Friday, 5 June 2026

लखनऊ, आईजी समेत 6 आईपीएस अधिकारियों के तबादले देवीपाटन, मिजार्पुर और कानपुर रेंज में नई तैनाती, कई अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी


 लखनऊ, आईजी समेत 6 आईपीएस अधिकारियों के तबादले



देवीपाटन, मिजार्पुर और कानपुर रेंज में नई तैनाती, कई अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी



लखनऊ, उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे में शुक्रवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए डीजीपी मुख्यालय ने एक आईजी और छह डीआईजी स्तर के अधिकारियों के तबादले कर दिए। जारी आदेश के अनुसार विभिन्न रेंजों और महत्वपूर्ण इकाइयों में अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। देवीपाटन रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अमित पाठक के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर नेशनल सिक्योरिटी गार्ड्स (एनएसजी) में तैनात होने के बाद उनकी जगह सीआईडी में तैनात डीआईजी अशोक कुमार चतुर्थ को देवीपाटन रेंज का नया आईजी बनाया गया है। अमित पाठक को राज्य सरकार जल्द ही एनएसजी में कार्यभार ग्रहण करने के लिए कार्यमुक्त कर सकती है। वहीं मिजार्पुर रेंज के डीआईजी राकेश प्रकाश सिंह के सेवानिवृत्त होने के बाद पीटीएस मेरठ की प्रधानाचार्य पूनम को मिजार्पुर रेंज का डीआईजी नियुक्त किया गया है। इसी क्रम में पीटीएस मुरादाबाद में तैनात डीआईजी यमुना प्रसाद को कानपुर रेंज की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 


कानपुर रेंज के डीआईजी हरीश चन्द्र का तबादला भ्रष्टाचार निवारण संगठन में किया गया है। वहीं केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सीआरपीएफ में तैनात रहे रवि शंकर छवि को वापस बुलाए जाने के बाद डीजीपी मुख्यालय में डीआईजी लोक शिकायत के पद पर नियुक्त किया गया है। वह वापसी के बाद से प्रतीक्षारत चल रहे थे। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण संगठन में तैनात डीआईजी सचिंद्र पटेल को आगरा पुलिस कमिश्नरेट में अपर पुलिस आयुक्त की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस मुख्यालय द्वारा किए गए इस प्रशासनिक फेरबदल को कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

आजमगढ़ 500 कुख्यात अपराधियों के यहां एक साथ पुलिस की दबिश 50 पुलिस टीमों ने घर-घर पहुंचकर किया भौतिक सत्यापन, डोजियर अपडेट कर निरोधात्मक कार्रवाई की तैयारी


 आजमगढ़ 500 कुख्यात अपराधियों के यहां एक साथ पुलिस की दबिश



50 पुलिस टीमों ने घर-घर पहुंचकर किया भौतिक सत्यापन, डोजियर अपडेट कर निरोधात्मक कार्रवाई की तैयारी



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा जनपद में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आजमगढ़ पुलिस द्वारा चार दिवसीय विशेष सत्यापन अभियान चलाया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में तथा अपर पुलिस अधीक्षक नगर मधुबन कुमार सिंह एवं क्षेत्राधिकारी नगर शुभम तोदी के मार्गदर्शन में सर्किल नगर क्षेत्र में सोमवार से गुरुवार तक चले इस अभियान के दौरान 500 कुख्यात अपराधियों के यहां एक साथ दबिश देकर उनका भौतिक सत्यापन किया गया।


 पुलिस के अनुसार अभियान में उन अपराधियों को चिन्हित किया गया था, जो पूर्व में लूट, डकैती, जानलेवा हमला, परीक्षा में नकल कराने, तस्करी समेत अन्य गंभीर अपराधों में संलिप्त रहे हैं। इन अपराधियों की वर्तमान गतिविधियों और सामाजिक स्थिति की जानकारी जुटाने के लिए विशेष रणनीति के तहत प्रतिदिन 50 पुलिस टीमों का गठन किया गया। प्रत्येक टीम में एक उपनिरीक्षक और चार आरक्षियों को शामिल किया गया था। अभियान के दौरान सभी पुलिस टीमों को विस्तृत ब्रीफिंग देने के बाद एक साथ कोतवाली से रवाना किया गया। इसके बाद चिन्हित अपराधियों के घरों और ठिकानों पर पहुंचकर उनका भौतिक सत्यापन किया गया। सत्यापन के दौरान पुलिस ने उनके रहन-सहन, आजीविका, सामाजिक व्यवहार, वर्तमान गतिविधियों तथा आपराधिक प्रवृत्तियों के संबंध में विस्तृत जानकारी एकत्रित की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य यह जानना था कि पूर्व में आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे व्यक्ति अब सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे हैं या फिर दोबारा अपराध जगत से जुड़कर कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन रहे हैं। सत्यापन के दौरान प्राप्त सूचनाओं के आधार पर प्रत्येक अपराधी का डोजियर तैयार एवं अद्यतन किया गया है। 


पुलिस का कहना है कि जिन व्यक्तियों की गतिविधियां संदिग्ध पाई जाएंगी अथवा जिनके पुन: अपराध में सक्रिय होने की जानकारी मिलेगी, उनके विरुद्ध आवश्यकतानुसार निरोधात्मक एवं अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अभियान के माध्यम से पुलिस ने अपराधियों को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि जनपद में अपराध नियंत्रण और आमजन को सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए ऐसे विशेष अभियान भविष्य में भी निरंतर चलाए जाते रहेंगे। पुलिस द्वारा अपराधियों की निगरानी, सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी, जिससे कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।

आजमगढ़ जीयनपुर 5 जिलों में फर्जी जमानत का बड़ा खेल उजागर 18 अभियुक्तों की जमानत कराने वाला आरोपी गिरफ्तार फर्जी दस्तावेजों के सहारे जमानत कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश, मोहरें और आधार कार्ड बरामद

आजमगढ़ जीयनपुर 5 जिलों में फर्जी जमानत का बड़ा खेल उजागर


18 अभियुक्तों की जमानत कराने वाला आरोपी गिरफ्तार


फर्जी दस्तावेजों के सहारे जमानत कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश, मोहरें और आधार कार्ड बरामद



उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ जनपद में गंभीर आपराधिक मामलों में बंद अभियुक्तों की फर्जी जमानत कराने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने कूटरचित दस्तावेजों और फर्जी पहचान पत्रों के सहारे पांच जनपदों में कुल 18 अभियुक्तों की जमानत कराई थी। उसके कब्जे से विभिन्न मोहरें, आधार कार्ड और अन्य फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं।


 पुलिस के मुताबिक 30 मई 2026 को चौकी प्रभारी कचहरी, थाना कोतवाली नगर द्वारा सूचना दी गई थी कि कुछ तथाकथित जमानतदार आर्थिक लाभ के उद्देश्य से हत्या, लूट, डकैती, गैंगस्टर जैसे गंभीर मामलों में निरुद्ध अभियुक्तों की जमानत फर्जी अभिलेखों के आधार पर करा रहे हैं। जांच के दौरान एक ही व्यक्ति द्वारा कई अभियुक्तों की जमानत एक ही दस्तावेज के आधार पर कराए जाने की बात सामने आई, जिसके बाद थाना कोतवाली में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।


 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना जीयनपुर पुलिस ने मामले में वांछित अभियुक्त दयाराम पुत्र जानकी प्रसाद निवासी रामपुर कला, थाना कोतवाली टांडा, जनपद अंबेडकरनगर को 3 जून की रात जमसर स्थित रॉयल स्टार ढाबा के बाहर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और विवेचना में खुलासा हुआ कि दयाराम ने अंबेडकरनगर, आजमगढ़, बस्ती, गोंडा और गोरखपुर जनपदों में कुल 18 अभियुक्तों की फर्जी जमानत कराई थी। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और उनकी भूमिका की जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपी के पास से आठ विभिन्न मोहरें, एक इंक पैड, चार खतौनी की प्रतियां, आठ आधार कार्ड, एक आधार कार्ड की छायाप्रति तथा अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कार्रवाई और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

 

आजमगढ़ 2 कोटेदारों पर कालाबाजारी का मुकदमा, लाखों रुपये का खाद्यान्न गबन उजागर डीएम के निर्देश पर जांच में अनियमितता मिली; आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत हुई कार्रवाई


 आजमगढ़ 2 कोटेदारों पर कालाबाजारी का मुकदमा, लाखों रुपये का खाद्यान्न गबन उजागर


डीएम के निर्देश पर जांच में अनियमितता मिली; आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत हुई कार्रवाई


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत गरीबों को वितरित किए जाने वाले खाद्यान्न की कालाबाजारी के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी के निर्देश पर हुई जांच में दो उचित दर विक्रेताओं द्वारा सरकारी खाद्यान्न और चीनी की कालाबाजारी किए जाने का मामला सामने आया है। दोनों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज कराई गई है। जिला पूर्ति अधिकारी के अनुसार विकास खंड अहिरौला की ग्राम पंचायत भटौली के उचित दर विक्रेता रामप्रीत यादव की दुकान की जांच पूर्ति निरीक्षक अहिरौला द्वारा की गई। जांच में पाया गया कि अंत्योदय एवं पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को नि:शुल्क वितरण के लिए आवंटित 20.94 क्विंटल गेहूं तथा 63.51 क्विंटल चावल की कालाबाजारी कर दी गई। मामले में जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद थाना अहिरौला में रामप्रीत यादव के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है। 


इसी प्रकार विकास खंड एवं तहसील मेंहनगर के ग्राम पंचायत पलिया सोफिगंज के उचित दर विक्रेता कल्पनाथ राजभर की दुकान की जांच में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच के दौरान 16.73 क्विंटल गेहूं, 57.38 क्विंटल चावल तथा 9 किलोग्राम चीनी का स्टॉक अभिलेखों के अनुरूप नहीं मिला। आरोप है कि उक्त खाद्यान्न और चीनी की स्वहित में कालाबाजारी की गई, जो उत्तर प्रदेश आवश्यक वस्तु (विक्रय एवं वितरण के नियंत्रण का विनियमन) आदेश-2016 का स्पष्ट उल्लंघन है। जिलाधिकारी के अनुमोदन के अनुपालन में पूर्ति निरीक्षक मेंहनगर द्वारा थाना मेंहनगर में कल्पनाथ राजभर के खिलाफ भी आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।