Wednesday, 16 September 2026

आजमगढ़ चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हमले को लेकर आजाद समाज पार्टी ने किया प्रदर्शन निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन


 आजमगढ़ चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हमले को लेकर आजाद समाज पार्टी ने किया प्रदर्शन



निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की आजमगढ़ इकाई ने जनहित, सामाजिक न्याय और कानून-व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर बुधवार को जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में गोंडा और अयोध्या में हुई हत्याओं, बाराबंकी में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना सांसद एडवोकेट चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हुए कथित हमले, पंचायत सहायकों की मांगों तथा 68500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण संबंधी प्रकरण समेत चार सूत्रीय मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग की गई। 


जिलाध्यक्ष धर्मवीर भारती की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि गोंडा में विनोद साहनी और रमेश कोरी तथा अयोध्या में राम लगन मौर्य की हत्या के बाद पीड़ित परिवारों से मिलने जा रहे चंद्रशेखर आजाद के काफिले को 13 सितंबर 2026 को बाराबंकी के रामनगर थाना क्षेत्र के बुढ़वल में रोके जाने के बाद पथराव और हिंसक हमले की शिकायत सामने आई थी। पार्टी ने दावा किया कि घटना में कई कार्यकर्ता घायल हुए और वाहनों को नुकसान पहुंचा। ज्ञापन में पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने तथा घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की गई है। साथ ही मौके पर तैनात पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर लापरवाही मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई। 


पार्टी ने पंचायत सहायकों की मांगों तथा 68500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण संबंधी प्रकरण का समाधान कराने और धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में भी आवश्यक कार्रवाई की मांग उठाई। ज्ञापन सौंपने के दौरान एडवोकेट शेषनाथ राव जिला अध्यक्ष भीम आर्मी, एडवोकेट संजय कुमार, एडवोकेट एके आनंद (मंडल प्रभारी भाईचारा) मंडल आजमगढ़, एडवोकेट सहिलेश कुमार जिला उपाध्यक्ष एएसपी, जनार्दन एडवोकेट सहित सैकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस दौरान जिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।

आजमगढ़ हत्या मामले में 5 आरोपियों को आजीवन कारावास अदालत ने प्रत्येक पर एक लाख 5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया


 आजमगढ़ हत्या मामले में 5 आरोपियों को आजीवन कारावास


अदालत ने प्रत्येक पर एक लाख 5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में हत्या के करीब नौ वर्ष पुराने मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-4 दिनेश कुमार की अदालत ने पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने सभी दोषियों पर एक लाख पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। सजा पाने वालों में राजेंद्र पांडेय, ऊषा पांडेय, टोनू पांडेय, रीना पांडेय और शोभा पांडेय शामिल हैं। अभियोजन पक्ष के अनुसार मेहनगर थाना क्षेत्र के अहियाई गांव निवासी प्रभात कुमार दुबे ने मुकदमा दर्ज कराया था। 


आरोप था कि उसके पिता वीरेंद्र दुबे का शोभा पांडेय निवासी कस्बा मेहनगर से अवैध संबंध था। शोभा पांडेय और उसके भाई राजेंद्र पांडेय निवासी भीखमपुर थाना मेहनगर वीरेंद्र दुबे पर संपत्ति अपने नाम कराने का दबाव बना रहे थे। आरोप है कि दो फरवरी 2017 की रात शोभा पांडेय, उसके भाई राजेंद्र पांडेय, ऊषा पांडेय, टोनू पांडेय और रीना पांडेय ने मिलकर गला दबाकर वीरेंद्र दुबे की हत्या कर दी। 


घटना की जांच के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आनंद सिंह, अविनाश चंद्र राय और पूर्व डीजीसी दशरथ यादव ने पैरवी की। अभियोजन की ओर से कुल आठ गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद अदालत ने पांचों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और प्रत्येक पर एक लाख पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।