Monday, 2 May 2022

उत्तर प्रदेश 16 आईएएस अधिकारियों के हुए तबादले, देखें सूची एपीसी बने मनोज कुमार सिंह, राजेश सिंह व रजनीश दुबे को कम महत्व के पद


 उत्तर प्रदेश 16 आईएएस अधिकारियों के हुए तबादले, देखें सूची


एपीसी बने मनोज कुमार सिंह, राजेश सिंह व रजनीश दुबे को कम महत्व के पद



लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार ने रविवार की देर शाम 16 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव कर दिया। कई वरिष्ठ अधिकारियों को पीछे छोड़ते हुए मनोज कुमार सिंह जहां कृषि उत्पादन आयुक्त बने, वहीं आईआईडीसी संजीव मित्तल को राजस्व परिषद का अध्यक्ष बनाया गया है।


 प्रमुख सचिव, परिवहन राजेश कुमार सिंह को उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग और अपर मुख्य सचिव नगर विकास, नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम विभाग और राज्य मिशन निदेशक स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) डॉ. रजनीश दुबे कोे दुग्ध विकास, मत्स्य, पशुधन तथा समन्वय विभाग एवं परियोजना समन्वयक, डास्प लखनऊ के अपेक्षाकृत कम महत्व के माने जाने वाले पदों पर स्थानांतरित किया गया है।



प्रमुख सचिव, लोक निर्माण विभाग नितिन रमेश गोकर्ण को प्रमख सचिव, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के पद पर तैनात किया गया है। प्रमुख सचिव व्यावसायिक शिक्षा एवं प्राविधिक शिक्षा अमृत अभिजात को प्रमुख सचिव नगर विकास, नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम विभाग और राज्य मिशन निदेशक, स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) केपद पर तैनाती मिली है। 



अपर मुख्य सचिव नगर विकास, नगरीय रोजगार, एवं गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम विभाग तथा राज्य मिशन निदेश स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) डा. रजनीश दुबे को दुग्ध विकास, मत्स्य , पशुधन तथा समन्वय विभाग एवं परियोजन समन्वयक डास्प लखनऊ के पद पर तैनाती मिली है। 



प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन तथा बेसिक शिक्षा विभाग दीपक कुमार से आवास एवं शहरी नियोजन विभाग का प्रभार हटाते हुए प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा विभाग के पद पर मूल रूप से तैनात किए जाने का निर्णय लिया गया।



 अपर मुख्य सचिव राज्य कर विभाग, अध्यक्ष राज्य सर्तकता आयोग एवं प्रशासनाधिकरण तथा प्रशासनाधिकरण द्वितीय, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त संजीव कुमार मित्तल को राजस्व परिषद के पद पर स्थानांतरित किया गया है। इसके साथ ही उन्हें अध्यक्ष राज्य सर्तकता आयोग एवं प्रशासनाधिकरण तथा प्रशासनाधिकरण द्वितीय के पद का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।



अपर मुख्य सचिव वित्त एवं वित्त आयुक्त, संस्थागत वित्त एवं बाह्य सहायतित परियोजना और अपर मुख्य सचिव महिला कल्याण विभाग तथा बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग व महानिदेशक राज्य पोषण मिशन एस राधा चौहान से महिला कल्याण तथा बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग व महानिदेशक व राज्य पोषण मिशन का प्रभार हटाते हुए वित्त आयुक्त एवं अपर मुख्य सचिव वित्त, संस्थागत वित्त तथा बाह्य सहायतित परियोजन विभाग के पद पर मूल रूप से तैनात किया गया है। उन्हें अपर मुख्य सचिव राज्य कर विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी मिला है। 



उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन लि. , उप्र जल विद्युत निगम, उप्र राज्य विद्युत उत्पादन निगम तथा पारेषण निगम केअध्यक्ष एम देवराज को प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।


 उप्र प्रशासन एवं प्रबंधक अकादमी लखनऊ तथा महानिदेशक दीन दयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान एल वेक्टेश्वर लू को प्रमुख सचिव परिवहन विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।



अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग की सचिव एवं इन्वेस्ट यूपी की सीईओ नीना शर्मा को उप्र प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी लखनऊ के पद पर स्थानांतरित किया गया है। 


प्रमुख सचिव दुग्ध विकास विभाग, मत्स्य विभाग, समन्वय विभाग, पशुधन विभाग तथा परियोजना समन्वयक डास्प सुधीर गर्ग को प्रमुख सचिव राजस्व बनाया गया है। 



प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा सुभाष चंद शर्मा प्राविधिक शिक्षा एवं व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग मिला है।



 मेरठ के आयुक्त सुरेंद्र सिंह को ग्रेटर नोएडा केसीईओ का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। ग्रेटर नोएडा के सीईओ नरेंद्र भूषण को लोक निर्माण विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया है।



 अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आईटी एवं इलेक्ट्रानिक्स, एनआरआई विभाग अरविंद कुमार को इन विभागों का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। उनकी मूल तैनाती अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (आईआईडीसी) किया गया है।



 अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास पंचायती राज तथा राजस्व विभाग मनोज कुमार सिंह को कृषि उत्पादन आयुक्त भी बनाया गया है।

Sunday, 1 May 2022

जौनपुर परीक्षा के दौरान छात्रों के बीच खूनी संघर्ष, एक की मौत


 जौनपुर परीक्षा के दौरान छात्रों के बीच खूनी संघर्ष, एक की मौत



उत्तर प्रदेश के जौनपुर में 12वीं के छात्रों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। दोनों ओर से छात्रों के बीच जमकर मारपीट हुई। मारपीट के दौरान एक छात्र की मौत हो गई।



 छात्र की मौत के बाद कॉलेज में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौके पर पहुंच मामले को शांत कराया। शव को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। हालांकि अभी दोषियों को पकड़ा नहीं जा सका है।



 जौनपुर जिले के रामरूप सर्वाेदय इंटर कॉलेज भवनाथपुर त्रिलोचन में रविवार को 12वीं के छात्रों की प्रयोगिक परीक्षा थी।

भौतिक विज्ञान की परीक्षा के लिए छात्रों को सेंटर पर बुलाया गया था। बताते हैं कि इसी बीच कुछ छात्रों में किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते दोनों ओर से मारपीट शुरू हो गई। मारपीट खूनी संघर्ष में बदल गई। दोनों ओर से हुए खूनी संघर्ष में एक छात्र की मौत हो गई। 



छात्र की मौत पर कॉलेज में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में इसकी सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है। पुलिस घटना की जांच पड़ताल में जुटी है।

प्रयागराज डीएम के खिलाफ हाईकोर्ट ने जारी किया गैर-जमानती वारंट


 प्रयागराज डीएम के खिलाफ हाईकोर्ट ने जारी किया गैर-जमानती वारंट



उत्तर प्रदेश प्रयागराज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अदालती आदेश की अवमानना मामले में मथुरा के जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। अदालत ने पुलिस को मामले की अगली सुनवाई पर चहल को उसके समक्ष पेश करने का निर्देश दिया है। 



बृजमोहन शर्मा और तीन अन्य लोगों द्वारा दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव ने कहा, मथुरा के डीएम द्वारा 18 अप्रैल 2022 को पारित आदेश कुछ और नहीं, बल्कि उनका तिरस्कारपूर्ण कृत्य है, क्योंकि यह विश्वास नहीं किया जा सकता कि ऐसा अधिकारी इस अदालत की ओर से पारित आदेश की भाषा और मंशा नहीं समझ सका हो।


उल्लेखनीय है कि अदालत ने छह सितंबर 2021 को 22 जुलाई 2016 के उस आदेश को रद्द कर दिया था, जिसमें प्रतिवादियों ने आवेदकों को पेंशन का भुगतान इस आधार पर मना कर दिया था कि नियमित होने से पूर्व की उनकी सेवाओं को पात्रता सेवा के तौर पर नहीं गिना जाएगा, जिससे वे पुरानी पेंशन योजना का लाभ पा सकें। अदालत ने छह सितंबर 2021 के अपने आदेश में कहा था कि बहुत लंबे समय तक दी गई सेवाओं को सेवा पात्रता की गणना करते समय नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। 


अदालत ने आवेदकों द्वारा 1996 से दी गई सेवाओं की गणना कर पेंशन भुगतान करने का निर्देश दिया था। जब अदालत के इस आदेश का अनुपालन नहीं किया गया तो याचिकाकर्ताओं ने यह अवमानना याचिका दायर की, जिस पर अदालत ने 11 फरवरी 2022 को विरोधियों को नोटिस जारी किया था। इस पर एक अनुपालन हलफनामा दाखिल किया गया, जिसमें मथुरा के जिलाधिकारी द्वारा 18 अप्रैल 2022 को पारित आदेश की प्रति संलग्न की गई। आदेश में याचिकाकर्ताओं को सेवा का लाभ देने से मना किया गया है। अवमानना याचिका की 26 अप्रैल 2022 को सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा, यह बहुत हैरान करने वाली बात है कि इस अदालत द्वारा स्पष्ट आदेश के बावजूद जिलाधिकारी ने अदालत के आदेश को अनदेखा किया।


 यह अपेक्षित है कि जिलाधिकारी को कानून के मूल सिद्धांत की जानकारी होनी चाहिए कि जब तक आदेश पर स्थगन न हो, वह आदेश प्रभावी रहेगा और अधिकारी उस आदेश का पालन करने को बाध्य हैं। अदालत ने कहा, इस तथ्य के बावजूद मथुरा के डीएम ने जानबूझकर 18 अप्रैल 2022 को आदेश पारित किया, जो कि जिलाधिकारी की ओर से अधिकार का दुरुपयोग और इस अदालत के आदेश का अपमान है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 मई की तारीफ निर्धारित की है।

आजमगढ़ रानी की सराय निर्माणाधीन मकान से खुदाई के दौरान मिले चांदी के सिक्के जमीन के अंदर खजाना होने की चर्चा जंगल में आग की तरह फैली पुलिस कस्टडी में संरक्षित करते हुए पुरातत्व विभाग से खुदाई कराये जाने की उठी मांग


 आजमगढ़ रानी की सराय  निर्माणाधीन मकान से खुदाई के दौरान मिले चांदी के सिक्के


जमीन के अंदर खजाना होने की चर्चा जंगल में आग की तरह फैली


पुलिस कस्टडी में संरक्षित करते हुए पुरातत्व विभाग से खुदाई कराये जाने की उठी मांग



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ रानी की सराय क़स्बा स्थित एक मकान की खुदाई के दौरान पुराने बेशकीमती चांदी के सिक्के व अन्य धातु बरामद होने की चर्चा जंगल में आग की तरह फैल गयी। इन स्थितियों के बीच मांग उठने लगी है कि उस मकान की खुदाई तत्काल रोक दी जाए और पूरी जमीन पुलिस की कस्टडी में संरक्षित करायी जाए। साथ ही पुरातत्व विभाग से उस जमीन की खुदाई करायी जाय इसके पीछे तर्क यह दिया जा रहा है की इस जमीन के नीचे पहले भी काफी मात्रा में सोने व चांदी के सिक्के मिले हैं। 



ऐसे में अगर पुरातत्व विभाग इस जमीन की खुदाई कराता है तो काफी मात्रा में सोने चांदी के सिक्के व अन्य बेशकीमती धातु बरामद हो सकते हैं जो देश की तरक्की व खुशहाली में काम आ सकते हैं। जिला प्रशासन ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है और इसकी जांच एसडीएम सदर को सौंप दी है।



कस्बे के रहने वाले कृष्ण कुमार गुप्त पुत्र स्व0 रघुनाथ प्रसाद गुप्त ने जिला प्रशासन को पत्रक सौंप कर कहा है कि उनका पुराना पुश्तैनी मकान जो इस समय उनके परिवार के ही पंकज व चंदन पुत्रगण गनेश के कब्जे में है। उस मकान के नीचे अकूत दौलत दफन है, जो देशहित में काम आ सकती है, क्योंकि दो हजार के दशक में भी खुदाई में तमाम पुराने सोने-चांदी के सिक्के व अन्य बेशकीमती धातु मिले थे, जिसे गनेश के परिवार के लोग छुपा ले गये। 30 अप्रैल को जमीन की खुदाई के दौरान उसी मकान के नीचे से काफी पुराने चांदी के सिक्के व बहुमूल्य धातुयें मिली। जिसे गनेश के परिवार के लोग छिपा ले गये, मगर मजदूरों के जरिये यह बात सार्वजनिक हो गयी कि घड़े में काफी संख्या में चांदी के सिक्के व बहुमूल्य धातु बरामद हुए हैं। 



सार्वजनिक सूचना के आधार पर रानी की सराय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पंकज व चंदन पुत्रगण स्व0 गनेश से बात की तो पहले वह लोग कुछ भी मिलने से इंकार किये, मगर बाद में पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो वह लोग केवल 17 चांदी के सिक्के मिलने की बात स्वीकार किये। पुलिस इन सिक्कों को थाने पर ले गयी। कृष्ण कुमार का कहना है की उनको आशंका है कि पंकज व चंदन के कब्जे वाले पुश्तैनी मकान के नीचे अकूत पुरातात्विक महत्व के सोने-चांदी के सिक्के व अन्य बेशकीमती धातु मौजूद हैं जो देशहित के काम में आ सकते हैं।



उन्होंने जिला प्रशासन से आग्रह किया की इस संबंध में स्थानीय पुलिस से आख्या तलब कर पंकज व चंदन द्वारा करायी जा रही खुदाई को तत्काल रोकवाते हुए उक्त जमीन को पुलिस कस्टडी में संरक्षित करायी जाय और पुरातत्व विभाग से उक्त मकान की खुदाई करायी जाय, ताकि यदि पुरातात्विक महत्व के बेशकीमती धातु बरामद होते हैं तो वह देशहित में काम आ सकते है। 



जिला प्रशासन ने इस पत्रक को काफी गंभीरता से लिया है। अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने इस सम्बन्ध में एसडीएम सदर को जांच कर आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

आजमगढ़ फूलपुर पुलिस मुठभेड़ में जिलाबदर बदमाश के पैर में लगी गोली दो अन्य सहयोगियों संग पुलिस ने लिया हिरासत में


 आजमगढ़ फूलपुर  पुलिस मुठभेड़ में जिलाबदर बदमाश के पैर में लगी गोली


दो अन्य सहयोगियों संग पुलिस ने लिया हिरासत में



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ फूलपुर पुलिस द्वारा मुठभेड़ के दौरान तीन गौ-तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। मुठभेड़ के दौरान एक जिला बदर गौ-तस्कर के पैर में गोली लगी है। घायल बदमाश को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है। बदमाशों के पास अवैध असलहा व गौ मांस बरामद किया है।



थानाध्यक्ष फूलपुर विवेक कुमार पाण्डेय को आज भोर में सूत्रों के जरिये सूचना मिली कि सरायमीर की तरफ से कुछ लोग अवैध असलहा से लैस होकर गोवंश काटकर, गोमांस को दो मोटर साईकिलों पर लेकर ग्राम अहिरीपुर की तरफ आने वाले है। इस सूचना पर थानाध्यक्ष फूलपुर अपने हमराहियों के साथ ग्राम अहिरीपुर शिवान पुलिया के पास पहुचकर दो टीम बनाते हुए घेराबंद की। कुछ समय बाद अहिरीपुर तिराहे की तरफ से दो मोटर साईकिल आती हुई दिखाई दी. पुलिस टीम द्वारा टार्च की रोशनी से मोटर साईकिल को रुकने का इशारा किया गया जिसपर बदमाशों द्वारा पुलिस पर फायर करना शुरू कर दिया. पर्याप्त चेतावनी के बावजूद अभियुक्तों द्वारा फायर करने की स्थिति में थानाध्यक्ष फूलपुर द्वारा आत्मरक्षार्थ दो राउण्ड फायर किया गया, जिसमें एक बदमाश को गोली लगी और वह घायल होकर गिर गया। 



पुलिस द्वारा घेराबंदी कर तीन बदमाश को गिरफ्तार कर लिया गया। एक तस्कर की पहचान जोरार अहमद पुत्र फिरोज अहमद साकिन पुरा नाजिर थाना फूलपुर के रूप में हुयी। जिसकी तलाशी में 1 तमन्चा 315 बोर व 1 जिन्दा कारतूस 315 बोर बरामद हुआ तथा तमंचे के चेम्बर से 1 मिस कारतूस बरामद व 1 मोटर साइकिल (यूपी 50 एबी 2734) हीरो डीलक्स मोटरसाईकिल की सीट पर पीछे बंधा हुआ लगभग 50 किग्रा0 गोमांस बरामद हुआ।



दूसरे की पहचान नूर आलम पुत्र स्व. कैश निवासी पुरा भिखारी (बरईपुर) थाना फूलपुर चालक मोटर साइकिल नम्बर (यूपी 50 ए0के0 9575) सुपर स्पलेण्डर बरामद हुआ। जबकि तीसरे तस्कर की पहचान अबुजर उर्फ पप्पू पुत्र हसनैन साकिन पुरा नाजिर थाना फूलपुर रूप में हुई, जिसके बायें पैर के घुटने के नीचे गोली लगी है। उसके पास से 1 तमन्चा 315 बोर तथा 2 खोखा कारतूस 315 बोर 1 जिन्दा कारतूस 315 बोर बरामद हुआ।



 घायल बदमाश के बगल में एक प्लास्टिक की बोरी में लगभग 50 किग्रा गोमांस बरामद हुआ। इस आरोपित के ऊपर पूर्व में गोवध व गैंगस्टर के मुकदमे दर्ज हैं एवं वर्तमान में जिला बदर अपराधी है। 


पूछताछ पर बताया कि हम लोग कस्बा सरायमीर कसाई मोहल्ला से गाय काट कर उसी गोमांश को लेकर हम तीनो लोग बेचने के लिए ले जा रहे थे। अभियुक्तों को करीब 1.15 बजे अहिरीपुर शिवान पुलिया से हिरासत पुलिस में लिया गया।

Saturday, 30 April 2022

शाहजहांपुर साहब! एक साल से देह व्यापार करवा रही है सौतेली मां 16 साल की लड़की ने पुलिस को सुनाई जुल्म की दास्तां, 3 गिरफ्तार


 शाहजहांपुर साहब! एक साल से देह व्यापार करवा रही है सौतेली मां


16 साल की लड़की ने पुलिस को सुनाई जुल्म की दास्तां, 3  गिरफ्तार



उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में एक सौतेली मां द्वारा दो सहयोगियों के साथ मिलकर अपनी 16 वर्षीय बेटी को बंधक बनाकर कथित रूप से देह व्यापार कराये जाने का मामला सामने आया है।



 पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी महिलाओं की तलाश कर रही है।पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) संजीव बाजपेई ने शनिवार को बताया कि पुवायां थाने में शुक्रवार रात को पहुंची एक 16 वर्षीय किशोरी ने आरोप लगाया कि उसकी सौतेली मां उससे पिछले एक वर्ष से देह व्यापार करा रही है।



उन्होंने पुलिस में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के हवाले से बताया कि किशोरी से उसकी सौतेली मां सरला देवी तथा मुन्नी देवी एवं मिथिलेश एक साल से देह व्यापार करा रही थी। शिकायत के मुताबिक किशोरी को बंधक बनाकर रखा जाता तथा कड़ी निगरानी की जाती है। किशोरी का आरोप है कि डरा धमकाकर लोगों के साथ संबंध बनाने के लिए उसे बाध्य किया जा रहा था।



 बाजपेई ने बताया कि किशोरी की सौतेली मां उसको मिथिलेश के घर ले गई, जहां तीन दिनों से उसे लगातार लोगों के साथ संबंध बनाने पड़ रहे थे। तभी मौका पाकर वह शुक्रवार रात में भागकर थाना पुवायां पहुंच गई और उसने पुलिस को आपबीती बताई। उन्होंने बताया कि पुलिस ने किशोरी की सौतेली मां सरला देवी, मुन्नी देवी एवं मिथिलेश के विरुद्ध पॉक्सो सहित देह व्यापार अधिनियम के अलावा गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर किशोरी को चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेजा है।



 एसपी ने बताया कि एक टीम गठित कर आरोपी महिलाओं की तलाश की जा रही है। बाजपेई ने बताया कि किशोरी का पिता पीलीभीत जिले के पूरनपुर कस्बे का रहने वाला है। जब किशोरी दो वर्ष की थी तभी उसकी मां की मौत हो गई। इसी बीच किशोरी के पिता सरला से दूसरी शादी कर ली। शादी के बाद सौतेली मां सरला ने साथ रह रही किशोरी को देह व्यापार के धंधे में उतार दिया।

लखनऊ योगी सरकार ने प्रयागराज के सहायक नगर आयुक्‍त, आगरा के बीएसए सहित कई अधिकारियों को किया सस्पेंड


 लखनऊ योगी सरकार ने प्रयागराज के सहायक नगर आयुक्‍त, आगरा के बीएसए सहित कई अधिकारियों को किया सस्पेंड


उत्तर प्रदेश लखनऊ योगी आदित्‍यनाथ सरकार 2.0 लगातार ऐक्‍शन में है। सरकार ने नगर विकास विभाग के सात अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की है। 


इनमें प्रयागराज के सहायक नगर आयुक्त राज कुमार गुप्ता (तत्कालीन अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद, संभल) को निलंबित कर दिया गया है। गुप्ता पर सम्भल में रहने के दौरान वाहनों के क्रय, पंजीयन में अनियमित भुगतान का आरोप है। 


इसके अलावा छह अन्य नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए उन्हें चार्जशीट दी गयी है।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरों टॉलरेंस की नीति के तहत यह कार्रवाई अपर मुख्य सचिव नगर विकास डा.रजनीश दुबे ने की है। इन अफसरों पर वित्तीय अनियमितता बरतने, विकास कार्यों में लापरवाही बरतने, मानक के विरुद्ध निर्माण कार्य करवाने समेत कई अन्य गंभीर आरोप हैं। विभागीय कार्रवाई की चपेट में आने वाले अफसरों में टाण्डा नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी राम पूजन श्रीवास्तव, सम्प्रति अधिशासी अधिकारी शामिल हैं। उन पर अनियमितताओं का आरोप है।



अलीगढ़ की जलाली नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी राज कुमार पर भी बारातशाला में नवीनीकरण में अनियमितता का आरोप है।


 जालौन की नगर पंचायत कदौरा के अधिशासी अधिकारी सुनील कुमार सिंह पर एनजीटी के कामकाज और कान्हा गौशाला प्रबंधन में लापरवाही बरतने का आरोप है।


 बरेली जिले की नगर पंचायत धौर टाण्डा के अधिशासी अधिकारी देवेन्द्र प्रताप गौतम पर निर्माण कार्यों में खराब गुणवत्ता की शिकायत है। 



हमीरपुर की गोहान नगर पालिका परिषद की अधिकारी दीपालिका यादव पर औरैया में कार्यकाल के दौरान अनियमिताओं का आरोप है।



आगरा के बीएसए सतीश कुमार निलम्बित कर दिए गए हैं। उन्होंने हमीरपुर में तैनाती के दौरान शासन स्तर पर स्थानांतरण, पदस्थापन, सम्बद्धीकरण पर रोक होने के बाद भी नियमविरुद्ध विद्यालय व ब्लॉक परिवर्तन किया। अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में शिक्षकों के लिए जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया लेकिन सतीश कुमार ने बिना चयन समिति के अनुमोदन के कुछ शिक्षकों का स्कूल या ब्लॉक बदल दिया। उन्होंने नियम विरुद्ध किए गए तबादले को डिस्पैच रजिस्टर में भी नहीं अंकित किया। प्रारम्भिक जांच में सतीश कुमार ने न तो सहयोग किया और न ही कोई अभिलेख उपलब्ध कराएं।



ओवर रेटिंग में लापरवाह बस्ती के आबकारी निरीक्षक निलंबित

शराब और बीयर की दुकानों पर अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक दाम वसूल किए जाने की शिकायतों पर कार्रवाई न करने पर बस्ती जिले के एक आबकारी निरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है। आबकारी आयुक्त सेंथिल पाण्डियन सी ने यह कार्रवाई की है। विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार बस्ती ओवर रेटिंग की शिकायत प्राप्त होने पर अन्य जिलों से टीमें भेज कर जांच कराई गई। जांच में दो दुकानों पर ओवर रेट पाये जाने पर क्षेत्रीय आबकारी निरीक्षक संजय कुमार को तत्काल प्रभाव से निलम्बित करते हुए उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही शुरू की गई है।