Wednesday, 30 September 2026

आजमगढ़ गंभीरपुर गोसाईं की बाजार, दोहा कतर से घर पहुंचा प्रवासी का शव, मचा कोहराम 20 दिन पहले बिगड़ी थी तबीयत, इलाज के दौरान 24 सितंबर को हुई मौत, 22 वर्षों से दोहा में कर रहे थे नौकरी


 आजमगढ़ गंभीरपुर गोसाईं की बाजार, दोहा कतर से घर पहुंचा प्रवासी का शव, मचा कोहराम


20 दिन पहले बिगड़ी थी तबीयत, इलाज के दौरान 24 सितंबर को हुई मौत, 22 वर्षों से दोहा में कर रहे थे नौकरी


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के गंभीरपुर थाना क्षेत्र के गोसाई की बाजार कस्बा स्थित रसूलपुर जयद्रथ यति निवासी वीरेंद्र कुमार यादव (52) का शव बुधवार शाम करीब सात बजे उनके घर पहुंचा। शव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।


 प्राप्त जानकारी के अनुसार, रसूलपुर जयद्रथ निवासी वीरेंद्र कुमार यादव पुत्र स्वर्गीय किशन यादव पिछले करीब 22 वर्षों से रोजी-रोटी के लिए दोहा, कतर में रहकर एक फाइबर कंपनी में कार्यरत थे। करीब 20 दिन पूर्व अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई। कंपनी की ओर से उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई। वीरेंद्र की तबीयत खराब होने की सूचना कंपनी की ओर से उनके परिवार को दी गई। सूचना मिलने के बाद उनके छोटे भाई प्रमोद कुमार यादव उर्फ सिंधु 20 सितंबर 2026 को दोहा, कतर पहुंचे। इलाज के दौरान 24 सितंबर 2026 को वीरेंद्र कुमार यादव की मौत हो गई। इसके बाद उनके भाई प्रमोद कुमार यादव शव लेकर बुधवार शाम करीब सात बजे घर पहुंचे। शव देखते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। पत्नी समेत परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था। बताया गया कि वीरेंद्र कुमार यादव पांच भाइयों में चौथे नंबर पर थे। उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो पुत्र और दो पुत्रियां हैं। मौत की खबर से गांव में भी शोक का माहौल है।

आजमगढ़ हत्या के दोषी को आजीवन कारावास, 2 को 6 माह की सजा कोर्ट ने 2 आरोपियों को किया दोषमुक्त, 45 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया


 आजमगढ़ हत्या के दोषी को आजीवन कारावास, 2 को 6 माह की सजा


कोर्ट ने 2 आरोपियों को किया दोषमुक्त, 45 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे हत्या के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद विशेष सत्र न्यायालय ने एक आरोपी को हत्या और अवैध असलहा रखने का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास तथा 45 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इसी मामले में दो आरोपियों को साधारण मारपीट का दोषी पाते हुए छह-छह माह के कारावास और एक-एक हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में दो आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया। अर्थदंड की आधी राशि मृतक के वैध वारिस को दिए जाने का आदेश दिया गया है। फैसला विशेष सत्र न्यायाधीश ओम प्रकाश मिश्रा ने बुधवार को सुनाया।


 अभियोजन के अनुसार तरवां थाना क्षेत्र के शाहपुर कानूनगो निवासी मुन्ना पांडेय 29 नवंबर 2019 को सुबह करीब नौ बजे अपने पुत्रों इंद्रसेन और चंद्रमणि के साथ दीवार की सुरक्षा के लिए मिट्टी डाल रहे थे। इसी दौरान पड़ोसी संजय, मृत्युंजय, पंकज पांडेय, सरोज पांडेय और उपेंद्र पांडेय वहां पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। वादी के विरोध करने पर संजय ने चंद्रमणि पांडेय को गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल चंद्रमणि की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने जांच पूरी कर आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ओम प्रकाश सिंह, निर्मल शर्मा तथा अधिवक्ता सुधन प्रसाद ने कुल 10 गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी संजय को हत्या और अवैध असलहा रखने का दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास तथा 45 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं मृत्युंजय और पंकज को साधारण मारपीट का दोषी पाते हुए छह-छह माह के कारावास और एक-एक हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर सरोज पांडेय और उपेंद्र पांडेय को दोषमुक्त कर दिया गया।

आजमगढ़ सिधारी सेक्स रैकेट की सूचना पर पुलिस की छापेमारी, 4 महिलाएं हिरासत में शिकायत के आधार पर हुई कार्रवाई, कथित गतिविधियों को लेकर पुलिस कर रही पूछताछ


 आजमगढ़ सिधारी सेक्स रैकेट की सूचना पर पुलिस की छापेमारी, 4 महिलाएं हिरासत में



शिकायत के आधार पर हुई कार्रवाई, कथित गतिविधियों को लेकर पुलिस कर रही पूछताछ



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के सिधारी थाना क्षेत्र के हैदराबाद छतवारा स्थित नई कॉलोनी में मंगलवार को पुलिस ने एक मकान पर छापेमारी की। पुलिस टीम ने मौके से चार महिलाओं को हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए सिधारी थाने ले गई। मामले में पुलिस द्वारा जांच और पूछताछ की जा रही है।


 जानकारी के अनुसार, हैदराबाद छतवारा नई कॉलोनी निवासी हनुमान ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि कॉलोनी के एक मकान में एक महिला अन्य महिलाओं के साथ मिलकर कथित रूप से सेक्स रैकेट संचालित कर रही है। शिकायत में मकान पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों के आने-जाने का भी आरोप लगाया गया था। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया था कि इस संबंध में पूर्व में पुलिस से शिकायत की जा चुकी है। उसके मुताबिक, पुलिस ने पहले भी संबंधित महिला को तीन बार पकड़ा था, लेकिन बाद में आपसी सुलह हो गई। आरोप है कि कुछ समय तक गतिविधियां बंद रहने के बाद दोबारा शुरू हो जाती थीं। मामले को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी की बात सामने आने के बाद मंगलवार को सिधारी थाना पुलिस ने महिला थाना पुलिस के साथ संबंधित मकान पर छापेमारी की। इस दौरान चार महिलाओं को हिरासत में लेकर थाने लाया गया। पुलिस को मौके से कुछ आपत्तिजनक सामग्री मिलने की बात भी सामने आई है। हालांकि, बरामदगी और अन्य तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।


 सीओ शुभम तोदी ने बताया कि सूचना मिलने के बाद सिधारी थाना और महिला थाना पुलिस की टीम ने मकान पर छापेमारी की थी। चार महिलाओं को थाने लाकर पूछताछ की जा रही है। जांच और पूछताछ में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि मकान में कथित गतिविधियां किस स्तर पर संचालित हो रही थीं और इसमें अन्य लोगों की कोई भूमिका थी या नहीं।