Thursday, 5 June 2025

आजमगढ़ तहबरपुर ट्रक में मिले 22 मृत और 3 जिंदा गौवंश ट्रक हिरासत में, चालक और अन्य संदिग्ध मौके से फरार


 आजमगढ़ तहबरपुर ट्रक में मिले 22 मृत और 3 जिंदा गौवंश



ट्रक हिरासत में, चालक और अन्य संदिग्ध मौके से फरार




उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के तहबरपुर थाना क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर पशु तस्करी का एक बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने एक 14 टायर ट्रक से 25 गौवंश बरामद किए, जिनमें 22 मृत और 3 जिंदा पाए गए। गौवंश को क्रूरता पूर्वक नायलॉन की रस्सियों से बांधकर ट्रक में लादा गया था, और संदेह है कि इन्हें बिहार में वध के लिए ले जाया जा रहा था।



तहबरपुर थाना के प्रभारी निरीक्षक सुदेश कुमार सिंह ने बताया कि 4 जून 2025 की रात को टीकापुर तिराहे पर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किमी 228.5 पर एक ट्रक खड़ा है, जिसमें गौवंश लदे हैं और बदबू आ रही है। पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और ट्रक का निरीक्षण किया। ट्रक में 22 गौवंश मृत और 3 जिंदा पाए गए, जिन्हें क्रूरता से बांधा गया था। पशु चिकित्सक ने मौके पर पहुंचकर गौवंश की जांच की और पुष्टि की कि 22 गौवंश मृत हैं। मृत गौवंश को सेहदा अंडरपास के पास जेसीबी से गड्ढा खोदकर दफनाया गया। जिंदा गौवंश को नियमानुसार गौशाला में दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। ट्रक को पुलिस ने कब्जे में ले लिया, लेकिन चालक और अन्य संदिग्ध मौके से फरार हो गए। ट्रक में वैध कागजात भी नहीं मिले, जिसके कारण इसे मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज किया गया।


तहबरपुर पुलिस ने इस मामले में मुकदमा अपराध संख्या 124/2025 अंतर्गत धारा 3/5ए/8 गौ हत्या निवारण अधिनियम उत्तर प्रदेश , धारा 11 पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम1960, और धारा 325 भारतीय न्याय सहिंता (BNS) 2023 के तहत पंजीकृत कर कार्रवाई शुरू की है। प्रभारी निरीक्षक सुदेश कुमार सिंह, उपनिरीक्षक मानवेंद्र प्रताप सिंह, हेड कांस्टेबल मंजीत प्रसाद, कांस्टेबल बृजभान यादव, प्रवीण सिंह, ताहिर अली, रत्नेश कुमार यादव, रत्नेश सिंह, और देवेंद्र गिरी की टीम ने इस ऑपरेशन में हिस्सा लिया। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुट गई है।

Wednesday, 4 June 2025

आजमगढ़ बिजली निजीकरण के खिलाफ किसान संगठनों ने किया विरोध प्रदर्शन जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपा ज्ञापन


 आजमगढ़ बिजली निजीकरण के खिलाफ किसान संगठनों ने किया विरोध प्रदर्शन



जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपा ज्ञापन



उत्तर प्रदेश, आजमगढ़ क्रांतिकारी किसान यूनियन, किसान संग्राम समिति, संयुक्त किसान-खेत मजदूर संघ, अ.भा.किसान महासभा, खेत-मजदूर किसान संग्राम समिति, जमीन मकान बचाओ संयुक्त मोर्चा आदि किसान संगठनों द्वारा बिजली के निजीकरण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन व जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया। विरोध प्रदर्शन में किसानों ने बिजली बांध हमारे हैं, हम इन्हें नहीं बिकने देंगें ! ये खंभे तार हमारे हैं, हम इन्हें नहीं बिकने देंगें। सस्ती बिजली, सस्ता पानी। इससे जुड़ी है मजदूर-किसानी। बिजली के निजीकरण का फैसला वापस लो ! आदि नारे लगाए। किसान संगठनों ने अमर शहीद कुंवर सिंह उद्यान में हुई बैठक में कहा कि उत्तर-प्रदेश सरकार द्वारा बिजली के निजीकरण का फैसला किसान ही नहीं तमाम मेहनतकश जनता के खिलाफ है।


 खुद बिजली कर्मचारी लम्बे समय से इसके खिलाफ आन्दोलन कर रहे हैं लेकिन आम उपभोक्ता, मजदूर किसान, कर्मचारी किसी की बात सुनने के बजाय प्रदेश की योगी सरकार तानाशाह की तरह विरोध की हर आवाज को खामोश करने पर आमादा है। अपने पूंजीपति मित्रों के मुनाफे के लिए मोदी सरकार ने 2020 तक बिजली कानून में तीन बार संशोधन किये थे। दिल्ली की सीमाओं पर चले ऐतिहासिक किसान आन्दोलन ने इन संशोधनों को रद्द करने की माँग की थी और 13 महीनों के बाद मोदी सरकार ने किसान संगठनों से वादा किया था कि किसानों से मशविरा किये बगैर बिजली कानून में कोई संशोधन नहीं करेगी। लेकिन झूठे की जबान कौन पकड़े, सरकार अपने वादे से मुकर गयी और 2022 में कानून में बदलाव करके राज्य सरकारों को बिजली के पूरे निजीकरण का निर्देश दे दिया है।


पिछले रिकॉर्ड बताते हैं कि आज तक देश में जहां कहीं भी बिजली का निजीकरण हुआ है जनपक्षीय नहीं रहा है। इससे बिजली बेहद महंगी हुई और बिजली का बेशकीमती सार्वजनिक व सरकारी ढाँचा निजी कम्पनियों के कब्जे में चला गया। आज जहां करीब 1रुपए से 4.46 रुपये प्रति यूनिट सरकारी बिजली उपभोक्ताओं को मिलती हैं वहीं जिन राज्यों में बिजली निजी कम्पनियों के हाथों में है वहाँ इसकी दर 17 रुपए प्रति यूनिट तक है। बिजली के निजीकरण से सरकारों को भी हमेशा घाटा ही हुआ है। उत्तर-प्रदेश में ही 2009 में आगरा की बिजली टोरेंट कम्पनी को दे दी गयी थी तो उसने सरकार से सस्ती बिजली लेकर उपभोक्ताओं को महंगी बेचकर भारी मुनाफा कमाया और सरकार को आठ सालों में ही अनुमानत: 4 हजार करोड़ तक का घाटा हुआ।


 वर्ष 1996 में बनी अटल बिहारी वाजपेयी की भाजपा सरकार ने अमरीकी कम्पनी एनरॉन के साथ समझौता करके बिजली के निजीकरण की शुरूआत की थी। समझौते की शर्ते ऐसी थी कि एनरॉन से बिजली खरीदे बिना ही महाराष्ट्र सरकार को उसे हजारों करोड़ रुपए का भुगतान करना पड़ा था। आज उत्तर प्रदेश में भी बिजली निगमों को बिजली खरीदे बिना ही 6761 करोड़ रुपया हर साल निजी बिजली कम्पनियों को देना पड़ता है। सरकार अपने मित्र पूंजीपतियों के जनविरोधी क्रूर मुनाफे के खेल को पिच देने के लिए सरकारी व सार्वजनिक बिजली उपक्रमों की क्षमता घटाने या बंद करके ध्वस्त होने और निजी उपक्रमों को बढ़ावा देने की नीतियां बना रहीं हैं।सरकारों ने लगातार निजी बिजली कम्पनियों के पक्ष में नीतियों बनाकर सरकारी व सार्वजनिक बिजली निगमों को संकट में फंसाया है ताकि संकट के बहाने निजीकरण करने में आसानी हो।


किसान संगठनों ने अपने ज्ञापन में 7 सूत्री मांग रखी हैं। 1.उत्तर प्रदेश में दक्षिणांचल और पूर्वाचल वितरण निगमों के निजीकरण पर पूर्ण रोक लगे। 2. सभी ग्रामीण उपभोक्ताओं को हर महीना 300 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाए। योगी सरकार अपने चुनावी वादे को पूरा करे और ट्यूबवेलों को मुफ्त बिजली दे। 3. स्मार्ट मीटर योजना रद्द की जाए। 4. किसानों के ट्यूबवेलों को 18 घंटे बिना शर्त बिजली की आपूर्ति की जाए। 5.कनेक्शन चार्ज, लाइन, ट्रांसफार्मर, बिलिंग मीटर, कनेक्शन काटने व जोड़ने, तमाम अधिभार आदि उपभोक्ताओं से वसूलना बन्द किया जाए। 6. निजी कम्पनियों से महंगी बिजली खरीदना बंद किया जाए। 7. बिजली विभाग में कर्मचारियों पर थोपी गयी श्रमिक विरोधी नयी सेवा नियमावली वापस लिया जाए। सभी संविदा कर्मियों को नियमित किया जाय। 


बैठक को रामनयन यादव, रामराज, राजेश आजाद, दुखहरन सत्यार्थी, कामरेड नंदलाल, रामकुमार यादव, विनोद सिंह, रामचंद्र, रामाश्रय यादव, हरिहर, विनय कुमार उपाध्याय, लालजी, बैरागी, श्रेय यादव, सूबेदार यादव, निर्मल प्रधान, लक्ष्मी आदि ने संबोधित किया। बैठक का संचालन राजेश आजाद और अध्यक्षता विनय कुमार उपाध्याय ने किया।

आजमगढ़ अतरौलिया पशु क्रूरता के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, डीसीएम वाहन में 18 पशुओं के साथ 3 अभियुक्त गिरफ्तार पुल के पास पुलिस ने की चेकिंग, क्रूरता से बंधे पाए गए पशु अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास, के जांच में जुटी पुलिस


 आजमगढ़ अतरौलिया पशु क्रूरता के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, डीसीएम वाहन में 18 पशुओं के साथ 3 अभियुक्त गिरफ्तार



पुल के पास पुलिस ने की चेकिंग, क्रूरता से बंधे पाए गए पशु



अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास, के जांच में जुटी पुलिस


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना अतरौलिया पुलिस ने पशु क्रूरता के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 03 जून को केशवपुर पुल के पास एक डीसीएम वाहन को रोका। चेकिंग के दौरान वाहन में 18 भैंस और पड़िया पाए गए, जिनके पैर और मुंह रस्सी से क्रूरता पूर्वक बंधे थे। पुलिस ने वाहन और पशुओं को कब्जे में लेकर तीन अभियुक्तों—राकेश यादव (45) पुत्र स्व0 महादेव ग्राम शाहजहाँपुर थाना रानो पाली जनपद अयोध्या , ताजुद्दीन (50) पुत्र नबी ग्राम नगरोपार थाना मोहम्मदाबाद गोहना जनपद मऊ, और टिन्कू अहमद (40) पुत्र कमर ग्राम  नगरोपार थाना मोहम्मदाबाद गोहना जनपद मऊ को गिरफ्तार किया। मामला पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 के तहत दर्ज किया गया है।


 थाना अतरौलिया में मुकदमा अपराध संख्या 187/2025 दर्ज किया गया है, जिसकी विवेचना उपनिरीक्षक रमेश सिंह द्वारा की जा रही हैं। बरामदगी में डीसीएम वाहन जिसका नम्बर UP42BT5162 हैं , 2 भैंस, और 16 पड़िया शामिल हैं। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है।

आगरा जहां आनी थी बरात, वहां पहुंची 6 लड़कियों की लाश दर्दनाक हादसे ने सबको झकझोरा, हर तरफ मातम ही मातम


 आगरा जहां आनी थी बरात, वहां पहुंची 6 लड़कियों की लाश



दर्दनाक हादसे ने सबको झकझोरा, हर तरफ मातम ही मातम



उत्तर प्रदेश, आगरा मंगलवार को आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र के नगला नाथू गांव में यमुना नदी में नहाने गई छ: किशोरियों की डूबने से दुखद मृत्यु हो गई। इस हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। मृतक लड़कियों में तीन सगी बहनें शामिल थीं, और एक परिवार में इस घटना ने शादी की तैयारियों को मातम में बदल दिया। 


मिली जानकारी के अनुसार नगला नाथू निवासी सुरेश चंद्र की तीन बेटियां—मुस्कान (18), दिव्या (15), और संध्या उर्फ कंचन (12)—अपनी चचेरी बहन नैना (14), नगला रामबल की शिवानी (17), और टेढ़ी बगिया की सोनम (12) के साथ सुबह करीब 10:30 बजे यमुना नदी में नहाने गई थीं। शिवानी रिश्ते में मुस्कान की मौसी थी। नहाने के दौरान मुस्कान और शिवानी गहरे पानी में चली गईं और डूबने लगीं। अन्य किशोरियां और उनका चचेरा भाई दीपेश उन्हें बचाने की कोशिश में गहरे पानी में चले गए, जिससे सभी छह किशोरियां डूब गईं।



दीपेश ने शोर मचाया, जिसके बाद खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर पहुंचे। कुछ तैराक युवकों ने आधे घंटे की मशक्कत के बाद सभी को नदी से निकाला। सिकंदरा पुलिस ने चार किशोरियों—मुस्कान, दिव्या, संध्या, और नैना—को एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में पहुंचाया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। शिवानी और सोनम, जिनकी सांसें चल रही थीं, को निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन दो घंटे बाद उनकी भी मृत्यु हो गई। परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा इस हादसे ने सुरेश चंद्र के परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। मुस्कान की शादी देवोत्थान के मौके पर 1 नवंबर 2025 को तय थी, और परिवार तैयारियों में जुटा था। मुस्कान का रिश्ता सिकंदरा के गांव महल में तय हुआ था। परिवार रात को आनलाइन कपड़ों की खरीदारी में व्यस्त था। मां कांता सुबह सत्संग में गई थीं, और पिता सुरेश मजदूरी करने गए थे। बेटियों की मौत की खबर सुनकर सुरेश नंगे पैर घर की ओर दौड़े। परिवार का कहना था, "बेटी के हाथ पीले करने का सपना अधूरा रह गया।



हादसे से एक दिन पहले, सोमवार को मुस्कान, शिवानी और अन्य ने यमुना नदी में रील्स बनाई थीं। दीपेश के अनुसार, बहनें अक्सर नदी में वीडियो बनाने जाती थीं। एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें वे नदी में सेल्फी लेती और रील बनाती दिख रही थीं। यह स्पष्ट नहीं है कि मंगलवार को हादसे से पहले भी रील बनाई गई थी या नहीं।



घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री सचिवालय से संपर्क शुरू हुआ। डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी, नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल, अपर पुलिस आयुक्त रामबदन सिंह, और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। परिजन शुरू में पोस्टमार्टम के लिए तैयार नहीं थे, लेकिन नगरायुक्त ने उन्हें मुआवजे की प्रक्रिया के लिए समझाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की और घटना पर दुख व्यक्त किया।

Tuesday, 3 June 2025

आजमगढ़ सिधारी बारात के दौरान लूट 1.5 लाख रुपये और सोने की अंगूठियां ले उड़ा अज्ञात चोर


 आजमगढ़ सिधारी बारात के दौरान लूट


1.5 लाख रुपये और सोने की अंगूठियां ले उड़ा अज्ञात चोर



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद आजमगढ़ के सिधारी थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज लूट की घटना सामने आई है। मऊ जिले के कोपागंज थाना क्षेत्र के शहरोज गांव निवासी गणेश राय ने थाना सिधारी में शिकायत दर्ज कराई है कि उनकी पुत्र मंगलेश राय की बारात के दौरान अज्ञात चोर ने 1 लाख 50 हजार रुपये नकद और दो सोने की अंगूठियों से भरा बैग छीन लिया।


घटना 1 जून 2025, रविवार की शाम को उस समय हुई, जब बारात हरबंशपुर, आजमगढ़ के RS मैरेज हॉल, परानापुर (RTO ऑफिस के निकट) में पहुंची थी। शिकायत के अनुसार, द्वारपूजा के दौरान बारात RTO ऑफिस से परानापुर रोड पर लगभग 200 मीटर की दूरी पर बाजे-गाजे के साथ जा रही थी। इसी बीच एक अज्ञात व्यक्ति गणेश राय के पास से बैग छीनकर फरार हो गया।


गणेश राय ने सिधारी थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करने और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित का कहना है कि वे एक शांतिप्रिय व्यक्ति हैं और इस घटना से उन्हें गहरा आघात पहुंचा है। FIR का लेखन कांस्टेबल मुंशी वीरेंद्र कुमार द्वारा किया गया है।पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अभी तक चोर की पहचान नहीं हो सकी है, लेकिन पुलिस ने आसपास के CCTV फुटेज खंगालने और संदिग्धों से पूछताछ शुरू कर दी

आजमगढ़ अंबेडकर पार्क में योगा मंच के निर्माण को लेकर विवाद, विरोध में धरने पर बैठे बसपा नेता पूर्व सांसद ने डीएम पर लगाया कार्यालय से बाहर निकालने का आरोप हमको राजनीति से दूर रखिए, हम शासन के निर्देशों का पालन कर रहे हैं-डीएम


 आजमगढ़ अंबेडकर पार्क में योगा मंच के निर्माण को लेकर विवाद, विरोध में धरने पर बैठे बसपा नेता


पूर्व सांसद ने डीएम पर लगाया कार्यालय से बाहर निकालने का आरोप


हमको राजनीति से दूर रखिए, हम शासन के निर्देशों का पालन कर रहे हैं-डीएम


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में शासन के निर्देश पर 15 जून से 21 जून तक अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग दिवस का कार्यक्रम आयोजित किया जाना है। इसे लेकर नगर पालिका द्वारा कलेक्ट्रेट क्षेत्र स्थित अंबेडकर पार्क में योगा मंच का निर्माण किया जा रहा है। जानकारी होने पर बसपा के नेता और कार्यकर्ता इसका विरोध करने लगे।


जानकारी के अनुसार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर 15 जून से 21 जून तक विविध कार्यक्रम का आयोजन किया जाना है। इसके लिए शासन की ओर से नगर पालिका क्षेत्र के तीन पार्कों में योगा मंच के निर्माण का निर्देश दिया गया है।



 नगर पालिका अधीन आने वाले अंबेडकर पार्क में सोमवार की शाम से नगरपालिका ने योगा मंच के निर्माण का कार्य शुरू किया। इसकी जानकारी होते ही बसपा के नेता और कार्यकर्ता निर्माण का विरोध करने लगे। इस दौरान कार्यकतार्ओं ने निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे को मिट्टी गिराकर भरने का काम शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही एसडीएम सदर नरेंद्र गंगवार, सीओ सिटी गौरव शर्मा और ईओ नगरपालिका विवेक त्रिपाठी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस और प्रशासन के पहुंचने पर कार्यकर्ता डा. बलिराम के नेतृत्व में धरने पर बैठ गए। समाचार लिखे जाने तक बसपा कार्यकर्ता धरने पर बैठे रहे और मौके पर पुलिस बल तैनात रहा।


पूर्व सांसद डा. बलिराम ने बताया कि उन्हें मंच बनाए जाने की सूचना सोमवार की रात को ही मिल गई थी। उन्होंने इसके लिए डीएम को फोन किया था। मंगलवार को जब वह डीएम को ज्ञापन देने के लिए पहुंचे तो डीएम ने उन्हें आफिस से बाहर निकलने को बोला। पूर्व सांसद ने कहा हमारी मांग है कि पार्क को जैसे हैं वैसे ही रहने दिया जाए। अगर मंच बनाना है तो उसे अस्थायी बनाया जाए। उन्हें इससे कोई एतराज नहीं है।


नगरपालिका ईओ विवेक त्रिपाठी ने बताया कि शासन की तरफ से नगरपालिका क्षेत्र के तीन पार्कों में योगा मंच के निर्माण का निर्देश मिला है। जिसके क्रम में इसका निर्माण कराया जा रहा है। जो लोग विरोध कर रहे हैं उनसे वार्ता की जा रही है। कार्य जारी है। इस संबंध में डीएम रविंद्र कुमार ने कहा कि शासन के निर्देश पर इस कार्य को कराया जा रहा है। यह एक स्थायी निर्माण है। हमको राजनीति से दूर रखिए। हम शासन के निर्देशों का पालन कर रहे हैं।

लखीमपुर खीरी कार हादसे में डूडा के परियोजना अधिकारी की हुई मौत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी गंभीर रूप से हुआ घायल, अलसुबह निकले थे घर से


 लखीमपुर खीरी कार हादसे में डूडा के परियोजना अधिकारी की हुई मौत



चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी गंभीर रूप से हुआ घायल, अलसुबह निकले थे घर से



उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में तैनात परियोजना अधिकारी (पीओ) डूडा अजय कुमार सिंह की मंगलवार सुबह कार हादसे में मौत हो गई। उनका चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। परियोजना अधिकारी की मौत से उनके परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।


 बस्ती जिले के पेंदी गांव निवासी अजय कुमार सिंह लखीमपुर खीरी में पीओ डूडा के पद पर तैनात थे। सोमवार शाम अजय कुमार सिंह अपने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के साथ लखनऊ स्थित अपने आवास पर गए थे। मंगलवार सुबह उन्हें बैठक में शामिल होना था। लिहाज अलसुबह ही वह घर से निकल पड़े। 


बताया जा रहा है कि हरगांव से खीरी की ओर परसेहरा मार्ग पर उनकी कार अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने पीओ डूडा और चपरासी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने अजय कुमार सिंह को मृत घोषित कर दिया। वहीं घायल का इलाज किया जा रहा है।