Wednesday, 14 December 2022

आजमगढ़ निरहुआ हेट स्पीच मामले में दर्ज हुआ बयान सांसद पर लोगों को मनबढ़ बोलते हुए हत्या, हिंसा और कानून के दुरूपयोग के लिए उकसाने का आरोप


 आजमगढ़ निरहुआ हेट स्पीच मामले में दर्ज हुआ बयान


सांसद पर लोगों को मनबढ़ बोलते हुए हत्या, हिंसा और कानून के दुरूपयोग के लिए उकसाने का आरोप



उत्तर प्रदेश आज़मगढ़ सदर सांसद दिनेश लाल यादव निरहुआ के विवादित बयान को लेकर अपर पुलिस अधीक्षक नगर, आज़मगढ़ के यहां दुखहरन राम, राजीव यादव, वीरेंद्र यादव, विनोद यादव ने बयान दर्ज कराया. वायरल वीडियो के दो वीडियो पेनड्राइव में सौंपा. शिकायतकर्ताओं ने कहा कि सदर सांसद दिनेश लाल यादव निरहुआ ने आज़मगढ़ के लोगों को मनबढ़ बोलते हुए हत्या, हिंसा और कानून के दुरूपयोग के लिए उकसाया. निरहुआ का बयान हमारी पहचान, सम्मान, अस्मिता और जिले की गरिमा पर हमला है।


 निरहुआ ने सार्वजनिक मंच से न सिर्फ़ हेट स्पीच दिया बल्कि उनकी बॉडी लैंग्वेज हिंसा को उकसावा देने वाली थी आज़मगढ़ के लोगों को मनबढ़ कहने से आज़मगढ़ के बुद्धिजीवी, लेखक, समाजसेवी, सामाजिक कार्यकर्ता जैसे हम लोगों के सम्मान पर आघात है। राहुल सांकृत्यायन, कैफ़ी आज़मी, शिब्ली नोमानी और अयोध्या सिंह हरिऔध जैसे लोगों के ज्ञान और प्रतिभा से जिले का सम्मान है। ऐसे प्रतिभाओं के सम्मान पर दिनेश लाल निरहुआ के बयान से आघात पहुंचा है। तकरीबन एक महीना होने जा रहा है और अब तक निरहुआ के खिलाफ एफआईआर दर्ज न होना दिखाता है कि सत्ता के दबाव के कारण कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि जबकी सांसद निरहुआ ने मीडिया में अपने दिए गए बयान को स्वीकार किया है इस दौरान अवधेश यादव, श्रवण यादव, निशांत मौजूद रहे।

आगरा व्यापारी का अपहरण करने वाला दरोगा-सिपाही निलंबित, भेजे गए जेल


 आगरा व्यापारी का अपहरण करने वाला दरोगा-सिपाही निलंबित, भेजे गए जेल


उत्तर प्रदेश आगरा व्यापारी का अपहरण करने वाले आरपीएफ दरोगा व सिपाही को जेल भेज दिया गया है। आगरा कैंट आरपीएफ थाने में तैनात दरोगा और सिपाहियों के जेल जाने के बाद अब आरपीएफ कमांडेंट अनुभव जैन ने आरोपियों सहित आरपीएफ कैंट थाना प्रभारी को भी निलंबित कर दिया है। इस मामले की विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं। बता दें कि आरपीएफ दरोगा और सिपाही ने पैसों के लिए व्यापारी का अपहरण कर उसके परिजनों से चार लाख फिरौती मांगी। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने घेराबंदी कर दरोगा समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी प्राइवेट ड्राइवर भूरा अभी फरार है।


आरपीएफ कमांडेंट ने बताया कि अपहरण की घटना में आरपीएफ दरोगा सुरेश चौधरी और कांस्टेबल नीरज की संलिप्तता को देखते हुए इन्हें निलंबित कर दिया है। इसके साथ आरपीएफ कैंट थाना प्रभारी सुरेंद्र चौधरी को भी निलंबित किया गया है। आरोपियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। इंस्पेक्टर सुरेंद्र चौधरी की आरोपियों के साथ क्या संलिप्तता थी, इसकी भी जांच कराई जाएगी। हालांकि इस मामले में थाना प्रभारी की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। माना जा रहा है कि पूरा मामला उनकी जानकारी में था। बता दें कि आरोपी दरोगा सुरेश चौधरी पूर्व में साउथ में तैनात था। वो वहां से ट्रांसफर लेकर इंस्पेक्टर से सब इंस्पेक्टर की पोस्ट पर आगरा आया था।


डिप्टी पुलिस कमिश्नर वेस्ट सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि सोमवार को काजिम खान छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस से आगरा आए थे। वह आगरा के अभयपुरा गांव के रहने वाले हैं। काजिम का छत्तीसगढ़ में कपड़ों की फेरी लगाने का व्यापार है। इस कारण उन्हें वहीं रहना पड़ता है। काजिम ने बताया है कि वो घर पर खाना खा कर आराम कर रहा था। उसी दौरान उनके रिश्ते के जीजा इकरार भी घर आ गए थे। दोनों बात कर रहे थे की वर्दी में कुछ लोग आए और उन्हें पकड़ कर पूरे घर की तलाशी ली।


घर पर कुछ न मिलने पर वो लोग उन दोनों को पकड़ कर आगरा फोर्ट चौकी लाए। इसके बाद उन्हें थर्ड डिग्री दी गई तो काजिम ने उन्हें मारना बंद कर छोड़ने के बदले पैसे देने की बात कही। इसके बाद वो लोग उन्हें राजा की मंडी स्टेशन की चौकी पर ले गए और बंद कर चले गए।


काजिम ने बताया की आरोपियों ने सुबह उसके मोबाइल से घर पर वाट्सऐप पर कॉल करवाई। घरवालों से चार लाख की डिमांड की। शिकायत करने पर जेल भेजने की धमकी दी। कई बार बात करने के बाद अंत में दो लाख रुपए तय हो गए।


मिली जानकारी के मुताबिक डीसीपी वेस्ट सत्यजीत गुप्ता ने बताया की मंगलवार दोपहर 1 बजे परिजनों ने अपहरण की जानकारी पुलिस को दी। तत्काल एसीपी राजीव सिरोही के निर्देशन में वेस्ट की सारी टीमें लगाई गईं। अपराधी लगातार लोकेशन चेंज कर रहे थे। अंत में पुलिस ने परिजनों को कुछ रुपए दिए और उन्हें देकर बाकी पैसा देने की मोहलत मांगने को कहा। इस दौरान सादा वर्दी में पुलिस टीम ने आरोपियों की कार चिन्हित कर ली और जैसे ही परिजनों से आरोपियों ने पैसे लिए तो पुलिस ने उन्हें तत्काल रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से वारदात में प्रयुक्त दरोगा की होंडा इमेज कार और फिरौती के लिए दिए गए 1 लाख 20 हजार रुपए बरामद किए गए हैं।


डीसीपी वेस्ट ने बताया की पूछताछ में पकड़े गए युवकों के नाम पारुल, नीरज और सुरेश पता चले। उन्होंने खुद के आरपीएफ आगरा कैंट में तैनात होने की जानकारी दी। सुरेश आरपीएफ में दरोगा है और आगरा कैंट पर तैनात है।


भूरा उनका प्राइवेट ड्राइवर है जो गाड़ी चला रहा था। पुलिस पूछताछ में अपहृत युवकों का कोई अपराधिक इतिहास नहीं मिला है और आरोपियों पर भी पहले कोई मुकदमा नहीं दर्ज नहीं है। इससे साफ पता चल रहा है की पैसों के लिए इस घटना को अंजाम दिया गया है। सरकारी कर्मियों द्वारा यह घटना बहुत गलत है और परिजनों की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।


इससे पूर्व थाना एत्माउद्दौला क्षेत्र की फाउंड्री नगर चौकी पर तैनात दरोगा और सिपाहियों द्वारा चांदी कारोबारी भाइयों को इसी तरह सड़क से पकड़ने और उनसे वसूली करने का मामला सामने आया था। सीसीटीवी और सर्विलांस से मामले की पुष्टि के बाद आरोपी पुलिस कर्मियों को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई के आदेश जारी हुए थे।

Tuesday, 13 December 2022

आजमगढ़ 2 थानाध्यक्षों का हुआ तबादला, देखें सूची


 आजमगढ़ 2 थानाध्यक्षों का हुआ तबादला, देखें सूची


उत्तर प्रदेश आजमगढ़ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने थानाध्यक्ष मेंहनगर बसन्त लाल को थानाध्यक्ष तरवां, थानाध्यक्ष तरवां अनिल कुमार सिंह को थानाध्यक्ष मेंहनगर स्थानान्तरित कर दिया है।

आजमगढ़ एसटीएफ और कोतवाली पुलिस ने 2 अर्न्तराज्यीय बदमाशों को दबोचा एसपी द्वारा दोनों पर घोषित किया गया था 25-25 हजार का इनाम


 आजमगढ़ एसटीएफ और कोतवाली पुलिस ने 2 अर्न्तराज्यीय बदमाशों को दबोचा


एसपी द्वारा दोनों पर घोषित किया गया था 25-25 हजार रू  का इनाम



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ गांजा के साथ गिरफ्तारी और पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागे मादक पदार्थ कारोबारियों पर पुलिस ने हत्या प्रयास व एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया।


 विवेचना के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस द्वारा भेजी गई आख्या रिपोर्ट के बाद प्रशासन ने मादक पदार्थ के कारोबार में लिप्त पाए गए श्रीकांत राय व पीयूष राय पुत्रगण स्व0 राधेश्याम राय तथा लालू पुत्र शिवनाथ निवासी ग्राम जानकीपुर, प्रमोद यादव पुत्र राजेन्द्र ग्राम बसहीं जरमजेपुर तथा जिलाजीत पुत्र विदेशी राम निवासी ग्राम तहबरपुर थाना तहबरपुर के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की। इस मामले में फरार चल रहे श्रीकांत व पीयूष राय दोनों सगे भाइयों पर पुलिस अधीक्षक की ओर से 25-25 हजार  रुपए पुरस्कार घोषित कर दिए गए। मंगलवार की दोपहर एसटीएफ लखनऊ यूनिट तथा शहर कोतवाली पुलिस के संयुक्त प्रयास से ईनाम घोषित दोनों भाइयों को शहर के रोडवेज इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों के खिलाफ जिले के विभिन्न थानों के आलावा उड़ीसा प्रांत के रायगढ़ जिले में भी कई संगीन अभियोग पंजीकृत बताए गए हैं।

नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना पर लगी रोक जारी राज्य सरकार ने मांगा एक दिन का और समय ओबीसी आरक्षण लागू करने में प्रक्रिया का पालन न करने का सरकार पर आरोप


 नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना पर लगी रोक जारी


राज्य सरकार ने मांगा एक दिन का और समय


ओबीसी आरक्षण लागू करने में प्रक्रिया का पालन न करने का सरकार पर आरोप


इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ द्वारा प्रदेश के नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना पर सोमवार को लगाई गई रोक कल तक जारी रहेगी। नगर निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण लागू करने में प्रक्रिया का पालन न करने का आरोप राज्य सरकार पर लगाते हुए दाखिल जनहित याचिका पर न्यायमूर्ति डीके उपाध्याय की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने यह आदेश दिया है।


 मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से जवाब देने के लिए एक दिन का और समय देने की मांग की गई थी जिसे न्यायालय ने मंजूर कर लिया।


मिली जानकारी के मुताबिक इससे पहले प्रदेश सरकार ने 762 में 760 नगर निकायों में महापौर और चेयरमैन के सीटों के आरक्षण की अनंतिम अधिसूचना जारी कर दी है। इनमें 17 नगर निगमों में महापौर के अलावा 199 नगर पालिका परिषद और और 544 नगर पंचायतों के चेयरमैन की सीटें शामिल हैं। हालांकि आरक्षण सभी 762 नगर निकायों के लिए निर्धारित कर दिए गए हैं। लखनऊ, कानपुर व गाजियाबाद समेत महापौर की आठ सीटों को अनारक्षित रखा गया है। 2017 में ये तीनों सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित थीं। 2017 में हुए निकाय चुनाव की तुलना में इस बार निकाय की सीमा में करीब 70 लाख अधिक आबादी शामिल हो गई है। 2017 में निकाय क्षेत्रों की आबादी 4.16 करोड़ थी, जो इस बार 4.85 करोड़ हो गई है। इसकी वजह 10 नगर निगमों समेत कुल 130 नगर निकायों का सीमा विस्तार और 111 नई नगर पंचायतों का गठन किया जाना है।

अमरोहा हथकड़ी समेत भागा अपराधी, चार पुलिसकर्मी निलंबित मुठभेड़ में लगी थी गोली, अस्पताल में चल रहा था इलाज


 अमरोहा हथकड़ी समेत भागा अपराधी, चार पुलिसकर्मी निलंबित


मुठभेड़ में लगी थी गोली, अस्पताल में चल रहा था इलाज



अमरोहा पुलिस मुठभेड़ में घायल सात वर्षीय बच्ची के अपहरण का आरोपी पुलिस को चकमा देकर अस्पताल से हथकड़ी समेत फरार हो गया। घटना के बाद पुलिस के होश उड़ गए। एसपी, और सीओ ने अस्पताल पहुंचकर जांच-पड़ताल की। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने आरोपी को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया था। उसकी सुरक्षा में एक दरोगा समेत तीन पुलिसकर्मी तैनात थे। मामले में तीनों पुलिसकर्मियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। वहीं एसपी ने रहरा इंस्पेक्टर समेत चार पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है।


 अमरोहा के रहरा थानाक्षेत्र के गांव बांसका कलां निवासी नाजमीन पत्नी अबरार की सात वर्षीय बेटी सोफिया एक दिसंबर की दोपहर को घर के बाहर कुछ दूरी पर ठेले से चाऊमीन खरीदने के लिए घर से गई थी। लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने धीरज नाम के एक तीस वर्षीय भिखारी पर अपहरण का शक जताया था। उसे एक व्यक्ति ने बच्ची को ले जाते हुए देखा था। पुलिस ने मामले में आरोपी धीरज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। सोमवार की देर रात मुखबिर की सूचना पर पुलिस अरावली मार्ग पर चेकिंग कर रही थी। इस दौरान एक संदिग्ध बाइक सवार व्यक्ति को रोकने का इशारा किया तो पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भी गोली चलाई। इस दौरान पैर में गोली लगने से आरोपी घायल हो गया। उसकी पहचान धीरज उर्फ अजय उर्फ इमरान खान के रूप में हुई। ये आरोपी सात वर्षीय बच्ची का अपहरण करके ले गया था।


गोली लगने से घायल आरोपी को पुलिस ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। जिसकी सुरक्षा में रेहरा थाने में तैनात दरोगा अनूप सिंह, सिपाही कपिल कुमार और सुनील कुमार की ड्यूटी लगाई गई थी। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने आरोपी को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया। बताते हैं की रात करीब तीन बजे तीनों पुलिसकर्मी सो गए। तभी आरोपी धीरज उर्फ अजय उर्फ इमरान खान हथकड़ी समेत अस्पताल से फरार हो गया। आंख खुलने पर सुरक्षा में तैनात तीनों पुलिसकर्मी अचंभित रह गए। उन्होंने मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही सीओ सिटी विजय कुमार राणा मौके पर पहुंच गए। एसपी आदित्य लांग्हे और एएसपी राजीव कुमार सिंह ने भी अस्पताल पहुंच कर जांच पड़ताल की। सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ की गई। जिसके बाद एसपी के निर्देश पर जनपद के सभी थानों की पुलिस कस्टडी से फरार आरोपी की तलाश में जुट गई। कई घंटे की छानबीन के बाद भी आरोपी का कोई पता नहीं चल सका है। एसपी ने बताया कि मामले में लापरवाही बरतने वाले रहरा इंस्पेक्टर अशोक कुमार वर्मा, दरोगा अनूप सिंह, कांस्टेबल सुनील कुमार और कपिल कुमार को निलंबित कर दिया है।

उत्तर प्रदेश 14 आईपीएस अफसरों को एसपी बनने का इंतजार पिछले महीने सीएम से की थी मुलाकात


 उत्तर प्रदेश 14 आईपीएस अफसरों को एसपी बनने का इंतजार


पिछले महीने सीएम से की थी मुलाकात



लखनऊ 2017 बैच के एक दर्जन से अधिक आईपीएस अफसर बतौर एसपी अपनी पहली तैनाती का इंतजार कर रहे हैं।


 यह अधिकारी 2021 में ही एसपी बनने के लिए अर्ह हो चुके हैं, लेकिन इनकी तैनाती बतौर एएसपी ही रही। इनमें जिनकी तैनाती पुलिस कमिश्नरेट में थी उन्हें पुलिस उपायुक्त तो बना दिया गया पर बतौर एसपी किसी भी अधिकारी को अब तक जिम्मेदारी नहीं दी गई।


2017 बैच में कुल 14 अफसर हैं। इसमें से 13 ने पिछले महीने सीएम से मुलाकात की थी। माना जा रहा था कि जल्द ही इन अफसरों में से कुछ की तैनाती जिलों में की जाएगी लेकिन तबादला नहीं हुआ।