Sunday, 26 July 2026

आजमगढ़ सरायमीर 3 बच्चों संग महिला पोखरी में कूदी, 2 मासूम बेटों की मौत बेटी ने बचाई अपनी जान, पारिवारिक विवाद की आशंका, पुलिस सभी पहलुओं की जांच में जुटी


 आजमगढ़ सरायमीर 3 बच्चों संग महिला पोखरी में कूदी, 2 मासूम बेटों की मौत



बेटी ने बचाई अपनी जान, पारिवारिक विवाद की आशंका, पुलिस सभी पहलुओं की जांच में जुटी



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के सरायमीर थाना क्षेत्र के करछा गांव में रविवार सुबह एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। एक महिला ने अपने तीनों बच्चों के साथ पोखरी में कूदकर जान देने का प्रयास किया। इस घटना में उसके दो मासूम बेटों की डूबने से मौत हो गई, जबकि आठ वर्षीय बेटी ने सूझबूझ दिखाते हुए किसी तरह खुद को बंधन से मुक्त कर लिया और गांव पहुंचकर परिजनों को सूचना दी। महिला को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है।


 पुलिस के अनुसार, करछा गांव निवासी बिंदलेश यादव की पत्नी जयप्रदा (26) रविवार सुबह अपने तीनों बच्चों को दवा दिलाने की बात कहकर घर से निकली थीं। वह सरायमीर कस्बे में वी-मार्ट के पीछे स्थित एक पोखरी के पास पहुंचीं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वहां उन्होंने अपनी साड़ी से बच्चों को बांधने के बाद पोखरी में छलांग लगा दी। इस दौरान उनकी आठ वर्षीय बेटी मानवी ने साहस का परिचय देते हुए किसी तरह साड़ी का बंधन खोल लिया और पोखरी से बाहर निकल आई। वह करीब तीन किलोमीटर पैदल चलकर गांव पहुंची और परिजनों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक डेढ़ वर्षीय राघव और तीन वर्षीय कृष्ण की डूबने से मौत हो चुकी थी। ग्रामीणों की सहायता से महिला को पोखरी से बाहर निकालकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है।


 सूचना मिलने पर सरायमीर पुलिस भी मौके पर पहुंची और दोनों बच्चों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि जयप्रदा मूल रूप से दीदारगंज थाना क्षेत्र के खरसन गांव की रहने वाली हैं। शुरूआती जांच में घटना के पीछे पारिवारिक कलह की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी संभावित पहलुओं की गहन जांच कर रही है। 


प्रभारी निरीक्षक भुवनेश कुमार चौबे ने बताया कि महिला का उपचार जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, परिजनों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पूरे घटनाक्रम की गंभीरता से जांच कर रही है।

आजमगढ़ जहानागंज सर्पदंश से कक्षा 5 के छात्र की हुई मौत रात में शौचालय जाने के दौरान दरवाजे पर छिपे जहरीले सर्प ने डसा, परिवार में मचा कोहराम


 आजमगढ़ जहानागंज सर्पदंश से कक्षा 5 के छात्र की हुई मौत


रात में शौचालय जाने के दौरान दरवाजे पर छिपे जहरीले सर्प ने डसा, परिवार में मचा कोहराम



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के जहानागंज थाना क्षेत्र के ग्राम सभा ताड़ी, पोस्ट किशनपुर निवासी अनिल के 11 वर्षीय पुत्र आयुष की सर्पदंश से मौत हो गई। आयुष प्राथमिक विद्यालय ताड़ी में कक्षा पांच का छात्र था। उसकी असामयिक मौत से परिवार में मातम छा गया, जबकि पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। 


परिजनों के अनुसार शुक्रवार की देर रात करीब एक बजे आयुष घर में सो रहा था। शौचालय जाने के लिए जैसे ही उसने मुख्य दरवाजा खोला, चौखट के पास छिपे एक जहरीले सर्प ने उसे डस लिया। सर्पदंश के कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। घबराए परिजन उसे तत्काल सिधारी स्थित एक निजी चिकित्सक के पास ले गए, जहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने आयुष का उपचार शुरू किया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। बेटे की मौत पर विश्वास न होने के कारण परिजन उसे खरिहानी बाजार के एक चिकित्सक के पास और बाद में पीजीआई चक्रपानपुर भी लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने भी उसे मृत घोषित कर दिया। धार्मिक आस्था के चलते परिजन बालक को अमवा स्थित सती माई स्थान पर भी ले गए, लेकिन कोई चमत्कार नहीं हुआ। इसके बाद वे शव लेकर घर लौट आए। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों और रिश्तेदारों की भीड़ मृतक के घर पहुंच गई। आयुष की मौत से माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। विद्यालय परिवार और ग्रामीणों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत छात्र को श्रद्धांजलि दी। 


ग्रामीणों ने बरसात के मौसम में सर्पदंश की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए लोगों से घर और आसपास की साफ-सफाई बनाए रखने, रात के समय पर्याप्त रोशनी का उपयोग करने, जूते-चप्पल पहनकर बाहर निकलने तथा सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक में समय गंवाने के बजाय तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचकर उपचार कराने की अपील की है।

आजमगढ़ गंभीरपुर फर्जी दस्तावेजों से 2 पासपोर्ट बनवाने का आरोपी गिरफ्तार नाम, पिता का नाम और जन्मतिथि बदलकर अलग-अलग पासपोर्ट बनवाने का आरोप

आजमगढ़ गंभीरपुर फर्जी दस्तावेजों से 2 पासपोर्ट बनवाने का आरोपी गिरफ्तार


नाम, पिता का नाम और जन्मतिथि बदलकर अलग-अलग पासपोर्ट बनवाने का आरोप



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में कूटरचित पासपोर्ट एवं अन्य फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी करने वाले आरोपितों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना गंभीरपुर पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अपना नाम, पिता का नाम एवं जन्मतिथि बदलकर अलग-अलग पासपोर्ट बनवाने के आरोप में वांछित अभियुक्त मोहम्मद तारिक को गिरफ्तार कर लिया है।


पुलिस के अनुसार, 13 मई 2026 को थाना गंभीरपुर के वरिष्ठ उपनिरीक्षक अरविन्द कुमार यादव ने थाना पर तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई थी कि ग्राम मंगरावा रायपुर निवासी मोहम्मद तारिक पुत्र खालिक अहमद ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर अपने व्यक्तिगत विवरणों में बदलाव किया और अलग-अलग पहचान के आधार पर दो पासपोर्ट बनवा लिए। मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना गंभीरपुर में मुकदमा अपराध संख्या 115/2026 धारा 318(4) बीएनएस एवं 12(1)(बी) पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। विवेचना के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता की धारा 338, 336(3) एवं 340 की भी बढ़ोत्तरी की गई। जांच के दौरान आरोपी की तलाश की जा रही थी। 


इसी क्रम में रविवार को उपनिरीक्षक संजय कुमार सिंह अपनी पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में मौजूद थे। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने रोहुआ मोड़ से मोहम्मद तारिक को दोपहर करीब 2:35 बजे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई की गई। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक संजय कुमार सिंह, कांस्टेबल विश्वामित्र तथा कांस्टेबल सूरज खरवार शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि पासपोर्ट संबंधी दस्तावेजों में फजीर्वाड़ा करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और ऐसे मामलों में कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

आजमगढ़ गंभीरपुर/मेंहनगर, घोर लापरवाही पर उप निरीक्षक और रिक्रूट आरक्षी निलंबित एसएसपी ने विभागीय जांच के दिए आदेश, पुलिस कर्मियों को अनुशासन और जिम्मेदारी से ड्यूटी निभाने की चेतावनी


 आजमगढ़ गंभीरपुर/मेंहनगर, घोर लापरवाही पर उप निरीक्षक और रिक्रूट आरक्षी निलंबित


एसएसपी ने विभागीय जांच के दिए आदेश, पुलिस कर्मियों को अनुशासन और जिम्मेदारी से ड्यूटी निभाने की चेतावनी



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने पुलिस विभाग में अनुशासन एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कर्तव्य निर्वहन में घोर लापरवाही बरतने वाले दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दोनों के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही शुरू करने के आदेश भी जारी किए गए हैं।


 पुलिस विभाग से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, थाना गंभीरपुर पर तैनात रिक्रूट आरक्षी रूद्र प्रताप सिंह पर अपने पदीय दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता, स्वेच्छाचारिता एवं अनुशासनहीनता बरतने का आरोप है। आरोप है कि उन्होंने थाना क्षेत्र में दर्ज एक अभियोग के वांछित अभियुक्त एवं हिस्ट्रीशीटर की निगरानी के लिए निर्धारित संतरी पहरा एवं निगरानी ड्यूटी का समुचित निर्वहन नहीं किया तथा उच्चाधिकारियों के आदेशों की भी अवहेलना की। मामले को गंभीर मानते हुए एसएसपी ने 25 जुलाई 2026 को उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए। इसी प्रकार थाना मेंहनगर पर नियुक्त उप निरीक्षक उमेश कुमार सिंह को भी घोर लापरवाही एवं अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित किया गया है। प्रथम दृष्टया जांच में सामने आया कि उन्होंने थाना में दर्ज अभियोग के वांछित अभियुक्त की गिरफ्तारी एवं चोरी गई संपत्ति की बरामदगी के लिए कोई प्रभावी एवं सार्थक प्रयास नहीं किया तथा उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना की। इसे पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली एवं छवि को प्रभावित करने वाला गंभीर कृत्य मानते हुए एसएसपी ने उनके विरुद्ध भी तत्काल निलंबन एवं विभागीय कार्रवाई के आदेश जारी किए।


 एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने जनपद के सभी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि सभी अपने पदीय दायित्वों का पूर्ण निष्ठा, अनुशासन एवं जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें। कर्तव्य के प्रति लापरवाही, अनुशासनहीनता अथवा उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

बागपत STF-पुलिस मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी बदमाश ढेर शूटर पर हत्या, लूट और रंगदारी समेत 36 मुकदमे दर्ज, पिस्टल व बाइक बरामद


 बागपत STF-पुलिस मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी बदमाश ढेर


शूटर पर हत्या, लूट और रंगदारी समेत 36 मुकदमे दर्ज, पिस्टल व बाइक बरामद


उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के सिंघावली अहीर-सैड़भर मार्ग पर शनिवार शाम एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त टीम की कुख्यात सुशील मूछ गिरोह के 50 हजार रुपये के इनामी शूटर विकुल उर्फ खूनी से मुठभेड़ हो गई। पुलिस कार्रवाई के दौरान गोली लगने से विकुल उर्फ खूनी की मौत हो गई। मौके से पुलिस ने उसके कब्जे से पिस्टल और एक बाइक बरामद की है। पुलिस के अनुसार मारे गए विकुल उर्फ खूनी निवासी भभीसा, जिला शामली पर हत्या, लूट, रंगदारी सहित गंभीर अपराधों के कुल 36 मुकदमे दर्ज थे। वह कुख्यात सुशील मूछ गिरोह का सक्रिय शूटर था और कई चर्चित आपराधिक घटनाओं में वांछित चल रहा था।


 पुलिस ने बताया कि विकुल शामली के भभीसा निवासी बदमाश भीम की हत्या में भी शामिल था। इसके अलावा उसने मुखबिरी के शक में सहारनपुर जिले के मानपुर गांव की महिला प्रधान की हत्या की वारदात को भी अंजाम दिया था। हाल ही में जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद उसने अपने गांव के अशोक नामक व्यक्ति से खर्चे के लिए रुपये की मांग की थी। रुपये देने से इनकार करने पर उसने अशोक को जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था, जिसके बाद विकुल पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर उसकी तलाश शुरू कर दी गई थी। शनिवार को एसटीएफ और बागपत पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे घेर लिया। जवाबी फायरिंग के दौरान हुई मुठभेड़ में विकुल उर्फ खूनी गोली लगने से मारा गया। पुलिस ने उसके शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।