Saturday, 29 August 2026

आजमगढ़ कप्तानगंज-अहरौला सड़क निर्माण में अनियमितता का आरोप, मंडलायुक्त से जांच की मांग टेंडर स्वीकृति के छह माह बाद भी धीमी गति से चल रहा कार्य, घटिया सामग्री इस्तेमाल करने का आरोप


 आजमगढ़ कप्तानगंज-अहरौला सड़क निर्माण में अनियमितता का आरोप, मंडलायुक्त से जांच की मांग



टेंडर स्वीकृति के छह माह बाद भी धीमी गति से चल रहा कार्य, घटिया सामग्री इस्तेमाल करने का आरोप



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के कप्तानगंज-अहरौला मार्ग के चौड़ीकरण एवं उच्चीकरण के लिए स्वीकृत निर्माण कार्य में अनियमितता और गुणवत्ता में कमी का आरोप लगाते हुए मंडलायुक्त आजमगढ़ से जांच की मांग की गई है। इस संबंध में वरिष्ठ भाजपा नेता व क्षेत्रीय संयोजक गोरखपुर क्षेत्र रमाकांत मिश्र ने मंडलायुक्त को पत्र भेजकर मामले की जांच कराकर शासन की मंशा के अनुरूप निर्माण कार्य सुनिश्चित कराने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद करीब छह माह पूर्व कप्तानगंज-अहरौला सड़क के चौड़ीकरण एवं उच्चीकरण के लिए लोक निर्माण विभाग को धनराशि आवंटित की गई थी। आरोप है कि विभागीय स्तर पर नियमों के विपरीत एमवीडी कंस्ट्रक्शन कंपनी का टेंडर भी स्वीकृत कर दिया गया।


 शिकायतकर्ता का आरोप है कि टेंडर स्वीकृत होने के करीब छह माह बाद भी सड़क निर्माण का कार्य बेहद धीमी गति से कराया जा रहा है। पत्र में आशंका जताई गई है कि जानबूझकर निर्माण कार्य में विलंब किया जा रहा है, ताकि टेंडर प्रक्रिया का पुनरीक्षण कराकर परियोजना की धनराशि बढ़ाई जा सके। शिकायत में निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि अब तक किए गए निर्माण कार्य की गहराई मानक के अनुरूप नहीं है तथा निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री भी घटिया स्तर की है।


 रमाकांत मिश्र ने मंडलायुक्त से निर्माण कार्य की गुणवत्ता और कार्य में हो रहे कथित अनावश्यक विलंब की जांच कराने की मांग की है। साथ ही दोषी पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए निर्धारित मानकों के अनुसार सड़क निर्माण कराने का अनुरोध किया है। पत्र की प्रतिलिपि प्रमुख सचिव, लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश शासन को भी भेजी गई है।

आजमगढ़ थाना कोतवाली, 50 हजार का इनामी गैंग लीडर प्रमोद लखनऊ से गिरफ्तार आजमगढ़ के अंतर्राज्यीय मोटरसाइकिल चोर गिरोह का था सरगना, गैंगस्टर एक्ट में चल रहा था वांछित


 आजमगढ़ थाना कोतवाली, 50 हजार का इनामी गैंग लीडर प्रमोद लखनऊ से गिरफ्तार


आजमगढ़ के अंतर्राज्यीय मोटरसाइकिल चोर गिरोह का था सरगना, गैंगस्टर एक्ट में चल रहा था वांछित


उत्तर प्रदेश आजमगढ़, अंतर्राज्यीय मोटरसाइकिल चोरी गिरोह के ₹50 हजार के इनामी गैंग लीडर प्रमोद कुमार को आजमगढ़ कोतवाली पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने लखनऊ के परिवर्तन चौक से गिरफ्तार कर लिया। गैंगस्टर एक्ट में वांछित चल रहे प्रमोद की गिरफ्तारी 28 अगस्त 2026 की शाम करीब 5:30 बजे की गई। पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से गिरोह के साथ मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं में संलिप्त था। पुलिस के मुताबिक, प्रमोद कुमार पुत्र जयकरन उर्फ सहदेव निवासी पुसड़ा आईमा, थाना मुबारकपुर, आजमगढ़ एक संगठित मोटरसाइकिल चोर गिरोह का गैंग लीडर है। गिरोह आजमगढ़ समेत आसपास के क्षेत्रों में मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था।


 पुलिस के अनुसार 10 दिसंबर 2024 को बवाली मोड़ के पास सूचना मिलने पर वाहन चोर गिरोह के छह सदस्यों को तीन मोटरसाइकिलों के साथ पकड़ा गया था। आरोपियों की निशानदेही पर सठियांव बाजार स्थित गैरेज से चार चोरी की मोटरसाइकिलें और उनके विभिन्न पार्ट्स बरामद किए गए थे। इसके अलावा कबाड़ी की दुकान से दो चेचिस, दो इंजन, टंकी, शॉकर, चैन-स्पाकिट और पैर स्टैंड समेत अन्य सामान भी बरामद हुआ था। पूछताछ में सामने आया कि चोरी की मोटरसाइकिलों को गैरेज में ले जाकर उनके पार्ट्स अलग किए जाते थे। कुछ पार्ट्स कबाड़ी को बेच दिए जाते थे, जबकि अच्छे पार्ट्स को दूसरी मोटरसाइकिलों में लगाकर खपाने का आरोप है। पुलिस जांच में बरामद वाहनों का संबंध आजमगढ़ के कोतवाली और मुबारकपुर थानों के अलावा दिल्ली के मुखर्जी नगर नॉर्थ वेस्ट थाने में दर्ज मुकदमों से भी पाया गया।


पुलिस के मुताबिक गिरोह की आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई के लिए गैंगचार्ट तैयार किया गया था। जिलाधिकारी आजमगढ़ द्वारा 28 फरवरी 2026 को अनुमोदन के बाद कोतवाली थाने में गैंगस्टर एक्ट की संबंधित धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। इसी मामले में वांछित प्रमोद कुमार की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। उसकी गिरफ्तारी पर आजमगढ़ पुलिस की ओर से ₹50 हजार का पुरस्कार घोषित किया गया था। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ चोरी, चोरी का माल रखने, आपराधिक षड्यंत्र, कूटरचना, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में कुल 12 मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।


 गिरफ्तारी करने वाली टीम में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक यादवेन्द्र पाण्डेय, उपनिरीक्षक सौरभ त्रिपाठी, उपनिरीक्षक अभिषेक मिश्रा और हेड कांस्टेबल अभय कुमार सिंह शामिल रहे। एसटीएफ मुख्यालय की टीम में उपनिरीक्षक देवेन्द्र पाल सिंह, मुख्य आरक्षी नीरज पाण्डेय और मुख्य आरक्षी नितिन सिंह शामिल रहे।