Sunday, 13 September 2026

हापुड़ सिपाही ने ड्यूटी के दौरान खुद को मारी गोली गले में गोली लगने से मौत, पिता बोले- छुट्टी में गुमसुम रहता था बेटा

हापुड़ सिपाही ने ड्यूटी के दौरान खुद को मारी गोली



गले में गोली लगने से मौत, पिता बोले- छुट्टी में गुमसुम रहता था बेटा


उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में तैनात फतेहाबाद निवासी 22 वर्षीय सिपाही आशीष वर्मा ने रविवार को धौलाना थाने में पहरा ड्यूटी के दौरान अपनी सरकारी SLR राइफल से खुद को गोली मार ली। गोली गले में लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। थाने में मौजूद पुलिसकर्मी आनन-फानन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया। उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। आशीष वर्मा पुत्र त्रिभुवननाथ फतेहाबाद के थाना निबोहरा क्षेत्र के हीरापुरा गांव का निवासी था। वह वर्ष 2025 में पुलिस विभाग में भर्ती हुआ था। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उसकी तैनाती हापुड़ जिले के धौलाना थाने में हुई थी। रविवार सुबह करीब 11 बजे वह थाने में पहरा ड्यूटी पर तैनात था। इसी दौरान उसने अपनी सरकारी SLR राइफल से गले में गोली मार ली। गोली चलने की आवाज सुनकर पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और उसे अस्पताल ले गए, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आत्मघाती कदम उठाने के पीछे क्या कारण था, इसका अभी पता नहीं चल सका है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। परिजनों के मुताबिक आशीष 16 अगस्त 2026 को छुट्टी लेकर घर आया था और 3 सितंबर 2026 को वापस ड्यूटी पर गया था। 


पिता त्रिभुवननाथ ने बताया कि उनका बेटा मिलनसार स्वभाव का था। आमतौर पर छुट्टी में वह दोस्तों और परिचितों से मिलता-जुलता था, लेकिन इस बार वह न तो किसी दोस्त से मिलने गया और न ही बाहर निकला। वह काफी गुमसुम रहता था। पूछने पर भी उसने अपनी परेशानी के बारे में कुछ नहीं बताया। पिता स्वयं आशीष को ड्यूटी के लिए थाने तक छोड़कर आए थे। उस समय उन्हें इस बात का जरा भी अंदेशा नहीं था कि उनका बेटा इतना बड़ा कदम उठा सकता है। आशीष दो भाइयों में बड़ा था। उसका छोटा भाई संतोष 18 वर्ष का है और महाराष्ट्र में हलवाई का काम करता है। उसकी एक छोटी बहन की शादी अभी नहीं हुई है, जबकि दूसरी बहन शादीशुदा है। पिता खेती-बाड़ी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। आशीष के पुलिस विभाग में भर्ती होने के बाद परिवार को उससे काफी उम्मीदें थीं। परिजनों को उम्मीद थी कि नौकरी में आगे बढ़कर वह घर की जिम्मेदारियां संभालेगा। रविवार को उसकी मौत की खबर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां राजकुमारी और पिता त्रिभुवननाथ बेसुध हो गए। घर में मौजूद रिश्तेदार और ग्रामीण परिजनों को संभालने में जुटे रहे।

 

आजमगढ़ फूलपुर दुकान में घुसकर मारपीट मामले में 6 महिलाएं गिरफ्तार महिला को कमरे में बंधक बनाने का भी आरोप, निशानदेही पर चोरी का 75 सामान बरामद


 आजमगढ़ फूलपुर दुकान में घुसकर मारपीट मामले में 6 महिलाएं गिरफ्तार



महिला को कमरे में बंधक बनाने का भी आरोप, निशानदेही पर चोरी का 75 सामान बरामद


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के फूलपुर थाना क्षेत्र में मकान और किराना दुकान में जबरन घुसकर मारपीट, तोड़फोड़ और चोरी करने के मामले में पुलिस ने छह महिलाओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार महिलाओं पर एक महिला को कमरे में बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट करने का भी आरोप है। अभियुक्ताओं की निशानदेही पर मकान और किराना दुकान से चोरी किए गए 75 सामान बरामद किए गए हैं।


 पुलिस के मुताबिक, 12 सितंबर 2026 को ग्राम जाफरचक, थाना सरायमीर निवासी महिला ने फूलपुर थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि विपक्षी महिलाएं एकराय होकर लाठी-डंडा, रॉड, हथौड़ा और ड्रिल मशीन आदि लेकर उसकी बहन के मकान व किराना दुकान में जबरन घुस गईं। आरोप है कि इस दौरान मारपीट और तोड़फोड़ करने के साथ सामान चोरी किया गया तथा महिला को कमरे में बंधक बना दिया गया। तहरीर के आधार पर फूलपुर थाने में मुकदमा अपराध संख्या 280/2026 संबंधित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। एसएसपी आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत 13 सितंबर 2026 को पुलिस ने सुषमा प्रजापति और अंजनी मालिन को ब्लॉक फूलपुर से गिरफ्तार किया। वहीं सुनीता, शान्ति देनी, इन्द्रावती और माधुरी मौर्या को जगदीशपुर से पकड़ा गया। पुलिस ने बताया कि सभी की निशानदेही पर चोरी के 75 सामान बरामद हुए हैं। गिरफ्तार अभियुक्ताओं के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, सुषमा प्रजापति के खिलाफ फूलपुर थाने में दो मुकदमे दर्ज हैं। अन्य गिरफ्तार महिलाओं के संबंध में कोई अन्य आपराधिक इतिहास उपलब्ध नहीं कराया गया है।

आजमगढ़ फूलपुर खेत में नंगे बिजली के तार की चपेट में आने से 17 वर्षीय किशोरी की मौत, 2 गिरफ्तार दोनों के खिलाफ हत्या समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज


 आजमगढ़ फूलपुर खेत में नंगे बिजली के तार की चपेट में आने से 17 वर्षीय किशोरी की मौत, 2 गिरफ्तार



दोनों के खिलाफ हत्या समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के फूलपुर थाना क्षेत्र के खानजहाँपुर गांव में खेत में लगाए गए नंगे विद्युत तार की चपेट में आने से 17 वर्षीय किशोरी की मौत के मामले में पुलिस ने दो वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद से दोनों आरोपी फरार चल रहे थे। रविवार 13 सितंबर 2026 को पुलिस ने दोनों को खानजहाँपुर चौराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, खानजहाँपुर निवासी वादी ने 12 सितंबर 2026 को फूलपुर थाने में तहरीर देकर बताया कि उनकी करीब 17 वर्षीय पुत्री गांव के ही सूरज पुत्र वरिष्ठ से बातचीत करती थी। इसकी जानकारी होने पर करीब एक माह पूर्व उन्होंने अपनी पुत्री को उसके ननिहाल सदपुर बरौली में छोड़ दिया था। आरोप है कि 10 सितंबर 2026 को सूरज ने किशोरी को जानबूझकर मिलने के लिए अपने घर के पीछे स्थित खेत में बुलाया। इसी खेत में फसल बोने वाले शंकर पुत्र हरखू ने कथित तौर पर खतरनाक तरीके से नंगे बिजली के तारों की बाड़ लगाकर उसमें विद्युत प्रवाह कर रखा था। तार की चपेट में आने से किशोरी की मौत हो गई। मामले में फूलपुर थाने पर मु0अ0सं0 279/2026 संबंधित धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना उपनिरीक्षक शिवशरण सिंह कर रहे हैं।


 एसएसपी आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे गिरफ्तारी अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और क्षेत्राधिकारी फूलपुर के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक फूलपुर देवेंद्र प्रताप सिंह के निर्देशन में उपनिरीक्षक शिवशरण सिंह ने पुलिस टीम के साथ दोनों आरोपियों को रविवार सुबह करीब 7:10 बजे गिरफ्तार किया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर उन्हें न्यायालय भेज दिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सूरज पुत्र वरिष्ठ और शंकर पुत्र हरखू, दोनों निवासी खानजहाँपुर, थाना फूलपुर, जनपद आजमगढ़ के रूप में हुई है। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम मे उपनिरीक्षक शिवशरण सिंह, हेड कांस्टेबल बृजेश यादव, कांस्टेबल अरविंद कुमार यादव और कांस्टेबल अमित कुमार शामिल रहे।