Sunday, 9 April 2023

आगरा बहन के इश्क में खुद को मारी गोली घर के सामने पहुंचा, तमंचा निकाला, कर लिया शूट


 आगरा बहन के इश्क में खुद को मारी गोली



घर के सामने पहुंचा, तमंचा निकाला, कर लिया शूट


उत्तर प्रदेश के आगरा के एक सिरफिरे ने मौसी की बेटी के इश्क में खुद को तमंचे से गोली मार ली। वह मथुरा जिले के नौहझील कस्बा अपनी मौसी के घर के बाहर सुसाइड किया। पुलिस ने गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। बाद में उसे आगरा के एसएन हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने तमंचा रखने के मामले में केस दर्ज कराया है। सिरफिरे पर आगरा जिले में पहले ही हत्या आदि के छह मामले दर्ज हैं।


शमसाबाद थाना क्षेत्र के धर्मजीत गढ़ी निवासी हरेंद्र नट अपनी मौसी के घर पहुंचा। शनिवार को उसने घर के बाहर कंधे से नीचे गोली मारकर जान देने की कोशिश की। खून से लथपथ युवक को पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया। थाना प्रभारी अरुण कुमार ने बताया कि हरेंद्र नट सिरफिरा और अपराधी प्रवृत्ति का है।


बताया कि दूसरी मौसी की बेटी से इसके संबंध रहे हैं। वह पांच महीने इसके साथ रही। पिछले डेढ़ महीने पहले अपने गांव लौट आई। तीन दिन पहले कस्बा नौहझील मौसी के घर आई थी। हरेंद्र को यह पता चला तो वह मौसी के घर पहुंच गया। वहां दूसरी मौसी की बेटी से मिलने की जिद करने लगा। बात नहीं बनने पर उसने तमंचे से गोली मारकर जान देने की कोशिश की।


बताया कि हरेंद्र पर आगरा जिले के थाना शमसाबाद और फतेहाबाद में हत्या आदि के करीब छह मामले दर्ज हैं। तमंचा बरामदगी पर थाना नौहझील के एसआई विनोद यादव ने अब केस दर्ज कराया है। युवक के मौसेरे भाई हरेंद्र के खुद को गोली मारने की तहरीर दी है। हरेंद्र आगरा से वांछित चल रहा है।


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हरेंद्र कस्बा नौहझील में तीन-चार दिन से तमंचा लगाकर घूम रहा था। कुछ युवकों ने उसे तमंचा न रखने की सलाह भी दी थी। मौसेरे भाई ने हरेंद्र के तमंचा लेकर घूमने की सूचना 112 नंबर पुलिस को दी। मगर पुलिस ने इसे तत्परता से नहीं लिया, जिससे यह घटना हुई।

वाराणसी आकांक्षा का आखिरी कॉल...और कुछ सेंकेंड की बात मरने से पहले आकांक्षा से समर सिंह की हुई थी बात


 वाराणसी आकांक्षा का आखिरी कॉल...और कुछ सेंकेंड की बात


मरने से पहले आकांक्षा से समर सिंह की हुई थी बात



उत्तर प्रदेश वाराणसी भोजपुरी एक्ट्रेस आकांक्षा दुबे मौत मामले में एक के बाद एक कई खुलासे हो रहे हैं। आरोपी भोजपुरी गायक समर सिंह की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। पुलिस पूरी कोशिश में लगी है कि सच सामने आए लेकिन सवाल वही कि अगर ये आत्महत्या का मामला है तो आकांक्षा दुबे ने ऐसा कदम क्यों उठाया। आकांक्षा एक उभरती कलाकार थीं। इंस्टाग्राम पर उनके 19 लाख फॉलोअर थे। फिर भी ऐसी क्या परेशानी थी कि उन्हें ये कदम उठाना पड़ा?


आकांक्षा दुबे को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोपी गायक समर सिंह शनिवार की शाम भारी गहमागहमी के बीच रिमांड मजिस्ट्रेट तृप्ति सिंह की अदालत में पेश किया गया। समर सिंह से शनिवार को लगभग सात घंटे की पूछताछ की। इसके बाद ही उसे रिमांड मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया।


पुलिस लाइन में हुई पूछताछ में समर सिंह ने कई बातें पुलिस को बताई। उसने बताया कि '25 मार्च की शाम को आकांक्षा दुबे ने उसे आखिरी कॉल किया था। वो भी कुछ सेकेंड तक ही बात हुई थी जिसमें कामकाज को लेकर ही बात हुई थी।


समर के मोबाइल को फोरेंसिक लैब में भेज कर चेक कराया जाएगा कि आकांक्षा से संबंधित कोई महत्वपूर्ण डेटा या चैट उसने डिलीट तो नहीं कर दिया है।

लखनऊ दुराचार का आरोपी सिपाही गिरफ्तार मुकदमा दर्ज होने के बाद चल रहा था फरार


 लखनऊ दुराचार का आरोपी सिपाही गिरफ्तार


मुकदमा दर्ज होने के बाद चल रहा था फरार


लखनऊ, नोएडा की शोध छात्रा के साथ दुराचार करने के आरोप में निलंबित हुए विभूतिखंड कोतवाली के सिपाही विवेक सिंह को शनिवार रात अवध बस स्टेशन से गिरफ्तार किया गया। आरोपी के खिलाफ 26 मार्च को पीड़िता ने विभूतिखंड कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई थी। सिपाही ने शादी का झांसा देते हुए यौन शोषण किया था।


इंस्पेक्टर राम सिंह ने बताया कि मथुरा निवासी विवेक सिंह कोतवाली में सिपाही के पद पर तैनात था। 26 मार्च को नोएडा निवासी युवती ने विभूतिखंड कोतवाली में आरोपी विवेक के खिलाफ तहरीर दी थी। आरोप था कि वर्ष 2016 में सिपाही ने शादी का प्रस्ताव रखा था। युवती के हामी भरने के बाद आरोपी उसका यौन शोषण करने लगा। सिपाही ने युवती की आपत्तिजनक हालत में कई फोटो बना ली थी। जिन्हें वायरल करने की धमकी दे रहा था। इंस्पेक्टर के मुताबिक दिसंबर 2022 में सिपाही विवेक सिंह ने शादी कर ली थी। इस बात पर पीड़िता ने विरोध किया था। जिसके चलते विवेक ने आपत्तिजनक वीडियो और फोटो युवती के परिचितों को भेजी थी। सिपाही विवेक सिंह से परेशान युवती ने डीसीपी पूर्वी हृदयेश कुमार से मुलाकात कर उन्हें घटना की जानकारी दी। जिसके बाद सिपाही को निलंबित करने के साथ ही विभूतिखंड कोतवाली में दुराचार, ब्लैकमेलिंग और आईटी एक्ट की धारा में मुकदमा लिखा गया था। एफआईआर दर्ज होने के बाद से विवेक फरार था। शनिवार को उसकी लोकेशन अवध बस स्टैण्ड पर मिली। जहां से सिपाही को गिरफ्तार किया गया।

गाजीपुर बिना अनुमति ट्रक पकड़ने के मामले में दरोगा समेत 6 पुलिसकर्मी निलंबित डीआईजी तक पहुंची थी बात


 गाजीपुर बिना अनुमति ट्रक पकड़ने के मामले में दरोगा समेत 6 पुलिसकर्मी निलंबित



डीआईजी तक पहुंची थी बात


उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के सुहवल थानाध्यक्ष समेत छह पुलिसकर्मियों को बिना अनुमति के पड़ोसी जनपद चंदौली जाकर मछली लदा ट्रक पकड़ने के मामले में शनिवार को निलंबित कर दिया गया। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने तत्काल प्रभाव से सभी को पुलिस लाइन रवानगी का आदेश जारी कर दिया। सुहवल थाना आए दिन चर्चा का विषय बना रहता है। गुरुवार को थानाध्यक्ष समेत अन्य पुलिसकर्मी मछली लदे ट्रक को पकड़ने निजी वाहन से सादे वेश में चंदौली गए थे, लेकिन ट्रक का लोकेशन नहीं मिल सका, इसके बाद वापस थाने आ गए।


इसके अगले दिन शुक्रवार को तीन निजी वाहनों में उपनिरीक्षक रामबाबू सिंह, दीवान देवेंद्र यादव, कांस्टेबल शुभम यादव, शिवकुमार और मनोज के साथ गए। जहां उन्होंने ट्रक को हाईवे से अपने कब्जे में लेकर सुहवल के लिए निकल पड़े। ट्रक को वाराणसी की ओर जाना था, लेकिन पुलिसकर्मियों ने जैसे ही सैयदराजा की ओर मोड़ा, इसकी लोकेशन ट्रक के मालिक को मिल गई। उसने ट्रक लूट की आशंका के मद्देनजर अपने वाहन से उसका पीछा शुरू कर दिया। सैयदराजा थाना के पास घेरकर हो हल्ला मचाना शुरू कर दिया। इसके बाद मौके पर चंदौली पुलिस पहुंच गई। ट्रक मालिक ने इसकी पूरी जानकारी आईजी, डीआईजी को फोन से दे दी। मामला बढ़ता देख थानाध्यक्ष अपने पुलिस कर्मियों के साथ ट्रक को लेकर सुहवल थाने किसी तरह आए। जहां पीछे से ट्रक मालिक भी पहुंच गया।


पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीर को देख तत्काल प्रभाव से थानाध्यक्ष वागीश विक्रम सिंह, एक उपनिरीक्षक, एक दीवान व तीन कांस्टेबल को निलंबित कर दिया। इस संबंध में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक बलवंत चौधरी ने बताया कि बिना अनुमति के गैर जनपद जाने पर पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।

Saturday, 8 April 2023

गाजीपुर मर गई ममता , मां ने दो मासूमों को चाकू से काट डाला बेटी को छोड़ा, पति सेना में है तैनात


 गाजीपुर मर गई ममता , मां ने दो मासूमों को चाकू से काट डाला


बेटी को छोड़ा, पति सेना में है तैनात


उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। मां ने अपने कोख से जन्मे दो मासूमों को चाकू से काट कर हत्या कर दी। शुक्रवार रात घटी घटना की जानकारी शनिवार सुबह हुई तो सनसनी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिला को चाकू के साथ गिरफ्तार किया। दोनों बच्चों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।


 घटना मरदह थाना क्षेत्र के हमीरपुर गांव की है। आरोपी महिला का पति भारतीय सेना में तैनात है। सूचना मिलते ही वह घर के लिए रवाना हो गया है। मरदह थाना क्षेत्र के हमीरपुर निवासी किसान रामबचन यादव के दो पुत्रों में से एक अजीत यादव भारतीय सेना है। अभी उनकी तैनाती कश्मीर में है। दूसरा बेटा अमित घर पर ही रहता है और व्यवसाय करता है। पूरा परिवार बीती रात खाना खाकर सोने चला गया।


अजीत की पत्नी नीतू यादव (35) भी तीन बच्चों औरव उर्फ हैप्पी, हर्षित एवं आराध्या (8) को लेकर अपने कमरे में सोने चली गई। रात में किसी वक्त चाकू से वार कर औरव उर्फ हैप्पी (7 ) और हर्षित (1) की हत्या कर दी। दोनों का सिर धड़ से अलग कर दिया। तीसरी बच्ची को उसने छोड़ दिया। रात भर वो कमरे में ही रही। इस घटना की जानकारी शनिवार सुबह तब हुई जब परिवार के सदस्य बच्चों को जगाने गए। बच्चों का खून से लथपश शव देख पैरों तले जमीन खिसक गई। हृदय विदारक घटना की सूचना से इलाके में सनसनी मच गई। घर के बाहर भीड़ लग गई। घटनास्थल का मंजर देख लोग सहम उठे। परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। हत्या में इस्तेमाल चाकू को कब्जे में लेकर नीतू यादव को गिरफ्तार किया। घटना को उसने क्यों अंजाम दिया इसके बारे में पूछताछ की जा रही है।


दिल दहला देने वाली इस घटना के संबंध में परिजन बताते-बताते रो पड़े। शनिवार सुबह बच्चों को जगाने के दादी राजमती देवी कमरे में गईं थीं। चादर हटाया तो बच्चों के खून से लथपथ शव दिखे। सिर अलग था। नजारा देख वो चीख पड़ीं। आवाज सुनकर बच्चों के दादा रामबचन यादव कमरे में पहुंचे। वो भी मौके का मंजर देख चीखने-चिल्लाने लगे। दादा-दादी की आवाज सुनकर उसी कमरे में सो रही आराध्या की भी नींद खुल गई। वो भी भाइयों का शव देख रोने लगी। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का नजारा देख सहम उठे। किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि आखिर ये सब हुआ कैसे है। बच्चों की मां नीतू कमरे में नहीं थी। घर में मौजूद लोग नीतू की तलाश करने लगे। इसी दौरान वो बाथरूम से बाहर निकली। उससे बच्चों की हत्या के बारे में पूछा गया तो उसने जो कहा वो सुनकर लोग कांप उठे। कहा कि बच्चों को मैंने ही मारा है। लड़की को भी मारना चाहती थी, लेकिन उसको छोड़ दी। ये बातें बोलते वक्त वो बिल्कुल सामान्य नजर आई। उसके चेहरे पर कोई शिकन या अपने किए का कोई पछतावा नहीं था।


सूचना पर मरदह थानाध्यक्ष राजेश मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। नीतू यादव को हिरासत में लेकर हत्या में इस्तेमाल चाकू को कब्जे में ले लिया। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे और वारदात के संबंध में जानकारी ली। एहतियातन हमीरपुर गांव में पुलिस बल की तैनाती की गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नीतू यादव का अपने पति अजीत यादव के बीच काफी दिनों से मनमुटाव चल रहा है। आए दिन दोनों के बीच नोंकझोंक भी होती रही है। नीतू तीन दिन पहले ही मायके से ससुराल आई थी। वहीं दूसरी ओर गांव सहित क्षेत्र में काफी हलचल मची हुई है।

आजमगढ़ मुख्तार अंसारी गैंग के 2 सदस्यों की खुली हिस्ट्रीशीट

आजमगढ़ मुख्तार अंसारी गैंग के 2 सदस्यों की खुली हिस्ट्रीशीट


उत्तर प्रदेश आजमगढ़ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य द्वारा प्रदेश स्तर पर चिन्हित माफिया मुख्तार अंसारी गैंग के सदस्य शाहजमां उर्फ नैय्यर के 2 सहयोगियों के विरुद्ध हिस्ट्रीशीट खोली गयी है। इनके नाम आफताब आलम पुत्र इकबाल निवासी मुहम्मदपुर फेटी, थाना बरदह जनपद आजमगढ़, सरफराज आलम पुत्र इकबाल निवासी मुहम्मदपुर फेटी, थाना बरदह जनपद आजमगढ़ हैं। ये अपराधी हत्या के प्रयास जैसी घटनाओं में संलिप्त हैं।

 

आजमगढ़ गम्भीरपुर युवक ने फांसी लगाकर दी जान फास्ट फूड की दुकान चलाता था मृतक


 आजमगढ़ गम्भीरपुर युवक ने फांसी लगाकर दी जान


फास्ट फूड की दुकान चलाता था मृतक



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ गम्भीरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम हरईरामपुर में बीती 7/8 अप्रैल की रात एक युवक ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। मृतक फास्ट फूड की दुकान चलाता था।


रामेश्वर राम उम्र 35 वर्ष पुत्र सूर्यबली राम निवासी हरईरामपुर रोज की भांति बीती रात खाना खाकर अपने कमरे में सोने चला गया। जब सुबह काफी देर तक वह नहीं जगा तो उसकी पत्नी उसे जगाने के लिए गई। दरवाजा अंदर से बंद होने और काफी देर तक दरवाजा न खुलने पर उसकी पत्नी शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर आस-पास के लोग इकट्ठा हो गये। जब लोगों ने दरवाजा तोड़ा तो कमरे के अंदर रामेश्वर राम फांसी के फंदे पर झूलता हुआ मिला। फांसी लगने से उसकी मौत हो गयी। 


मृतक की तीन संताने बेटी श्रेया 5.5 वर्ष, बेंटा आदर्श 3 वर्ष और बेटी स्वीटी डेढ़ वर्ष है। मृतक की पत्नी रंजना का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। मृतक ने करीब 10 वर्ष पूर्व ही गांव के ही सुरेन्द्र राम की पुत्री रंजना से प्रेम विवाह किया था। मृतक तीन भाईयों में तीसरे नम्बर पर था। बड़ा भाई राजकुमार रोजी रोटी के लिए दिल्ली रहता है। दूसरे भाई श्रवण की कुछ वर्ष पूर्व ही मौत हो चुकी है।