Wednesday, 22 July 2026

आजमगढ़ मुबारकपुर शव दफनाने को लेकर 2 पक्ष आमने-सामने, 6 घंटे की पंचायत के बाद हुआ समझौता पुलिस व राजस्व विभाग की सक्रियता से टला संभावित टकराव न्यायालय के फैसले तक बड़े कब्रिस्तान में होंगे अंतिम संस्कार

आजमगढ़ मुबारकपुर शव दफनाने को लेकर 2 पक्ष आमने-सामने, 6 घंटे की पंचायत के बाद हुआ समझौता


पुलिस व राजस्व विभाग की सक्रियता से टला संभावित टकराव


न्यायालय के फैसले तक बड़े कब्रिस्तान में होंगे अंतिम संस्कार


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे मुबारकपुर थाना क्षेत्र के अलीनगर मोहल्ला में मंगलवार को शव दफनाने को लेकर एक ही समुदाय के दो पक्षों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित कर संभावित टकराव टाल दिया। करीब छह घंटे चली पंचायत के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता होने पर मृतक का शव दफनाया गया। 


जानकारी के अनुसार अलीनगर निवासी 85 वर्षीय मोहम्मद शमीम का सोमवार रात निधन हो गया था। मंगलवार सुबह परिजन शव को दफनाने के लिए कब्र खोदने पहुंचे तो ईदगाह कमेटी के सदस्यों ने आपत्ति जताई। एक पक्ष संबंधित भूमि को कब्रिस्तान, जबकि दूसरा पक्ष उसे ईदगाह की जमीन बता रहा था। इससे दोनों पक्षों में विवाद की स्थिति बन गई। सूचना पर नायब तहसीलदार वीरेंद्र कुमार, राजस्व निरीक्षक जयनारायण सिंह, लेखपालों की टीम और पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में दोनों पक्षों को मुबारकपुर थाने बुलाकर वार्ता कराई गई। सहमति बनी कि भूमि विवाद का अंतिम निर्णय न्यायालय करेगा। तब तक भविष्य में किसी भी मृतक का शव पास स्थित बड़े कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा। थाना प्रभारी मुबारकपुर ने बताया कि आपसी सहमति से विवाद का समाधान करा दिया गया है और क्षेत्र में पूरी तरह शांति है।

 

आजमगढ़, इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के विरोध में अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट तक निकाला मार्च पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ता, नारेबाजी कर जताया विरोध प्रैक्टिस पर रोक संबंधी प्रस्तावित व्यवस्था को बताया अधिवक्ताओं के अधिकारों के खिलाफ


 आजमगढ़, इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के विरोध में अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट तक निकाला मार्च


पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ता, नारेबाजी कर जताया विरोध


प्रैक्टिस पर रोक संबंधी प्रस्तावित व्यवस्था को बताया अधिवक्ताओं के अधिकारों के खिलाफ



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं से संबंधित आदेश के विरोध में मंगलवार को दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहे। विरोध स्वरूप अधिवक्ताओं ने दीवानी कचहरी से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकालकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इससे पूर्व दीवानी न्यायालय अभिभाषक संघ की साधारण सभा की आपात बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष प्रभाकर सिंह ने तथा संचालन मंत्री अनुराग कुमार दीक्षित ने किया।


 बैठक में अधिवक्ताओं ने उस न्यायिक व्यवस्था का विरोध किया, जिसके तहत सात वर्ष या उससे अधिक की सजा वाले मुकदमे में एफआईआर दर्ज होते ही अधिवक्ता की प्रैक्टिस पर रोक लगाने की बात कही गई है। अधिवक्ताओं का कहना था कि इससे उनके पेशेवर अधिकार प्रभावित होंगे और इस विषय पर व्यापक विचार-विमर्श आवश्यक है। बैठक में शासकीय अधिवक्ता इन्द्रेश मणि त्रिपाठी पर हुए प्राणघातक हमले की निंदा करते हुए हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी की भी मांग की गई। इसके बाद अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर तक मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। 


बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि अधिवक्ताओं की स्वतंत्रता और गरिमा न्याय व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।