Thursday, 11 September 2025

आजमगढ़ सिधारी सब इंस्पेक्टर ने पूनम पाण्डेय के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा फर्जी फोटो के जरिए शिकायत में धोखाधड़ी का आरोप, पुलिस ने शुरू की जांच


 आजमगढ़ सिधारी सब इंस्पेक्टर ने पूनम पाण्डेय के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा




फर्जी फोटो के जरिए शिकायत में धोखाधड़ी का आरोप, पुलिस ने शुरू की जांच




उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के जनशिकायत प्रकोष्ठ में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें आवेदिका पूनम पाण्डेय पर फर्जी फोटो के जरिए अनुचित लाभ लेने के लिए शिकायत दर्ज करने का आरोप लगा है। 


जनशिकायत प्रकोष्ठ के प्रभारी आदित्य सिंह, सब-इंस्पेक्टर, ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि पूनम पाण्डेय, पत्नी राम जी पाण्डेय, निवासी ग्राम भागमलपुर, पोस्ट शाहगढ़, ने 27 अगस्त 2025 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की जनसुनवाई में एक प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। इस प्रार्थना पत्र में पूनम ने अपने ही गांव के कैलाश प्रजापति, धर्मेंद्र, और सुधीर पाण्डेय पर घर में जबरदस्ती घुसकर छेड़खानी और अन्य गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत के साथ उन्होंने अपने शरीर पर चोट के निशान दिखाने वाली एक फोटोग्राफ भी संलग्न की थी।



हालांकि, जांच के दौरान जनशिकायत प्रकोष्ठ ने पाया कि पूनम द्वारा संलग्न फोटो, रानी देवी (पत्नी उपेंद्रनाथ चौहान) द्वारा 11 अगस्त 2025 को दाखिल एक अन्य प्रार्थना पत्र में दी गई फोटो से मिलती-जुलती है। जिससे प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि पूनम ने किसी अन्य की फोटो को अनुचित तरीके से प्राप्त कर उसमें छेड़छाड़ की और अपने प्रार्थना पत्र में गलत उद्देश्य से उपयोग किया। इस मामले में प्रभारी निरीक्षक ने 10 सितंबर 2025 को अभियोग पंजीकृत करने का आदेश दिया है। पूनम पांडेय के खिलाफ सिधारी थाना पुलिस ने दिनांक 11/09/2025 को मुकदमा अपराध संख्या 426/2025 अंतर्गत धारा 217, 318 (4) BNS के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। और प्रकरण की जांच कर रही है।

आजमगढ़/प्रतापगढ़ समाज कल्याण अधिकारी का फंदे से लटका मिला शव घटना से पूर्व पत्नी से फोन पर हुआ था विवाद


 आजमगढ़/प्रतापगढ़ समाज कल्याण अधिकारी का फंदे से लटका मिला शव




घटना से पूर्व पत्नी से फोन पर हुआ था विवाद



उत्तर प्रदेश, आजमगढ़/प्रतापगढ़ जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र के पूरे केशवराय गांव में आजमगढ़ जिले में तैनात जिला समाज कल्याण अधिकारी आशीष सिंह (40) ने गुरुवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आशीष की पत्नी क्षमता वर्तमान में सुल्तानपुर जिले में अपने मायके में हैं। बताया जा रहा है कि पति-पत्नी के बीच फोन पर किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद आशीष ने यह आत्मघाती कदम उठाया।


जानकारी के मुताबिक, आशीष सिंह पिछले शनिवार को आजमगढ़ से अपने गांव आए थे और गुरुवार को ड्यूटी पर वापस जाने की तैयारी कर रहे थे। ग्राम प्रधान शिवाजीत सिंह ने बताया कि आशीष, गांव के राम बहादुर सिंह के पुत्र थे और आजमगढ़ में जिला समाज कल्याण अधिकारी के पद पर कार्यरत थे। उनके तीन वर्षीय एक बेटा भी है। गुरुवार को पत्नी के साथ फोन पर हुए विवाद के बाद आशीष ने घर में जाकर फांसी के फंदे से लटककर अपनी जान दे दी।


पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल सका है और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। इस दुखद घटना से गांव में शोक की लहर है।

आजमगढ़ सरायमीर संदिग्ध परिस्थितियों में शिक्षक की हुई मौत दवा लेकर पहुंची पत्नी तो कमरे में चुनरी के सहारे लटक रहा था शिक्षक का शव


 आजमगढ़ सरायमीर संदिग्ध परिस्थितियों में शिक्षक की हुई मौत



दवा लेकर पहुंची पत्नी तो कमरे में चुनरी के सहारे लटक रहा था शिक्षक का शव



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के सरायमीर थाना क्षेत्र के फरहामऊ रंगडीह गांव में बुधवार सुबह 37 वर्षीय शिक्षक अमित कुमार ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। अमित मूल रूप से दीदारगंज थाना क्षेत्र के नगर पंचायत मार्टीनगंज स्थित अटल नगर के निवासी थे और वर्तमान में जौनपुर जिले के खेतासराय थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय भदैनी में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे।



पुलिस सूत्रों के अनुसार, अमित पिछले कुछ दिनों से अपने ससुराल फरहामऊ रंगडीह गांव में रह रहे थे। घटना वाले दिन सुबह टहलने के बाद वह अपने कमरे में गए। उनकी पत्नी पूनम जब दवा लेकर कमरे में पहुंची तो देखा कि अमित रोशनदान से चुनरी के सहारे लटक रहे हैं। यह देखकर परिवार में कोहराम मच गया।


घटना की सूचना मिलते ही सरायमीर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अमित के ससुर त्रिभुवन ने बताया कि वह 8 सितंबर 2025 को ही ससुराल आए थे। इस अचानक हुई घटना से परिवार सदमे में है और गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

Wednesday, 10 September 2025

आजमगढ़ लालगंज विदेश में हैं जमीन का मालिक, बैनामा करने पहुंच गये जालसाल सब-रजिस्ट्रार के सवालों पर हकीकत आई सामने, मौके से भागे आरोपी


 आजमगढ़ लालगंज विदेश में हैं जमीन का मालिक, बैनामा करने पहुंच गये जालसाल




सब-रजिस्ट्रार के सवालों पर हकीकत आई सामने, मौके से भागे आरोपी




उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के लालगंज तहसील परिसर में मंगलवार की शाम एक फर्जी बैनामा होने से सब-रजिस्ट्रार सुनील कुमार की सजगता के कारण बच गया। घटना की चर्चा बुधवार को तहसील परिसर में जोरों पर रही। 


जानकारी के अनुसार, तहसील क्षेत्र के सरावां गांव निवासी शिवकुमार, पुत्र रामनरायन, जो रोजी-रोटी के सिलसिले में विदेश में रहते हैं, की जमीन (आराजी नंबर 183, रकबा 1.0820 हेक्टेयर) के उनके आधे हिस्से को 12 लाख रुपये में बेचने का फर्जी दस्तावेज तैयार किया गया था। दस्तावेज में क्रेता के रूप में सुभाषा देवी, पत्नी ओमप्रकाश (भोजूबीर, वाराणसी) और रामबाबू पटेल, पुत्र मनोज (बनपुरवा, वाराणसी) का नाम था, जबकि गवाहों में छविनाथ, पुत्र मोनू और आकाश यादव, पुत्र राजन (कसड़ा, पतेरवा, राजातालाब, वाराणसी) शामिल थे। लेन-देन 12 लाख रुपये बैंक के माध्यम से दशार्या गया था। मंगलवार शाम को दस्तावेज पंजीकरण के लिए पेश किया गया, लेकिन सब-रजिस्ट्रार सुनील कुमार ने दस्तावेजों की बारीकी से जांच शुरू की। उन्होंने बिक्रेता से आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक पासबुक मांगी। जांच के दौरान पैन कार्ड पुराना निकला और उसमें मौजूद फोटो में बिक्रेता द्वारा पहनी गई शर्ट वही थी, जो कथित बिक्रेता ने उस समय पहन रखी थी। इस पर सब-रजिस्ट्रार ने शर्ट के बारे में सवाल किए, जिससे जालसाजों को शक हुआ और वे धीरे-धीरे बहाना बनाकर मौके से फरार हो गए। क्रेता के मौजूद न होने और समय की कमी के कारण बैनामा पंजीकृत नहीं हो सका।


 अधिवक्ता ने अगले दिन दस्तावेज पेश करने की बात कहकर दस्तावेज ले लिया। बाद में पता चला कि शिवकुमार विदेश में हैं और बैनामा पूरी तरह फर्जी था। इस घटना में शामिल सभी लोग और अधिवक्ता वाराणसी से आए थे।

आजमगढ़ सठियांव लाखों के गबन के आरोप में बीएमएम की सेवा समाप्त महिलाओं की शिकायत के बाद जांच में संदीप गुप्ता पाए गए दोषी


 आजमगढ़ सठियांव लाखों के गबन के आरोप में बीएमएम की सेवा समाप्त



महिलाओं की शिकायत के बाद जांच में संदीप गुप्ता पाए गए दोषी



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत सठियांव ब्लॉक में लाखों रुपये के गबन के मामले में ब्लॉक मिशन मैनेजर (बीएमएम) संदीप गुप्ता की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। ग्राम पंचायत अवांव, केरमा और लोहरा की महिलाओं की शिकायत के बाद जांच में संदीप गुप्ता प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए।



राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, ग्राम्य विकास उप्र. के संयुक्त मिशन निदेशक जनमेजय शुक्ला ने आयुक्त आजमगढ़ मंडल के निर्देश पर गठित जांच समिति के निष्कर्षों के आधार पर यह कार्रवाई की। खंड विकास अधिकारी सठियांव और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में हुई जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।


जांच में पाया गया कि बीएमएम संदीप गुप्ता ने महिला स्वयं सहायता समूहों से अवैध वसूली की, मानदेय वितरण में गड़बड़ी की और अभद्र व्यवहार किया। शिकायतकर्ता मोनू सिंह से बीमा के नाम पर 8,000 रुपये लिए गए, जिसका बीएमएम कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। प्रीति तिवारी ने पदाधिकारियों के मनमाने बदलाव और बैंक सखी सुगंता देवी को अनुचित लाभ पहुंचाने की शिकायत की, जो सही पाई गई।


प्रमिला देवी ने आरोप लगाया कि उनके समूह से 50,000 रुपये निकाले गए, जिसमें से 45,000 रुपये बीएमएम ने अपने पास रख लिए। प्रियंका कुमारी ने वीडियो साक्ष्य प्रस्तुत किया, जिसमें मानदेय से 9,000 रुपये बीएमएम को देने की पुष्टि हुई। सहायक विकास अधिकारी ने भी स्वीकार किया कि समूह की महिलाएं लगातार संदीप गुप्ता के खिलाफ शिकायत करती रही हैं।

जांच में यह भी सामने आया कि सुगंता देवी को बार-बार मानदेय दिलाया गया, जबकि अन्य बैंक सखियों का भुगतान रोका गया। जांच समिति ने बीएमएम द्वारा प्रस्तुत आख्या को मनगढ़ंत और तथ्यहीन करार दिया। इसके आधार पर संदीप गुप्ता को दोषी ठहराया गया और प्रकरण को आगे की कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है।

Tuesday, 9 September 2025

आजमगढ़ अजीत राय हत्याकाण्ड के 6 आरोपियों को आजीवन कारावास छात्र संघ के चुनाव के दौरान विवाद के बाद गोली मारकर की गई थी हत्या

आजमगढ़ अजीत राय हत्याकाण्ड के 6 आरोपियों को आजीवन कारावास



छात्र संघ के चुनाव के दौरान विवाद के बाद गोली मारकर की गई थी हत्या



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में 21 वर्ष पूर्व छात्र संघ चुनाव के रंजिश को लेकर अजीत राय हत्याकांड के मुकदमे में सुनवाई के बाद अदालत में छह आरोपियों को आजीवन कारावास तथा प्रत्येक को 45000 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड की आधी राशि मृतक अजीत राय के परिजनों को दी जाएगी। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर 1 अजय कुमार शाही ने मंगलवार को सुनाया। 



अभियोजन पक्ष के अनुसार निजामाबाद थाना क्षेत्र के टुंडवल गांव का निवासी अजीत राय शिब्ली नेशनल पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज का बी एस सी थर्ड ईयर का छात्र था। 2004 के छात्रसंघ के होने वाले चुनाव में महामंत्री पद का भावी प्रत्याशी था। इस चुनावी रंजिश को लेकर 9 सितंबर 2004 के दिन ग्यारह बजे शिब्ली इंटर कॉलेज के गेट पर मोहम्मद दानिश पुत्र मुमताज अहमद निवासी नई बस्ती,शाह समर यासीन पुत्र नसीम निवासी पहाड़पुर मोहम्मद शारिक तथा मोहम्मद सादिक पुत्रगण मोहम्मद साबिर,इरफान पुत्र लल्लन निवासी निराला नगर, सादिक खान पुत्र वकील गफ्फार निवासी ग्राम टोला तथा जकारिया मास्टर का लड़का रिंकू जकारिया निवासी बदरका लाठी डंडा से अजीत को मारने लगे।


 रिंकू जकरिया के ललकारने पर मोहम्मद दानिश ने कट्टे से अजीत पर फायर कर दिया। उसके बाद सभी एक कार से भाग निकले।अस्पताल ले जाते ले जाते अजीत राय की मृत्यु हो गई। घटना के दिन अजीत राय को राशन पहुंचाने आए उसके चाचा देवेंद्र राय ने शहर कोतवाली में रिपोर्ट लिखाई।इस रिपोर्ट में उन्होंने विद्यालय के प्रिंसिपल मोहम्मद इफ्तखार खान तथा फिजिक्स डिपार्टमेंट के हेड मोहम्मद जकरिया को भी इस घटना के साजिश का आरोपी बताया। दिनदहाड़े हुई इस घटना से पूरे इलाके में अफरा तफरी फैल गई। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद पुलिस ने आठ आरोपियों के विरुद्ध चार्ज शीट न्यायालय में प्रेषित किया।


 अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता गोपाल पांडेय तथा सीबीसीआईडी के अधिवक्ता ने कुल 16 गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों के दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी मोहम्मद दानिश पुत्र मुमताज, मोहम्मद दानिश पुत्र शाह समीम,शाह समर नसीम,मोहम्मद सारिक, सादिक खान उर्फ रशीद तथा रिंकू जकरिया को आजीवन कारावास तथा प्रत्येक पर 45000 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।

 

आजमगढ़ देवगांव हनुमान मंदिर से 21 किलो पीतल का घंटा, गदा और नकदी उड़ा ले गए चोर दूसरी बार मंदिर में चोरी होने से ग्रामीणों में आक्रोश


 आजमगढ़ देवगांव हनुमान मंदिर से 21 किलो पीतल का घंटा, गदा और नकदी उड़ा ले गए चोर



दूसरी बार मंदिर में चोरी होने से ग्रामीणों में आक्रोश




उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के देवगांव कोतवाली क्षेत्र के श्रीकांतपुर गांव में स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में रविवार देर रात चोरों ने सेंधमारी कर दी। चोरों ने मंदिर के बहुमूल्य सामान और दानपात्र से नकदी पर हाथ साफ कर लिया। यह घटना गांव में सनसनी फैला रही है, क्योंकि स्थानीय निवासी लखन उपाध्याय के अनुसार यह मंदिर में चोरी की दूसरी घटना है।


मंदिर के पुजारी सर्वेश तिवारी (पुत्र स्वर्गीय त्रिभुवन तिवारी) ने सोमवार तड़के करीब 5 बजे रोजाना की तरह पूजा के लिए मंदिर पहुंचे तो उन्हें चोरी का अंदेशा हुआ। उन्होंने मंदिर में रखे एक 21 किलोग्राम वजनी पीतल का घंटा, एक 11 किलोग्राम वजनी पीतल का घंटा, 11 किलोग्राम वजनी पीतल का हनुमान जी का गदा, एक इनवर्टर, एक बैटरी के साथ ही दानपात्र की पेटी से नकदी गायब मिली। पुजारी ने तत्काल ग्रामीणों को सूचना दी, जिन्होंने इमरजेंसी नंबर 112 पर कॉल कर पुलिस को बुलाया।


मौके पर पहुंची देवगांव कोतवाली पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और जांच शुरू कर दी है। कोतवाल विनय प्रकाश राय ने बताया कि मंदिर में चोरी की घटना की पुष्टि हो गई है, लेकिन अभी तक कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलते ही अज्ञात चोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और आसपास के सुरागों की तलाश में जुटी हुई है।