आजमगढ़ हत्या के दोषी को आजीवन कारावास, 2 को 6 माह की सजा
कोर्ट ने 2 आरोपियों को किया दोषमुक्त, 45 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे हत्या के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद विशेष सत्र न्यायालय ने एक आरोपी को हत्या और अवैध असलहा रखने का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास तथा 45 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इसी मामले में दो आरोपियों को साधारण मारपीट का दोषी पाते हुए छह-छह माह के कारावास और एक-एक हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में दो आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया। अर्थदंड की आधी राशि मृतक के वैध वारिस को दिए जाने का आदेश दिया गया है। फैसला विशेष सत्र न्यायाधीश ओम प्रकाश मिश्रा ने बुधवार को सुनाया।
अभियोजन के अनुसार तरवां थाना क्षेत्र के शाहपुर कानूनगो निवासी मुन्ना पांडेय 29 नवंबर 2019 को सुबह करीब नौ बजे अपने पुत्रों इंद्रसेन और चंद्रमणि के साथ दीवार की सुरक्षा के लिए मिट्टी डाल रहे थे। इसी दौरान पड़ोसी संजय, मृत्युंजय, पंकज पांडेय, सरोज पांडेय और उपेंद्र पांडेय वहां पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। वादी के विरोध करने पर संजय ने चंद्रमणि पांडेय को गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल चंद्रमणि की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने जांच पूरी कर आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ओम प्रकाश सिंह, निर्मल शर्मा तथा अधिवक्ता सुधन प्रसाद ने कुल 10 गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी संजय को हत्या और अवैध असलहा रखने का दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास तथा 45 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं मृत्युंजय और पंकज को साधारण मारपीट का दोषी पाते हुए छह-छह माह के कारावास और एक-एक हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर सरोज पांडेय और उपेंद्र पांडेय को दोषमुक्त कर दिया गया।

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