Saturday, 6 January 2024

अमरोहा तीसरी बार गर्भवती हुई रेप पीड़िता महिला कांस्टेबल, सीओ करेंगी जांच दारोगा पर लगाया था दुष्कर्म का आरोप


 अमरोहा तीसरी बार गर्भवती हुई रेप पीड़िता महिला कांस्टेबल, सीओ करेंगी जांच


दारोगा पर लगाया था दुष्कर्म का आरोप




उत्तर प्रदेश अमरोहा दरोगा पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाने वाली अमरोहा पुलिस लाइन में तैनात महिला कांस्टेबल इस वक्त भी गर्भवती है। एसपी ने प्रकरण की जांच सीओ नौगावां सादात अंजलि कटारिया को सौंपी है। आरोपी दरोगा इससे पूर्व भी दुष्कर्म पीड़िता महिला कांस्टेबल का दो बार गर्भपात करा चुका है, फिलहाल बयान लेने के बाद पुलिस स्तर पर मामले की जांच शुरू की गई है।


मिली जानकारी के अनुसार मूलरूप से अलीगढ़ जिले की निवासी पीड़िता महिला कांस्टेबल की पहली पोस्टिंग मुरादाबाद जिले में हुई थी। इस दौरान उसे हाईवे स्थित थाना मझोला में महिला हेल्प डेस्क पर तैनाती मिली थी। उस वक्त मूलरूप से बुलंदशहर जिले के गांव खुशूपुर निवासी आरोपी दरोगा ललित चौधरी की इसी थाने में तैनाती थी। आरोप है कि ललित चौधरी ने पहली मुलाकात में ही पीड़िता कांस्टेबल के गांव में अपनी ननिहाल बताकर नजदीकी बढ़ा ली और फिर ड्यूटी खत्म होने के बाद घर छोड़ने के बहाने उसे अपने साथ मुरादाबाद रेलवे स्टेशन के पास कमरे पर ले गया, जहां जबरन संबंध बना लिए।


इसके बाद शादी करने का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। इस बीच महिला कांस्टेबल दो बार गर्भवती हुई तो आरोपी दरोगा ने अपने साथ ले जाकर उसका स्टेबल अल्ट्रासाउंड कराया। बाद में दवा खिलाकर गर्भपात करा दिया, लेकिन, जब महिला कांस्टेबल को दरोगा के पहले से शादीशुदा होने की जानकारी हुई तो उसके होश उड़ गए।


आरोप है कि अफसरों से शिकायत की बात कहने पर दरोगा ने 24 मई 2022 को उसके साथ मारपीट की। शरीर के प्राइवेट पार्ट पर कड़ा मारकर घायल कर दिया। तबियत बिगड़ने पर महिला कांस्टेबल को ऑपरेशन तक कराना पड़ा। इतना ही नहीं आरोपी दरोगा ललित चौधरी के भाई परवीन ने भी महिला कांस्टेबल को जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता ने मामले की शिकायत एसपी स्तर पर की, जिससे नाराज होकर दरोगा अमरोहा आया और यहां भी महिला कांस्टेबल के साथ मारपीट की।


आरोप है कि 19 दिसंबर 2023 को महिला कांस्टेबल को जानकारी हुई कि वह तीसरी बार गर्भवती है। पीड़िता कांस्टेबल ने यह बात दरोगा को बताई तो उसने दवाई खाकर गर्भपात करने का दबाव बनाया। अश्लील वीडियो और फोटो वायरल करने की धमकी दी। एसपी कुंवर अनुपम सिंह के आदेश पर महिला थाना पुलिस ने आरोपी दरोगा ललित चौधरी उसके भाई परवीन और पत्नी रूपाली तोमर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है।


एसपी कुंवर अनुपम सिंह के अनुसार मामला बेहद गंभीर है। महिला कांस्टेबल से दुष्कर्म के आरोपी दरोगा, उसकी पत्नी और भाई के खिलाफ महिला थाने में दर्ज हुए मुकदमे के संबंध में उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया गया है। सीओ नौगावां सादात अंजलि कटारिया को जांच सौंपी गई है। निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

Friday, 5 January 2024

आज़मगढ़ दीदारगंज में मीडिया कार्यालय का हुआ उद्घाटन


 आज़मगढ़ दीदारगंज में मीडिया कार्यालय का हुआ उद्घाटन


उत्तर प्रदेश आजमगढ़  दीदारगंज बाजार में  खेतासराय मार्ग पर आईडियल जर्नलिस्ट ऐसोशिएसन ईकाई आजमगढ़ के कार्यालय का उद्घाटन क्षेत्रीय सम्भ्रांत लोगों एवम संगठन से जुड़े पत्रकारों की गरिमामयी उपस्थिती में मुख्य अतिथि संजय पांडेय के हाथों फीता काटकर करतल ध्वनि के बीच किया गया। 


इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने कहा कि पत्रकार गरीबों मजलूमों  और शोषितों की आवाज उठानें का कार्य करता है। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि थानाध्यक्ष दीदारगंज अखिलेश कुमार,रईस अहमद  ,दिलीप यादव, जिलाध्यक्ष ईजा विवेकानंद पांडेय, प्रवीण यादव ,इंद्रपति सेवक, चंद्रिका त्यागी, दुर्गेश मिश्र, वीर अभिमन्यु,पृथ्वीराज सिंह आदि लोग उपस्थित थे।



आज़मगढ़ दीदारगंज से प्रवीण यादव की रिपोर्ट।

आजमगढ मुबारकपुर पागल सियार ने आधा दर्जन लोगों को बनाया अपना शिकार रात भर लाठी-डंडा लेकर पहरा देते रहे ग्रामीण


 आजमगढ मुबारकपुर पागल सियार ने आधा दर्जन लोगों को बनाया अपना शिकार


रात भर लाठी-डंडा लेकर पहरा देते रहे ग्रामीण



उत्तर प्रदेश आजमगढ मुबारकपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सभा ओझौली में पागल सियार ने 6 लोगों को काट लिया। इस घटना से पूरे गांव में हड़कंप मच गया। सभी लोगों का निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है।


मिली जानकारी के अनुसार आपको बताते चले की गुरुवार रात्रि लगभग 7 बजे एकाएक पागल सियार गांव में घुस गया और जो सामने पड़ा उस पर टूट पड़ा। सियार ने तीन पुरुष एवं तीन महिलाओं को अपनी चपेट में लेकर बुरी तरह घायल कर दिया। घायलों में मुख्य रूप से रिंकी निषाद, करीना निषाद, रामवती निषाद, दुर्गेश निषाद एवं वनवासी बस्ती के देवनाथ पटेरा बनवासी तथा राजकुमार मटरू बनवासी शामिल हैं। इस घटना से पूरी तरह भयभीत ग्रामीण अपने दरवाजे बंद करके घरों में दुबक गये, वहीं कुछ ग्रामीण लाठी-डंडा लेकर रात भर ग्रामीणों की सुरक्षा में पहरा देते रहें।

सुल्तानपुर एसटीएफ ने मुठभेड़ में माफिया विनोद उपाध्याय को किया ढेर सिर पर था एक लाख रुपये का इनाम


 सुल्तानपुर एसटीएफ ने मुठभेड़ में माफिया विनोद उपाध्याय को किया ढेर


सिर पर था एक लाख रुपये का इनाम



उत्तर प्रदेश सुल्तानपुर यूपी एसटीएफ ने गोरखपुर के कुख्यात माफिया विनोद उपाध्याय को मुठभेड़ में ढेर कर दिया है। बताया जा रहा है कि गुरुवार की रात सुल्तानपुर में एसटीएफ और माफिया के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई, जिसमें पुलिस की जवाबी कार्रवाई में माफिया ढेर हो गया। विनोद उपाध्याय के सिर गोरखपुर पुलिस ने एक लाख रुपये इनाम की घोषणा की थी। पुलिस को उसकी जमीन कब्जाने, हत्या और हत्या के प्रयास समेत कई मामलों में तलाश थी।


विनोद उपाध्याय पुत्र रामकुमार उपाध्याय मूल रूप से मयाबाजार थाना महाराजगंज, अयोध्या का रहने वाला था। अपराध की दुनिया का बड़ा नाम और उत्तर प्रदेश के टॉप 61 माफिया की सूची में शामिल माफिया विनोद कुमार उपाध्याय पर एडीजी जोन गोरखपुर ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। गुरुवार की रात बदमाश विनोद उपाध्याय और एसटीएफ के मध्य सुल्तानपुर के थाना कोतवाली देहात क्षेत्र में मुठभेड़ हो गई।


जिसमें विनोद उपाध्याय गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसको इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज सुल्तानपुर लाया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अभियुक्त विनोद के ऊपर कुल 35 मुकदमें विभिन्न जनपदों के भिन्न-भिन्न थानों में दर्ज बताए गए हैं, जिसमें हत्या व हत्या के प्रयास के कई मुकदमें भी शामिल हैं। प्रदेश के बड़े माफियाओं में विनोद उपाध्याय का नाम शामिल था। पुलिस अन्य विधिक कार्यवाही में जुटी है।

गोरखपुर छापा डालने साथ गई महिला सिपाही के साथ दरोगा ने की बदसलूकी एसएसपी ने दरोगा को किया सस्पेंड, जांच का आदेश


 गोरखपुर छापा डालने साथ गई महिला सिपाही के साथ दरोगा ने की बदसलूकी


एसएसपी ने दरोगा को किया सस्पेंड, जांच का आदेश



उत्तर प्रदेश गोरखपुर में एक महिला सिपाही के साथ दरोगा ही बदसलूकी करने लगा। महिला सिपाही, दरोगा के साथ दबिश पर दूसरे जिले में गई थीं। इसी दौरान दरोगा ने उनके साथ बदसलूकी की। महिला सिपाही की शिकायत पर एसएसपी ने दरोगा को सस्पेंड कर जांच बिठा दी है। गोरखपुर पुलिस में इस घटना की काफी चर्चा है। सीओ की रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी ने दरोगा को सस्पेंड किया है। यदि आगे की जांच में भी मामला सही पाया जाता है तो दरोगा के खिलाफ और सख्त कार्रवाई हो सकती है।


मामला गोरखपुर के सिकरीगंज थाने का है। आरोप है कि यहां तैनात एक महिला सिपाही के साथ थाने के ही एक दरोगा ने बदसलूकी की। सिकरीगंज इलाके में महिला अपराध से जुड़े एक मामले में पिछले दिनों थाने पर तैनात दरोगा सरवर आलम दो महिला कांस्टेबल के साथ दबिश देने दूसरे जिले में गए थे। आरोप है कि दरोगा ने इस दौरान महिला कांस्टेबल के साथ बदसलूकी की। महिला कांस्टेबल ने इसकी शिकायत थानेदार से की थी। थानेदार के बाद मामला सीओ तक पहुंचा और फिर एसएसपी तक। एसएसपी ने सीओ की रिपोर्ट के आधार पर बुधवार देर रात दरोगा सरवर आलम को निलम्बित कर दिया। दरोगा के निलंबन के बाद उसके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि यदि मामला सही पाया जाता है तो दरोगा के खिलाफ आगे और सख्त कार्रवाई हो सकती है।


पुलिस महकमे में इस घटना की चर्चा है। हाल के वर्षों में महकमे में महिला कर्मियों की तादाद बढ़ी है। पुरुष पुलिसकर्मियों की तरह महिला पुलिसकर्मी भी अपराध नियंत्रण में बढ़चढ़ कर योगदान दे रही हैं। इससे समाज में महिलाओं की स्थिति मजबूत हो रही है। पहले के मुकाबले थानों पर अपनी शिकायत लेकर जाना और न्याय के लिए आवाज उठाना महिलाओं के लिए आसान हुआ है। लोगों का कहना है कि ऐसे में यदि महिला पुलिस कर्मी के साथ कोई साथी पुलिसकर्मी ही बदसलूकी करे तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी ही चाहिए।


एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि सिकरीगंज थाने पर तैनात उप निरीक्षक सरवर आलम को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए विभागीय जांच के आदेश दिये गए हैं।

Thursday, 4 January 2024

आजमगढ़ गम्भीरपुर पोखरे में डूबने से युवक की हुई मौत सुबह शौच के लिए निकला था घर से


 आजमगढ़ गम्भीरपुर पोखरे में डूबने से युवक की हुई मौत


सुबह शौच के लिए निकला था घर से


उत्तर प्रदेश आजमगढ़ गम्भीरपुर थाना क्षेत्र के शेखवलिया गांव निवासी युवक की पोखरे में डूबने से मौत हो गयी। वह सुबह घर से शौच के लिए निकला था। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हो गया है।


जानकारी के अनुसार धीरज 24 वर्ष पुत्र धीरेन्द्र कुमार आज गुरूवार की सुबह करीब 7 बजे शौच करने के लिए घर से निकला। जब काफी देर तक वह वापस नहीं आया तो परिजन उसे ढूढते हुए पोखरे के पास गये तो पोखरे किनारे पानी में वह औंधेमुंह पड़ा हुआ था। परिजन उसे पानी से बाहर निकाले लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक धीरेन्द्र का इकलौता पुत्र था, चार बहनों में दो बहनों का विवाह हो चुका है।


 सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस बावत गम्भीरपुर थानाध्यक्ष द्वारा बताया गया कि वह मिर्गी जैसे गंभीर रोग से ग्रसित था। सुबह शौच के बाद जब वह पोखरे में पानी छूने गया तो इस दौरान मिर्गी आने से पानी में गिर गया और उसकी मौत हो गयी।

कन्नौज हिस्ट्रीशीटर का घर किया जमींदोज खूब गरजा बाबा का बुलडोजर, रिश्तेदारों को दिया सामान


 कन्नौज हिस्ट्रीशीटर का घर किया जमींदोज


खूब गरजा बाबा का बुलडोजर, रिश्तेदारों को दिया सामान



उत्तर प्रदेश कन्नौज के छिबरामऊ में विशुनगढ़ थाना क्षेत्र के धरनीधीर पुर नगरिया गांव में हिस्ट्रीशीटर अशोक यादव उर्फ मुनुआ के तीन मंजिला मकान को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया है। गुरुवार की सुबह पहुंची प्रशासन की टीम ने जेसीबी से ध्वस्तीकरण किया। प्रशासन की टीम ने एक दिन पहले ही उसके मकान से सभी सामान हटवाकर रिश्तेदारों के हवाले कर दिया गया था। मिली जानकारी के अनुसार  सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल मौजूद है। एसडीएम छिबरामऊ उमाकांत तिवारी के साथ तहसीलदार, नायब तहसीलदार के अलावा पांच थानों छिबरामऊ, सौरिख, गुरसहायगंज, सकरावा, तालग्राम, विशुनगढ़ के सभी थाना प्रभारी व पुलिस और पीएसी मौजूद है। हिस्ट्रीशीटर अशोक यादव उर्फ मुनुआ ने 25 दिसंबर को वारंट तामील कराने गई पुलिस पर हमला किया था। हिस्ट्रीशीटर अशोक यादव उर्फ मुनुआ की ओर से चलाई गई गोली से जख्मी हुए सिपाही सचिन राठी की इलाज के दौरान कानपुर में मौत हो गई थी। इस आरोप में मुनुआ के साथ ही उसकी पत्नी और एक नाबालिग पुत्र को पुलिस ने पकड़ा था। पति-पत्नी जेल भेजे गए हैं, पुत्र को बाल सुधार गृह भेजा गया है।


हिस्ट्रीशीटर मुनुआ यादव ने विशुनगढ़ थाना इलाके के धरनीधीर पुर नगरिया गांव सभा के गांटा संख्या 578 क्षेत्रफल .0080 हेक्टेयर पर तीन मंजिला मकान बनवाया था। गांव सभा की जमीन को अवैध अतिक्रमण कर बने मकान को अवैध बताते हुए एसडीएम उमाकांत तिवारी ने धारा 133 सीआरपीसी की कार्रवाई करते हुए दो जनवरी को ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया था। इसी कड़ी में तहसीलदार अनुभव कुमार की ओर से भी धारा 67 सीआरपीपी के तहत बेदखली की कार्रवाई की गई थी। मुनुआ के अधिवक्ता अभिषेश द्विवेदी ने आपत्ति दाखिल की थी। विपक्षी अधिवक्ता के तर्कों व राजस्व टीम की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों के निरीक्षण के बाद मुनुआ का मकान जिस आराजी पर बना है वह राजस्व अभिलेखों में सेक्टर मार्ग में दर्ज है। तहसीलदार न्यायालय में सर्किल रेट के आधार पर अतिक्रमित भूमि की कीमत आठ लाख रुपये आंकी गई। इसे ध्वस्त करने में अनुमानित कीमत पर पांच प्रतिशत क्षतिपूर्ति का फरमान सुनाते हुए 15 दिनों के अंदर 40 हजार रुपये राजस्व न्यायालय में जमा कराने का फरमान सुनाया है। पुलिस व राजस्व टीम की मौजूदगी में मुनुआ के मकान से घरेलू समान निकलवाया गया।


 मजे की बात यह है कि पांच साल तक प्रधानी करने के साथ ही कई वर्षों तक रंगबाजों की तरह जीवन यापन करने वाले मुनुआ के घर से नकदी के नाम पर पुलिस को फूटी कौड़ी नहीं मिली। विशुनगढ़ थानाध्यक्ष ने बताया कि घर से जो सामान निकलवाया गया, उसमें न तो नकदी थी और न ही जेवर। यह मामला गांव में चर्चा का विषय बना रहा।