Thursday, 21 April 2022

आजमगढ़ में बोले निरहुआ, पार्टी चाही तो लड़ूंगा चुनाव अखिलेश पर बोला हमला: क्रांतिकारियों की तुलना जिन्ना से करने वालों की विचारधारा समझ चुकी है जनता-दिनेश लाल


 आजमगढ़ में बोले निरहुआ, पार्टी चाही तो लड़ूंगा चुनाव


अखिलेश पर बोला हमला: क्रांतिकारियों की तुलना जिन्ना से करने वालों की विचारधारा समझ चुकी है जनता-दिनेश लाल




उत्तर प्रदेश आजमगढ़ दौरे पर आए भोजपुरी सुपरस्टार और भाजपा नेता दिनेश लाल यादव निरहुआ ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा।



 निरहुआ ने कहा कि अखिलेश यादव एक बार मुख्यमंत्री की कुर्सी पर पिता मुलायम सिंह यादव और चाचा शिवपाल सिंह यादव की मदद से बैठ गए थे।



 मगर, दिमागी रूप से आज तक इस कुर्सी से नहीं उतर पाए हैं। यही कारण है कि वह लगातार बयान देते रहते हैं। उसी तरह का व्यवहार कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ भी करते हैं।



निरहुआ ने कहा कि अखिलेश यादव अपने कार्यकर्ताओं के लिए कुछ नहीं करने वाले हैं। अब तो इस जिले से इस्तीफा देकर जा भी चुके हैं। जब यहां से सांसद थे, तब भी कुछ नहीं किया था।



 आजमगढ़ की जनता, आजम खान और चाचा शिवपाल यादव, वह किसी के साथ खड़े नहीं होंगे। सारी बातें विचारधारा की होती हैं। क्रांतिकारियों की तुलना जिन्ना से करने वालों की विचारधारा समझ सकते हैं निरहुआ का कहना है कि हम लोग भगवान राम की विचारधारा वाले लोग हैं।



 कहा कि भगवान राम को राजा बनना था, पर उन्हें वन जाने का आदेश मिला तो चले गए। अखिलेश यादव के बयान आपने सुने होंगे। वह क्रांतिकारियों और देशभक्तों की तुलना जिन्ना से करते हैं, तो ऐसे व्यक्ति की विचारधारा को समझा जा सकता है। 



इस तरह की विचारधारा पर चलने वाला व्यक्ति अपने घर-परिवार के लिए क्या करेगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।


निरहुआ ने कहा कि अखिलेश यादव का जहां स्वार्थ होगा, वहीं काम करेंगे। यही कारण है कि आजमगढ़ को छोड़कर इटावा चले गए। वह खुद के अलावा किसी के बारे में सोचने वाले इंसान नहीं हैं। यहां का बहुत काम रूका हुआ है, जिसे जल्द पूरा कराया जाएगा। पार्टी नेतृत्व चुनाव लड़ने का निर्देश देगा, तो चुनाव लड़ा जाएगा।

लखनऊ सीएम योगी ने पुलिस महकमे में किया बड़ा फेरबदल 4एडीजी सहित 9 आईपीएस अफसरों के तबादले


 लखनऊ सीएम योगी ने पुलिस महकमे में किया बड़ा फेरबदल



4एडीजी सहित 9 आईपीएस अफसरों के तबादले



उत्तर प्रदेश लखनऊ दूसरी बार सीएम बने योगी आदित्यनाथ इन दिनों एक्शन के मूड में हैं। सीएम योगी ने पिछले दिनों ही कई आईएएस और आईपीएस अफसरों के तबादले कर चुके हैं।



 गुरुवार को सीएम योगी ने पुलिस महकमे में फिर बड़ा फेरबदल किया है। सीएम योगी ने नौ आईपीएस अफसरों के तबादले कर दिए हैं। इनमें ज्यादा एडीजी रैंक के अफसर शामिल हैं।



 महकमे ने जिन लोगों का तबादला किया है उनमें अजय आनंद एडीजी ट्रेनिंग सुल्तानपुर, अशोक कुमार सिंह एडीजी 112, ज्योति नारायण एडीजी ट्रेनिंग जालौन, रवि जोसेफ, पीटीसी मुरादाबाद, सतीश कुमार माथुर रूल्स एवं मैन्युअल, सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी, डीजआई सतर्कता अधिष्ठान, मनमोहन कुमार बसाल एडीजी क्राइम, केएस प्रताप एडीजी पीएस, विजय ढुल पुलिस अकादमी मुरादाबाद बनाया गया है।

उत्तर प्रदेश मे मदरसों को अब नहीं मिलेगा सरकारी अनुदान अखिलेश सरकार की नीति को खत्म करेगी योगी सरकार



उत्तर प्रदेश मे मदरसों को अब नहीं मिलेगा सरकारी अनुदान


अखिलेश सरकार की नीति को खत्म करेगी योगी सरकार




लखनऊ उत्तर प्रदेश में अब किसी भी नए मदरसे को अनुदान नहीं मिलेगा। वर्ष 2016 में अखिलेश सरकार द्वारा मदरसों को अनुदान देने के लिए लागू की गई नीति को योगी आदित्यनाथ सरकार खत्म करने जा रही है।



 इस संबंध में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव को जल्द कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। वर्ष 2003 तक मान्यता पाने वाले मदरसों को अनुदान देने के लिए वर्ष 2013 में तत्कालीन सपा सरकार में नीति बनाई गई थी।



 नीति के तहत 100 मदरसों को अनुदान दिया गया। योगी सरकार के प्रथम कार्यकाल में एक भी मदरसे को अनुदान नहीं दिया गया।



आलिया स्तर के मदरसों को अनुदान देने के लिए सपा सरकार में बनी नीति का हवाला देते हुए अन्य मदरसा के प्रबंधक हाई कोर्ट गए। दलील दी कि जब वे मानक पूरे कर रहे हैं तो उन्हें भी नीति के तहत अनुदान क्यों नहीं दिया जा रहा है? 



मऊ के एक मदरसे के मामले में हाई कोर्ट ने सरकार को अनुदान देने के निर्देश दिए। सूत्रों के मुताबिक सरकार ने अनुदान देने के बजाय उस नीति को ही समाप्त करने का इरादा कर लिया।



 वर्तमान में प्रदेश के 558 मदरसों को सरकार प्रतिवर्ष 866 करोड़ रुपये अनुदान दे रही है। अनुदान से मदरसों के 12 शिक्षकों (आलिया के लिए चार, फौकानिया के लिए तीन व तहतानिया के लिए पांच) के अलावा प्रधानाचार्य व एक लिपिक का वेतन दिया जाता है।



 आलिया में कक्षा 9-10 की पढ़ाई होती है जबकि फौकानिया में जूनियर हाईस्कूल और तहतानिया में प्राइमरी तक की पढ़ाई होती है। इन मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों की तरह सभी सुविधाएं मिलती हैं। 



योगी सरकार ने फर्जी मदरसों को बंद कराने के लिए वर्ष 2017 में मदरसा पोर्टल बनवाया। मदरसा बोर्ड से मान्यता प्राप्त 19125 मदरसों में वर्तमान में 16513 ही इस वेबपोर्टल पर हैं। इनमें 7442 मदरसे आधुनिकीकरण योजना में शामिल हैं। इस योजना में घपले की आशंका के चलते  इन सभी मदरसों की जांच कराई जा रही है। 



मदरसों में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया गया है। सरकार का दीनी तालीम को कम कर आधुनिक विषय पढ़ाने पर ज्यादा जोर है ताकि मदरसों के बच्चे भी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हो सकें।

चार आईएएस अधिकारियों का हुआ तबादला


 चार आईएएस अधिकारियों का हुआ तबादला



लखनऊ उत्तर प्रदेश शासन ने चार आईएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया है।


 मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन की प्रबंध निदेशक कंचन वर्मा को हटाकर वेटिंग में डाल दिया गया है। 


मुथुकुमारसामी बी. यूपी मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन के नये एमडी बनाए गए हैं।


 इसके अलावा राजस्व परिषद से संबद्ध आईएएस अधिकारी बृजेश नारायण सिंह को विशेष सचिव औद्योगिक विकास बनाया गया है। 30 मार्च 2020 को नोएडा के जिलाधिकारी के पद से हटाए जाने के बाद से वह परिषद से सम्बद्ध थे। 



इन अफसरों के तबादले के निर्णय देर रात हुए। गुरुवार को और भी तबादले हो सकते हैं। मुख्यमंत्री के विशेष सचिव प्रथमेश को अब एसीईओ इन्वेस्ट यूपी की भी जिम्मेदारी शासन ने मुख्यमंत्री के विशेष सचिव प्रथमेश कुमार को गलत पोस्टिंग के आदेश में सुधार कर लिया है।



 शासन ने प्रथमेश को अधिशासी निदेशक उद्योग बंधु के पद पर तैनाती दी थी। यह पद समाप्त हो चुका था और विभागाध्यक्ष स्तर का था। अब शासन ने प्रथमेश को मुख्यमंत्री के विशेष सचिव के साथ-साथ एसीईओ इन्वेस्ट यूपी की जिम्मेदारी दी है। यह पद इन्वेस्ट यूपी के एसीईओ मुथुकुमारसामी बी. को एमडी उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन बनाए जाने से रिक्त हुआ है।

आजमगढ़ तरवां डकैती की योजना बनाते 5 गिरफ्तार, 3 फरार आरोपियों के कब्जे से असलहे व राड बरामद।


 आजमगढ़ तरवां डकैती की योजना बनाते 5 गिरफ्तार, 3  फरार


आरोपियों के कब्जे से असलहे व राड बरामद।



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ तरवां थाने की पुलिस ने बुधवार की रात क्षेत्र के फद्दूपुर गांव स्थित बेसो नदी पुल के पास डकैती की योजना बना रहे पांच बदमाशों को गिरफ्तार करने का दावा किया है।



 इस दौरान तीन बदमाश पुलिस की घेरेबंदी तोड़ भागने में कामयाब रहे। पकड़े गए बदमाशों के कब्जे से पुलिस ने दो तमंचे मय कारतूस, लोहे की राड आदि बरामद किया है।



तरवां थाना प्रभारी रत्नेश दूबे को बुधवार की रात सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध युवक फद्दूपुर गांव के पास बेसो नदी पुल पर एकत्र हुए हैं। संदेह होने पर पुलिस टीम रात करीब 9.30 बजे बताए गए स्थान पर पहुंच कर घेराबंदी करते हुए आगे बढ़ी। पुलिस देख वहां मौजूद युवक भागने का प्रयास किए लेकिन पांच पुलिस की पकड़ में आ गए। जब कि तीन अन्य मौके से भागने में कामयाब रहे। 



तलाशी के दौरान पकड़े गए लोगों के कब्जे से पुलिस ने दो तमंचे व कारतूस के साथ ही लोहे की राड व सरिया आदि बरामद कर लिया। पकड़े गए आरोपियों से हुई पूछताछ में खुलासा हुआ कि सभी गिरफ्तारी स्थल पर डकैती की योजना बना रहे थे। 



गिरफ्तार आरोपियों में रिंकू राम पुत्र खरचू राम ग्राम उचहुंआ, सूरज यादव पुत्र अशोक यादव ग्राम खजुरा, विवेक सिंह पुत्र अनिल सिंह ग्राम कोटा, बब्लू यादव पुत्र स्व० जगलाल ग्राम तितिरा दुम्मापार थाना क्षेत्र तरवां तथा मुकेश कुमार पुत्र विश्वनाथ ग्राम बहलोलपुर सचुई थाना चिरैयाकोट जिला मऊ के निवासी बताए गए हैं। 



पुलिस इस मामले में फरार हुए ऋषभ सिंह निवासी हुरमुजपुर हाल्ट व लाल यादव निवासी बघाई थाना बहरियाबाद जिला गाजीपुर तथा तरवां क्षेत्र के तितिरा दुम्मापार निवासी गुड्डू यादव पुत्र नंदलाल यादव की तलाश में जुट गई है।

नई दिल्ली गाजीपुर में भाजपा नेता की गोली मारकर हत्या घर से बाहर बुलाकर बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं


 नई दिल्ली गाजीपुर में भाजपा नेता की गोली मारकर हत्या


घर से बाहर बुलाकर बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं



नई दिल्ली पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर इलाके में बुधवार की रात बाइक सवार बदमाशों ने भाजपा नेता को ताबड़तोड़ गोलियां मारकर छलनी कर दिया।



 गंभीर अवस्था में भाजपा नेता जीतू चौधरी को नोएडा के मेट्रो अस्पताल में ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्राथमिक जांच में रुपये को लेनदेन को लेकर हत्या की बात सामने आ रही है।


जीतू परिवार के साथ गाजीपुर की जीडी कॉलोनी में रहते थे। परिवार में पत्नी, दो बच्चों के अलावा दो भाई हैं। जीतू मयूर विहार जिले में मंत्री थे। उनका कंस्ट्रक्शन का कारोबार भी है। परिजनों के अनुसार बुधवार रात जीतू घर पर थे। रात करीब 8 बजे के बाइक सवार दो बदमाश आए और जीतू को घर से बाहर बुलाया। जैसे ही वह घर से बाहर निकले, बदमाशों ने उन पर गोलियां बरसा दीं। इससे इलाके में भगदड़ मच गई। 


उनके सिर, सीने व हाथ पर गोलियां लगीं। वारदात के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए। परिजन उन्हें अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। 



पुलिस परिजनों से पूछताछ कर आरोपियों के बारे में पता लगाने का प्रयास कर रही।

लखनऊ महिला मित्र संग टहल रहे डॉक्‍टर से की बदसलूकी दारोगा सस्‍पेंड, 2 सिपाही किये गए लाइन हाजिर


 लखनऊ महिला मित्र संग टहल रहे डॉक्‍टर से की बदसलूकी


दारोगा सस्‍पेंड, 2 सिपाही किये गए लाइन हाजिर




उत्तर प्रदेश लखनऊ केजीएमयू परिसर में सोमवार को चौक कोतवाली के सब इंस्पेक्टर व दो सिपाहियों ने जूनियर डॉक्टर और उनकी महिला मित्र को टहलता देखकर अपशब्द कहे। उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। पुलिस कर्मियों ने डॉक्टर को धमकाया और फर्जी मुकदमे में फंसाने की बात कहकर रुपये वसूलने की कोशिश की।

जूनियर डॉक्टर की सूचना पर वहां कई मेडिकल छात्र पहुंच गये थे। छात्रों को एकजुट होता देखकर पुलिसकर्मी वहां से भाग निकलेे।



 केजीएमयू प्रशासन से इसकी जानकारी मिलने पर पुलिस अफसरों ने जांच की तो पुलिसकर्मी दोषी मिले। इसके बाद ही एसीपी चौक आईपी सिंह की रिपोर्ट पर बुधवार रात आरोपित सब इंस्पेक्टर अशोक कुमार को निलम्बित कर दिया गया जबकि सिपाही चंदन व रमन को लाइन हाजिर कर दिया गया।



 पीड़ित ने इस मामले में एफआईआर नहीं दर्ज करायी है।

एसीपी चौक आईपी सिंह के मुताबिक सोमवार रात डॉक्टर अपनी परिचित महिला के साथ परिसर में टहल रहे थे। इसी दौरान दरोगा अशोक, सिपाही रमन व चंदन के साथ वहां पहुंचे थे। रात में महिला और डॉक्टर को घूमते देख तीनों पुलिसकर्मियों ने अपशब्दोंकहे। डॉक्टर ने आपत्ति जतायी पर दरोगा अशोक और सिपाही कुछ सुनने को तैयार नहीं थे। डॉक्टर ने मोबाइल फोन से साथियों को घटना की जानकारी दी थी। मेडिकल छात्रों को वहां आता देख पुलिसकर्मी घबराकर भाग निकले थे।




आरोप लगाया गया है कि केजीएमयू में गश्त के बहाने महिला और डॉक्टर से अभद्रता करने वाला दरोगा अशोक, सिपाही चंदन और रमन रुपये वसूलना चाहते थे। उन्होंने डॉक्टर का  फोन भी छीन लिया था। इतना ही नहीं दरोगा ने डॉक्टर से रुपये भी मांगे थे। पुलिसकर्मियों ने कहा था कि अगर रुपये नहीं दिए तो किसी भी मुकदमे में फंसा कर जेल भेज दिया जायेगा।



 इससे तुम्हारा पूरा कैरियर खतरे में पड़ जाएगा। एसीपी के मुताबिक पुलिस कर्मियों पर लगे गम्भीर आरोपों के बारे में छानबीन कराई गई थी। मामला सही पाए जाने पर इस आधार पर ही तीनों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई थी। इसके बाद पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने कार्रवाई कर दी।