आजमगढ़ हत्या मामले में 5 आरोपियों को आजीवन कारावास
अदालत ने प्रत्येक पर एक लाख 5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में हत्या के करीब नौ वर्ष पुराने मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-4 दिनेश कुमार की अदालत ने पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने सभी दोषियों पर एक लाख पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। सजा पाने वालों में राजेंद्र पांडेय, ऊषा पांडेय, टोनू पांडेय, रीना पांडेय और शोभा पांडेय शामिल हैं। अभियोजन पक्ष के अनुसार मेहनगर थाना क्षेत्र के अहियाई गांव निवासी प्रभात कुमार दुबे ने मुकदमा दर्ज कराया था।
आरोप था कि उसके पिता वीरेंद्र दुबे का शोभा पांडेय निवासी कस्बा मेहनगर से अवैध संबंध था। शोभा पांडेय और उसके भाई राजेंद्र पांडेय निवासी भीखमपुर थाना मेहनगर वीरेंद्र दुबे पर संपत्ति अपने नाम कराने का दबाव बना रहे थे। आरोप है कि दो फरवरी 2017 की रात शोभा पांडेय, उसके भाई राजेंद्र पांडेय, ऊषा पांडेय, टोनू पांडेय और रीना पांडेय ने मिलकर गला दबाकर वीरेंद्र दुबे की हत्या कर दी।
घटना की जांच के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आनंद सिंह, अविनाश चंद्र राय और पूर्व डीजीसी दशरथ यादव ने पैरवी की। अभियोजन की ओर से कुल आठ गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद अदालत ने पांचों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और प्रत्येक पर एक लाख पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

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