साइन मोटरसाइकिल को भी ई-चालान एप के माध्यम से मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज किया गया। जीयनपुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(2), 318(4), 294 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67A और 67B के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।