Friday, 19 September 2025

आजमगढ़ फूलपुर समीक्षा बैठक में राजस्व वसूली और उपभोक्ता समस्याओं के निस्तारण पर जोर मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता ने राजस्व वसूली, विद्युत स्टेशन संचालन, आपूर्ति व्यवस्था और ट्रांसफार्मरों की स्थिति की भी ली विस्तृत जानकारी


 आजमगढ़ फूलपुर समीक्षा बैठक में राजस्व वसूली और उपभोक्ता समस्याओं के निस्तारण पर जोर



मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता ने राजस्व वसूली, विद्युत स्टेशन संचालन, आपूर्ति व्यवस्था और ट्रांसफार्मरों की स्थिति की भी ली विस्तृत जानकारी




उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में विद्युत वितरण खंड फूलपुर सर्किल के सभी अभियंताओं, उपखंड अधिकारियों और लिपिकों की समीक्षा बैठक फूलपुर ब्लॉक के क्षेत्र पंचायत सभागार में संपन्न हुई। बैठक में मुख्य अभियंता रामबाबू और अधीक्षण अभियंता दिग्विजय की उपस्थिति में राजस्व वसूली को बढ़ाने और उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान पर विशेष ध्यान दिया गया।


बैठक में मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता ने खंडवार बकाया राजस्व वसूली, विद्युत स्टेशन संचालन, आपूर्ति व्यवस्था और ट्रांसफार्मरों की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। प्रत्येक फीडर और उपभोक्ता लोड की समीक्षा के साथ-साथ शासन के निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए गए।


मुख्य अभियंता ने राजस्व वसूली में तेजी लाने, विद्युत आपूर्ति की निरंतरता बनाए रखने, विभागीय कार्यों की गुणवत्ता की समय-समय पर जांच करने और उपभोक्ताओं की शिकायतों का समयबद्ध व न्यायसंगत समाधान करने पर जोर दिया। इसके अलावा, ट्रांसफार्मरों के लोड और रखरखाव की नियमित जांच, त्रुटियों का समय से सुधार और विद्युत चोरी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।


बैठक में अधीक्षण अभियंता दिग्विजय ने मुख्य अभियंता रामबाबू को गुलदस्ता भेंट किया। समीक्षा बैठक रात 8 बजे तक चली। इस अवसर पर अधिशासी अभियंता केके वर्मा, राधेश्याम यादव, उपखंड अधिकारी भूपसिंह, गिरीश सिंह, अवधेश सिंह यादव, महेश गुप्ता, संदीप चंद्र, अवर अभियंता मनीष कुमार, देवेंद्र सिंह, ओपी गौतम, धीरज पटेल, मो. यासीन, सुनील तिवारी, दीपेश गुप्ता, लालजी यादव, आलमगीर अंसारी, मोहम्मद आतिफ सहित अन्य अभियंता उपस्थित रहे।

आजमगढ़ ऑपरेशन क्लीन के तहत 6.88 करोड़ रुपये के 2694.651 किग्रा मादक पदार्थ किए गए नष्ट डीआईजी सुनील कुमार सिंह के निर्देशन में अवैध मादक पदार्थों का बड़े पैमाने पर किया विनष्टीकरण


 आजमगढ़ ऑपरेशन क्लीन के तहत 6.88 करोड़ रुपये के 2694.651 किग्रा मादक पदार्थ किए गए नष्ट



डीआईजी सुनील कुमार सिंह के निर्देशन में अवैध मादक पदार्थों का बड़े पैमाने पर किया विनष्टीकरण



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में ऑपरेशन क्लीन" अभियान के अंतर्गत आजमगढ़ पुलिस ने डीआईजी सुनील कुमार सिंह के निर्देशन में अवैध मादक पदार्थों का बड़े पैमाने पर विनष्टीकरण किया। इस कार्रवाई में उच्च स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी द्वारा 1637.950 किग्रा अवैध गांजा और जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी द्वारा 1056.701 किग्रा हीरोइन, स्मैक, डायजापाम व अन्य मादक पदार्थ, कुल 2694.651 किग्रा नष्ट किया गया। नष्ट किए गए मादक पदार्थों की अनुमानित कीमत 6 करोड़ 88 लाख 20 हजार 275 रुपये है।



विनष्टीकरण की प्रक्रिया न्यायालय के आदेश के अनुपालन में मेसर्स सिलिकॉन बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड, भादो, माहुल, मार्टीनगंज (थाना दीदारगंज, आजमगढ़) में स्थित इंसीनिरेटर/बॉयलर के माध्यम से की गई। इस दौरान ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी आजमगढ़, क्षेत्राधिकारी फूलपुर किरनपाल सिंह, निरीक्षक चन्द्रभूषण पाण्डेय (प्रभारी डीसीआरबी), और आरक्षी मुकेश कुमार गिरी (डीसीआरबी) की टीम मौजूद रही। प्रक्रिया की पारदर्शिता के लिए मौके पर फोटो और वीडियोग्राफी भी की गई।

आजमगढ़ एनकाउंटर स्पेशलिस्ट' IPS अनिल कुमार ने 8 साल में किए 104 एनकाउंटर एक्शन ऑन द स्पॉट के रूप में है पहचान, डॉक्टर से IPS तक का प्रेरणादायक सफर बिकरू कांड में गैंगस्टर विकास दुबे और उसके सहयोगियों को महज 4 घंटे में किया था ढेर


 आजमगढ़ एनकाउंटर स्पेशलिस्ट' IPS अनिल कुमार ने 8 साल में किए 104 एनकाउंटर



एक्शन ऑन द स्पॉट के रूप में है पहचान, डॉक्टर से IPS तक का प्रेरणादायक सफर


बिकरू कांड में गैंगस्टर विकास दुबे और उसके सहयोगियों को महज 4 घंटे में किया था ढेर



उत्तर प्रदेश, आजमगढ़ उत्तर प्रदेश पुलिस के चर्चित IPS अधिकारी अनिल कुमार को आजमगढ़ का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। वर्तमान में प्रतापगढ़ में एसपी के पद पर तैनात अनिल कुमार ने अपनी 8 साल की सेवा में 104 एनकाउंटर कर 'एक्शन ऑन द स्पॉट' की पहचान बनाई है। खासकर बिकरू कांड में गैंगस्टर विकास दुबे और उसके सहयोगियों को महज 4 घंटे में ढेर करने वाले इस अधिकारी की बहादुरी और तेज-तर्रार कार्यशैली की हर तरफ चर्चा है। राजस्थान के झुंझुनूं जिले के अलसीसर गांव के रहने वाले अनिल कुमार ने डॉक्टर से IPS बनने तक का सफर कड़ी मेहनत और लगन से तय किया है।



6 दिसंबर 1981 को अलसीसर के एक साधारण परिवार में जन्मे अनिल कुमार ने गांव के सरकारी स्कूल से पढ़ाई शुरू की। 1997 में 10वीं में 89% और 1999 में 12वीं में 90% अंक हासिल कर राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की मेरिट लिस्ट में जगह बनाई। जोधपुर के सम्पूर्णानंद मेडिकल कॉलेज से 2005 में MBBS की डिग्री हासिल की और दिल्ली के गुरु तेग बहादुर और हिंदू राव अस्पताल में जूनियर डॉक्टर के रूप में सेवाएं दीं। सीनियर डॉक्टरों को UPSC पास करते देख अनिल ने भी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। 2009 में पहले प्रयास में इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विस (IRTS) में चयन हुआ, लेकिन उनका लक्ष्य IPS बनना था। पांच बार UPSC पास कर 2016 में उत्तर प्रदेश कैडर में IPS बने।


अनिल कुमार की पहली पोस्टिंग नोएडा में हुई, जहां उन्होंने 2018 में 625 किलो चांदी की लूट की वारदात को सुलझाया। वाराणसी में प्रवासी भारतीय दिवस के दौरान PM नरेंद्र मोदी की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाली और कैंट थाना क्षेत्र के डबल मर्डर केस को भी सुलझाया।


 2020 में कानपुर देहात के बिकरू कांड में गैंगस्टर विकास दुबे और उसके गैंग ने 8 पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। अनिल कुमार ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को एनकाउंटर में ढेर किया। भदोही और चंदौली में एसपी रहते हुए उन्होंने माफियाओं के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। चंदौली में एक साल में 225 मुकदमे दर्ज कर माफियाओं पर नकेल कसी। उनकी बहादुरी के लिए उन्हें DGP सिल्वर और गोल्ड मेडल के साथ-साथ केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा 8 साल की बच्ची के मर्डर केस में पुरस्कार से सम्मानित किया गया। अनिल कुमार की शादी दीपशिखा से हुई है, जो हाउसवाइफ हैं। आजमगढ़ में नई जिम्मेदारी के साथ उनके कठोर और निष्पक्ष कार्यशैली से अपराधियों में खौफ और जनता में भरोसा बढ़ने की उम्मीद है।

Thursday, 18 September 2025

आजमगढ़ के एसएसपी सहित 16 आईपीएस अधिकारियों का हुआ तबादला डॉ अनिल कुमार द्वितीय बने आजमगढ़ के नए एसपी


 आजमगढ़ के एसएसपी सहित 16 आईपीएस अधिकारियों का हुआ तबादला




डॉ अनिल कुमार द्वितीय बने आजमगढ़ के नए एसपी



लखनऊ, उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार देर रात 16 IPS अफसरों का तबादला कर दिया। इनमें 10 जिलों के पुलिस कप्तान भी शामिल हैं। आजमगढ़ के SSP हेमराज मीना, कुशीनगर के SP संतोष मिश्रा और देवरिया के SP विक्रांत वीर को पुलिस मुख्यालय से अटैच किया गया है। हरदोई के SP नीरज जादौन को अलीगढ़ का नया SP बनाया गया है, जबकि सोनभद्र के SP अशोक कुमार मीणा को हरदोई की कमान सौंपी गई है। अलीगढ़ के SP संजीव सुमन को देवरिया भेजा गया है। उन्नाव के SP पद की जिम्मेदारी जयप्रकाश सिंह को दी गई है। डॉ अनिल कुमार द्वितीय पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ को आजमगढ़ के नए एसपी पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।


अभिषेक वर्मा की लंबे समय बाद फील्ड में वापसी हुई है। उन्हें सोनभद्र का SP बनाया गया है। वर्मा को पहले हापुड़ से एक अस्पताल प्रकरण के चलते हटाया गया था। उन्होंने एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी।जिन जिलों के कप्तान बदले गए हैं, उनमें आजमगढ़, कुशीनगर, अलीगढ़, देवरिया, हरदोई, सोनभद्र, उन्नाव, प्रतापगढ़, अंबेडकरनगर और औरैया शामिल हैं।



Wednesday, 17 September 2025

आजमगढ़ दीदारगंज अवैध अस्पताल, मेडिकल स्टोर और बीस्सी के जरिए लोगों को बनाता था शिकार अवैध वित्तीय धंधों में फंसाकर दी थी आत्महत्या की धमकी मुख्य अभियुक्त मधुकर मिश्रा को पुलिस ने किया गिरफ्तार

आजमगढ़ दीदारगंज अवैध अस्पताल, मेडिकल स्टोर और बीस्सी के जरिए लोगों को बनाता था शिकार


अवैध वित्तीय धंधों में फंसाकर दी थी आत्महत्या की धमकी


मुख्य अभियुक्त मधुकर मिश्रा को पुलिस ने किया गिरफ्तार


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के दीदारगंज थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के मामले में मुख्य अभियुक्त मधुकर मिश्रा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अभियुक्त पर अवैध अस्पताल, मेडिकल स्टोर और बीस्सी के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाने का आरोप है। मधुकर मिश्रा ने मृतक शिवआसरे को धमकियों और आर्थिक दबाव के जरिए आत्महत्या के लिए मजबूर किया था।


मृतक के भाई द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार, मधुकर मिश्रा और उनके सहयोगियों ने शिवआसरे को अवैध बीस्सी और अधिक ब्याज पर कर्ज देकर 20 लाख रुपये वसूले। इसके अलावा, एक ब्लैंक चेक पर जबरदस्ती हस्ताक्षर करवाकर चेक बाउंस कराने और फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। लगातार मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना से तंग आकर शिवआसरे ने 26 मई 2025 को अपनी दुकान की छत पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में थाना दीदारगंज में मामला दर्ज किया गया था।


मुखबिर की सूचना पर उपनिरीक्षक अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आज सुबह 8:45 बजे दीदारगंज चौराहे से मधुकर मिश्रा (46 वर्ष) को गिरफ्तार किया। मधुकर, जो करुई गांव का निवासी है और कुशलगांव बाजार में सौरभ मेडिकल स्टोर संचालित करता है, के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह और कॉन्स्टेबल कृष्ण कुमार पटेल शामिल थे।

 

आजमगढ़ जीयनपुर संदिग्ध परिस्थिति में कमरे में मिली नाबालिक छात्रा की लाश चाकू से रेता गया मिला गला, फोरेसिंक टीम के साथ पुलिस मौके पर पहुंच जांच में जुटी


 आजमगढ़ जीयनपुर संदिग्ध परिस्थिति में कमरे में मिली नाबालिक छात्रा की लाश



चाकू से रेता गया मिला गला, फोरेसिंक टीम के साथ पुलिस मौके पर पहुंच जांच में जुटी



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के दाउदपुर निवासी नाबालिक छात्रा की संदिग्ध परिस्थिति में मौत होने का मामला सामने आया है। घटनास्थल पर क्षेत्राधिकार सहित फॉरेंसिक टीम पहुंच गई। पिता ने तहरीर देकर बताया कि उसकी छोटी पुत्री ने चाकू से गला रेतकर की आत्महत्या कर ली है।


जानकारी के अनुसार आजमगढ़-गोरखपुर मुख्य मार्ग पर दाउदपुर पेट्रोल पंप के समीप रामाश्रय यादव के घर पर छोटी पुत्री दीप्ति यादव छत पर बने कमरे में शाम को लगभग 4 बजे घटना घटित हुई जिसकी सूचना जीयनपुर पुलिस को लगभग 5:30 बजे रामाश्रय यादव के द्वारा दी गई। मौके पर प्रभारी परमात्मा मिश्रा उपनिरीक्षक पवन यादव सहित जीयनपुर पुलिस बल ने पहुंचकर क्षेत्राधिकारी अनिल वर्मा को सूचना दी। वहीं घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम भी पहुंच चुकी है और जांच में लगी हुई है।


 रामाश्रय यादव ने जीयनपुर पुलिस को तहरीर देकर बताया कि मृतक दीप्ति यादव उम्र 14 साल छत पर बने कमरे में चाकू से अपना गला रेत कर आत्महत्या कर ली है. मृतक दीप्ति यादव कक्षा 9 की छात्रा थी जो जीयनपुर कस्बा में मुबारकपुर रोड पर गुरुकुल विद्यालय में पढ़ती थी दीप्ति यादव की बड़ी बहन दीपिका यादव और एक बडा भाई आदित्य यादव हैं।


 वहीं घर पर उनकी माता शिमला यादव भी मौजूद रहीं जिनका रो-रोकर बुरा हाल रहा। वहीं उक्त घटना को लेकर गांव व क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चा हो रही है। दीप्ति यादव की मौत संदिग्ध परिस्थिति में हुई है जिसमें जीयनपुर पुलिस व फोरेंसिक टीम जांच में जुटी हुई है।

बरेली बिजली विभाग के जेई पर विधवा ने लगाया शोषण का आरोप दर्ज हुआ रेप और धमकी का मुकदमा


 बरेली बिजली विभाग के जेई पर विधवा ने लगाया शोषण का आरोप



दर्ज हुआ रेप और धमकी का मुकदमा



उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक विधवा महिला को शादी का झांसा देकर सात साल तक शारीरिक शोषण करने के आरोपी बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर (JE) मुकुल यादव के खिलाफ पारा थाने में दुष्कर्म और धमकी का मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी मुकुल यादव मूल रूप से गाजियाबाद के सेक्टर-9, विजयनगर का निवासी है, जबकि पीड़िता बरेली की रहने वाली है।


पारा थाने के इंस्पेक्टर सुरेश सिंह के अनुसार, पीड़िता के पति की मृत्यु 2017 में हो गई थी। उनके आठ साल की बेटी है। महिला ने बताया कि मुकुल यादव बरेली में उनके मोहल्ले में किराए पर रहता था। पति की मृत्यु के बाद मुकुल ने मदद के बहाने उनके साथ नजदीकी बढ़ाई और शादी का वादा कर लिव-इन में रहने लगा। इस दौरान उसने सात साल तक महिला का शारीरिक शोषण किया और उसे नैनीताल, मसूरी व हरिद्वार जैसी जगहों पर ले गया।



मुकुल का तबादला लखनऊ के रेजीडेंसी उपकेंद्र में हो गया, जहां वह मोहान रोड स्थित कनक पैलेस शान सिटी में रहता है। महिला का आरोप है कि मुकुल ने उससे शादी की, लेकिन इसके बाद उसका व्यवहार बदल गया। वह गाली-गलौज और मारपीट करने लगा। जब महिला ने उसकी दूसरी शादी का विरोध किया, तो मुकुल ने उसे बरेली के IIM रोड स्थित एक निजी होटल में बुलाया। वहां उसने महिला के फोन से तस्वीरें और वीडियो डिलीट किए, मारपीट की और उसे व उसकी बेटी को जान से मारने की धमकी दी।


पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मुकुल यादव के खिलाफ दुष्कर्म और धमकी का मुकदमा दर्ज कर लिया है। इंस्पेक्टर सुरेश सिंह ने बताया कि आरोपी की तलाश की जा रही है और उसे जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।