Saturday, 17 February 2024

आजमगढ़ तहबरपुर बहन का सहयोग लेकर दिया हत्या की घटना को अंजाम आरोपी भाई-बहन को पुलिस ने किया गिरफ्तार, तमंचा व कारतूस बरामद


 आजमगढ़ तहबरपुर बहन का सहयोग लेकर दिया हत्या की घटना को अंजाम


आरोपी भाई-बहन को पुलिस ने किया गिरफ्तार, तमंचा व कारतूस बरामद



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ तहबरपुर थाना क्षेत्र में हत्या कर फेंके गये शव मामले का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए हत्या के आरोपी भाई-बहन को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से पुलिस ने घटना में प्रयुक्त तमंचा व कारतूस बरामद किया है।


14 फरवरी 2024 को तहबरपुर थाना में विवेक कुमार यादव पुत्र रामप्रकाश यादव निवासी ग्राम तहबरपुर ने लिखित तहरीर दी कि 13 फरवरी 2024 को 11.30 बजे मैं व मेरे पिता रामप्रकाश यादव घर से खेत की निगरानी करने चिरावल गये थे, मैं निगरानी कर 12.30 बजे घर वापस आ गया और मेरे पिता कुछ देर बाद आने की बात कहकर रुक गये।


 काफी समय हो जाने के बाद जब वह वापस नहीं आये तो मैंने उनके नम्बर पर फोन किया, फोन नहीं उठा तब मुझे शंका हुई, मैं व मेरे चाचा विनोद पुत्र रमेश अपने पिता की ढूढने के लिये खेत पर गये तो लगभग 5 बजे शाम राजेन्द्र यादव के सरसों के खेत में मेरे पिता का रक्त रंजीत शव मिला। 


पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्जकर विवेचना शुरू कर दी। विवेचना से यह तथ्य प्रकाश में आया कि मृतक रामप्रकाश यादव की महिलाओं के प्रति उसके गांव व आस पड़ोस में आम सोहरत ठीक नही थी। गांव का कोई भी व्यक्ति मृतक को अपने घर पर आना पसन्द नहीं करता था।


 मृतक का आरोपी राहुल कुमार के घर छिपे तौर पर आना जाना था जब इसकी जानकारी राहुल कुमार को हुई तो उसने मृतक को अपने घर आने से मना किया किन्तु मृतक नहीं माना। क्षुब्ध होकर राहुल कुमार ने अपनी बहन (बाल अपचारी) के साथ मिलकर रामप्रकाश (मृतक) को रास्ते से हटाने की योजना बनायी और योजनानुसार 13 फरवरी 2024 को दोपहर मे धोखे से रामप्रकाश यादव को राजेन्द्र यादव के सरसों के खेत मे बुलाया और पीछे से जाकर गोली मारकर हत्या कर दी।


 घटना के बाद असलहे को घर में छिपाकर दोनों फरार हो गये। आज 17 फरवरी 2024 की सुबह 6.35 बजे थानाध्यक्ष तहबरपुर मधु पनिका ने मुकदमे में प्रकाश में आये अभियुक्त राहुल कुमार पुत्र स्व0 ओमकार भारती निवासी चिरावल थाना तहबरपुर आजमगढ़ को किशुनदासपुर जाने वाली नहर पटरी पक्की के पास से पुलिस हिरासत में लिया गया तथा 1 बाल अपचारी (अभियुक्त की बहन) को समय 06.35 बजे पुलिस अभिरक्षा में लिया गया। अभियुक्त की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त 1 तमंचा व 1 खोखा कारतूस अभियुक्त के घर से बरामद कर लिया। पूछताछ में अभियुक्त ने घटना को अंजाम देना स्वीकार किया।

आजमगढ़ पुलिस आरक्षी परीक्षा में नकल कराने के गिरोह का पर्दाफाश पूर्व प्रधान सहित 7 गिरफ्तार, 14 लाख रूपये का चेक, 6 फर्जी आधार कार्ड, 10 मोबाईल और एक स्कार्पियो गाड़ी बरामद


 आजमगढ़ पुलिस आरक्षी परीक्षा में नकल कराने के गिरोह का पर्दाफाश


पूर्व प्रधान सहित 7 गिरफ्तार, 14 लाख रूपये का चेक, 6 फर्जी आधार कार्ड, 10 मोबाईल और एक स्कार्पियो गाड़ी बरामद



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने बताया कि पुलिस आरक्षी परीक्षा में नकल कराने का झांसा देकर पैसा वसूलने वाले गिरोह के सात सदस्यों को परीक्षा के पूर्व गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से 14 लाख रूपये का चेक, 7360 रूपये नगदी, 06 फर्जी आधार कार्ड, 10 अदद मोबाईल, स्कार्पियो गाड़ी बरामद की गई है।


पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने कंधरापुर थाने में प्रेस वार्ता कर बताया कि आज थानाध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार सिंह एवं थाना कंधरापुर की टीम एवं निरीक्षक नन्द कुमार तिवारी व स्वाट टीम के द्वारा मुखबिर की सूचना पर उत्तर प्रदेश पुलिस (आरक्षी) परीक्षा में नकल कराने का झांसा देकर पैसा वसूलने वाले गिरोह को नकल कराने से पूर्व ही सेहदा से चक बिजली ग्राम जाने वाले रास्ते पर 7 अभियुक्तों संजय यादव पुत्र स्व रामराज यादव निवासी कुम्भ मठिया थाना बरदह जिला आजमगढ़, रोहित पुत्र भरतलाल निवासी वार्ड नम्बर 2 अम्बेडकरनगर कसवा थाना मेहनगर जनपद आजमगढ़, हरिवंश यादव पुत्र सुखई यादव निवासी दिवाकर पुर थाना गौराबादशाहपुर जनपद जौनपुर, भीम यादव (पूर्व प्रधान) पुत्र स्व मोती यादव निवासी खनियरा थाना देवगाव जनपद आजमगढ़, कैलाश यादव पुत्र श्यामजीत यादव निवासी ग्राम जैतीपुर थाना बरदह जिला आजमगढ़, राजेश तिवारी पुत्र स्व0 सभाकर तिवारी निवासी ग्राम जियासह थाना मेहनगर जिला आजमगढ़, पवन कुमार सिंह पुत्र अनिल सिंह निवासी ग्राम भगेही थाना रामपुर जिला जौनपुर को गिरफ्तार किया गया। 

इनके कब्जे से 7360/- रूपया, कुल 14 लाख रूपये के दो चेक, आज के उ0प्र0 पुलिस भर्ती परीक्षा से सम्बन्धित 09 एडमिट कार्ड, 06 फर्जी आधार कार्ड, 10 मोबाइल व 01 स्कार्पियों वाहन को बरामद किया गया। स्कार्पियों वाहन नम्बर UP32LK1333 सभी अभियुक्तों के विरुद्ध थाना कंधरापुर में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। 

पूछताछ करने पर अभियुक्तों ने बताया कि सरकारों द्वारा सरकारी नौकरी में की जाने वाली भर्ती के दौरान हमलोग परीक्षार्थियों से अपने स्रोत से गोपनीय रूप से सम्पर्क कर उन्हें प्रतियोगी परीक्षा में सफल कराने का झांसा देकर उनसे लाखों की रकम नगद/चेक के माध्यम से वसूलते है तथा एडमिट कार्ड की कापी वाट्सएप से मंगा लेते है। अपनी पहचान छिपाने के लिए हम लोग फर्जी आधार कार्ड रखते है ताकि किसी को पता न चले तथा परीक्षा के दिन परीक्षा केन्द्रो के समीप जाकर परीक्षार्थियों फोन या हार्ड कापी के माध्यम से फर्जी ‘आंसर की’ उपलब्ध कराकर उनके द्वारा दिया गया पैसा ऐठ लेते है।


 हम लोगों द्वारा कई बार सोशल मीडिया पर वायरल ‘आंसर को भी इस्तेमाल कर लिया जाता है। आज भी यही प्लान था, लेकिन हम लोगों को पकड़ लिया गया। सभी अभियुक्तों के विरूद्ध थाना कंधरापुर पर मु0अ0स0 46/2024 धारा 120B/419/420/467/468/471/34 भादवि  का पंजीकृत कराकर वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।


गिरफ्तारी करने वाली टीम

1. थानाध्यक्ष विरेन्द्र कुमार सिंह थाना कन्धरापुर आजमगढ मय हमराह
2. प्रभारी स्वाट नन्द कुमार तिवारी जनपद आजमगढ
3. हे0का0 पवन यादव स्वाट टीम जनपद आजमगढ
3. हे0का0 धर्मेन्द्र यादव स्वाट टीम जनपद आजमगढ
4. का0 सुनील प्रजापति स्वाट टीम जनपद आजमगढ
5. का0 अरूण पाण्डेय स्वाट टीम जनपद आजमगढ
6. का0 अवनीश सिंह स्वाट टीम जनपद आजमगढ
7. सर्विलान्स टीम हे0का0 उमेश यादव जनपद आजमगढ


मऊ में पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर आउट कराकर नकल कराने के गिरोह का पर्दाफाश, 5 गिरफ्तार चेक, मार्कसीट, मोबाइल, आय प्रमाण पत्र, लैपटॉप सहित कई अवांछनीय वस्तुएं बरामद


 मऊ में पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर आउट कराकर नकल कराने के गिरोह का पर्दाफाश, 5 गिरफ्तार


चेक, मार्कसीट, मोबाइल, आय प्रमाण पत्र, लैपटॉप सहित कई अवांछनीय वस्तुएं बरामद



उत्तर प्रदेश मऊ दिनांक 17/18.02.2024 को आयोजित होने वाली उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की ओर से आयोजित सिपाही भर्ती परीक्षा 2023 को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडेय के निर्देशन में स्वाट ,एसओजी,सर्विलांस टीम को पता चला कि पुलिस भर्ती परीक्षा में एक गैंग सक्रिय है। तथा गैंग का सक्रिय सदस्य अमित सिंह पुत्र भरत सिंह निवासी बगली पिंजडा, थाना सरायलखन्सी मऊ परीक्षा से सम्बन्धित प्रश्न पत्र आउट कराकर नकल कराने के सम्बन्ध में अपने एजेन्ट के माध्यम से अभ्यर्थियों से उनके प्रवेश पत्र , शैक्षिक प्रमाण पत्र , एनसीसी प्रमाण पत्र, चेक, आधार कार्ड व निर्धारित एडवांस वसूलने के फिराक में है।


 सूचना पर प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली नगर ने संगीत पैलेस वाली गली आरके कन्सल्टेन्सी पर दविश दी। मौके पर 5 लोगों को पकडा। मौके से रविकान्त पाण्डेय जो रणजीत पाण्डेय स्मारक महिला महाविद्यालय और आरके कन्सल्टेन्सी का संचालक है, समस्त फर्जीवाडे संचालित हो रहे थे जो फरार है। उनके निर्देशन में उपरोक्त गैंग कार्य कर रहा है। पूछताछ के दौरान बताए कि फोटो मिक्सिंग कर फर्जी आईडी बनाकर अभ्यार्थियों से 4 से 9 लाख 50 हजार रुपये की मांग कर रहे थे।


 गिरफ्तार अमित सिंह पुत्र जलभरत सिंह निवासी बगली पिंजड़ा थाना सरायलखन्सी मऊ, शत्रुघन यादव पुत्र रामजीत यादव निवासी गाँई थाना मरदह जनपद गाजीपुर, सोनू उर्फ सिद्धार्थ कुमार पुत्र रोहित राम निवासी पिन्डोरी थाना हलधरपुर मऊ, सुनील राजभर पुत्र महेन्द्र राजभर निवासी दादनपुर अहिरौली थाना घोसी मऊ और राम करन पुत्र स्व0 फिरतूराम निवासी असलपुर थाना चिरैयाकोट मऊ शामिल है। उनके पास से 11 विभिन्न बैको के चेक, 32 ओरिजनल मार्कशीट/सार्टिफिकेट, 3 आय प्रमाण पत्र ओरिजनल, 3 अदद आधार कार्ड, 11 मोबाइल फोन, एनसीसी प्रमाण पत्र-सी, 3 डेस्कटाप, 2 लैपटाप, 5 मोटर साइकिल, 5 मानीटर, 3 सी0पी0यू0 तथा कई शासकीय अधिकारियों के मुहर बरामद हुई।




Friday, 16 February 2024

गाजीपुर पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर आउट सक्रिय सॉल्वर गैंग के 8 अभियुक्त गिरफ्तार 06 लाख रूपये नगद, 21 लाख रूपये के चेक व भारी मात्रा में कूटरचित दस्तावेज बरामद


 

गाजीपुर पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर आउट सक्रिय सॉल्वर गैंग के 8 अभियुक्त गिरफ्तार


06 लाख रूपये नगद, 21 लाख रूपये के चेक व भारी मात्रा में कूटरचित दस्तावेज बरामद


उत्तर प्रदेश गाजीपुर , उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा 2023 में पेपर आउट कराकर नकल कराने वाले सक्रिय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने आठ अभियुक्तों को धर दबोचा है। 17/18 फरवरी 2024 को आयोजित होने वाली भर्ती परीक्षा से पहले ही, पेपर आउट कराकर नकल कराने वाले सक्रिय गिरोह/साल्वर गैंग के आठ अभियुक्तों को गाज़ीपुर पुलिस की स्वाट/सर्विलांस टीम तथा थाना नोनहरा व थाना नन्दगंज पुलिस की संयुक्त टीम ने मुखबीर की सूचना पर नोनहरा थाना क्षेत्र के मीरदादपुर से गिरफ्तार कर लिया। संयुक्त पुलिस टीम ने उनके कब्जे से 06 लाख रूपये नगद, 21 लाख रूपये के चेक व भारी मात्रा में कूटरचित दस्तावेज तथा मोबाईल/ इलेक्ट्रानिक डिवाईस सहित अन्य सामग्री भी बरामद कर लिया।

 गिरफ्तार अभियुक्तों में पिन्टू यादव उर्फ गोपेश यादव उर्फ नीरज यादव उर्फ मास्टर उर्फ सिपाही पुत्र नंन्दलाल यादव उर्फ विनोद यादव निवासी ग्राम खिदिराबाद थाना कोतवाली जनपद गाजीपुर, सोनू यादव पुत्र अमेरिका यादव निवासी ग्राम खुर्दपुर थाना नोनहरा जनपद गाजीपुर, रामकरन यादव पुत्र स्व0 रामसूरत यादव निवासी ग्राम रसूलपुर कन्थवारा थाना नोनहरा गाजीपुर, रमाकान्त यादव पुत्र सुरेश सिंह यादव निवासी ग्राम सहबाजकुली थाना नोनहरा जनपद गाजीपुर, कपिलदेव सिंह यादव पुत्र जगदीश सिंह यादव निवासी ग्राम पीथापुर थाना जंगीपुर जनपद गाजीपुर हाल पता ग्राम मिरदादपुर थाना नोनहरा जनपद गाजीपुर, अभिमन्यु यादव पुत्र दुखन्ती सिंह यादव निवासी ग्राम लोकवापुर (अन्धऊ) थाना कोतवाली जनपद गाजीपुर, इन्द्रजीत यादव पुत्र रामबचन यादव निवासी ग्राम वार्ड नं0-04 गुरु सेवक नगर थाना जंगीपुर जनपद गाजीपुर तथा अमित यादव पुत्र इन्द्रजीत सिंह यादव निवासी ग्राम नगवा उर्फ नौपुरा थाना नोनहरा जनपद गाजीपुर हैं। 

पूछताछ के दौरान हिरासत में लिये गये व्यक्तियों द्वारा बताया गया कि उनका एक संगठित गिरोह है जिसमें डीएलडब्ल्यू वाराणसी के रहने वाले किशन मिश्रा व सुनील मिश्रा भी शामिल हैं। इनके गिरोह द्वारा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में परीक्षा केन्द्रों व अन्य स्रोतों के माध्यम से सेटिंग कर परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्रों के अलग-अलग सेट को व्हाट्सएप के माध्यम से प्राप्त करके उनके उत्तर सेटवार तैयार कर पूर्व से सेट किये गये परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने के लगभग दो घण्टे पहले ही भेज दिया जाता है। परीक्षार्थियों की सेटिंग हम लोग पहले ही अपने-अपने स्रोतों से कर लेते हैं। जिनसे 07-08 लाख रुपये की मोटी रकम वसूल कर हम लोग आपस में बाँट लेते हैं। कुछ परीक्षार्थी पहले ही पूरी रकम दे देते हैं, जबकि कुछ नहीं दे पाते तो उनसे हम लोग 01 लाख रूपये नकद तथा ब्लैंक चेक व उनका मूल शैक्षिक अंकपत्र व प्रमाणपत्र लेकर अपने पास रख लेते हैं। जब उनके द्वारा पूरा पैसा चुका दिया जाता है, तो उनका शैक्षिक प्रमाण पत्र व ब्लैंक चेक वापस कर दिया जाता है।

 हिरासत में लिये गये लोगों से 06 लाख रुपये नकद व 21लाख रुपये का चेक, 17 मूल शैक्षिक अंकपत्र व प्रमाण पत्र व 29 उ0प्र0 पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड परीक्षा 2023 प्रवेश पत्र की छायाप्रति, पांच नमूना नकल चीट छायाप्रति व 08 कूटरचित आधार कार्ड,14 मोबाईल, एक वाईफाई राऊटर जियों कम्पनी व एक प्रिन्टर एचपी कम्पनी, एक चार पहिया वाहन टाटा नेक्सान व 03 मोटर साईकिल बरामद किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध विधि कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उन्हें न्यायालय में पेश कर दिया।

आजमगढ़ अतरौलिया दोस्तों ने ही जयनरायन को दी थी दर्दनाक मौत हत्या के बाद पहचान छिपाने के लिए शव को जलाकर हो गये थे फरार


 आजमगढ़ अतरौलिया दोस्तों ने ही जयनरायन को दी थी दर्दनाक मौत


हत्या के बाद पहचान छिपाने के लिए शव को जलाकर हो गये थे फरार



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ अतरौलिया थाना क्षेत्र में मिली अधजली लाश के मामले में पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने मामले में आरोपी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। हत्या की घटना को अंजाम देने वाले मृतक के दोस्त ही निकले। पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि विवाद के बाद गाली देने पर राजनरायन की पानी में डूबोकर हत्या कर दी गई। शव की पहचान छिपाने के लिए उसके शव को जलाकर हम लोग फरार हो गये।


बताते चलें कि 2 फरवरी को शहाबुद्दीन पुत्र शेखावत अली निवासी मदियापार थाना अतरौलिया (चौकीदार ग्राम मदियापार) ने थाने पर आकर लिखित सूचना दिया कि ग्राम मदियापार में सड़क के किनारे खेत में सरपत से ढका अधजली अवस्था में शव पड़ा हुआ है। सूचना पर थाना अतरौलिया में मुकदमा दर्ज किया गया। जिसकी विवेचना थानाध्यक्ष सविन्द्र राय द्वारा की जा रही है। विवेचना के दौरान उक्त मुकदमें से सम्बन्धित अज्ञात शव की पहचान सोशल मीडिया के माध्यम से मृतक के पिता नन्दू राजभर के द्वारा अपने पुत्र जयनरायन पुत्र नन्दू राजभर निवासी कबीरुद्दीनपुर थाना अतरौलिया जनपद आजमगढ़ के रूप में की गयी।


 विवेचना के दौरान चन्द्रभान यादव पुत्र अच्छेलाल यादव सा0 इब्राहिमपुर, पारसनाथ पुत्र स्व0 नंदलाल सा0 डोमनपुर थाना अतरौलिया का नाम प्रकाश में आया। आज 16 फरवरी 2024 को सुबह लगभग 10.15 बजे थानाध्यक्ष अतरौलिया सविन्द्र राय ने मामले में वांछित अभियुक्तों चन्द्रभान यादव और पारसनाथ को लोहरा टोल प्लाजा के पास से गिरफ्तार कर लिया।


पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने बताया कि मृतक जयनरायन व हम दोनों एक साथ मजदूरी का काम करते थे। 1 फरवरी 2024 को हम तीनों व्यक्ति काम की तलाश में थे उस दिन काम नहीं मिला तो हम लोग शराब व गांजा लेकर ग्राम मदियापार में एक खेत में बैठकर नशा किये फिर चोरी करने के लिये तार काटने की बात पर हम लोगो में झगड़ा होने लगा, हम लोग नशे में थे। जयनरायन ने हम दोनो को गाली देने लगा तो हम दोनो ने गुस्से में आकर जयनरायन को मार पीटकर खेत में लगे पानी में उसके मुंह को डूबोकर दबा दिये जिससे उसकी मौत हो गयी। उसकी पहचान न हो पाये इसलिये हम दोनों ने जयनरायन को जला दिया और वहां से भाग गये।

आजमगढ़ यातायात एएसपी सहित 9 आईपीएस का हुआ तबादला, देखें सूची विवेक त्रिपाठी को मिली आजमगढ़ यातायात एएसपी की जिम्मेदारी


 आजमगढ़ यातायात एएसपी सहित 9 आईपीएस का हुआ तबादला, देखें सूची


विवेक त्रिपाठी को मिली आजमगढ़ यातायात एएसपी की जिम्मेदारी



उत्तर प्रदेश लखनऊ अपर पुलिस महानिदेशक प्रशासन उ0प्र0 नीरा रावत ने एक विज्ञप्ति जारी करते हुए अवगत कराया कि प्रदेश में कुल 9 आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया गया है।


आजमगढ़ के अपर पुलिस अधीक्षक यातायात संजय कुमार तृतीय को अपर पुलिस अधीक्षक यातायात गोरखपुर की जिम्मेदारी सौंपी गयी है, वहीं अपर पुलिस अधीक्षक/स्टाफ आफिसर अपर पुलिस महानिदेशक, वाराणसी जोन वाराणसी विवेक त्रिपाठी को अपर पुलिस अधीक्षक यातायात आजमगढ़ की जिम्मेदारी दी गयी है।

बरेली नसीमा खातून ने अपनाया हिंदू धर्म 1100 किमी दूरी तय कर पहुंची प्रेमी के पास, आश्रम में रचाई शादी


 बरेली नसीमा खातून ने अपनाया हिंदू धर्म


1100 किमी दूरी तय कर पहुंची प्रेमी के पास, आश्रम में रचाई शादी



उत्तर प्रदेश बरेली बिहार के पूर्णिया जिले की नसीमा खातून ने मोहब्बत के लिए मजहब की दीवार को तोड़ दिया। वह करीब 1100 किलोमीटर का सफर तय कर अपने प्रेमी के पास बरेली पहुंची। नसीमा ने हिंदू धर्म अपनाकर अपना नाम मीनाक्षी शर्मा रख लिया और शहर के एक आश्रम में प्रेमी महेश शर्मा के साथ शादी कर ली है। नसीमा तीन तलाक पीड़ित हैं। वह अपनी डेढ़ वर्षीय बेटी को भी लेकर आई हैं। महेश और नसीमा की प्रेम कहानी सोशल मीडिया के जरिए शुरू हुई थी। महेश शर्मा बरेली के क्योलड़िया क्षेत्र के साहबगंज दलेलनगर गांव के निवासी हैं। उन्होंने बताया कि कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया के जरिए उनकी जान पहचान नसीमा से हुई थी। बातचीत का सिलसिला दोस्ती में बदल गया। चूंकि नसीमा तलाकशुदा हैं, इसलिए उन्होंने महेश से अपनी बीती जिंदगी की सारी बातें साझी कीं। धीरे-धीरे उनकी दोस्ती प्यार में बदल गई। दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया।


वैलेंटाइन डे वीक के दौरान नसीमा खातून अपनी मासूम बेटी को लेकर ट्रेन से बरेली पहुंचीं। इसके बाद महेश शर्मा और नसीमा आचार्य केके शंखधार से मिले और शादी करने की इच्छा जताई। शहर के एक आश्रम में नसीमा खातून ने स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन किया। पंडित केके शंखधार ने नसीमा को नया नाम मीनाक्षी शर्मा दिया। इसके बाद मीनाक्षी का विवाह उनके प्रेमी महेश शर्मा के साथ कराया गया। विवाह के दौरान महेश के परिजन भी मौजूद रहे। दोनों की शादी से महेश के परिजन काफी खुश हैं। महेश ने बताया कि वह नसीमा की बेटी पिता के तौर पर पालेंगे। महेश से शादी करने के बाद नसीमा बेहद खुश हैं। आश्रम में विवाह संपन्न होने के बाद वह अपनी ससुराल चली गईं। मिली जानकारी के अनुसार बता दें नसीमा खातून उर्फ मीनाक्षी की तरफ से एक शपथ पत्र भी सामने आया है। इसमें उन्होंने अपनी मर्जी से सनातन धर्म स्वीकार करने की बात कही है। किसी तरह के दवाब या जोर जबरदस्ती से इनकार किया।