Wednesday, 10 January 2024

आजमगढ़ सरायमीर पत्नी का गला रेतकर उतारा था मौत के घाट कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा, लगाया 50 हजार का अर्थदण्ड


 आजमगढ़ सरायमीर पत्नी का गला रेतकर उतारा था मौत के घाट


कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा, लगाया 50 हजार का अर्थदण्ड


उत्तर प्रदेश आजमगढ़ पत्नी की गला रेत कर हत्या किए जाने के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने आरोपी पति को आजीवन कारावास तथा पचास हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर छ रामानंद ने बुधवार को सुनाया।


 अभियोजन पक्ष के अनुसार सरायमीर थाना क्षेत्र के निवासी डॉ अब्दुल रज्जाक की पुत्री तरन्नुम अपने पति मुजीबुर्रहमान के साथ सरायमीर कस्बे के पठान टोला मोहल्ले में रहती थी। पति-पत्नी के बीच मामूली से विवाद को लेकर मुजीबुर्रहमान पुत्र हाजी जहीरुलहक ने 20 अप्रैल 2016 की शाम चार बजे अपनी पत्नी तरन्नुम पर चाकू से बुरी तरह से हमला करके उसकी गर्दन रेत दी। जिससे मौके पर ही तरन्नुम की मौत हो गई। पुलिस से जांच पूरी करने के बाद आरोपी पति के विरुद्ध के चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित किया।


 अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता श्रीश कुमार चौहान ने अब्दुल रज्जाक,मोहम्मद साबिर,मोहिउद्दीन, अजीजुर्रहमान, डॉक्टर एस के कुशवाहा, उप निरीक्षक बांके बहादुर सिंह तथा इंस्पेक्टर अश्वनी पांडे को बतौर साक्षी न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी मुजीबुर्रहमान को आजीवन कारावास तथा पचास हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।

सीतापुर शर्मनाक , सास की चिता पर बैठ गई बड़ी बहू परिवार के सामने रखी ऐ डिमांड, मचा हड़कंप


 सीतापुर शर्मनाक , सास की चिता पर बैठ गई बड़ी बहू


परिवार के सामने रखी ऐ डिमांड, मचा हड़कंप



उत्तर प्रदेश सीतापुर में एक अजब मामला सामने आया। जहां एक वृद्धा की मौत के बाद बेटे और बहूओं के बीच संपत्ति बंटवारे का विवाद हो गया। दोनों पक्षों में झगड़ा इस कदर बढ़ गया कि बड़ी बहू सास की चिता पर जाकर बैठ गई। समझाने-बुझाने के बाद भी जब नहीं मानी तो अंत में पुलिस को बुलाना पड़ा। जिसके बाद बहू चिता से हटी। इस कारण अंतिम संस्कार करीब 5 घंटे तक रुका रहा।


ऐ घटना कमलापुर के लुधौरा का है। दरअसल मायादेवी पत्नी स्व. गजोधर काफी समय से बीमार थी जो अपने छोटे पुत्र ज्ञानेंद्र सिंह के पास रह रही थी। महिला की रविवार देर शाम को हृदयगति रुकने से मौत हो गई थी। जिसके बाद से सोमवार की सुबह अंतिम संस्कार से पहले भाइयों के बीच संपत्ति बंटवारे को लेकर बवाल हो गया। शव रखा रहा और उनके बेटे संपत्ति को लेकर झगड़ते रहे। इस बीच शव अंतिम संस्कार के लिए छोटे बेटे ने ले जाना चाहा तो बड़ी बहू ने हंगामा कर दिया।


देखते देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मृतका के बड़े पुत्र राघवेन्द्र सिंह की पत्नी शव के साथ चिता पर बैठ गई। उसका कहना था कि सम्पत्ति में हिस्सा मिलने पर ही अन्तिम संस्कार होने देगी। इसके बाद मृतका के छोटे बेटे ने वीडियो बना ली और उसे पुलिस को भेजकर मां के अंतिम संस्कार करने में मदद करने की गुहार लगाई। कमलापुर पुलिस मौके पर पहुंची व बेटों को समझने के बाद करीब पांच घंटे बाद महिला का अंतिम संस्कार किया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि बुजुर्ग के बेटे और बेटियों से समझाकर ग्रामीणों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार करवाया गया है।

आजमगढ़ अहरौला आपरेशन के दौरान प्रसूता की मौत परिजनों का आरोप, बिना परिजनों के अनुमति के ही कर डाला ऑपरेशन


 आजमगढ़ अहरौला आपरेशन के दौरान प्रसूता की मौत


परिजनों का आरोप, बिना परिजनों के अनुमति के ही कर डाला ऑपरेशन



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ अहरौला थाना क्षेत्र के हसनाडीह गांव निवासिनी पुष्पा देवी 25 वर्ष पत्नी शैलेंद्र को डिलेवरी का समय नजदीक आने पर बाजार मेहियापार के एक प्राइवेट अस्पताल में 7 जनवरी को भर्ती कराया गया। परिजनों के अनुसार बीते सोमवार की रात अस्पताल के डाक्टर द्वारा प्रसूता को भर्ती कराकर ऑपरेशन करने की बात कही गयी, परिवार वालों की अनुमति न देने के बावजूद उसका ऑपरेशन भी कर दिया गया। बच्चा तो सुरक्षित रहा लेकिन ऑपरेशन के दौरान ही प्रसूता की मौत हो गई थी लेकिन डॉक्टर इस बात को छुपाते रहे और होश में आने पर ही मिलने की बात कहकर टालते रहे। जब मामला उनके हाथ से बाहर निकल गया तो वह घबरा गए और आनन-फानन में परिजनों को बहकावे में रखने के लिए अपनी गाड़ी में ही पत्नी को लेकर आजमगढ़ के अस्पताल में पहुंच गए जहां डॉक्टर ने प्रसूता के जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। इसके बाद डॉक्टर वहां से फरार भी हो गया। अभी 2 साल पहले ही पुष्पा की शादी हुई थी और यह उसका पहला बच्चा था।


 परिजनों द्वारा अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जबरिया ऑपरेशन करने का आरोप लगाया है। पति का कहना है कि हमने गांव की आशा को भी इसकी सूचना दी थी उनके द्वारा सीएचसी पर न ले जाकर वहीं पर भर्ती करने का सुझाव दिया। पति शैलेंद्र द्वारा अहरौला थाना पर लिखित तहरीर दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस को शव घंटे भर की मशक्कत के बाद कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस द्वारा डाक्टर के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा और कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।

आजमगढ़ फूलपुर अम्बारी 7 किमी तक मौत से जूझती रही जिंदगी खोरासन रोड क्रासिंग पर ट्रेन की इंजन में फंसा अधेड़


 आजमगढ़ फूलपुर अम्बारी 7 किमी तक मौत से जूझती रही जिंदगी


खोरासन रोड क्रासिंग पर ट्रेन की इंजन में फंसा अधेड़




उत्तर प्रदेश आजमगढ़ फूलपुर सोमवार को दोपहर बाद लगभग 3 बजे डायवर्टेड एक्सप्रेस ट्रेन के इंजन में फंसकर अधेड़ की दर्दनाक मौत हो गयी। मृतक फूलपुर बाजार से घर जा रहा था, बंद क्रासिंग को पार करते समय वह ट्रेन की चपेट में आ गया। वह इंजन में फंसकर खोरासन रोड से दीदारगंज रोड अंबारी तक घसीटता चला गया।


जानकारी के अनुसार मैनुद्दीन 75 पुत्र रफी निवासी टेऊँगा कोतवाली फूलपुर किसी काम से फूलपुर गए हुए थे। इस बीच डायवर्टेड ट्रेन गोरखपुर यशवंतपुर एक्सप्रेस के लिए खोरासन रोड की क्रासिंग बंद थी। बंद क्रासिंग को पार करते समय मैनुद्दीन ट्रेन के इंजन में फंस गए। ट्रेन उन्हें 7 किमी तक घसीटते हुए दीदारगंज रोड अम्बारी तक ले आयी। सूचना मिलने पर परिजन एंबुलेंस लेकर अंबारी आए। खुद ट्रेन के इंजन से शव को अलग किए और अपने साथ ले गए। दीदारगंज रोड अंबारी पर ट्रेन 42 मिनट तक खड़ी रही। मैनुद्दीन अपने पीछे 3 पुत्र और एक पुत्री छोड़ गए हैं। सभी की शादी हो गयी है। दीदारगंज रोड रेलवे स्टेशन मास्टर सतीश कुमार ने बताया कि यह डायवर्टेड ट्रेन थी।

Tuesday, 9 January 2024

आज़मगढ़ मण्डलायुक्त ने किया महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय का निरीक्षण कार्यों की गति धीमी नहीं पड़नी चाहिए, दी गयी समयावधि के अन्दर पूरा हो कार्य-मण्डलायुक्त


 आज़मगढ़ मण्डलायुक्त ने किया महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय का निरीक्षण



कार्यों की गति धीमी नहीं पड़नी चाहिए, दी गयी समयावधि के अन्दर पूरा हो कार्य-मण्डलायुक्त



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ मण्डालयुक्त मनीष चौहान ने मंगलवार को तहसील सदर के अन्तर्गत ग्राम अस्पालपुर-आजमबॉध में निर्माणाधीन महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय के निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। अपने निरीक्षण के क्रम में उन्होंने सर्वप्रथम विश्वविद्यालय से ग्राम समेंदा तक मुख्य मार्ग को जोड़ने वाली निर्माणाधीन 2.4 किमी लम्बी फोर लेन सड़क का मुआयना किया, जहॉं कार्य प्रगति पर पाया गया। फोरलेन सड़का का कार्य विलम्बित होने के सम्बन्ध में मुख्य अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग ने बताया मिट्टी गीली होने के कारण कार्य कुछ बाधित हुआ है, परन्तु मिट्टी शीघ्र सुखाने के लिए चूना आदि की व्यवस्था कर ली गयी है तथा सड़का निर्माण का कार्य इस माह में पूर्ण करा लिया जायेगा।


 मण्डलायुक्त श्री चौहान ने प्रशासनिक भवन में 3डी मॉडल के अवलोकन के दौरान अकेडमिक भवन, आवासीय भवन, छात्रावास आदि की निर्माण प्रगति की विस्तार से समीक्षा किया। विश्वविद्यालय की कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग निर्माण खण्ड-5 के अधिशासी अभियन्ता द्वारा अवगत कराया गया कि साइट पार्ट-1 में कार्य अन्तिम चरण में है तथा साईट पार्ट-2 में भी कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। अकेडमिक भवन में बाहरी पेंटिंग का कार्य चल रहा है, जो 3-4 दिनों में पूर्ण हो जायेगा।


 अधिशासी अभियन्ता ने बताया कि लैण्ड स्केपिंग हो गयी है तथा हैण्डओवर के यूनिवर्सिटी की टीम का भी गठन हो चुका है। उन्होंने कहा कि आवासीय भवन को इस माह के अन्त तक पूरा कर लिया जायेगा।


मण्डलायुक्त श्री चौहान ने इस प्रशासनिक भवन तथा आवासीय भवनों का भ्रमण किया तथा कक्षों की जानकारी ली। उन्होंने मुख्य अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग तथा अधिशासी अभियन्ता, निर्माण खण्ड एवं निर्माण खण्ड-5 को निर्देशित किया कि किसी भी दशा में कार्यों की गति धीमी नहीं पड़नी चाहिए तथा जो समयावधि दी गयी है उसके अन्दर सभी निर्माण कार्य पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाय। इस अवसर पर मुख्य अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग योगेन्द्र सिंह, अधिशासी अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग निर्माण खण्ड-5 उदय प्रताप सिंह, अधिशासी अभियन्ता, निर्माण खण्ड संकर्षण लाल, सहायक अभियन्ता अंकिता शाही एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

आजमगढ़ निजामाबाद फरिहा नसबंदी के बाद महिला की हालत बिगड़ने से मौत परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का लगाया आरोप


 आजमगढ़ निजामाबाद फरिहा नसबंदी के बाद महिला की हालत बिगड़ने से मौत


परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का लगाया आरोप



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ नसबंदी के बाद एक महिला की हालत बिगड़ी और फिर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों ने नसबंदी करने वाले डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया है। इसके साथ ही उसने महिला की मौत पर उसे नसबंदी के लिए ले जाने वाली आशा बहू व अन्य के खिलाफ थाने पर तहरीर देकर मुकदमा भी पंजीकृत कराया। वहीं सीएचसी प्रभारी ने नसबंदी में लापरवाही से इंकार किया और कहा कि किन्हीं अन्य कारणों से महिला की मौत हुई है।


 निजामाबाद थाना क्षेत्र के फरिहां दक्षिण बस्ती निवासिनी सुभावती देवी 36 का 5 जनवरी 2024 को सीएचसी रानी की सराय पर लगे कैंप में नसबंदी का आपरेशन हुआ था। उसे गांव की आशा बहु इंद्रावती ब्लाक पर लेकर गई थी। नसबंदी आपरेशन के बाद 5 जनवरी 2024 की देर शाम उसे घर पहुंचा दिया गया। छह को उसकी तबीयत खराब हुई तो पुनः सीएचसी पर दिखाया गया। जहां तबीयत में सुधार न होने पर उसे जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला महिला अस्पताल से उसे 7 जनवरी 2024 को राजकीय मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया। जहां इलाज के दौरान सोमवार की रात सुभावती की मौत हो गई।


 मृतका के पति सेवालाल का आरोप है कि उसकी पत्नी के आपरेशन में लापरवाही हुई और बिना उसकी अनुमति के ही आपरेशन कराया गया। उसने बताया कि आपरेशन के बाद उसकी पत्नी को पूरे दिन एंबुलेंस में बैठा कर घुमाने के बाद देर शाम घर छोड़ा गया। सुभावती दिव्यांग थी वह तीन पुत्री व एक पुत्र की मां थी। सुभावती की मौत से परिजनो में कोहराम मच गया है। पति ने इस बाबत आशा बहु व अस्पताल प्रशासन के खिलाफ थाने में तहरीर भी दिया है।


चिकित्सा अधीक्षक, सीएचसी रानी की सराय डॉ. मनीष तिवारी ने बताया कि महिला की मौत नसबंदी आपरेशन के कारण नहीं हुई है। उसे शौच करने में पहले से परेशानी थी, जिसके बारे में उसने आपरेशन के पूर्व कुछ बताया नहीं था। संभवतः उसकी कारण से महिला की मौत हुई है।


थाना प्रभारी, निजामाबाद सच्चिदानंद यादव ने बताया कि मृतका के पति की तहरीर पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया गया है। इसके साथ ही सीएमओ को भी सूचना दे दी गई है। पोस्टमार्टम व सीएमओ के जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

उत्तर प्रदेश 6 आईपीएस अफसरों का हुआ तबादला जें रवींद्र गौड़ आगरा के नए कमिश्नर बने


 उत्तर प्रदेश 6 आईपीएस अफसरों का हुआ तबादला



जें रवींद्र गौड़ आगरा के नए कमिश्नर बने



लखनऊ उत्तर प्रदेश शासन ने मंगलवार को छह आईपीएस अफसरों का तबादला कर दिया जिसमें आगरा के कमिश्नर डॉ. प्रीतिंदर सिंह शामिल हैं। उनकी जगह गोरखपुर के आईजी रेंज जें रवींद्र गौड़ को आगरा का नया कमिश्नर बनाया गया है। प्रीतिंदर सिंह को डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध किया गया है।


 इसके अलावा प्रयागराज के आईजी रेंज प्रशांत कुमार द्वितीय को अभिसूचना मुख्यालय भेजा गया है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस आने के बाद प्रतीक्षारत चल रहे प्रेम कुमार गौतम को प्रयागराज का आईजी रेंज बनाया गया है। गौतमबुद्धनगर के अपर पुलिस आयुक्त सुरेश राव कुलकर्णी को गोरखपुर का आईजी रेंज बनाया गया है। कारागार विभाग में तैनात शिवहरि मीना को गौतमबुद्धनगर में अपर पुलिस आयुक्त बनाया गया है।