Friday, 18 September 2026

आजमगढ़ गंभीरपुर, कक्षा 5 तक पढ़ा, फिर बना फर्जी CO, शराब का ठेका दिलाने के नाम पर ₹90 हजार ठगे डिप्टी एसपी की वर्दी पहनकर करता था वीडियो कॉल, 2 फर्जी पुलिस आईडी और कूटरचित ठेका आवंटन पत्र बरामद


 आजमगढ़ गंभीरपुर, कक्षा 5 तक पढ़ा, फिर बना फर्जी CO, शराब का ठेका दिलाने के नाम पर ₹90 हजार ठगे



डिप्टी एसपी की वर्दी पहनकर करता था वीडियो कॉल, 2 फर्जी पुलिस आईडी और कूटरचित ठेका आवंटन पत्र बरामद


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में गंभीरपुर थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने खुद को पुलिस का सीओ अधिकारी बताकर शराब का ठेका दिलाने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, कक्षा पांच तक पढ़े आरोपी ने डिप्टी एसपी की वर्दी पहनकर लोगों से वीडियो कॉल के जरिए संपर्क किया और खुद को पुलिस अधिकारी बताकर अपना प्रभाव जमाता था। आरोपी ने शराब का ठेका दिलाने के नाम पर एक व्यक्ति से ₹3.20 लाख की मांग की और ₹90 हजार नगद ले लिए थे। सिधारी थाना क्षेत्र के सादीसराय निवासी रविप्रकाश ने 17 सितंबर 2026 को गंभीरपुर थाने में शिकायत दी थी। आरोप है कि संजय नामक व्यक्ति ने स्वयं को पुलिस का सीओ अधिकारी बताते हुए शराब का ठेका दिलाने के नाम पर ₹3.20 लाख की मांग की। 30 अगस्त 2026 को उसने ₹90 हजार नगद ले लिए थे। शेष रकम 2 सितंबर 2026 तक देने की बात कही गई थी।


 पुलिस के मुताबिक, 1 सितंबर 2026 को आरोपी ने पुलिस की वर्दी पहनकर मोबाइल फोन से वीडियो कॉल की। संदेह होने पर वादी ने आरोपी के बारे में जानकारी की तो उसके पुलिस अधिकारी नहीं होने का पता चला। इसके बाद गंभीरपुर थाने में मु0अ0सं0 226/2026 संबंधित धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में 18 सितंबर 2026 को गंभीरपुर पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना व आरोपी की लोकेशन के आधार पर रानीपुर रजमों मोड़ के पास से संजय पुत्र स्व. श्रीराम, निवासी मगरावा, थाना गंभीरपुर, उम्र करीब 40 वर्ष को दोपहर करीब 12:10 बजे गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से दो कूटरचित पुलिस अधिकारी पहचान पत्र, शराब ठेके का कूटरचित आवंटन पत्र, डिप्टी एसपी की पुलिस वर्दी का एक सेट और मोबाइल फोन बरामद किया गया। 


पुलिस के अनुसार, आरोपी डिप्टी एसपी की वर्दी पहनकर वीडियो कॉल करता था और खुद को पुलिस विभाग का अधिकारी बताकर लोगों को प्रभावित करता था। वह अपने कथित पद और प्रभाव का इस्तेमाल कर शराब का ठेका, नौकरी आदि दिलाने का भरोसा देता था और इसके नाम पर रकम हासिल करता था। मामले में पुलिस द्वारा आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

आजमगढ़ तहबरपुर दिनदहाड़े आभूषण की दुकान से गहना लेकर भागे बदमाश, ग्रामीणों ने पीछा कर 2 को दबोचा वायरल वीडियो में बैग से कथित तमंचा-पिस्टल और कारतूस मिलने का दावा, 2 आरोपी फरार


 आजमगढ़ तहबरपुर दिनदहाड़े आभूषण की दुकान से गहना लेकर भागे बदमाश, ग्रामीणों ने पीछा कर 2 को दबोचा



वायरल वीडियो में बैग से कथित तमंचा-पिस्टल और कारतूस मिलने का दावा, 2 आरोपी फरार



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के तहबरपुर थाना क्षेत्र के मंझारी बाजार में गुरुवार को दिनदहाड़े आभूषण की दुकान से गहना लेकर भाग रहे बदमाशों का ग्रामीणों ने पीछा कर दो आरोपियों को पकड़ लिया। घटना के बाद मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। बदमाशों के पकड़े जाने और ग्रामीणों द्वारा उनकी तलाशी लिए जाने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।


 स्थानीय लोगों के मुताबिक, चार बदमाश दो मोटरसाइकिलों से मंझारी बाजार पहुंचे थे। आरोप है कि बदमाश आनंद सेठ की आभूषण की दुकान पर गए और वहां से सोने की चेन लेकर भागने लगे। दुकान से बदमाशों के निकलते ही शोर मच गया। आवाज सुनकर आसपास के दुकानदार और ग्रामीण उनके पीछे दौड़ पड़े। बताया गया कि बदमाश भागते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पास तक पहुंच गए। पीछा कर रहे ग्रामीणों ने दो आरोपियों को पकड़ लिया, जबकि उनके दो साथी मौके से फरार हो गए। इसके बाद ग्रामीणों ने दोनों आरोपियों को घेर लिया और पुलिस को सूचना दी। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में ग्रामीण पकड़े गए आरोपी के बैग की तलाशी लेते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में बैग से तमंचा, पिस्टल, बांका और कारतूस मिलने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो में दिखाई दे रही वस्तुओं की बरामदगी और उनकी वास्तविक स्थिति की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।


 एक अन्य वीडियो में ग्रामीण खेतों में एक आरोपी का पीछा करते और उसे पकड़ते नजर आ रहे हैं। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और पकड़े गए आरोपियों को अपने कब्जे में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। शुक्रवार सुबह भी मंझारी बाजार में घटना की चर्चा होती रही। पुलिस फरार दोनों आरोपियों की तलाश कर रही है। साथ ही दुकान से ले जाए गए आभूषण की कीमत, आरोपियों की भूमिका और वायरल वीडियो में कथित असलहों की बरामदगी की भी जांच की जा रही है।