Wednesday, 14 October 2026

आजमगढ़ के सीडीओ राकेश कुमार पटेल का तबादला, कमलकिशोर देशभूषण होंगे नए सीडीओ शासन ने 7 आईएएस अधिकारियों की तैनाती में किया बदलाव, राकेश पटेल को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में मिली जिम्मेदारी


 आजमगढ़ के सीडीओ राकेश कुमार पटेल का तबादला, कमलकिशोर देशभूषण होंगे नए सीडीओ



शासन ने 7 आईएएस अधिकारियों की तैनाती में किया बदलाव, राकेश पटेल को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में मिली जिम्मेदारी




उत्तर प्रदेश आजमगढ़। उत्तर प्रदेश शासन ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए सात आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस क्रम में आजमगढ़ के मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार पटेल का स्थानांतरण विशेष सचिव, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के पद पर किया गया है। वहीं, मुजफ्फरनगर के मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमलकिशोर देशभूषण को आजमगढ़ का नया मुख्य विकास अधिकारी नियुक्त किया गया है। 


शासन की ओर से जारी तबादला सूची के अनुसार राकेश कुमार पटेल अब चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में विशेष सचिव की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनके स्थान पर आजमगढ़ में मुख्य विकास अधिकारी के पद पर कंडारकर कमलकिशोर देशभूषण की तैनाती की गई है। इस बदलाव से जिले के विकास कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्था की जिम्मेदारी नए अधिकारी के हाथों में होगी। अन्य तबादलों में धीरेंद्र सिंह सचान को विशेष सचिव, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से निदेशक पंचायतीराज, उत्तर प्रदेश बनाया गया है। आगरा मंडल के अपर आयुक्त राजेश कुमार को विशेष सचिव, नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 


आगरा की मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह को अपर आयुक्त, आगरा मंडल नियुक्त किया गया है। वहीं, कानपुर देहात के अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अमित कुमार को आगरा का मुख्य विकास अधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज में सदस्य (न्यायिक) के पद पर तैनात देवेंद्र कुमार सिंह कुशवाहा को प्रतीक्षारत कर दिया गया है। शासन के इस प्रशासनिक फेरबदल में आजमगढ़ के मुख्य विकास अधिकारी का बदलाव जिले के लिहाज से प्रमुख माना जा रहा है। नए सीडीओ की तैनाती के साथ जिले में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी अब कंडारकर कमलकिशोर देशभूषण संभालेंगे।

आजमगढ़ फूलपुर 144 प्रस्तावों में महज 24 को मंजूरी, गांवों का विकास कैसे हो? 5 माह से विकास कार्यों पर ब्रेक, नए काम शुरू कराने के लिए स्वीकृति का इंतजार


 आजमगढ़ फूलपुर 144 प्रस्तावों में महज 24 को मंजूरी, गांवों का विकास कैसे हो?



5 माह से विकास कार्यों पर ब्रेक, नए काम शुरू कराने के लिए स्वीकृति का इंतजार



उत्तर प्रदेश आजमगढ़। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को गति देने के लिए शासन की ओर से ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किया गया है, लेकिन नई व्यवस्था में विकास कार्यों की स्वीकृति मिलने की धीमी प्रक्रिया के चलते गांवों में कामकाज प्रभावित हो रहा है। फूलपुर ब्लॉक से नए विकास कार्यों के लिए भेजे गए 144 प्रस्तावों में से अब तक महज 24 को ही मंजूरी मिल सकी है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की चुनौती बनी हुई है। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल मई के अंतिम सप्ताह में समाप्त हो गया था। पंचायत चुनाव की घोषणा नहीं होने के कारण प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने की मांग उठी थी। इसको लेकर प्रधानों ने धरना-प्रदर्शन करने के साथ ही शासन स्तर पर ज्ञापन भी सौंपे थे। इसके बाद शासन ने ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त कर उन्हें विकास कार्यों सहित अन्य जिम्मेदारियां सौंपीं। 


नई व्यवस्था के तहत पहले से स्वीकृत उन कार्यों को पूरा कराने और उनका भुगतान करने की अनुमति है, जिनकी कार्य आईडी जारी हो चुकी है या जिन पर काम चल रहा है। हालांकि, नए विकास कार्यों को कराने के लिए जिलाधिकारी की स्वीकृति लेना अनिवार्य किया गया है। शासन से नई गाइडलाइन मिलने के बाद फूलपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार किए गए। ग्राम पंचायत सचिवों और प्रशासकों ने कार्ययोजना, एस्टीमेट और जियो टैगिंग समेत जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर फाइलें सहायक विकास अधिकारी पंचायत कार्यालय में जमा कीं। वहां से खंड विकास अधिकारी की स्वीकृति के बाद कुल 144 फाइलें जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय भेजी गईं। इनमें से अब तक केवल 24 प्रस्तावों को ही मंजूरी मिल पाई है। नए प्रस्तावों को स्वीकृति नहीं मिलने से ग्राम पंचायतों में विकास कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं। करीब पांच माह से विकास कार्य प्रभावित होने के कारण गांवों में जरूरी निर्माण और मरम्मत के काम अटके हुए हैं। फिलहाल पंचायत सहायकों और शौचालय केयरटेकर के मानदेय तथा टेंडर समेत अन्य मदों के भुगतान की प्रक्रिया ही चल पा रही है। स्वीकृति की धीमी रफ्तार से ग्राम पंचायतों के प्रशासकों में निराशा है। उनका कहना है कि विकास कार्यों के प्रस्ताव और जरूरी दस्तावेज समय से तैयार कर जमा कर दिए गए हैं, लेकिन पर्याप्त संख्या में मंजूरी नहीं मिलने से योजनाओं को धरातल पर उतारना मुश्किल हो रहा है। प्रशासकों ने लंबित प्रस्तावों पर जल्द निर्णय लेने और स्वीकृति की प्रक्रिया तेज करने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रस्तावों को समय से मंजूरी मिलने पर ही गांवों में रुके विकास कार्य शुरू हो सकेंगे। साथ ही उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से ग्राम पंचायतों को स्वच्छ, सुंदर और विकसित बनाने में सहयोग की अपेक्षा जताई है।

आजमगढ़ मुबारकपुर सेंट्रल पब्लिक स्कूल की छात्रा की हुई दर्दनाक मौत स्कूल जाते समय ट्रेलर की चपेट में आने से हुआ हादसा, चचेरा भाई गंभीर


 आजमगढ़ मुबारकपुर सेंट्रल पब्लिक स्कूल की छात्रा की हुई दर्दनाक मौत


स्कूल जाते समय ट्रेलर की चपेट में आने से हुआ हादसा, चचेरा भाई गंभीर


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे मुबारकपुर नगर के मोहल्ला कटरा में बुधवार सुबह सड़क हादसे में बाइक सवार 16 वर्षीय छात्रा की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि बाइक चला रहा उसका 15 वर्षीय चचेरा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा उस समय हुआ, जब दोनों भाई-बहन स्कूल जा रहे थे। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।


 जानकारी के अनुसार, मुबारकपुर नगर के मोहल्ला पुरा रानी निवासी गुलरेज अजीजी की 16 वर्षीय पुत्री तहजीब अपने चचेरे भाई रेयाज (15) पुत्र हुमायूं कबीर के साथ सेंट्रल पब्लिक स्कूल, मुबारकपुर जा रही थी। बुधवार सुबह करीब साढ़े सात बजे दोनों मोहल्ला कटरा पहुंचे थे। इसी दौरान सामने ट्रेलर आ जाने से बाइक चालक नियंत्रण खो बैठा। हादसे में रेयाज बाइक से उछलकर दूर जा गिरा, जबकि तहजीब ट्रेलर के पहिए के नीचे आकर दब गई। गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रा के शव को कब्जे में लेकर घायल रेयाज को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुबारकपुर पहुंचाया। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल ट्रेलर को भी कब्जे में ले लिया।


 इस संबंध में थाना प्रभारी मुबारकपुर ने बताया कि सड़क हादसे में छात्रा की मौत हुई है। पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मोर्चरी भेज दिया है। बताया जाता है कि तहजीब दो बहनों और एक भाई में सबसे बड़ी थी। उसके पिता गुलरेज अजीजी रोजी-रोटी के सिलसिले में विदेश में रहते हैं। हादसे में छात्रा की मौत की खबर से परिवार में मातम छा गया।