Friday, 30 October 2026

आजमगढ़ में 30 अक्टूबर को कक्षा 8 तक के सभी स्कूल बंद, बीएसए ने जारी किया आदेश वज्रपात और भारी बारिश की आशंका के चलते लिया गया फैसला


 आजमगढ़ में 30 अक्टूबर को कक्षा 8 तक के सभी स्कूल बंद, बीएसए ने जारी किया आदेश


वज्रपात और भारी बारिश की आशंका के चलते लिया गया फैसला


शिक्षकों व कर्मचारियों को अपने निर्धारित दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में वज्रपात और भारी बारिश की आशंका को देखते हुए 30 अक्टूबर 2026 को नर्सरी से कक्षा 8 तक के सभी विद्यालयों में शिक्षण कार्य बंद रहेगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव पाठक ने गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में आदेश जारी किया है।


 जारी आदेश के अनुसार, जिलाधिकारी आजमगढ़ की अनुमति और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), आंचलिक केंद्र लखनऊ की एडवाइजरी के क्रम में यह निर्णय लिया गया है। इसके तहत जनपद के सभी परिषदीय, अशासकीय सहायता प्राप्त, स्ववित्तपोषित मान्यता प्राप्त, सीबीएसई, आईसीएसई तथा अन्य बोर्ड से संचालित विद्यालयों में 30 अक्टूबर 2026 को शिक्षण कार्य स्थगित रहेगा। हालांकि, परिषदीय विद्यालयों के ऐसे शिक्षक एवं अन्य कर्मचारी, जिनकी ड्यूटी जनगणना प्रशिक्षण अथवा किसी अन्य कार्यक्रम में लगाई गई है, उन्हें अपने निर्धारित दायित्वों का नियमानुसार निर्वहन करना होगा। इसके अतिरिक्त बेसिक शिक्षा विभाग के सभी शिक्षक एवं अन्य कार्मिकों को अपने-अपने कार्यस्थल पर उपस्थित रहकर विभागीय और प्रशासनिक कार्यों का निर्वहन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव पाठक की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि मौसम संबंधी प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है।

आजमगढ़ ब्लॉक प्रमुख सहित 9 दोषियों को उम्रकैद चर्चित दोहरे हत्याकांड में कोर्ट ने सुनाया अपना फैसला अदालत ने प्रत्येक दोषी पर लगाया 74 हजार रुपये का जुर्माना, रुदरी गांव में 2007 के दशहरा पर्व पर हुई थी 2 लोगों की हत्या

आजमगढ़ ब्लॉक प्रमुख सहित 9 दोषियों को उम्रकैद


चर्चित दोहरे हत्याकांड में कोर्ट ने सुनाया अपना फैसला


अदालत ने प्रत्येक दोषी पर लगाया 74 हजार रुपये का जुर्माना, रुदरी गांव में 2007 के दशहरा पर्व पर हुई थी 2 लोगों की हत्या


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के रानी की सराय थाना क्षेत्र के रुदरी गांव में करीब 19 वर्ष पूर्व हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड में अदालत ने नौ दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 74 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। वहीं, इसी घटना से जुड़े क्रॉस केस में पांच आरोपियों को पांच-पांच वर्ष के कारावास और प्रत्येक पर 29 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक कमलापति ने गुरुवार को यह फैसला सुनाया। इससे पहले सोमवार को अदालत ने आरोपियों को दोषी करार दिया था।


अभियोजन पक्ष के अनुसार, रुदरी गांव निवासी रामजन्म सिंह 21 अक्टूबर 2007 को दशहरे के दिन सुबह करीब नौ बजे अपने दरवाजे पर बैठे थे। इसी दौरान तत्कालीन ग्राम प्रधान विपिन सिंह समेत कई लोग कथित तौर पर हथियारों से लैस होकर उनके दरवाजे पर पहुंचे। आरोप है कि विपिन सिंह के ललकारने पर हमलावर उत्तर दिशा की ओर भागे और इसी दौरान गोलीबारी की गई।


आरोप के मुताबिक, विपिन सिंह ने तालुकदार सिंह को गोली मार दी, जबकि राजेश सिंह ने पारसनाथ सिंह को गोली मार दी। अन्य लोगों ने रामजन्म सिंह, उनके भतीजे अंकित सिंह और आशीष के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की। घटना में तालुकदार सिंह और पारसनाथ सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी। मामले की विवेचना पूरी करने के बाद पुलिस ने आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया।


मुकदमे की सुनवाई के दौरान एक आरोपी राधेश्याम सिंह की मृत्यु हो गई। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता गोपाल पांडेय तथा विंध्यवासिनी प्रसाद सिंह की ओर से कुल 23 गवाहों को न्यायालय में पेश किया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने विपिन सिंह, राजेश सिंह, चुन्नू उर्फ रणविजय, बलवंत सिंह, छोटू उर्फ पंकज, लोकनाथ सिंह, अरविंद सिंह, जीवन प्रकाश और शिवदास सिंह को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। प्रत्येक दोषी पर 74 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।


इसी घटना को लेकर विपिन सिंह की ओर से भी कातिलाना हमले का मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले में आरोप लगाया गया था कि रामदरस, आशीष सिंह, अंकित सिंह, दीपक सिंह और रामजन्म सिंह ने बलवंत सिंह तथा अरविंद के साथ मारपीट की और असलहों से फायरिंग की। आरोप के अनुसार, इस दौरान विपिन सिंह के पैर में गोली लगी थी।


क्रॉस केस की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 23 गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने रामदरस, आशीष सिंह, अंकित सिंह, दीपक सिंह और रामजन्म सिंह को पांच-पांच वर्ष के कारावास तथा प्रत्येक को 29 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। करीब 19 वर्ष पुराने इस मामले में अदालत के फैसले के बाद दोनों पक्षों से जुड़े मुकदमों का महत्वपूर्ण न्यायिक पड़ाव पूरा हुआ।