Monday, 10 July 2023

आगरा एसीपी के सामने फूट-फूटकर रोई महिला दरोगा बताई थानाध्यक्ष की करतूत, कहा अब स्थिति बर्दाश्त के बाहर


 आगरा एसीपी के सामने फूट-फूटकर रोई महिला दरोगा


बताई थानाध्यक्ष की करतूत, कहा अब स्थिति बर्दाश्त के बाहर


उत्तर प्रदेश आगरा ताजनगरी आगरा में रविवार को एक महिला दरोगा अपना दर्द लेकर एसीपी के सामने पेश हुई। वह अपने साथ हुई घटना की पूरी बात बता पाती इससे पहले ही उसकी आंखें भर आईं। वह एसीपी कार्यालय में ही फूट-फूटकर रोने लगी। रोते-रोते उसने थानेदार द्वारा की जा रही करतूतों की हकीकत बयां की। बात सुनकर एसीपी भी हैरान रह गए।


मिली जानकारी के अनुसार महिला दरोगा का कहना है कि वह कुछ दिनों से महसूस कर रही थी कि थाना प्रभारी का व्यवहार उसके साथ अच्छा नहीं है। वह व्यंग्यात्मक लहजे में बात करते हैं। आपत्ति जताने पर भी बदलाव नहीं आया। उसने इंस्पेक्टर से कहा था कि सुधार नहीं आने पर वह अधिकारियों के सामने पेश होगी।


शनिवार को हद हो गई। एक घंटे के भीतर विवेचना का निस्तारण करने के लिए कहा गया। असमर्थता जताने और बुखार आने की बात कहने पर इंस्पेक्टर ने फटकार लगाई। वह थाने में ही रोने लगी। साथी पुलिस कर्मियों ने समझाया। मामला रविवार को अधिकारियों तक पहुंचा। महिला दरोगा को एसीपी ने बुलाया। वह एसीपी कार्यालय में भी फूट-फूटकर रोने लगी।


महिला दरोगा ने एसीपी से कहा कि उसे इस थाने से हटाकर कहीं और भेज दिया जाए। अब बहुत हो गया है। अब बर्दाश्त नहीं होता है। इंस्पेक्टर का व्यवहार अपने स्टाफ के साथ बेहद अपमानजनक है। कहा कि वह पहले से इस थाने में तैनात है। लंबे समय से जिले में नौकरी कर रही है। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। घटना महकमे में चर्चा का विषय बनी हुई है।

लखनऊ लोकसभा चुनाव के लिए नए सिरे से सियासी बिसात बिछाने में जुटी मायावती जानें बसपा का प्लान


 लखनऊ लोकसभा चुनाव के लिए नए सिरे से सियासी बिसात बिछाने में जुटी मायावती



जानें बसपा का प्लान


लखनऊ देश में भले ही लोकसभा का चुनाव साल 2024 में होने वाला है, मगर सभी राजनीतिक पार्टियां अभी से वोटबैंक संभालने व बढ़ाने में जुट गई हैं। भाजपा, सपा व कांग्रेस जहां गठबंधन के लिए नए धड़े को तलाश रही हैं। वहीं बसपा ने अभी तक पत्ते नहीं खोले हैं। मगर, बसपा सुप्रीमो मायावती दिल्ली में बैठकर नए सिरे से सियासी बिसात बिछाने में लगी हैं। वह प्रभारियों से मिले फीडबैक पर अमल कर रही हैं। फीडबैक पर ही वह मैदान में निकल कर समीकरण ठीक करने की योजना पर काम कर रही हैं। बताया जा रहा है कि इसकी  शुरुआत वह हरियाणा से करेंगी।


बसपा सूत्रों का कहना है कि मायावती द्वारा ली जाने वाली बैठकों में उन्हें फीडबैक भी अच्छा नहीं मिल रहा है। कुछ एजेंसियों द्वारा कराए गए सर्वे में भी उनकी स्थिति अच्छी नहीं बताई गई है। कुछ राज्यों खासकर यूपी में जो फीडबैक आया है उसमें उनके बाहर न निकलने से स्थिति खराब होने की वजह बताई जा रही है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि उनके खास सलाहकारों ने भी उन्हें इस बार चुनाव से पहले बाहर निकलने की सलाह दी है। बताया जा रहा है कि इसके आधार पर ही वह इस बार चुनावी तैयारियों का जायजा लेने और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए बाहर निकलने की तैयारियां कर रही हैं।


मायावती के लिए लोकसभा का यह चुनाव काफी अहम है। वर्ष 2019 के चुनाव में सभी पुरानी बातों को भूलते हुए उन्होंने युवा समाजवादी अखिलेश यादव से गठबंधन कर चुनाव लड़ी। वर्ष 2014 के चुनाव की अपेक्षा उन्हें फायदा हुआ। शून्य पर रहने वाली बसपा 10 सीटें जीत गई।


 यह बात अलग है कि मायावती ने गठबंधन तोड़ते वक्त सपा के खाते का वोट न मिलने का आरोप लगाया। इसके तीन साल बाद यूपी में 2022 में हुआ विधानसभा चुनाव बसपा अपने दम पर लड़ी और मात्र एक सीट ही जीत पाई। इसीलिए मायावती के लिए यह चुनाव अहम है।

आजमगढ़ पवई धर्मांतरण की शिकायत पर पहुंची पुलिस, 5 को लिया हिरासत में


 आजमगढ़ पवई धर्मांतरण की शिकायत पर पहुंची पुलिस, 5 को लिया हिरासत में



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ पवई क्षेत्र के ढ़ाका नरवारी गांव में रविवार को प्रार्थना सभा के नाम पर धर्मांतरण का मामला सामने आया है। प्रार्थना सभा विजय बहादुर बिंद के घर पर चल रही थी। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने घर के अंदर से तंत्र-मंत्र के सामान के साथ धार्मिक पुस्तकें बरामद की। पुलिस ने मौके से पांच लोगों को हिरासत में लिया है। 


मामले में निषाद पार्टी के जिला उपाध्यक्ष ने छह लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। पवई थाना क्षेत्र में धर्मांतरण का खेल लगातार जारी है। कुछ दिनों पहले ही ऐसे मामले का खुलासा हुआ था। रविवार को ढ़ाका नरवारी गांव में प्रार्थना सभा के नाम पर धर्मांतरण की सूचना पवई थाने को मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने धार्मिक पुस्तकें, तंत्र-मंत्र का सामान बरामद कर पांच लोगों को हिरासत में लेकर थाने ले आई। इस मामले में निषाद पार्टी के जिला उपाध्यक्ष बृजेश पांडेय ने छह लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दी है। वहीं, भाजयुमो मंडल अध्यक्ष शिवेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि जिले में रविवार, मंगलवार और गुरुवार को प्रार्थना सभाएं आयोजित कर धर्मांतरण किया जाता है। 


थाना प्रभारी पवई रमेश कुमार ने बताया कि तहरीर मिली है और मौके से पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

Sunday, 9 July 2023

आजमगढ़ जहानागंज पुलिस नहीं करा पाई समझौता, अन्ततः जेल गया दुष्कर्म का आरोपी 4 दिनों तक थाने की हवालात में पड़ा रहा अभियुक्त प्रेमिका के घर में रंगरेलियां मनाते ग्रामीणों ने बेड के नीचे से पकड़ा था


 आजमगढ़ जहानागंज पुलिस नहीं करा पाई समझौता, अन्ततः जेल गया दुष्कर्म का आरोपी


4 दिनों तक थाने की हवालात में पड़ा रहा अभियुक्त


प्रेमिका के घर में रंगरेलियां मनाते ग्रामीणों ने बेड के नीचे से पकड़ा था


उत्तर प्रदेश आजमगढ़ घर में घुसकर महिला के साथ रंगरेलियां मनाते ग्रामीणों द्वारा पकड़े गए युवक के मामले में समझौता के लिए जुटी जहानागंज पुलिस का खेल बिगड़ गया। तमाम लोगों के हस्तक्षेप से इस मामले को लेन-देन कर निपटाने वालों के साथ ही पुलिस को भी निराशा हाथ लगी। चार दिनों तक थाने में रखे गए आरोपी की गिरफ्तारी अंततः पुलिस को दिखानी पड़ गई।


जानकारी के अनुसार बताया जाता है कि जहानागंज क्षेत्र के एक गांव में बीते चार जुलाई की रात प्रेमिका के घर में रंगरेलियां मनाने घुसे युवक को ग्रामीणों ने बेड के नीचे से पकड़ा और धुनाई के बाद उसे पेड़ में बांध कर घटना के बाबत पुलिस को सूचना दी। जानकारी के घंटों बाद मौके पर पहुंची पुलिस ग्रामीणों के कैद से छुड़ाकर आरोपी को थाने ले आई। 


सुबह होते ही कुछ लोग पकड़े गए युवक को छुड़ाने के लिए थाने पहुंच गए। इस मामले में लेन-देन की जानकारी मिलने पर काफी संख्या में ग्रामीण थाने पर पहुंच गए और युवक को छोड़े जाने का विरोध किया। लोगों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि इस मामले में पुलिस पीड़ित पक्ष पर सुलह के लिए दबाव बना रही है और कुछ दलाल प्रवृत्ति के लोगों और पुलिस के बीच पांच लाख रुपए की सौदेबाजी रिहाई के लिए हो रही है। यह क्रम पूरे चार दिनों तक चला और विरोध के चलते जब बात नहीं बन सकी तो पुलिस ने रविवार को आरोपी की रामपुर तिराहे से गिरफ्तारी दिखा कर इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली। 


इस मामले में वायरल वीडियो में महिला आरोपी को पकड़ने वालों से उसे छोड़ने की बात कह रही है जबकि अब वही महिला पति की अनुपस्थिति का लाभ उठाकर घर में घुसकर आरोपी पर जबरन दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है जो लोगों के गले के नीचे नहीं उतर रहा है। गिरफ्तार बब्लू राजभर को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

आजमगढ़ जीयनपुर सरकारी कार्य में बाधा और पुलिसकर्मियों से अभद्रता पड़ी भारी पुलिस ने 2 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर भेजा जेल

आजमगढ़ जीयनपुर सरकारी कार्य में बाधा और पुलिसकर्मियों से अभद्रता पड़ी भारी


पुलिस ने 2 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर भेजा जेल



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ जीयनपुर कोतवाली पुलिस ने शनिवार को क्षेत्र के जम्मनपुर मोड़ पर वाहन चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मियों से अभद्रता करते हुए सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने वाले दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। बताते हैं कि शनिवार की शाम पुलिस लाटघाट-रौनापार मार्ग पर स्थित जम्मनपुर मोड़ पर वाहन चेकिंग कर रही थी।


 उसी दौरान लाटघाट की ओर से आ रहे बाइक सवार तीन युवकों को पुलिस ने रोका। पुलिस चेकिंग देख उन्होंने वाहन की गति तेज कर दी। पुलिस ने जब उनका पीछा किया तो तीनों युवक कुछ दूर जाकर पीछा कर रहे पुलिसकर्मियों से अभद्रता करते हुए हाथापाई पर उतर गए। इसकी सूचना पाकर मौके पर पहुंचे अन्य पुलिसकर्मियों ने दो युवकों को मौके पर ही पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों में देवेन्द्र राजभर पुत्र दुर्गविजय एवं गोलू उर्फ अवध सरोज पुत्र बाबूराम सरोज दोनों क्षेत्र के जोकहरा गांव के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने बाइक को सीज कर दिया है।

 

आजमगढ़ फरिहा विवाद के बाद कांवरियों ने किया सड़क जाम पुलिस पर कांवरियों को पकड़ने का आरोप, पुलिस का इनकार शंकर-पार्वती मंदिर में दर्शन के लिए रूका था कांवरियों का जत्था


 आजमगढ़ फरिहा विवाद के बाद कांवरियों ने किया सड़क जाम


पुलिस पर कांवरियों को पकड़ने का आरोप, पुलिस का इनकार

शंकर-पार्वती मंदिर में दर्शन के लिए रूका था कांवरियों का जत्था


उत्तर प्रदेश आजमगढ़ फरिहा चौक पर उमय काफी अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया जब कांवरियों के जत्थे द्वारा सड़क जाम कर दिया गया। कांवरियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके 6 साथियों को हिरासत में लिया है। स्थानीय लोगों के अनुसार जब पुलिस द्वारा हिरासत में लिये गये कांवरियों को छोड़ा गया तब अन्य कांवरियें भी मौके से चले गये। इस दौरान किसी प्रकार कोई तोड़फोड़ या जनहानि की सूचना नहीं है।


स्थानीय लोगों के अनुसार रविवार की दोपहर करीब 1.30 बजे कांवरियों का जत्था फरिहा स्थित शिव मन्दिर में पूजा अर्चना के लिए रूका। इस दौरान सरायमीर की तरफ से तेज गति से आ रही एक पिकअप ने मंदिर के दक्षिणी छोर पर खड़ी एक मोटर सायकिल में धक्का मार दिया। घटना के बाद मौके पर खड़े कांवरियों ने पिकप सवार को रोककर उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। बीच-बचाव के दौरान मौके पर तैनात होमगार्ड भी धक्का-मुक्की का शिकार हो गया। सूचना पर पहुची फरिहा चौकी पुलिस मौके से छः कांवरियों को पकड़कर चौकी पर ले आई। जब इस बात की जानकारी अन्य कांवरियों को हुई तो उन लोगों ने फरिहा चौक पर जाम लगा दिया। 


जाम की सूचना मिलने पर निजामाबाद थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गयी। पुलिस द्वारा सूझ-बूझ का परिचय देते हुए पकड़े छः कांवरियों को छोड़ दिया गया। इसके बाद जाम लगा रहे कांवरिएं अपने जत्थे के साथ मौके से रवाना हो गये। इस बावत निजामाबाद पुलिस से बात की गयी तो उन्होंने इस तरह की किसी भी घटना से इनकार कर दिया।

कानपुर ज्योति मौर्या की राह पर अब सविता पति ने कर्ज लेकर पढ़ाया, नौकरी मिलते ही कहा- तुम काले हो....हमारा स्टेट्स नहीं मिलता!


 कानपुर ज्योति मौर्या की राह पर अब सविता


पति ने कर्ज लेकर पढ़ाया, नौकरी मिलते ही कहा- तुम काले हो....हमारा स्टेट्स नहीं मिलता!


उत्तर प्रदेश में कानपुर देहात में भी प्रयागराज के आलोक मौर्या और ज्योति मौर्या जैसा मामले सामने आया है। इसमें भी शादी, नौकरी, बेवफाई और फिर धमकी वाले हालात देखने को मिल रहे हैं। पत्नी की लगन देख उसे पढ़ा-लिखा कर काबिल बनाने का सपना देखने वाला पति आज दर-दर की ठोकर खाने को मजबूर है। पति, पत्नी की पढ़ाई में लिए गए कर्ज की भरपाई मजदूरी से करने को मजबूर है।


 इसके चलते परिवार परेशान है और आस लगाए बैठा है कि किसी तरह बेटे का परिवार पहले की तरह हरा-भरा हो जाए। साथ ही, बहु घर वापस आ जाए। बता दें कि प्रयागराज के आलोक मौर्या के बाद अब कानपुर देहात के अर्जुन सिंह का नाम भी जुड़ गया है।


जानकारी के अनुसार, कानपुर देहात के तहसील मैथा क्षेत्र के रविन्द्र पुरम गांव के रहने वाले अर्जुन की शादी 2017 में बस्ती जिले की रहने वाली सविता मौर्या से हुई थी। शादी के बाद सविता मौर्या में पढ़ाई की लगन देख अर्जुन ने सविता को पढ़ा लिखा कर काबिल बनाने का फैसला किया। नर्सिंग कराने के लिए सविता का दाखिला मंधना में बने रामा कॉलेज ऑफ नर्सिंग एंड पैरा मेडिकल साइंस में करा दिया। साथ ही, खुद मजदूरी कर पैसों को इकट्ठा करने लगा। पढ़ाई पूरी होने के बाद सबसे पहले उसे दिल्ली में नौकरी मिली। सविता की नौकरी चल ही रही थी कि अर्जुन को कुछ शक हुआ।

इसके बाद अर्जुन ने सविता को वापस बुला लिया और फिर तमाम कोशिशों के बाद सविता को कानपुर देहात के रसूलाबाद के नारखुर्द में बने स्वास्थ्य केंद्र में लगवाया। यहां उसे अच्छी खासी पेमेंट मिलने लगी। 


अब सविता के तेवर और मिजाज बदलने लगे। अर्जुन ने आरोप लगाते हुए बताया कि सविता उससे दूरी बनाने लगी। वो कहने लगी तुम काले हो हमारा तुम्हारा स्टेट्स मेल नहीं करता है। इसके बाद विवाद शुरू हो गया। अर्जुन ने न्याय की गुहार लगाना शुरू किया, जिससे बिगड़े हालात सुधर सके। कर्ज में डूबे अर्जुन अभी भी पढ़ाई में के दौरान लिए गए कर्ज को भर रहा है और घर पर पैसा मांगने पहुंचते है। पीड़ित अर्जुन ने बताया क वह पत्नी को पढ़ाने की ललक में कर्ज में डूब गया और तकलीफ भरी जिंदगी गुजार रहा है। उन्होंने बताया जो मेरे साथ हुआ है, उसके बाद कोई भी व्यक्ति शादी के बाद अपनी पत्नी को नहीं पढ़ाएगा। महिला को सिर्फ घर की जिम्मेदारियों का बोझ उठाना पड़ेगा, जैसा पुराने समय मे होता रहा है।