Sunday, 8 November 2026

आजमगढ़ सरायमीर पुलिस की मुठभेड़ में अंतरजनपदीय पशु चोर गोली लगने से घायल, गिरफ्तार 4 चोरी के पशु, अवैध तमंचा और परिवर्तित नंबर प्लेट लगी पिकअप बरामद, 7 जनपदों में दर्ज हैं 22 मुकदमे


 आजमगढ़ सरायमीर पुलिस की मुठभेड़ में अंतरजनपदीय पशु चोर गोली लगने से घायल, गिरफ्तार



4 चोरी के पशु, अवैध तमंचा और परिवर्तित नंबर प्लेट लगी पिकअप बरामद, 7  जनपदों में दर्ज हैं 22 मुकदमे



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के सरायमीर थाना क्षेत्र में पशु चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान अंतरजनपदीय शातिर पशु चोर को गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अभियुक्त के बाएं पैर में गोली लगी। घायल अभियुक्त को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान अहरौला थाना क्षेत्र के सोफीगढ़ निवासी दिलशाद उर्फ दिलशान (33) पुत्र सगीर उर्फ बादशाह के रूप में हुई है।


पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से चोरी की तीन भैंस और एक बकरी समेत कुल चार पशु, .315 बोर का अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस तथा चोरी में प्रयुक्त पिकअप वाहन बरामद किया है। पिकअप पर पहचान छिपाने के लिए परिवर्तित नंबर प्लेट लगाई गई थी। उस पर UP62BY4388 अंकित था, जबकि वाहन का वास्तविक नंबर UP62BT4388 है।

पुलिस के अनुसार, सरायमीर क्षेत्र के नरदह चक गांव निवासी रोहित चौहान की भैंस 01 नवंबर 2026 की रात चोरी हो गई थी। इसके संबंध में 03 नवंबर 2026 को सरायमीर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसी क्रम में दीदारगंज थाना क्षेत्र के आदममऊ गांव से भैंस तथा अहरौला थाना क्षेत्र के बनकट गांव से बकरी चोरी होने की घटनाएं भी सामने आई थीं। बरदह थाना क्षेत्र में भी भैंस चोरी की घटना हुई थी।


वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत 7/8 नवंबर 2026 की मध्यरात्रि सरायमीर पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त और संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि पशु चोरी करने वाले दो बदमाश पिकअप में चोरी के पशु लादकर सिकरौर और मार्टिनगंज होते हुए जौनपुर के मड़ियाहूं पशु बाजार की ओर जाने वाले हैं।

सूचना पर पुलिस टीम ने ग्राम नोनारी के पास संदिग्ध पिकअप को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वाहन सवार बैरियर तोड़कर भागने लगे। पुलिस ने पीछा करते हुए कौरागहनी नहर के पास घेराबंदी की। इस दौरान बदमाश पिकअप लेकर घंगवल मार्ग की ओर भागे, लेकिन करीब 200 मीटर आगे वाहन अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गया। वाहन में सवार एक बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया, जबकि दूसरे ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके बाएं पैर में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने सुबह करीब 6:10 बजे उसे गिरफ्तार कर लिया।


पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि वह अपने साथियों दिलशाद उर्फ करिया उर्फ कोट्टा निवासी मेहियापार तथा सलमान निवासी सोफीगढ़ सहित अन्य लोगों के साथ मिलकर पशु चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था। गिरोह के सदस्य व्यापारी बनकर गांवों में घूमते और बाहर बंधे पशुओं की रेकी करते थे। इसके बाद रात में मौका पाकर पशुओं को पिकअप में लादकर चोरी कर लेते थे। पहचान छिपाने के लिए वाहन पर बदली हुई नंबर प्लेट लगाते और पशुओं को दूर-दराज के बाजारों में बेच देते थे। बिक्री से प्राप्त रकम आपस में बांट लेते थे।

अभियुक्त ने पूछताछ में नरदह चक, आदममऊ और बनकट से पशु चोरी करने के साथ बरदह क्षेत्र की घटना में भी संलिप्तता बताई है। पुलिस के अनुसार, बरामद पशुओं की संबंधित पीड़ितों ने पहचान भी की है। गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध आजमगढ़, अंबेडकरनगर, जौनपुर, सुल्तानपुर, वाराणसी, मऊ और संतकबीरनगर सहित सात जनपदों में पशु चोरी, गोवध, गैंगस्टर एक्ट, लूट, डकैती, धोखाधड़ी और अवैध असलहे से संबंधित कुल 22 मुकदमे दर्ज हैं।


इस मामले में सरायमीर थाने पर दर्ज मुकदमे में बीएनएस की विभिन्न धाराओं की बढ़ोतरी करते हुए पुलिस पर फायरिंग, अवैध असलहे और परिवर्तित नंबर प्लेट के इस्तेमाल के संबंध में भी मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। फरार दूसरे अभियुक्त और गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें प्रयास कर रही हैं।


इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक भुवनेश कुमार चौबे, उपनिरीक्षक नीरज गौड़, प्रशांत सिंह सहित सरायमीर थाने की पुलिस टीम शामिल रही। विशेष टीम, चोरी अनावरण टीम और सर्विलांस सेल का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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