Thursday, 29 June 2023

आजमगढ़ अहरौला पकड़ा गया दहेज हत्यारोपी


 आजमगढ़ अहरौला पकड़ा गया दहेज हत्यारोपी


उत्तर प्रदेश आजमगढ़ अहरौला थाने की पुलिस ने गुरुवार की सुबह दहेज हत्या के मामले में वांछित मृतका के पति को गिरफ्तार करने का दावा किया है।


बताते हैं कि अहरौला थाना क्षेत्र के राजापुर माफी (रजवापुर) गांव में बीते तीन जून को अंतिमा पत्नी राजन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोगों ने मृतका के मायके वालों को सूचना दिए बगैर शव का दाह-संस्कार कर दिया। घटना की जानकारी पाकर मौके पर पहुंचे मृतका के पिता संग्राम पुत्र बरखू राम ने इस मामले में दामाद राजन, उसके पिता दयाराम, माता अनीता देवी के खिलाफ दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए स्थानीय थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई।


 पुलिस ने गुरुवार की सुबह क्षेत्र के चक मकसूदजहां गांव स्थित शहीद बाबा मजार के समीप आरोपित पति राजन को गिरफ्तार कर लिया।

प्रयागराज परेड मैदान में लाइव एनकाउंटर, पुलिस ने पीछा कर मारी गोलियां पुलिस कमिश्नर नाराज, मांगी रिपोर्ट


 प्रयागराज परेड मैदान में लाइव एनकाउंटर, पुलिस ने पीछा कर मारी गोलियां


पुलिस कमिश्नर नाराज, मांगी रिपोर्ट


उत्तर प्रदेश प्रयागराज में लोगों के सामने लाइव एनकाउंटर हुआ है। परेड मैदान पर सरेआम बदमाशों और पुलिस के बीच फायरिंग हुई। भीड़भाड़ वाले इलाके में धांय-धांय गोलियां चलीं। अफरातफरी में बदमाशों की कार खंभे से टकरा गई और एक बदमाश को गोली भी पुलिस ने मारी। इसके बाद पुलिस बदमाशों को अपनी गाड़ी में लादकर लेकर गई और बदमाशों की कार वहीं छोड़ दिया। बदमाशों की कार के साथ एक स्कार्पियो भी वहीं पड़ी मिली। यह सब प्रयागराज में हुआ और प्रयागराज पुलिस अनजान रही। करीब दो घंटे बाद पता चला कि बदमाशों के साथ एनकाउंटर रायबरेली से आई पुलिस ने किया है। इसे लेकर अब प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा नाराज हो गए हैं। 


एसपी रायबरेली से रिपोर्ट मांगी है। रायबरेली में भी मामले की जांच शुरू हो गई है। जीपीएस से लोकेशन ट्रेस कर बदमाशों की कार का पीछा कर रही रायबरेली एसओजी की प्रयागराज परेड मैदान पर बदमाशों का सामना हो गया। बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग की तो एसओजी ने भी जवाबी फायरिंग की। एक बदमाश को गोली भी लगी। इसी दौरान बदमाशों की कार खंभे से टकरा गई। एसओजी ने कुछ ही मिनटों में सफेद कार सवार बदमाशों को दबोचा और अपनी एसयूवी में लाद लिया और निकल गए। खंभे से टकराई बदमाशों की कार वहीं छोड़ दी। प्रयागराज पुलिस को इसकी सूचना देना भी गंवारा नहीं समझा। बाद में प्रयागराज के दारागंज थाने की पुलिस कार को क्रेन से खींचकर ले गई। बदमाशों की कार के पीछे ही एक काली स्कॉपियों भी लावारिस मिली। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि काली कार से भी बदमाशों का पीछा किया जा रहा था। सादे लिबास में स्कॉर्पियों में बैठे लोगों ने भी फायरिंग की थी। स्कॉपियो पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष का बोर्ड लगा था। इसके साथ ही उस पर विधायक का स्टीकर लगा था। संगम के पास परेड मैदान पर सरेशाम शूटआउट से खलबली मची। गाड़ी खंभे से टकराने, फायरिंग की आवाज सुनकर बहुत सारे लोग जमा हो गए। खबर पाकर प्रयागराज के पुलिस अधिकारी भी पहुंच गए। काफी देर तक प्रयागराज पुलिस समझ ही नहीं पाई कि हुआ क्या है। घटना के दो घंटे बाद पुलिस को पता चला कि रायबरेली एसओजी ने बदमाशों का पीछा किया था और उसे पकड़ कर ले गए। 


आईपीएस चिराग जैन के मुताबिक, ट्रक लूट के मामले में दो बदमाश रायबरेली में वांछित थे। एसओजी रायबरेली उनका पीछा करते हुए पहुंची। काली स्कॉपियो से भी पुलिसकर्मी थे। सरेआम शूटआउट के मामले में रायबरेली पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई। बदमाशों के पीछे लगी एसओजी ने प्रयागराज पुलिस को बताने की जहमत नहीं उठाई। घेराबंदी ऐसे इलाके में की जहां शाम को शहर के लोग आते जाते रहते हैं। घटना के बाद जब कार टकरा गई। बदमाश पकड़े गए तो भी अफसरों को न बताकर बदमाशों को लाद ले गए। कार को लावारिस छोड़ दिया। इसकी जानकारी मिलने पर पुलिस कमिश्नर ने नाराजगी दिखाई। प्रयागराज पुलिस को सूचना न देना, गाड़ियों को लावारिस हालत में छोड़ जाने का मामला तूल पकड़ा। लखनऊ के आला अफसरों ने भी इस मामले का संज्ञान लेते हुए रायबरेली पुलिस से रिपोर्ट मांगी है। अब रायबरेली की एसओजी और थाना प्रभारी की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मामले में जांच पूरी होने के बाद लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी। रायबरेली पुलिस जिन बदमाशों को प्रयागराज से पकड़ कर ले गई उनके बारे में भी पूरी जानकारी अब तक नहीं दी गई है। 


पुलिस कितनी गाड़ियों से थी। सफेद एक्सयूवी पर पुलिसकर्मी थे तो काली स्कॉपियो में कौन थे। उस कार को क्यों छोड़ा गया। फायरिंग की नौबत कैसे आई, इन्हीं सारी बातों को लेकर जांच हो रही है। परेड मैदान पर लाइव मुठभेड़ का कई लोगों ने वीडियो भी बना लिया था। अब पुलिस उन वीडियो को हासिल करने में लगी है।

महराजगंज ड्यूटी के दौरान फांसी के फंदे से लटका मिला सिपाही का शव सुसाइड नोट में मिली वजह

 

महराजगंज ड्यूटी के दौरान फांसी के फंदे से लटका मिला सिपाही का शव


सुसाइड नोट में मिली वजह


उत्तर प्रदेश महराजगंज जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां फायर सर्विस में तैनात सिपाही ने ड्यूटी के दौरान फांसी के फंदे से लटक कर जान दे दी है। उसका शव गुरुवार सुबह फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला है। मृतक सिपाही की पहचान संदीप यादव ग्राम हरदिया, पोस्ट पिछौरा, क्षेत्र गीडा जनपद गोरखपुर के रुप में हुई है। महराजगंज के धनेवा धनेई में उसकी तैनाती 2016 में फायर सर्विस में हुई थी। 


बताया जा रहा है कि वह अल्सरेटिव कोलायटीस (बड़ी आंत में सूजन) की बीमारी से  परेशान था। इसकी वजह से ही उसने आत्महत्या की है। जांच के दौरान पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमे बीमारी का जिक्र भी है।

Wednesday, 28 June 2023

आजमगढ़ मुबारकपुर कुर्बानी के लिए प्रतिबंधित लोहरा गांव में जानवरों की तलाश में घर घर पहुंची पुलिस पुलिस छावनी में तब्दील हुआ गांव


 आजमगढ़ मुबारकपुर कुर्बानी के लिए प्रतिबंधित लोहरा गांव में जानवरों की तलाश में घर घर पहुंची पुलिस


पुलिस छावनी में तब्दील हुआ गांव


उत्तर प्रदेश आजमगढ़ कुर्बानी के पर्व बकरीद के मौके पर न्यायालय के आदेश से जानवरों की कुर्बानी के लिए प्रतिबंधित मुबारकपुर क्षेत्र के लोहरा गांव में बुधवार को पुलिस ने घर घर की तलाशी ली। इस दौरान गांव में मिले जानवरों की गिनती कर उन्हें सुरक्षित बाड़े में कैद कर दिया गया। लोहरा गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।


बताते चलें कि मुबारकपुर थाना क्षेत्र के लोहरा गांव में बहुत समय पहले बकरीद के मौके पर प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी को लेकर दो वर्गों के बीच हुए संघर्ष के बाद न्यायालय ने गांव में कुर्बानी को लेकर प्रतिबंध लगा दिया है। इसी विवाद को लेकर कुछ वर्षों पूर्व लोहरा गांव के गोरक्षक सुन्नर यादव की हत्या कर दी गई। इसके बाद से बकरीद के मौके पर हर साल कुर्बानी पर प्रतिबंध लगाते हुए गांव में मौजूद जानवरों को पुलिस की निगरानी में सुरक्षित बाड़े में कैद कर दिया जाता है। इसी क्रम में बकरीद त्यौहार की पूर्व संध्या पर लोहरा गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। गांव में भारी संख्या में पुलिस एवं पीएसी के जवान तैनात कर दिए गए हैं।

सहारनपुर भीम आर्मी प्रमुख पर चन्द्रशेखर पर जानलेवा हमला कमर में लगी गोली; एसपी घटनास्थल के लिए रवाना


 सहारनपुर भीम आर्मी प्रमुख पर चन्द्रशेखर पर जानलेवा हमला


कमर में लगी गोली; एसपी घटनास्थल के लिए रवाना


सहारनपुर उत्तर प्रदेश के देवबंद में भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर पर जानलेवा हमला हुआ है। उनकी कमर में गोली लगी है, घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार भीम आर्मी चीफ अपनी कार से किसी कार्यक्रम में जा रहे थे। इसी दौरान उन पर जानलेवा हमला किया गया है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जांच पड़ताल की। 


एसपी देहात सागर जैन ने बताया कि चंद्रशेखर आजाद देवबंद की गांधी कॉलोनी में किसी के पास मिलने गए थे। वहां से निकलते समय दो युवकों ने उन पर फायरिंग की, जिसमें छर्रे लगने से वह जख्मी हो गए। हमलावर एक कार में सवार होकर फरार हो गए। उपचार के लिए उन्हें देवबंद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस हमलावरों की तलाश में लगी है। एसपी देहात का कहना है कि अभी हमले का कारण और हमलावरों की जानकारी नहीं हुई है। एसएसपी विपिन ताड़ा का कहना है कि आजाद समाज पार्टी-कांशीराम के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्र शेखर आजाद और भीम आर्मी नेता के काफिले पर हथियारबंद लोगों ने हमला कर दिया। फायरिंग के दौरान हमलावरों की गोली चंद्रशेखर को छूती हुई निकल गई। हालांकि चिकित्सकों के अनुसार वह खतरे से बाहर है। 


हमलावरों की तलाश में पुलिस जुट गई है। यह भी जानकारी मिल रही है कि हमलावर हरियाणा नंबर की कार से आए थे। उधर भीम आर्मी चीफ पर जानलेवा हमले की खबर सुनते ही उनके समर्थकों में खलबली मच गई। एक दूसरे से चंद्रशेखर के हाल जानने के लिए समर्थक फोन मिलाते रहे। चंद्रशेखर भाई पर हुआ हमला एक बड़ी साजिश है, इस तरह की घटना उत्तर प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। जल्द हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग करते हैं । हमारे नेता के साथ पूरे देश की जनता खड़ी है हमें कमजोर समझने की गलती ना करें। -पवन गुर्जर, जिला अध्यक्ष आजाद समाज पार्टी मेरठ


आजमगढ़ सपा विधायक की MP/MLA कोर्ट में हुई पेशी एक मामले में 4 तो दूसरे में 5 जुलाई की मिली तारीख


 आजमगढ़ सपा विधायक की MP/MLA कोर्ट में हुई पेशी


एक मामले में 4 तो दूसरे में 5 जुलाई की मिली तारीख


उत्तर प्रदेश आजमगढ़ सपा के बाहुबली विधायक रमाकांत यादव की बुधवार को एमपी एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में दो मामलों में पेशी हुई। एक मामले में आरोप पत्र बनाया गया और अगली सुनवाई के लिए पांच जुलाई की तारीख मुकर्रर की गई। वहीं दूसरे मामले में गवाह के पेश नहीं होने के कारण चार जुलाई को अगली सुनवाई की तारीख पड़ी।


एमपी एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में बुधवार को दो मामलों में सपा के बाहुबली विधायक रमाकांत यादव की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई। पहला मामला फूलपुर कोतवाली क्षेत्र में दो फरवरी 2016 को हुआ था। जिसमें फूलपुर कोतवाली प्रभारी सुनील कुमार सिंह द्वारा सरकारी कार्य में बाधा का मामला दर्ज किया गया था। जिसमें उन्होंने बताया कि वह दो फरवरी 2016 को चेकिंग कर रहे थे, इस दौरान उन्होंने कुछ लोगों को रोका। जिस पर सांसद रमाकांत यादव, रंगेश यादव, रजनीश, मन्ना और चंद्रभान के साथ उन्हें छुड़ाने के लिए पहुंच गए। उनके द्वारा सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की गई। बुधवार को जेल से रमाकांत यादव वीसी के जरिए पेश हुए। कोर्ट में उनके खिलाफ आरोप पत्र बनाकर दाखिल किया गया। कोर्ट ने सुनवाई के लिए पांच जुलाई की तारीख मुकर्रर की।


 वहीं दूसरा मामला पवई थाना क्षेत्र का है। 2006 में किसी मामले को लेकर सांसद रमाकांत यादव द्वारा चक्काजाम किया गया था। इस मामले में गवाह का बयान दर्ज होना था। लेकिन गवाह कोर्ट में पेश नहीं हुआ। जिसके कारण कोर्ट द्वारा अगली सुनवाई के लिए चार जुलाई की तिथि मुकर्रर की गई।

आजमगढ़ बाजार में टमाटर के भाव सुन लाल हो जा रहे चेहरे भोजन की थाली से गायब हुए सलाद 120 रुपए किलो का दाम है खुले बाजार में


 आजमगढ़ बाजार में टमाटर के भाव सुन लाल हो जा रहे चेहरे


भोजन की थाली से गायब हुए सलाद


120 रुपए किलो का दाम है खुले बाजार में



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ रोटी और चटनी से काम चलाते हुए पेट की क्षुधा शांत करने वाले गरीब परिवारों के लिए बाजार में सूखे मेवे की जगह ले चुके टमाटर के भाव सुन कर लोगों के चेहरे लाल हो जा रहे हैं। चटख लाल रंग की खुबसूरती के साथ भोजन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला टमाटर अब थाली से दूर हो गए हैं। खुले बाजार में 120 रुपए किलो के भाव से बिक रहे टमाटर ने लोगों का जायका बिगाड़ कर रख दिया है। 


मंगलवार को शहर के मुख्य चौक पर स्थित सब्जी मंडी में अपने भाव के चलते इतरा रहे टमाटर राजा की मौजूदगी दुकानों पर नहीं नजर आई। कुछ एक दुकानों पर उनके दर्शन तो हुए लेकिन दाम सुनकर लोग अपने कदम पीछे खींच लेने को मजबूर नजर आए। बाजार में मौजूद सब्जियों के दाम इन दिनों आसमान छू रहे हैं। खीरा 50 रुपए, भिंडी और नेनुआ 60 रुपए तो अन्य सब्जियों के दाम भी कुछ कम नहीं नजर आए। इस संबंध में पूछे जाने पर मंडी में सब्जी का व्यापार करने वाले दुकानदारों ने एक स्वर से कहा कि पहले तो भीषण गर्मी के चलते सब्जी उत्पादन पर बड़ा प्रभाव पड़ा। फसल झुलसकर नष्ट हो गईं और उसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में सब्जी को विदेशों तक निर्यात कर किसानों की आय बढ़ाने के लिए खोले गए शीतगृह में किए जा रहे भंडारण की वजह से सब्जियों के दाम में आए भारी उछाल ने अमीर गरीब सभी का जायका बिगाड़ दिया है। लोगों का कहना है कि गर्मी के चलते बर्बाद हुई सब्जी की फसल की वजह से भोजन का स्वाद बढ़ाने वाली सब्जी अभी कुछ समय तक सभी को रुलाने का काम करेगी।


 वहीं इस बाबत पूछे जाने पर कुछ गृहणियों का यह कहना कि सब्जियों के दाम में लगी आग के कारण अब तो राजमा, काबुली चना,मटर और अन्य खाद्य सामग्रियों से काम चलाया जा रहा है।